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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा बयान दिया है। दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में जारी छात्रों का आंदोलन आखिरकार सफल हो गया है। इस आंदोलन के सफल होने के बाद शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा बयान दिया है। दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में जारी छात्रों का आंदोलन आखिरकार सफल हो गया है। इस आंदोलन के सफल होने के बाद शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
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- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा बयान दिया है। दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में जारी छात्रों का आंदोलन आखिरकार सफल हो गया है। इस आंदोलन के सफल होने के बाद शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा दे दिया है।1
- समस्तीपुर जिले के हसनपुर बाजार में आज भारत बंद का नजारा देखने को मिला।1
- बिहार बंद के दौरान बेगूसराय में जिला प्रशासन की ओर से बयान दिया गया है।1
- सहरसा के नौहट्टा थाना क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने चंद्रायन वार्ड संख्या 14 में छापेमारी कर 'रॉकफोर्ड क्लासिक सुपर प्रीमियम व्हिस्की' की 10 बोतलें (प्रत्येक 750 ml) बरामद कीं, जिसकी कुल मात्रा 7.5 लीटर है। पुलिस टीम को आते देख आरोपी महिला मौके से फरार होने में सफल रही। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार महिला अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नौहट्टा थानाध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार के कुशल नेतृत्व तथा मुस्तैदी की जमकर तारीफ हो रही है। गुप्त सूचना मिलते ही दोनों अधिकारियों ने बिना समय गंवाए योजनाबद्ध तरीके से त्वरित कार्रवाई की, जिससे अवैध शराब कारोबारियों के हौसले पस्त हो चुके हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की सतर्कता से नौहट्टा क्षेत्र में अपराध और अवैध कारोबार पर लगाम लग रही है।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- सहरसा जिले के महिषी क्षेत्र में घास लेने गई एक महिला के कोसी नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। महिला नदी के समीप घास एकत्रित करने के लिए गई थी, जिसके बाद उसके पानी में डूबने का अंदेशा जाहिर किया गया है।1
- दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय खराड़ी में रानी चंद्रावती द्वारा दान की गई जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। विद्यालय परिसर में बहेड़ी अंचलाधिकारी (सीओ) की मौजूदगी में ग्रामीणों, विद्यालय प्रशासन और रानी चंद्रावती के वंशजों ने संबंधित जमीन पर अपना-अपना दावा पेश किया। इस दौरान सीओ ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों के समर्थन में आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इससे पहले भी ग्रामीणों की बैठक में इस दान की गई भूमि पर रानी चंद्रावती स्मारक और प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। मामले में ग्रामीण एवं भाजपा नेता राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि जब भी इस जमीन पर विकास कार्यों की बात होती है, उसे रोक दिया जाता है। उन्होंने तालाब की खुदाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिट्टी काटे जाने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दूसरी ओर, रानी चंद्रावती के वंशज अमित सिंह का कहना है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वर्ष 2023 में स्कूल छोड़कर खाली पड़ी जमीन पर उन्होंने कोर्ट में दावा दायर किया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय प्रशासन ने खाली पड़ी जमीन और बगान की नीलामी (डाक) के लिए उन्हें बुलाया था, लेकिन अमित सिंह के विरोध के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि समाधान होने से विद्यालय का समुचित रखरखाव, तालाब का सौंदर्यीकरण और छठ घाट के निर्माण जैसे विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।1
- जंतर-मंतर के आंदोलन को दरभंगा का समर्थन मिला है। इस दौरान मुख्य रूप से पेपर लीक रोकने की मांग उठाई गई। आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताने और इस मांग को लेकर एक तिरंगा यात्रा भी निकाली गई।1