झींझक सहकारी संघ का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर छत की मरम्मत के दिए निर्देश झींझक। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी प्राची के साथ सहकारी संघ झींझक का निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत में खाद वितरण व्यवस्था संतोषजनक मिली। इसके बाद सीडीओ ने गोदाम का निरीक्षण किया, जहां बरामदे की छत जर्जर पाई गई। उन्होंने तकनीकी निरीक्षण कराकर शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि खाद वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो तथा जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, उन्हें उर्वरक न दिया जाए, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद मिल सके। निरीक्षण के दौरान अभिलेख भी जांचे गए। इस मौके पर अपर जिला सहकारी अधिकारी डेरापुर संतोष कुमार, सचिव मुकेश गुप्ता व किसान मौजूद रहे।
झींझक सहकारी संघ का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर छत की मरम्मत के दिए निर्देश झींझक। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी प्राची के साथ सहकारी संघ झींझक का निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत में खाद वितरण व्यवस्था संतोषजनक मिली। इसके बाद सीडीओ ने गोदाम का निरीक्षण किया, जहां बरामदे की छत जर्जर पाई गई। उन्होंने तकनीकी निरीक्षण कराकर शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि खाद वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो तथा जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, उन्हें उर्वरक न दिया जाए, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद मिल सके। निरीक्षण के दौरान अभिलेख भी जांचे गए। इस मौके पर अपर जिला सहकारी अधिकारी डेरापुर संतोष कुमार, सचिव मुकेश गुप्ता व किसान मौजूद रहे।
- झींझक सहकारी संघ का सीडीओ ने किया निरीक्षण, जर्जर छत की मरम्मत के दिए निर्देश झींझक। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी प्राची के साथ सहकारी संघ झींझक का निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत में खाद वितरण व्यवस्था संतोषजनक मिली। इसके बाद सीडीओ ने गोदाम का निरीक्षण किया, जहां बरामदे की छत जर्जर पाई गई। उन्होंने तकनीकी निरीक्षण कराकर शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि खाद वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो तथा जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, उन्हें उर्वरक न दिया जाए, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद मिल सके। निरीक्षण के दौरान अभिलेख भी जांचे गए। इस मौके पर अपर जिला सहकारी अधिकारी डेरापुर संतोष कुमार, सचिव मुकेश गुप्ता व किसान मौजूद रहे।1
- झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी। सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- 🚨कानपुर देहात स्वास्थ्य महकमे में तानाशाही CMO की साजिश के खिलाफ धरने पर बैठी डॉक्टर की पत्नी,लगाए गंभीर आरोप। 🚨#kanpurdehat_Big_Breaking_स्वस्थ_विभाग🚨 ➡️ #kanpurdehat_स्वास्थ्य_विभाग में बड़ा हंगामा! सीएचसी झींझक के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी की पत्नी ने CMO कार्यालय परिसर में जमकर बवाल काटा और वहीं धरने पर बैठ गईं। रोते हुए उन्होंने सीएमओ डॉ. जय गोविंद सिंह पर अपने पति को पद से हटाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है। ➡️डॉक्टर की पत्नी का दावा है कि जिस मामले में पहले ही समझौता हो चुका था,उसी में उनके पति के खिलाफ जबरन फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है।मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उन्होंने साफ कहा कि न्याय मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा।इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।2
- संदलपुर कस्बे में हिसाब मार्ग की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और जर्जर सड़क कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे में हिसाब मार्ग की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और जर्जर सड़क के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों असलम, बृजेश यादव और पप्पू पाल ने बताया कि इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यह सड़क चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। गड्ढों के कारण अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चालक और सवार घायल हो जाते हैं। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा करती है। हालांकि, कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे की सड़कों पर आज भी बड़े-बड़े गड्ढे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, जो इन दावों पर सवाल उठाते हैं। के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों असलम, बृजेश यादव और पप्पू पाल ने बताया कि इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यह सड़क चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। गड्ढों के कारण अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चालक और सवार घायल हो जाते हैं। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा करती है। हालांकि, कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे की सड़कों पर आज भी बड़े-बड़े गड्ढे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, जो इन दावों पर सवाल उठाते हैं।1
- केरल में श्रीराम ज्योति का श्रद्धापूर्वक पूजन, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत अयोध्या से लाई गई श्रीराम ज्योति का रविवार को केरल के पलक्कड़ जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजन-अर्चन किया गया। चिटिलमचेरि स्थित चेरुनत्तरी भगवती मंदिर तथा वडक्कनचेरि के अई कुलंगारा भगवती मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। श्रीराम भक्त मंडली के राष्ट्रीय सचिव श्रीमनउन्नी ने कहा कि केरल का भगवान श्रीराम से प्राचीन संबंध रहा है। उन्होंने अपने शोध का उल्लेख करते हुए केरल को प्राचीन किष्किंधा क्षेत्र बताया तथा कहा कि सुग्रीव, बालि और माता शबरी से जुड़े कई धार्मिक स्थलों का उल्लेख यहां मिलता है। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं हिन्दू एक्य वेदी के जिला सचिव सी. बाबू ने संभालीं। आयोजन में श्रद्धालुओं ने श्रीराम ज्योति की पूजा कर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।1
- मुंगीसापुर के बीच बाजार में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चलने का वीडियो वायरल कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र स्थित मुंगीसापुर कस्बे में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे की है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग बीच बाजार में एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना मुंगीसापुर के व्यस्त बाजार में हुई, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर हुए इस विवाद से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीच बाजार में इस तरह की मारपीट से आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। मामले में डेरापुर थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसलिए घटना को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से भी अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।1