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कालोता की तन्नु गुर्जर ने बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर अंक हासिल कर गांव का नाम किया रोशन दोसा। ग्राम पंचायत कालोता की तन्नु गुर्जर पुत्री श्री माधो प्रसाद सिंह गुर्जर ने कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 97.80 अंक हासिल कर कालोता गांव सहित जिले का भी नाम रोशन किया है। तन्नु गुर्जर ने अपनी सफलता श्रेय अपने पिता माधो प्रसाद सिंह गुर्जर, माता कमलेश देवी व गुरुजनों को दिया और यह उपलब्धि नियमित 6 से 7 घंटे अध्ययन के बाद हासिल की है। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। क्रिकेट देखना और खेलना तन्नु का शौक है। उसने अपना आगामी लक्ष्य सिविल सेवा में जानें का किया है। तन्नु गुर्जर की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की है।

4 hrs ago
user_जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
4 hrs ago
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कालोता की तन्नु गुर्जर ने बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर अंक हासिल कर गांव का नाम किया रोशन दोसा। ग्राम पंचायत कालोता की तन्नु गुर्जर पुत्री श्री माधो प्रसाद सिंह गुर्जर ने कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 97.80 अंक हासिल कर कालोता गांव सहित जिले का भी नाम रोशन किया है। तन्नु गुर्जर ने अपनी सफलता श्रेय अपने पिता माधो प्रसाद सिंह गुर्जर, माता कमलेश देवी व गुरुजनों को दिया और यह उपलब्धि नियमित 6 से 7 घंटे अध्ययन के बाद हासिल की है। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। क्रिकेट देखना और खेलना तन्नु का शौक है। उसने अपना आगामी लक्ष्य सिविल सेवा में जानें का किया है। तन्नु गुर्जर की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की है।

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  • कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    46 min ago
  • ​ बालेटा की बेटियों का कमाल: प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल नेतृत्व में विद्यालय ने रचा इतिहास ​अलवर। जुनून, जज्बा और कड़ी मेहनत जब एक साथ मिलते हैं, तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालेटा की छात्राओं और स्टाफ ने। प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षकों के समर्पण ने विद्यालय को सफलता के शिखर पर पहुँचा दिया है। ​ कक्षा 12 के प्रथम बैच ने गाड़े सफलता के झंडे ​बालेटा विद्यालय के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह कक्षा 12 का प्रथम बोर्ड बैच था। छात्राओं ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत (100%) परिणाम दिया है। ​कुल छात्राएं: 13 ​प्रथम श्रेणी: 12 छात्राएं (92% छात्राएं फर्स्ट डिवीजन) ​टॉपर्स: शालू और चंचल ने 85% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ​गार्गी पुरस्कार: विद्यालय की 8 छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित गार्गी पुरस्कार के लिए हुआ है। ​ कक्षा 5, 8 और 10 में भी रहा 'क्लीन स्वीप' ​सफलता का यह सिलसिला केवल 12वीं तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय का कक्षा 5, 8 और 10 का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है। ​कक्षा 10 में छात्रा पायल ने 90% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। ​कक्षा 10 में कुल तीन छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विपरीत परिस्थितियों में मिली 'स्वर्ण' सफलता ​प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने बताया कि विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सीमित संसाधनों को देखते हुए ऐसा परिणाम लाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन स्टाफ की मेहनत और छात्राओं की लगन ने इस "मुश्किल" को "मुमकिन" कर दिखाया। सफलता की खुशी में प्रधानाचार्य ने समस्त स्टाफ का मुँह मीठा कराकर उनका आभार व्यक्त किया और उत्तीर्ण छात्राओं को फोन पर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। ​"यह सब प्रधानाचार्य जी के अथक प्रयास, कुशल नेतृत्व और बच्चों की मेहनत का ही परिणाम है।" > — समस्त ग्रामवासी, बालेटा ​ गांव में जश्न का माहौल ​विद्यालय की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद बालेटा गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के 'एजुकेशन विजन' और शिक्षकों की टीम वर्क को दिया है। छात्राओं के घरों पर उत्सव जैसा माहौल है और हर तरफ इन "बेटियों" की चर्चा हो रही है।
