अटरिया,ग्राम सचिवालय में लेखपालों की मौजूदगी पर फिर उठे सवाल, किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी अटरिया,ग्राम सचिवालय में लेखपालों की मौजूदगी पर फिर उठे सवाल, किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी शासनादेश के बाद भी कई सचिवालयों में नहीं बैठ रहे लेखपाल, ग्रामीणों को राजस्व कार्यों के लिए लगानी पड़ रही दौड़; समय-सारणी सार्वजनिक कर सख्ती से अनुपालन कराने की मांग संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर। ग्रामीणों और किसानों को आय, जाति, निवास, भूमि समेत अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील और लेखपालों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शासन ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कई ग्राम सचिवालयों में शासनादेश के अनुरूप लेखपालों के बैठने की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं होने का मामला सामने आया है। इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश की ओर से 3 अगस्त 2026 को जारी आदेश में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति को लेकर नए सिरे से रोस्टर तैयार कराने और उसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 25 जून 2026 को भी लेखपालों के ग्राम सचिवालय में बैठने तथा उपस्थिति का रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए गए थे, जिसे 1 जुलाई से प्रभावी किया जाना था। दो हल्के वाले लेखपालों को सप्ताह में एक दिन बैठना होगा नए निर्देशों के अनुसार, जिन लेखपालों के पास दो हल्कों का प्रभार है, उन्हें दोनों हल्कों के ग्राम सचिवालयों में सप्ताह में कम से कम एक-एक दिन बैठना होगा। वहीं, तीन या उससे अधिक हल्कों का प्रभार होने पर प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में दो सप्ताह में कम से कम एक दिन उपस्थिति अनिवार्य की गई है। अपरिहार्य परिस्थितियों में पूरे कार्यदिवस के बजाय लेखपाल को कम से कम सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ग्राम सचिवालय में उपस्थित रहकर अपने पदीय एवं राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण करना होगा। नए रोस्टर से तय होगी लेखपालों की उपस्थिति राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार लेखपालों के ग्राम सचिवालय में बैठने का नया रोस्टर जारी कराया जाए। साथ ही रोस्टर का प्रभावी और कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। किसान यूनियन ने उठाई आवाज, जल्द धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के प्रदेश उपाध्यक्ष राम प्रकाश सिंह ने शासनादेश के बावजूद ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित मौजूदगी न होने पर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि शासन की मंशा ग्रामीणों को गांव में ही राजस्व सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदेशों का प्रभावी अनुपालन नहीं होने से किसानों और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में लेखपाल के बैठने की तारीख और समय-सारणी सार्वजनिक कराई जाए तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई और शासनादेश का अनुपालन जमीनी स्तर पर नहीं कराया गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन शुरू करेगी। किसान संगठन ने प्रशासन से ग्रामीणों और किसानों के हित में शासन के निर्देशों को तत्काल प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की है।
अटरिया,ग्राम सचिवालय में लेखपालों की मौजूदगी पर फिर उठे सवाल, किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी अटरिया,ग्राम सचिवालय में लेखपालों की मौजूदगी पर फिर उठे सवाल, किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी शासनादेश के बाद भी कई सचिवालयों में नहीं बैठ रहे लेखपाल, ग्रामीणों को राजस्व कार्यों के लिए लगानी पड़ रही दौड़; समय-सारणी सार्वजनिक कर सख्ती से अनुपालन कराने की मांग संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर। ग्रामीणों और किसानों को आय, जाति, निवास, भूमि समेत अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील और लेखपालों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शासन ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कई ग्राम सचिवालयों में शासनादेश के अनुरूप लेखपालों के बैठने की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं होने का मामला सामने आया है। इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश की ओर से 3 अगस्त 2026 को जारी आदेश में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति को लेकर नए सिरे से रोस्टर तैयार कराने और उसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 25 जून 2026 को भी लेखपालों के ग्राम सचिवालय में बैठने तथा उपस्थिति का रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए गए थे, जिसे 1 जुलाई से प्रभावी किया जाना था। दो हल्के वाले लेखपालों को सप्ताह में एक दिन बैठना होगा नए निर्देशों के अनुसार, जिन लेखपालों के पास दो हल्कों का प्रभार है, उन्हें दोनों हल्कों के ग्राम सचिवालयों में सप्ताह में कम से कम एक-एक दिन बैठना होगा। वहीं, तीन या उससे अधिक हल्कों का प्रभार होने पर प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में दो सप्ताह में कम से कम एक दिन उपस्थिति अनिवार्य की गई है। अपरिहार्य परिस्थितियों में पूरे कार्यदिवस के