Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश के दतिया में नगर पालिका कार्यालय के समीप ₹5.91 करोड़ की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त नवीन बस स्टैंड भवन का शनिवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा थे, जिन्होंने पूर्व गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। डॉ. मिश्रा ने फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर इस नवीन बस स्टैंड भवन का उद्घाटन किया।
सतेन्द्र अहिरवार
मध्य प्रदेश के दतिया में नगर पालिका कार्यालय के समीप ₹5.91 करोड़ की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त नवीन बस स्टैंड भवन का शनिवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा थे, जिन्होंने पूर्व गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। डॉ. मिश्रा ने फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर इस नवीन बस स्टैंड भवन का उद्घाटन किया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के दतिया में नगर पालिका कार्यालय के समीप ₹5.91 करोड़ की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त नवीन बस स्टैंड भवन का शनिवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा थे, जिन्होंने पूर्व गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। डॉ. मिश्रा ने फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर इस नवीन बस स्टैंड भवन का उद्घाटन किया।1
- शाजापुर जिले के शुजालपुर मंडी थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से परेशान ग्रामीणों ने खुद सतर्कता बरतते हुए एक चोर को सिंचाई की मोटर की केबल चुराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की चोरों को पकड़ने में नाकामी और निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे मंडी थाना पुलिस से कई बार चोरी की शिकायतें कर चुके थे, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हाथ खाली थे और कोई कार्रवाई नहीं हुई। भीलखेड़ी गांव में हुई इस वारदात से पहले भी ग्रामीणों ने 20 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। लगातार हो रही चोरियों से तंग आकर ग्रामीणों ने स्वयं निगरानी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह सफलता मिली। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी भीलखेड़ी से सिंचाई की मोटर की केबल चुरा रहा था, तभी उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे फिर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा चोर को पकड़े जाने के बाद मंडी थाना प्रभारी शिवकुमार यादव की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी को अपराध रोकने और आमजन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने में उनकी कार्यशैली पर संदेह पैदा हो गया है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यशैली में कोई सुधार आता है या नहीं, क्योंकि चोरी की बढ़ती वारदातों से ग्रामीण अब भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- शाजापुर में आज शुक्रवार दोपहर 3 बजे कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में कृषि एवं संबंधित विभागों की एक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त की आगामी एपीसी बैठक के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री बाफना ने विभागों द्वारा रबी वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों और उनकी उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को आगामी खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया।1
- राज्य में व्याप्त बिजली संकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एमपीईबी (मध्यप्रदेश विद्युत बोर्ड) कार्यालय का घेराव किया और उस पर ताला जड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- सुसनेर के सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने तंबाकू मुक्त भविष्य का संकल्प लेते हुए एक महत्वपूर्ण शपथ ली है।1
- सुसनेर नगर परिषद भवन के सामने गायों को पानी पिलाने के लिए बनाए गए होद की सफाई का कार्य संपन्न कराया गया है।1
- पूज्य संत श्री आसाराम जी महाराज के आश्रम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मिली है कि यह आयोजन उनके आश्रम परिसर में होगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मांझी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 29 मई 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मांग की है कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति में शामिल धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची क्रमांक 12 से हटाया जाए। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में कई पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहां 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। समाज के जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले जिलों जैसे रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई जाती। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।1