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    ​ बालेटा की बेटियों का कमाल: प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल नेतृत्व में विद्यालय ने रचा इतिहास
​अलवर। जुनून, जज्बा और कड़ी मेहनत जब एक साथ मिलते हैं, तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालेटा की छात्राओं और स्टाफ ने। प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षकों के समर्पण ने विद्यालय को सफलता के शिखर पर पहुँचा दिया है।
​ कक्षा 12 के प्रथम बैच ने गाड़े सफलता के झंडे
​बालेटा विद्यालय के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह कक्षा 12 का प्रथम बोर्ड बैच था। छात्राओं ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत (100%) परिणाम दिया है।
​कुल छात्राएं: 13
​प्रथम श्रेणी: 12 छात्राएं (92% छात्राएं फर्स्ट डिवीजन)
​टॉपर्स: शालू और चंचल ने 85% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
​गार्गी पुरस्कार: विद्यालय की 8 छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित गार्गी पुरस्कार के लिए हुआ है।
​ कक्षा 5, 8 और 10 में भी रहा 'क्लीन स्वीप'
​सफलता का यह सिलसिला केवल 12वीं तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय का कक्षा 5, 8 और 10 का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है।
​कक्षा 10 में छात्रा पायल ने 90% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
​कक्षा 10 में कुल तीन छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
विपरीत परिस्थितियों में मिली 'स्वर्ण' सफलता
​प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने बताया कि विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सीमित संसाधनों को देखते हुए ऐसा परिणाम लाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन स्टाफ की मेहनत और छात्राओं की लगन ने इस "मुश्किल" को "मुमकिन" कर दिखाया। सफलता की खुशी में प्रधानाचार्य ने समस्त स्टाफ का मुँह मीठा कराकर उनका आभार व्यक्त किया और उत्तीर्ण छात्राओं को फोन पर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
​"यह सब प्रधानाचार्य जी के अथक प्रयास, कुशल नेतृत्व और बच्चों की मेहनत का ही परिणाम है।" > — समस्त ग्रामवासी, बालेटा
​ गांव में जश्न का माहौल
​विद्यालय की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद बालेटा गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के 'एजुकेशन विजन' और शिक्षकों की टीम वर्क को दिया है। छात्राओं के घरों पर उत्सव जैसा माहौल है और हर तरफ इन "बेटियों" की चर्चा हो रही है।
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    1 hr ago
  • रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो की लंबी कतार कानोता. आगरा रोड स्थित कानोता में पेट्रोल पंप पर बुधवार को एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो चालकों की भारी भीड़ उमड़ी। ऑटो चालक अपने वाहनों में एलपीजी भरवाने पहुंचे, जिससे पंप पर एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। भीड़ अधिक होने से कई चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी बनी। स्थानीय ऑटो चालकों ने बताया कि आसपास सीमित पंप होने के कारण इसी एक पंप पर भारी दबाव रहता है।
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    रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता 
एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो की लंबी कतार
कानोता. आगरा रोड स्थित कानोता में पेट्रोल पंप पर बुधवार को