बजाय लेखपाल को कम से कम सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ग्राम सचिवालय में उपस्थित रहकर अपने पदीय एवं राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण करना होगा। नए रोस्टर से तय होगी लेखपालों की उपस्थिति राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार लेखपालों के ग्राम सचिवालय में बैठने का नया रोस्टर जारी कराया जाए। साथ ही रोस्टर का प्रभावी और कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। किसान यूनियन ने उठाई आवाज, जल्द धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के प्रदेश उपाध्यक्ष राम प्रकाश सिंह ने शासनादेश के बावजूद ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित मौजूदगी न होने पर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि शासन की मंशा ग्रामीणों को गांव में ही राजस्व सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदेशों का प्रभावी अनुपालन नहीं होने से किसानों और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में लेखपाल के बैठने की तारीख और समय-सारणी सार्वजनिक कराई जाए तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई और शासनादेश का अनुपालन जमीनी स्तर पर नहीं कराया गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन शुरू करेगी। किसान संगठन ने प्रशासन से ग्रामीणों और किसानों के हित में शासन के निर्देशों को तत्काल प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की है।
- बलदेवनगर में विकास की नई राह: ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत ने इंटरलॉकिंग सड़क का किया शुभारंभ बलदेवनगर में विकास की नई राह: ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत ने इंटरलॉकिंग सड़क का किया शुभारंभ फीता काटकर कार्य का किया उद्घाटन, ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत; जनकल्याणकारी योजनाओं की समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया/सीतापुर। जयपालपुर ग्राम पंचायत के बलदेवनगर गांव में विकास कार्यों को गति देते हुए इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। सिधौली ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत ने फीता काटकर इंटरलॉकिंग कार्य का उद्घाटन किया। निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत का फूल-मालाओं से स्वागत कर विकास कार्य के लिए आभार जताया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अपने हाथों से लड्डू खिलाकर सभी का मुंह मीठा कराया। उनके इस सहज अंदाज से ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। जनता की समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत ने कहा कि वह क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे उनसे संपर्क करें। जनहित से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। सड़क और बुनियादी सुविधाओं पर जोर ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि गांवों में बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सड़क, खड़ंजा और इंटरलॉकिंग सहित विभिन्न विकास कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। साथ ही सार्वजनिक स्थलों को भी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उनके कार्यकाल में कई सड़क, खड़ंजा और इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने की जानकारी दी गई। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर, बैठने की व्यवस्था तथा मंदिरों और चौराहों पर स्ट्रीट लाइट एवं सोलर लाइट लगवाने जैसे कार्य भी कराए जाने का दावा किया गया। ग्रामीणों को मिलेगी आवागमन में राहत बलदेवनगर में इंटरलॉकिंग सड़क का कार्य शुरू होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में मनीष मिश्रा, सनोज मिश्रा, संजय सिंह चौहान, टीनू सिंह चौहान, विक्रम रावत, मनोज रावत, महंत जगदेव, पप्पू यादव, अनूप, बलदेव, साहित्य सिंह, रंजीत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।3
- तेज रफ्तार बाइक ने 17 वर्षीय शुभम को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक काफी दूर जाकर गिरी। कुशीनगर: दो बाइकों की जोरदार टक्कर में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। टर्न लेते समय पीछे से आई तेज रफ्तार बाइक ने 17 वर्षीय शुभम को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक काफी दूर जाकर गिरी। गंभीर रूप से घायल शुभम की कुछ देर बाद मौत हो गई। वहीं दूसरा चालक भी गंभीर रूप से घायल है, इस हादसे का खौफनाक मंजर CCTV में कैद हो गया।1
- स्वाइन फ्लू के 120 मामले आए सामने .... स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी गौतम बुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के 120 मामले सामने आए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर भीड़ से बचने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की अपील की है 20 बेड का वेंटिलेटर युक्त ICU तैयार, स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाएं उपलब्ध डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, CMO नोएडा1
