विराटनगर स्थित बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक भव्य मेला और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से गाजे-बाजे और भजनों के साथ पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे। संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची और श्रीराम (भक्त जी) ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिला श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मेले में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज की प्रतिमा को भोग लगाने के बाद प्रसादी वितरण का कार्य शुरू किया गया, जिसमें कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। इस कार्यक्रम में संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची, श्रीराम (भक्त जी), जयराम, आयुष, बद्री बरसात, गिर्राज, तेजपाल, प्रकाश, मालीराम, पप्पू राम सैनी और मानाराम कसाना सहित कई लोग उपस्थित रहे।
विराटनगर स्थित बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक भव्य मेला और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से गाजे-बाजे और भजनों के साथ पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे। संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची और श्रीराम (भक्त जी) ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिला श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मेले में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज की प्रतिमा को भोग लगाने के बाद प्रसादी वितरण का कार्य शुरू किया गया, जिसमें कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। इस कार्यक्रम में संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची, श्रीराम (भक्त जी), जयराम, आयुष, बद्री बरसात, गिर्राज, तेजपाल, प्रकाश, मालीराम, पप्पू राम सैनी और मानाराम कसाना सहित कई लोग उपस्थित रहे।
- विराटनगर स्थित बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक भव्य मेला और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से गाजे-बाजे और भजनों के साथ पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे। संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची और श्रीराम (भक्त जी) ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिला श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मेले में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज की प्रतिमा को भोग लगाने के बाद प्रसादी वितरण का कार्य शुरू किया गया, जिसमें कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। इस कार्यक्रम में संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची, श्रीराम (भक्त जी), जयराम, आयुष, बद्री बरसात, गिर्राज, तेजपाल, प्रकाश, मालीराम, पप्पू राम सैनी और मानाराम कसाना सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- हनुमान बेनीवाल दूदू और मेहसाणा आ रहे हैं, जहाँ मेहसाणा में खुल रहे औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में जीव-जंतु और साधु-संत सभी निवास करते हैं। यह आंदोलन उनके सहयोग में लगातार जारी रहेगा। हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर राजस्थानी संस्कृति को मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है, और इन्हीं प्रयासों के विरुद्ध वे खुलकर सामने आए हैं।1
- जयपुर जिले के बिशनगढ़ स्थित घाटी में एक बाघ या चीते के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- जयपुर जिले के पावटा में बाबा भोमिया जी महाराज के उपलक्ष्य में एक विशाल मेला और भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में धूमधाम से मेला और भंडारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु गाजे-बाजे और भजनों के साथ बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिला श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर 12 बजे तेजाजी महाराज की प्रतिमा को भोग लगाने के बाद प्रसादी वितरण शुरू हुआ। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। संत मुरलीदास महाराज, डॉ. मुकेश चेची और श्रीराम (भक्त जी) ने इस आयोजन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बद्री बरसात, गिर्राज, तेजपाल, प्रकाश, मालीराम, पप्पू राम सैनी और मानाराम कसाना सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में गहराते जल संकट को लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो मुख्यमंत्री आवास और मंत्रियों के आवासों के पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। खाचरियावास ने सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, जबकि सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। उनके अनुसार, जयपुर सहित कई जिलों में स्थिति बद से बदतर हो गई है, और टैंकरों पर निर्भर इलाकों में भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते महिलाओं को घंटों लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गर्मी अपने चरम पर है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं में व्यस्त है। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में जलदाय विभाग पूरी तरह से विफल हो गया है। उनके मुताबिक, हैंडपंप सूखे पड़े हैं, नलकूपों ने जवाब दे दिया है, और पानी की योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की प्यास बुझाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें वह नाकाम साबित हो रही है। यदि 24 घंटे के भीतर पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास और मंत्रियों के बंगलों के पानी के कनेक्शन काटने के लिए मजबूर होंगे।1
- अलवर के गोविंदगढ़ रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को राहत पहुँचाने के लिए गोविंदगढ़ मित्र मंडल द्वारा वर्षों से निरंतर नि:स्वार्थ जल सेवा प्रदान की जा रही है। मंडल के सदस्य आने-जाने वाले यात्रियों को ठंडा पानी पिलाकर मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दे रहे हैं। इस सेवा कार्य में नवयुवक, बच्चे, महिलाएँ और मित्र मंडल के सभी सदस्य पूरी लगन और समर्पण के साथ सहयोग कर रहे हैं। गर्मी से परेशान यात्रियों के लिए पानी उपलब्ध करवाने की यह पहल बड़ी राहत साबित हुई है। मित्र मंडल के सदस्यों ने बताया कि यह सेवा कई वर्षों से लगातार संचालित की जा रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहेगी, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया है।1
- विराटनगर के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक विशाल मेला और भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर, बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर गाजे-बाजे और भजनों की धुन पर झूमते हुए बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे।1