एलपीजी भरवाने के लिए ऑटो चालकों की भारी भीड़ उमड़ी। ऑटो चालक अपने वाहनों में एलपीजी भरवाने पहुंचे, जिससे पंप पर एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। भीड़ अधिक होने से कई चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी बनी। स्थानीय ऑटो चालकों ने बताया कि आसपास सीमित पंप होने के कारण इसी एक पंप पर भारी दबाव रहता है।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • जब हम ख़ुर्रा ग्राम के बीजासणी माता मेले के इतिहास की बात करते हैं, तो यह केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं हैं। आज के 'कॉन्ट्रैक्ट' और 'तलाक' वाले दौर में, माता के मेले में तय हुए रिश्ते आज भी चट्टान की तरह मजबूत खड़े हैं। मैं, खेमराज जोशी, खुद इस परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण हूँ—मेरा अपना रिश्ता इसी पावन मेले में तय हुआ था, जो बिना किसी बिखराव के आज भी पूरी मजबूती के साथ चल रहा है। ​रिश्तों की वह 'अदृश्य' डोर ​आज से ४० साल पहले, जब समाज बीजासणी माता के आँगन में इकट्ठा होता था, तो वहां केवल व्यापार नहीं होता था, बल्कि परिवारों का मिलन होता था। ​शब्द की कीमत: उस समय न कोई लिखित एग्रीमेंट था, न कोई कानूनी कागज़। माता की चौखट पर दी गई 'जुबान' ही सबसे बड़ा कानून थी। ​अटूट बंधन: मेरा स्वयं का उदाहरण गवाह है कि उस समय के रिश्तों में जो 'ठहराव' था, वह माता के प्रति अटूट श्रद्धा और आपसी विश्वास का परिणाम था। आज की चकाचौंध वाले वैवाहिक आयोजनों के मुकाबले, मेले की उस सादगी में बंधे रिश्ते कहीं ज्यादा टिकाऊ साबित हुए हैं। ​संस्कृति का गिरता स्तर और हमारी जिम्मेदारी ​पहले मेहमानों के लिए दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहते थे। गाँवों में उत्साह ऐसा होता था कि लोग अपने घर आए मेहमान को भगवान का रूप मानते थे। आज इंतजाम सरकारी हैं, व्यवस्थाएं आधुनिक हैं, लेकिन वह 'अपनापन' गायब है बीजासणी माता के मेले की वह ४० साल पुरानी विरासत आज भी उन लोगों की यादों में और उनके सफल वैवाहिक जीवन में जीवित है, जिन्होंने उस दौर को जिया है। मेरा रिश्ता मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर की एक कड़ी है, जिसे आज की युवा पीढ़ी को समझने और सहेजने की जरूरत है ग्राऊंड रिपोर्ट :खेमराज जोशी, शुरू न्यूज़,
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    जब हम ख़ुर्रा ग्राम के बीजासणी माता मेले के इतिहास की बात करते हैं, तो यह केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं हैं। आज के 'कॉन्ट्रैक्ट' और 'तलाक' वाले दौर में, माता के मेले में तय हुए रिश्ते आज भी चट्टान की तरह मजबूत खड़े हैं। मैं, खेमराज जोशी, खुद इस परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण हूँ—मेरा अपना रिश्ता इसी पावन मेले में तय हुआ था, जो बिना किसी बिखराव के आज भी पूरी मजबूती के साथ चल रहा है।
​रिश्तों की वह 'अदृश्य' डोर
​आज से ४० साल पहले, जब समाज बीजासणी माता के आँगन में इकट्ठा होता था, तो वहां केवल व्यापार नहीं होता था, बल्कि परिवारों का मिलन होता था।
​शब्द की कीमत: उस समय न कोई लिखित एग्रीमेंट था, न कोई कानूनी कागज़। माता की चौखट पर दी गई 'जुबान' ही सबसे बड़ा कानून थी।
​अटूट बंधन: मेरा स्वयं का उदाहरण गवाह है कि उस समय के रिश्तों में जो 'ठहराव' था, वह माता के प्रति अटूट श्रद्धा और आपसी विश्वास का परिणाम था। आज की चकाचौंध वाले वैवाहिक आयोजनों के मुकाबले, मेले की उस सादगी में बंधे रिश्ते कहीं ज्यादा टिकाऊ साबित हुए हैं।
​संस्कृति का गिरता स्तर और हमारी जिम्मेदारी
​पहले मेहमानों के लिए दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहते थे। गाँवों में उत्साह ऐसा होता था कि लोग अपने घर आए मेहमान को भगवान का रूप मानते थे। आज इंतजाम सरकारी हैं, व्यवस्थाएं आधुनिक हैं, लेकिन वह 'अपनापन' गायब है
बीजासणी माता के मेले की वह ४० साल पुरानी विरासत आज भी उन लोगों की यादों में और उनके सफल वैवाहिक जीवन में जीवित है, जिन्होंने उस दौर को जिया है। मेरा रिश्ता मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर की एक कड़ी है, जिसे आज की युवा पीढ़ी को समझने और सहेजने की जरूरत है
ग्राऊंड रिपोर्ट :खेमराज जोशी, शुरू न्यूज़,