- सदरपुर कस्बे का एतिहासिक जुलूस बड़े ही धूमधाम से निकला। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिसबल तैनात रहा सदरपुर (सीतापुर) पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश पर पूरे कस्बे में धूमधाम से जुलूस-ए-मोहम्मदी का जुलूस निकाला गया। जुलूस में इलाके के हजारों लोग शामिल हुए। शांति व्यवस्था बने रखने के लिए जगह जगह पुलिस मुस्तैद रही। कस्बा सदरपुर में मंगलवार को बड़े ही धूमधाम से जुलूस ए मोहम्मदी का जुलूस निकाला गया। जुलूस में काबा, मस्जिद-ए-नबी और ऊंट, घोड़े समेत अन्य आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। जुलूस में बाहरी और इलाकाई करीब एक सैकड़ा अंजुमनें शामिल हुई।सभी अंजुमने नाते पाक सुनते सुनाते और रसूल पाक की शान में नारे लगाते हुए जुलूस के साथ चल रहे थे। जुलूस हर साल की तरह इस वर्ष भी परम्परागत तरीके से जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद और गौसिया मस्जिद से निकला, और अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ बड़े चौराहे पर पहुंचा। उसके बाद छोटे चौराहे पर जुलूस में शामिल सभी अंजुमनों को अंजुमन शबाबुल मुस्लमीन की तरफ से मिठाई और पुरुस्कार से समानित किया गया। पूरे कस्बे में आई अंजुमनों को इनाम देने के लिए 12 मंच अलग अलग मोहल्ले वालों ने बनाया था। हजारों की संख्या में लोग जुलूस में उपस्थित रहे। अपने हाथों में इस्लामिक और राष्ट्रीय झंडों को पकड़ कर जुलूस के साथ साथ कदीमी रास्तों पर नारे लगाते हुए चल रहे थे। जगह जगह कस्बे के लोगों द्वारा बाहर से आए मेहमानों और अंजुमनों के लिए चाय नास्ते का इंतजाम किया गया। बिचकोठरी, खुरवल, पुरानी बाजार, कटरा मोहल्ला होते अपने स्थान पर पहुंची अंजुमनों को सुन सुनाकर कर जुलूस का समापन किया गया। बाहर से आई अंजुमनों द्वारा नात पढ़ी गईं और उन्हें पुरस्कार दिए गए, शांति पूर्वक जुलूस संपन्न हुआ।3
- Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!! राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!!1
- Barabanki Police के सिपाही की खुलेआम धमकी- ''तुम्हे दिनदहाड़े मारूंगा, कायदे से मारूंगा...' बाराबंकी में एक सिपाही का धमकी देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में सिपाही कार चालक से अभद्रता करते हुए उसे खुलेआम मारने की धमकी देता सुनाई दे रहा है. पूरी खबर देखिए....1
- विधायक साकेंद्र वर्मा ने सीएम योगी को लिखा पत्र आलू भंडारण, अनुदान में किसानों क रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी में किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विधानसभा कुर्सी क्षेत्र के विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आलू भंडारण और उस पर मिलने वाले सरकारी अनुदान से संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में किसानों को हो रही तकनीकी और दस्तावेजी परेशानियों का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है। विधायक ने अपने पत्र में बताया कि कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में कुल 42 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। वर्ष 2026 में इन कोल्ड स्टोरेज में करीब 93 लाख 74 हजार पैकेट आलू का भंडारण किया गया था। बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी आलू की उपज को सुरक्षित रखने के लिए इन कोल्ड स्टोरेज का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि आलू भंडारण के बाद किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान का लाभ प्राप्त करने में तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे पात्र किसानों को अनुदान की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री से किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ मिल सके1
- अटरिया,खबर का बड़ा असर: ग्राम पंचायत सचिव ने खुद मौके पर पहुंचकर दुरुस्त कराया खराब हैंडपंप अटरिया,खबर का बड़ा असर: ग्राम पंचायत सचिव ने खुद मौके पर पहुंचकर दुरुस्त कराया खराब हैंडपंप कुंवरपुर में खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आए जिम्मेदार, हैंडपंप चालू होने पर बच्चों के चेहरे खिले संवाददाता, नरेश गुप्ता अटरिया, सीतापुर। अटरिया थाना क्षेत्र की कुंवरपुर ग्राम पंचायत में कुंवरपुर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के बीच कई दिनों से खराब पड़ा सरकारी हैंडपंप आखिरकार दुरुस्त हो गया। हैंडपंप खराब होने से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के साथ आसपास के ग्रामीणों को भी पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। स्थानीय समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए स्वतंत्र खबर न्यूज़ में खराब हैंडपंप की खबर प्रकाशित की गई। खबर का असर होते ही जिम्मेदारों ने मामले का संज्ञान लिया और हैंडपंप की मरम्मत कराकर उसे चालू करा दिया। ग्राम पंचायत सचिव डाली केसरवानी ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की जानकारी पहले उनके संज्ञान में नहीं थी। जानकारी मिलते ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी में हैंडपंप की मरम्मत कराई और पेयजल की समस्या का समाधान कराया। हैंडपंप चालू होते ही विद्यालय के बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। अब बच्चों और ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समस्या के शीघ्र समाधान पर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव का आभार जताते हुए त्वरित कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उन्हें जिम्मेदारों तक पहुंचाने से समस्याओं का समय रहते समाधान संभव है। लोगों ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं पर भी इसी तरह तत्परता से कार्रवाई होगी।2