सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने राष्ट्रीय आह्वान पर जिला मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों के साथ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने और चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरकर वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया है। धरने के दौरान किसान नेताओं ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी, और खाद, बीज, डीजल व कृषि उपकरणों की लगातार बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन सब के बावजूद किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों के कारण किसानों को मंडी तक अपनी उपज पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और खेतों से ट्यूबवेल व कृषि उपकरणों की लगातार हो रही चोरियों को रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। किसान नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार के रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताया और कहा कि जनता तथा किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर रही है। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे केवल उसी दल का समर्थन करेंगे, जो उनके हितों की रक्षा करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। जिला अध्यक्ष नरेश स्वामी और किसान नेता विनय कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को जल्द लागू करने, फसलों की कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी देने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने राष्ट्रीय आह्वान पर जिला मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों के साथ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने और चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरकर वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया है। धरने के दौरान किसान नेताओं ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी, और खाद, बीज, डीजल व कृषि उपकरणों की लगातार बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन सब के बावजूद किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों के कारण किसानों को मंडी तक अपनी उपज पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और खेतों से ट्यूबवेल व कृषि उपकरणों की लगातार हो रही चोरियों को रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। किसान नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार के रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताया और कहा कि जनता तथा किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर रही है। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे केवल उसी दल का समर्थन करेंगे, जो उनके हितों की रक्षा करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। जिला अध्यक्ष नरेश स्वामी और किसान नेता विनय कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को जल्द लागू करने, फसलों की कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी देने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
- दिल्ली के लिए रवाना हुए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया अरेस्ट जिला अध्यक्ष अध्यक्ष ने कहा लोकतंत्र में हमारी आवाज हर किसी को आवाज को दबाया जा रहा हे सरकार की तानाशाही अब हद पार कर चुकी सहारनपुर में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया राहुल गांधी के समर्थन में दिल्ली कूच से पहले सहारनपुर में कांग्रेस नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई, कई नेता हाउस अरेस्ट सहारनपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास पर धरना दिए जाने के बाद सहारनपुर में पुलिस ने कांग्रेस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। कांग्रेस का आरोप है कि जिलेभर में कई नेताओं को उनके घरों पर ही हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा को दिल्ली जाते समय बिहारीगढ़ टोल प्लाजा पर हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस के अनुसार पुलिस ने जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा, जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, हरिओम मिश्रा, सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू समेत कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किया। जिला प्रवक्ता गणेश शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने बताया कि वह दिल्ली जाने के लिए निकले थे, लेकिन फतेहपुर-बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के बिहारीगढ़ टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना पूरी तरह अनुचित है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।2
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस गरिमामयी समारोह में कुल 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 19,069 स्नातक और 3,246 परास्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इसके अलावा, विभिन्न संकायों के छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक तथा कुल 99 मेधावियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। उपाधि और पदक पाकर विद्यार्थियों ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। स्वास्थ्य कारणों के चलते उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल समारोह स्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं, जिसके कारण उन्होंने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डिग्री नहीं, बल्कि उनका चरित्र ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। राज्यपाल ने युवाओं से नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, एआई, स्टार्टअप और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपनी डिग्री और अंकपत्र को डीजी लॉकर से जोड़ने की अपील की ताकि दुनिया के किसी भी कोने से इन्हें आसानी से हासिल किया जा सके। राज्यपाल ने छात्रों को नशे से दूर रहने, पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने और मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी संदेश दिया।1
- सहारनपुर के पठेड़ से गंदेवड़ तक की जर्जर सड़क को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह कांवड़ यात्रा मार्ग होने के साथ-साथ मां शाकुंभरी देवी संपर्क मार्ग भी है। इस व्यस्त मार्ग से हर दिन हजारों श्रद्धालु और वाहन गुजरते हैं, इसके बावजूद इसकी हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी समस्या पर कोई गंभीर पहल दिखाई नहीं देती। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बसपा नेता रोहित सिंह राणा, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, मुकेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों में से किसी ने भी अब तक मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, बेहट विधायक उमर अली खान इस सड़क का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो बार उठा चुके हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद भी सरकार और संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लोक निर्माण विभाग और शासन ने जल्द सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।1
- देवबंद: 15 साल की शादी छोड़ शादीशुदा प्रेमी से निकाह, 5 महीने में टूटा सपना | महिला ने सुनाई पूरी कहानी देवबंद से सामने आए एक चर्चित मामले में एक महिला ने दावा किया है कि 15 साल की शादी, तीन बच्चों और संपन्न जीवन के बाद वह एक व्यक्ति के संपर्क में आई। महिला का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि वह व्यक्ति पहले से शादीशुदा था। महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस रिपोर्ट में जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन और महिला के दावे। नोट: इस वीडियो में बताए गए आरोप महिला के दावों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और दूसरे पक्ष का पक्ष अलग हो सकता है। Deoband News, Deoband Breaking News, Saharanpur News, Deoband Viral News, UP News Today, Deoband Latest News, Viral Story, Hindi News, Police Investigation, DBD24 News, Nitin Garg, Exclusive News, Saharanpur Breaking, Uttar Pradesh News #Deoband #DeobandNews #BreakingNews #Saharanpur #UPNews #Exclusive #HindiNews #ViralNews #Police #DBD24News #TrendingNews #NitinGarg1
- हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।1
- भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चडूनी की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने करनाल से दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च शुरू कर दिया है। किसान चडूनी की गिरफ्तारी को लेकर पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं।1
- सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने राष्ट्रीय आह्वान पर जिला मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों के साथ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने और चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरकर वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया है। धरने के दौरान किसान नेताओं ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी, और खाद, बीज, डीजल व कृषि उपकरणों की लगातार बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन सब के बावजूद किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों के कारण किसानों को मंडी तक अपनी उपज पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और खेतों से ट्यूबवेल व कृषि उपकरणों की लगातार हो रही चोरियों को रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। किसान नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार के रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताया और कहा कि जनता तथा किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर रही है। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे केवल उसी दल का समर्थन करेंगे, जो उनके हितों की रक्षा करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान करेगा। जिला अध्यक्ष नरेश स्वामी और किसान नेता विनय कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को जल्द लागू करने, फसलों की कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी देने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।1
- सहारनपुर के अंबेहटा कस्बे के नया बांस मोहल्ला स्थित एक खेत में शुक्रवार को मिले अज्ञात शव की सोमवार को शिनाख्त हो गई है। मृतक की पहचान मोहल्ला गुहा निवासी विनोद कुमार कश्यप के रूप में की गई है। शव की शिनाख्त होने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक की पत्नी पालों ने अपने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विनोद कुमार की हत्या करने के बाद उनके शव को लाकर खेत में फेंका गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।1