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • वाइजर एकेडमी के टॉपर्स का भव्य रोड शो लालसोट। वाइजर एकेडमी ने कॉमर्स में जिला टॉपर छात्रों के सम्मान में भव्य रोड शो निकाला। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टॉपर्स का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस वर्ष अनीषा मीणा प्रथम, गीत गंगवाल द्वितीय व दक्षिता जैन तृतीय रही। टॉप-10 में 5 स्थान भी संस्थान के छात्रों ने हासिल किए। निदेशक अनिल जैन ने लगातार 6 वर्षों से टॉप रिजल्ट का श्रेय मेहनत व बेहतर मार्गदर्शन को दिया।
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    वाइजर एकेडमी के टॉपर्स का भव्य रोड शो
लालसोट। वाइजर एकेडमी ने कॉमर्स में जिला टॉपर छात्रों के सम्मान में भव्य रोड शो निकाला। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टॉपर्स का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
इस वर्ष अनीषा मीणा प्रथम, गीत गंगवाल द्वितीय व दक्षिता जैन तृतीय रही। टॉप-10 में 5 स्थान भी संस्थान के छात्रों ने हासिल किए। निदेशक अनिल जैन ने लगातार 6 वर्षों से टॉप रिजल्ट का श्रेय मेहनत व बेहतर मार्गदर्शन को दिया।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    6 hrs ago
  • जंग और तबाही के मंजर के बीच भी हौसले कैसे ज़िंदा रहते हैं, इसकी मिसाल फिलिस्तीन से सामने आई है। जहां एक ओर स्कूल और इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र दरिया के किनारे बैठकर अपने भविष्य की परीक्षा दे रहे हैं। किताबें हाथ में और चारों तरफ बर्बादी का मंजर—इन सबके बीच भी इन छात्रों का हौसला टूटने का नाम नहीं ले रहा। सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन साफ दिखाई देती है। यह तस्वीर बताती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सपनों की उड़ान रुकती नहीं। फिलिस्तीन के इन छात्रों का जज़्बा पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है।
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    जंग और तबाही के मंजर के बीच भी हौसले कैसे ज़िंदा रहते हैं, इसकी मिसाल फिलिस्तीन से सामने आई है। जहां एक ओर स्कूल और इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र दरिया के किनारे बैठकर अपने भविष्य की परीक्षा दे रहे हैं।
किताबें हाथ में और चारों तरफ बर्बादी का मंजर—इन सबके बीच भी इन छात्रों का हौसला टूटने का नाम नहीं ले रहा। सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन साफ दिखाई देती है।
यह तस्वीर बताती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सपनों की उड़ान रुकती नहीं। फिलिस्तीन के इन छात्रों का जज़्बा पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सीतापुरा बालाजी मार्केट के सामने हादसा 🚨 जयपुर के सीतापुरा बालाजी मार्केट के सामने एक कार ने अचानक टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई। लेकिन हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश देखा गया। 📍 स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रशासन को सूचना दी। पुलिस अब फरार कार चालक की तलाश में जुटी हुई है। 👉 ऐसे मामलों में लापरवाही और भागना बड़ा अपराध है। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाए। 📢 आप भी सतर्क रहें, सड़क सुरक्षा का ध्यान रखें। 📲 जुड़े रहिए हमारे साथ हर बड़ी खबर के लिए — जस्ट जयपुर लाइव 👍 कमेंट | 🔁 शेयर | ❤️ फॉलो जरूर करें #जयपुर #सीतापुरा #ब्रेकिंगन्यूज़ #रोडएक्सीडेंट #हिटएंडरन #सड़कसुरक्षा #JustJaipurLive
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सीतापुरा बालाजी मार्केट के सामने हादसा 🚨
जयपुर के सीतापुरा बालाजी मार्केट के सामने एक कार ने अचानक टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई। लेकिन हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश देखा गया।
📍 स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रशासन को सूचना दी। पुलिस अब फरार कार चालक की तलाश में जुटी हुई है।
👉 ऐसे मामलों में लापरवाही और भागना बड़ा अपराध है। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाए।
📢 आप भी सतर्क रहें, सड़क सुरक्षा का ध्यान रखें।
📲 जुड़े रहिए हमारे साथ हर बड़ी खबर के लिए — जस्ट जयपुर लाइव
👍 कमेंट | 🔁 शेयर | ❤️ फॉलो जरूर करें
#जयपुर #सीतापुरा #ब्रेकिंगन्यूज़ #रोडएक्सीडेंट #हिटएंडरन #सड़कसुरक्षा #JustJaipurLive
