लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र के ग्राम तड़खेड़ा में एक ग्रामीण सड़क और नाली निर्माण की अपनी मांगों को लेकर पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया है। ग्रामीण का आरोप है कि उनके गांव में सड़क और नाली की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और प्रशासन ने कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। टंकी पर चढ़े ग्रामीण ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक नीचे नहीं उतरेगा जब तक एसडीएम या डीएम मौके पर आकर उसकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन नहीं देते। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। वे ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने और उसकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है, जिसके चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है, वहीं ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और उच्च अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहा है। पुलिस और प्रशासन इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए लगातार वार्ता में जुटे हुए हैं।
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र के ग्राम तड़खेड़ा में एक ग्रामीण सड़क और नाली निर्माण की अपनी मांगों को लेकर पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया है। ग्रामीण का आरोप है कि उनके गांव में सड़क और नाली की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और प्रशासन ने कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। टंकी पर चढ़े ग्रामीण ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक नीचे नहीं उतरेगा जब तक एसडीएम या डीएम मौके पर आकर उसकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन नहीं देते। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। वे ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने और उसकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है, जिसके चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है, वहीं ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और उच्च अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहा है। पुलिस और प्रशासन इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए लगातार वार्ता में जुटे हुए हैं।
- लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में देर रात मौसम ने करवट ली, जहाँ तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। भीषण गर्मी के बीच इस मौसम परिवर्तन से कुछ राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में भीषण लू चलने का अलर्ट भी जारी किया है। इसी बीच, बढ़ते तापमान के मद्देनजर अलीगढ़ प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए उन्हें सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित करने का निर्देश दिया है।1
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने अपना पहला बयान जारी करते हुए कांग्रेस के केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताते हुए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि उत्तर प्रदेश में न्याय, विकास, समान अवसर और संविधान के मूल्यों पर आधारित एक नई राजनीति की शुरुआत हो। उन्होंने संकल्प लिया कि सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के आशीर्वाद से वे 2027 में उत्तर प्रदेश में "बदलाव की आंधी" लाएँगे। उन्होंने सभी से मिलकर एक ऐसे उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया जहाँ समाज के हर वर्ग को सम्मान, अधिकार और समान भागीदारी मिले।1
- लखनऊ पूर्वी ज़ोन के इन्दिरा नगर स्थित अरविंदो चौकी क्षेत्र में कल दोपहर करीब 12 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'गेट खोलो जनगणना करना है' कहकर घर में घुसे दबंगों ने एक महिला, उसके पति और छोटे बच्चे के साथ मारपीट की। पीड़ित परिवार ने दबंगों पर लाखों के ज़ेवर, नगदी और मोबाइल लूट ले जाने का भी आरोप लगाया है। यह आरोप काशीनाथ तिवारी और उसकी पत्नी कालिन्दी तिवारी पर लगे हैं। इस मामले में इन्दिरा नगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पीड़ित महिला का मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिसके कारण पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बताया गया है कि पीड़िता के ससुर वीरेंद्र प्रताप सिंह ने काशीनाथ तिवारी को 35 लाख रुपए दिए थे, और पैसे वापस न कर पाने पर काशीनाथ ने वीरेंद्र को एग्रीमेंट कर अपना मकान दे दिया था, जिसमें वीरेंद्र की बहू और पुत्र रहते हैं। यह भी जानकारी मिली है कि काशीनाथ तिवारी पहले धोखाधड़ी के मामले में गाज़ीपुर थाने से जेल भी जा चुका है। वह अपने दर्जनों साथियों के साथ मकान खाली कराने पहुँचा था, जहाँ उसने घर में घुसकर मारपीट की। घटनास्थल पर पुलिस के आने के बावजूद दबंगों ने काफी देर तक उनसे बहसबाजी की और घर के कैमरे भी तोड़ दिए। पीड़िता का दावा है कि पड़ोस के कैमरे में दबंगों की फुटेज आई है। सूचना मिलने पर 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और किसी तरह मामले को शांत कराया। पुलिस ने घायलों को मेडिकल के लिए बुलाया भी था, लेकिन न तो उनका मेडिकल हुआ और न ही कोई मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार काफी डरा और सहमा हुआ है। पीड़िता ने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इन्दिरा नगर पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती है या यह मामला भी यूँ ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र के ग्राम तड़खेड़ा में एक ग्रामीण सड़क और नाली निर्माण की अपनी मांगों को लेकर पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया है। ग्रामीण का आरोप है कि उनके गांव में सड़क और नाली की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और प्रशासन ने कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। टंकी पर चढ़े ग्रामीण ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक नीचे नहीं उतरेगा जब तक एसडीएम या डीएम मौके पर आकर उसकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन नहीं देते। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। वे ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने और उसकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है, जिसके चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है, वहीं ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और उच्च अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहा है। पुलिस और प्रशासन इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए लगातार वार्ता में जुटे हुए हैं।1
- चिकित्सकों को जीवन बचाने के उनके कार्य के लिए भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब सरकारी अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन उपेक्षा, अभद्र व्यवहार या संवेदनहीनता का सामना करते हैं, तो यह विश्वास टूट जाता है। हालांकि सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव होता है, फिर भी मरीजों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करना उनकी अहम जिम्मेदारी है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी अस्पताल जनता के टैक्स से चलते हैं और वहां मिलने वाली हर सेवा नागरिक का अधिकार है, न कि कोई एहसान। स्वास्थ्य व्यवस्था को तभी बेहतर माना जाएगा जब इलाज के साथ-साथ मरीज को सम्मान और संवेदनशील व्यवहार भी प्राप्त हो।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति ने एक देशभक्ति गीत के माध्यम से अमर शहीद भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस गीत में भरत तिवारी को मातृभूमि का लाल और शौर्य की नई कहानी बताते हुए, उन्हें जन-जन की वाणी कहा गया है। कवयित्री ने उनके सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए लिखा है कि उन्होंने सरहद पर भारत की आन और मर्यादा की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके लहू से इस माटी की हरियाली को सींचने और हँसते-हँसते तूफ़ानों की बेचैनी का सामना करने का जिक्र करते हुए, उन्हें सिंह सरीखा शूरवीर बताया गया है, जिनसे दुश्मन भी थर्राते थे। गीत में यह भी कहा गया है कि भरत तिवारी का नाम सदा ही इस वीर प्रसूता माटी में गूँजता रहेगा और उनकी अमर गाथा आने वाली हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी, उनका मान कभी कम नहीं होगा।1