चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र स्थित चतरो का खेड़ा गांव में बीती रात पैंथर ने पांच पशुओं का शिकार कर लिया। सुबह जब किसान अपने बाड़े में दूध निकालने पहुंचे, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पैंथर के लगातार हमलों से क्षेत्र में पशुधन को भारी नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। गांव के किशन लाल गाडरी के मुताबिक, भेरूलाल के खेत में दो बकरियां और एक बछड़ी मृत मिलीं, जबकि खुद किशन लाल के खेत में भी दो बकरियों को पैंथर ने मार डाला। ग्रामीणों का कहना है कि भदेसर क्षेत्र में पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है और वह अक्सर मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है, जिससे पशुधन के साथ-साथ लोगों को अपनी जान का भी खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से इस पैंथर को तुरंत पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है, ताकि पशुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र स्थित चतरो का खेड़ा गांव में बीती रात पैंथर ने पांच पशुओं का शिकार कर लिया। सुबह जब किसान अपने बाड़े में दूध निकालने पहुंचे, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पैंथर के लगातार हमलों से क्षेत्र में पशुधन को भारी नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। गांव के किशन लाल गाडरी के मुताबिक, भेरूलाल के खेत में दो बकरियां और एक बछड़ी मृत मिलीं, जबकि खुद किशन लाल के खेत में भी दो बकरियों को पैंथर ने मार डाला। ग्रामीणों का कहना है कि भदेसर क्षेत्र में पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है और वह अक्सर मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है, जिससे पशुधन के साथ-साथ लोगों को अपनी जान का भी खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से इस पैंथर को तुरंत पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है, ताकि पशुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- स्व. मोहम्मद रफ़ी की पुण्यतिथि के अवसर पर 1 अगस्त को चित्तौड़गढ़ में 'एक शाम रफ़ी के नाम' भव्य लाइव ऑर्केस्ट्रा का आयोजन होने जा रहा है। इस संगीतमय कार्यक्रम में मोहम्मद रफ़ी के सदाबहार नगमे गूंजेंगे, जिसके लिए सभी संगीत प्रेमियों को आमंत्रण दिया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की बस्सी तहसील स्थित सोंगर ग्राम पंचायत के निवासी ने अपने घर के सामने फैली गंदगी और खस्ताहाल सड़क को लेकर गंभीर समस्या उठाई है। ग्रामीण के मुताबिक घर के सामने लंबे समय से गंदगी पसरी हुई है और सड़क पूरी तरह टूटी होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है, जिससे आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। इसके अलावा घर के सामने ही गोबर का बड़ा ढेर लगा हुआ है, जिससे लगातार बदबू फैल रही है और क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित ग्रामीण ने प्रशासन से मौके का जायजा लेकर तुरंत गंदगी और गोबर का ढेर हटवाने, जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करने और टूटी हुई सड़क की मरम्मत करवाने की माँग की है, ताकि आम जनता को हो रही इस परेशानी का समाधान हो सके।4
- साद सोंग कल्पना डीजे का नाम राजस्थान संस्कृत भाषा में भजन1
- मुंबई से उदयपुर उदयपुर से जयपुर कोटा गंगानगर बांसवाड़ा धौलपुर बाड़मेर मुंबई4
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध व अन्य मांगों को लेकर किसानों का दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दो प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शंभू बॉर्डर पर 12 घंटे से जारी गतिरोध मंगलवार को समाप्त हो गया और किसान वापस लौट गए। इससे पहले पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया था, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए थे। दिन में दो दौर की वार्ता के बाद हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे और किसान संगठनों का मांगपत्र स्वीकार किया। उन्होंने 8 से 10 दिन के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान या केंद्र के नामित प्रतिनिधि के साथ किसानों की बैठक कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई का आश्वासन भी दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। बातचीत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को रिहा कर दिया गया है, जबकि बीएम सिंह समेत अन्य गिरफ्तार नेताओं की रिहाई का आश्वासन दिया गया है। शंभू बॉर्डर पर सुबह 4 बजे से ही घटनाक्रम तेजी से बदलता रहा और शाम करीब 4 बजे पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाना शुरू कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने स्पष्ट किया कि सभी नेताओं की रिहाई और केंद्र के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद संयुक्त किसान संगठन आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेगा।1
- राजस्थान पुलिस मुख्यालय, जयपुर के निर्देशानुसार चित्तौड़गढ़ जिले में संचालित 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के अंतर्गत व्यापक स्तर पर ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के निर्देशन में जिले के 260 राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ऑनलाइन वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ा गया। इस दौरान हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। ऑनलाइन संवाद के दौरान प्रतिभागियों को जेंडर सेंसिटाइजेशन, महिला सुरक्षा कानूनों, आत्मरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में महिला गरिमा हेल्पलाइन-1090, साइबर हेल्पलाइन-1930, आपातकालीन सेवा-112, वन स्टॉप सेंटर, गुड टच-बैड टच, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना, महिला बीट अधिकारी योजना, राजकॉप ऐप, पॉक्सो ई-बॉक्स तथा शी-बॉक्स के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान कालिका टीम द्वारा बालिकाओं को विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम में यूनिसेफ राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा, शोषण और साइबर अपराधों से बचाव पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए 'महिला सुरक्षा संकल्प' लिया। जिला पुलिस के अनुसार आगामी दिनों में भी जिलेभर में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र स्थित चतरो का खेड़ा गांव में बीती रात पैंथर ने पांच पशुओं का शिकार कर लिया। सुबह जब किसान अपने बाड़े में दूध निकालने पहुंचे, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पैंथर के लगातार हमलों से क्षेत्र में पशुधन को भारी नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। गांव के किशन लाल गाडरी के मुताबिक, भेरूलाल के खेत में दो बकरियां और एक बछड़ी मृत मिलीं, जबकि खुद किशन लाल के खेत में भी दो बकरियों को पैंथर ने मार डाला। ग्रामीणों का कहना है कि भदेसर क्षेत्र में पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है और वह अक्सर मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है, जिससे पशुधन के साथ-साथ लोगों को अपनी जान का भी खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से इस पैंथर को तुरंत पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है, ताकि पशुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1