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • दौसा। कुण्डल में बन रहा 30 बेड सीएचसी भवन बना विवादों केन्द्र,घटिया निर्माण पर ग्रामीणों का उबाल देखने को मिला कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 8.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह सीएचसी भवन क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों और लगभग 50 हजार की आबादी के लिए जीवनरेखा साबित होने वाला है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने इस उम्मीद पर चिंता की परत चढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं वार रूम कोऑर्डिनेटर जितेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में खुलेआम मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बजरी की जगह मिट्टी का इस्तेमाल, कमजोर गुणवत्ता की ईंटें और जंग लगे लोहे के सरिए इस भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई, तो भविष्य में यह भवन मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह सीएचसी बनने के बाद कुंडल, बडोली, निमाली, कालोता, खड़का, सिडोली, भांवता, खानभंकरी, कोलवा, दुडकी, बगडेडा, कालीपहाड़ी, तलवाड़ा, चौबड़ीवाला, मांगाभाटा और धर्मपुरा सहित कई गांवों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल पूरे क्षेत्र की चिंता का विषय बन गए हैं। प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब: विरोध प्रदर्शन में राजेश मीना, अशोक योगी, नरेंद्र मीना, गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा, खेमराज मीणा, रितिकराज, कमलेश मीणा, दीपक सैनी, महेश सैनी, रोहित बैरवा और खुशीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जांच का भरोसा, लेकिन सवाल बरकरार: एनएचएम निर्माण विंग अलवर के अधिशासी अभियंता शिवराम जाटव ने बताया कि वे स्वयं और संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं और शिकायतों की जांच कराई जाएगी। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश कुमार मीणा ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
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    दौसा। कुण्डल में बन रहा 30 बेड सीएचसी भवन बना विवादों केन्द्र,घटिया निर्माण पर ग्रामीणों का उबाल देखने को मिला
कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
करीब 8.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह सीएचसी भवन क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों और लगभग 50 हजार की आबादी के लिए जीवनरेखा साबित होने वाला है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने इस उम्मीद पर चिंता की परत चढ़ा दी है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं वार रूम कोऑर्डिनेटर जितेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में खुलेआम मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बजरी की जगह मिट्टी का इस्तेमाल, कमजोर गुणवत्ता की ईंटें और जंग लगे लोहे के सरिए इस भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई, तो भविष्य में यह भवन मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह सीएचसी बनने के बाद कुंडल, बडोली, निमाली, कालोता, खड़का, सिडोली, भांवता, खानभंकरी, कोलवा, दुडकी, बगडेडा, कालीपहाड़ी, तलवाड़ा, चौबड़ीवाला, मांगाभाटा और धर्मपुरा सहित कई गांवों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल पूरे क्षेत्र की चिंता का विषय बन गए हैं।
प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब:
विरोध प्रदर्शन में राजेश मीना, अशोक योगी, नरेंद्र मीना, गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा, खेमराज मीणा, रितिकराज, कमलेश मीणा, दीपक सैनी, महेश सैनी, रोहित बैरवा और खुशीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जांच का भरोसा, लेकिन सवाल बरकरार:
एनएचएम निर्माण विंग अलवर के अधिशासी अभियंता शिवराम जाटव ने बताया कि वे स्वयं और संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं और शिकायतों की जांच कराई जाएगी।
वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश कुमार मीणा ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    2 hrs ago
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