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केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

6 hrs ago
user_Hari Singh
Hari Singh
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

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  • महोबा में जेन अल्फा स्कूली बच्चों के आगे झुका महोबा प्रशासन, DM-SP ने गांव पहुंचकर सुनीं समस्याएं, कोतवाल पर कार्रवाई का आश्वासन *जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक महोबा द्वारा ग्राम रैपुरा में जनचौपाल लगाकर छात्रों एवं ग्रामीणों से संवाद किया गया, सुनीं समस्याएं, दिए गए आवश्यक निर्देश...।* ‼️ - दिनांक 19.08.2026 को थाना कोतवाली महोबा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम रैपुरा के ग्रामीणों एवं स्कूली छात्रों द्वारा गांव को जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति, गड्ढों एवं जलभराव की समस्या को लेकर प्रातः करीब 09.00 बजे झांसी-मिर्जापुर (कुलपहाड़-महोबा) हाईवे पर जाम लगा दिया गया था। सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों एवं छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के उपरान्त करीब 10.00 बजे जाम समाप्त कर यातायात सुचारू कराया गया। - प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आज दिनांक 20.08.2026 को जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक महोबा श्री शशांक सिंह द्वारा ग्राम रैपुरा पहुंचकर जनचौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों एवं स्कूली छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया। - जनचौपाल के दौरान अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों एवं छात्रों से यह भी संवाद किया गया कि सड़क एवं जलभराव से सम्बन्धित समस्या के संबंध में पूर्व में प्रशासन को अवगत क्यों नहीं कराया गया। अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि जनसमस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन सदैव संवेदनशील एवं तत्पर है तथा किसी भी समस्या की जानकारी सीधे सम्बन्धित अधिकारियों को दी जा सकती है। वहीं, हाईवे पर सड़क जाम किए जाने से यातायात बाधित होने के साथ-साथ एम्बुलेंस, आवश्यक सेवाओं एवं अन्य राहगीरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए भविष्य में समस्याओं के समाधान हेतु संवाद एवं वैधानिक माध्यमों का सहारा लेने की अपील की गई। इस पर ग्रामीणों एवं छात्रों द्वारा सड़क जाम किए जाने की घटना को अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने की बात कही गई तथा प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने पर सहमति व्यक्त की गई। - इस दौरान स्कूली छात्रों द्वारा सड़क की खराब स्थिति एवं जलभराव के कारण विद्यालय आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों, मौके पर पुलिस बल के आचरण के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता एवं गंभीरता से सुनते हुए उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु मौके पर मौजूद सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए तथा छात्रों एवं ग्रामीणों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया गया। - संवाद/जनचौपाल कार्यक्रम में छात्रों एवं ग्रामीणों द्वारा बताई गई विभिन्न समस्याओं को बिन्दुवार नोट किया गया, जिनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही कराई जाएगी। - जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जनपद में जनसंवाद एवं जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सुनकर उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।
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    महोबा में जेन अल्फा स्कूली बच्चों के आगे झुका महोबा प्रशासन, DM-SP ने गांव पहुंचकर सुनीं समस्याएं, कोतवाल पर कार्रवाई का आश्वासन 
*जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक महोबा द्वारा ग्राम रैपुरा में जनचौपाल लगाकर छात्रों एवं ग्रामीणों से संवाद किया गया, सुनीं समस्याएं, दिए गए आवश्यक निर्देश...।* ‼️
- दिनांक 19.08.2026 को थाना कोतवाली महोबा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम रैपुरा के ग्रामीणों एवं स्कूली छात्रों द्वारा गांव को जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति, गड्ढों एवं जलभराव की समस्या को लेकर प्रातः करीब 09.00 बजे झांसी-मिर्जापुर (कुलपहाड़-महोबा) हाईवे पर जाम लगा दिया गया था। सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों एवं छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के उपरान्त करीब 10.00 बजे जाम समाप्त कर यातायात सुचारू कराया गया।
- प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आज दिनांक 20.08.2026 को जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक महोबा श्री शशांक सिंह द्वारा ग्राम रैपुरा पहुंचकर जनचौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों एवं स्कूली छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया।
- जनचौपाल के दौरान अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों एवं छात्रों से यह भी संवाद किया गया कि सड़क एवं जलभराव से सम्बन्धित समस्या के संबंध में पूर्व में प्रशासन को अवगत क्यों नहीं कराया गया। अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि जनसमस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन सदैव संवेदनशील एवं तत्पर है तथा किसी भी समस्या की जानकारी सीधे सम्बन्धित अधिकारियों को दी जा सकती है। वहीं, हाईवे पर सड़क जाम किए जाने से यातायात बाधित होने के साथ-साथ एम्बुलेंस, आवश्यक सेवाओं एवं अन्य राहगीरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए भविष्य में समस्याओं के समाधान हेतु संवाद एवं वैधानिक माध्यमों का सहारा लेने की अपील की गई। इस पर ग्रामीणों एवं छात्रों द्वारा सड़क जाम किए जाने की घटना को अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने की बात कही गई तथा प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
- इस दौरान स्कूली छात्रों द्वारा सड़क की खराब स्थिति एवं जलभराव के कारण विद्यालय आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों, मौके पर पुलिस बल के आचरण के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता एवं गंभीरता से सुनते हुए उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु मौके पर मौजूद सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए तथा छात्रों एवं ग्रामीणों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान का आश्वासन दिया गया।
- संवाद/जनचौपाल कार्यक्रम में छात्रों एवं ग्रामीणों द्वारा बताई गई विभिन्न समस्याओं को बिन्दुवार नोट किया गया, जिनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही कराई जाएगी।
- जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जनपद में जनसंवाद एवं जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सुनकर उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    12 min ago
  • सेना रोड पर दो स्कूली बसों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, सात छात्र-छात्राएं घायल, उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य सेना रोड पर दो स्कूली बसों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, सात छात्र-छात्राएं घायल, उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य
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    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रैपुरा सड़क विवाद के बाद डीएम-एसपी ने लगाई जनचौपाल, छात्रों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं महोबा। रैपुरा गांव में सड़क की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या को लेकर हाईवे जाम करने के मामले के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गुरुवार को जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह ने ग्राम रैपुरा पहुंचकर जनचौपाल लगाई और छात्रों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। गौरतलब है कि 19 अगस्त को रैपुरा गांव के ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने गांव को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर हालत, गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर झांसी-मिर्जापुर (कुलपहाड़-महोबा) हाईवे पर जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब एक घंटे में जाम समाप्त हो गया था। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम और एसपी ने गांव पहुंचकर जनचौपाल के माध्यम से ग्रामीणों और छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछा कि सड़क और जलभराव जैसी समस्याओं की जानकारी पहले प्रशासन को क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हमेशा तत्पर है और लोग सीधे संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्याएं बता सकते हैं। अधिकारियों ने हाईवे जाम करने से होने वाली परेशानियों के बारे में भी ग्रामीणों को बताया। उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से एंबुलेंस, आवश्यक सेवाओं और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों और छात्रों ने भी भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न होने देने और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने की बात कही। जनचौपाल में छात्रों ने सड़क की खराब स्थिति और जलभराव के कारण विद्यालय आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं मौके पर पुलिस बल के व्यवहार को लेकर भी अपनी बात रखी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने कहा कि जनसंवाद और जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। जनचौपाल में उठाई गई समस्याओं को बिंदुवार दर्ज कर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
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    रैपुरा सड़क विवाद के बाद डीएम-एसपी ने लगाई जनचौपाल, छात्रों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
महोबा। रैपुरा गांव में सड़क की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या को लेकर हाईवे जाम करने के मामले के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गुरुवार को जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह ने ग्राम रैपुरा पहुंचकर जनचौपाल लगाई और छात्रों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
गौरतलब है कि 19 अगस्त को रैपुरा गांव के ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने गांव को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर हालत, गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर झांसी-मिर्जापुर (कुलपहाड़-महोबा) हाईवे पर जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब एक घंटे में जाम समाप्त हो गया था।
मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम और एसपी ने गांव पहुंचकर जनचौपाल के माध्यम से ग्रामीणों और छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछा कि सड़क और जलभराव जैसी समस्याओं की जानकारी पहले प्रशासन को क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हमेशा तत्पर है और लोग सीधे संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्याएं बता सकते हैं।
अधिकारियों ने हाईवे जाम करने से होने वाली परेशानियों के बारे में भी ग्रामीणों को बताया। उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से एंबुलेंस, आवश्यक सेवाओं और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों और छात्रों ने भी भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न होने देने और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने की बात कही।
जनचौपाल में छात्रों ने सड़क की खराब स्थिति और जलभराव के कारण विद्यालय आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं मौके पर पुलिस बल के व्यवहार को लेकर भी अपनी बात रखी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम और एसपी ने कहा कि जनसंवाद और जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। जनचौपाल में उठाई गई समस्याओं को बिंदुवार दर्ज कर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
    user_Nitendra Jha
    Nitendra Jha
    Mahoba Insight & Ikvnews Sharafipura, Mahoba•
    1 hr ago
  • केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी? ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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    केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप

जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा 

पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर

नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी?

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
केवलारी नदी की बाढ़ से आधा दर्जन गांवों का संपर्क ठप
जखा में फिर बिगड़े हालात, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा 
पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत जखा में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। नदी में बाढ़ आने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर
नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने उठाया पुल निर्माण का सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश के मौसम में केवलारी नदी का जलस्तर बढ़ते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
बोले ग्रामीण—कब तक झेलेंगे परेशानी?
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें ऐसी स्थिति में जीवन गुजारना पड़ेगा। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जखा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से केवलारी नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराकर आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • महोबा। डढ़हतमाफ गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते एक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से मौके पर मलबा फैल गया और रास्ते पर आवागमन प्रभावित हुआ। गनीमत रही कि हादसे के समय दीवार के पास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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    महोबा। डढ़हतमाफ गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते एक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से मौके पर मलबा फैल गया और रास्ते पर आवागमन प्रभावित हुआ। गनीमत रही कि हादसे के समय दीवार के पास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
    user_Ashok kumar News repoter
    Ashok kumar News repoter
    Media and information sciences faculty महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • manwara gaw me rod kharab h
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    manwara gaw me rod kharab h
    user_Kuldeep ahirwar
    Kuldeep ahirwar
    गौरिहार, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • *#हमीरपुर: राठ-सेना रोड पर स्कूल बसों की आमने-सामने भिड़ंत, कई बच्चे घायल* 🚑 *हमीरपुर*। राठ क्षेत्र में स्कूल जा रही दो बसों की आमने-सामने टक्कर से हड़कंप मच गया। हादसे में बसों में सवार *कई बच्चे घायल* हो गए। ### *कैसे हुआ हादसा* घटना *राठ से सेना रोड* की है। स्कूल के समय दोनों बसें बच्चों को लेकर जा रही थीं कि अचानक आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बसों में बैठे बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। ### *घायलों का उपचार जारी* सूचना मिलते ही बच्चों को तुरंत *राठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र* लाया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने सभी घायल बच्चों का उपचार किया। *डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की हालत अब नॉर्मल है* और खतरे से बाहर हैं। ### *परिजनों में दहशत* हादसे की खबर मिलते ही स्कूल और अस्पताल के बाहर बच्चों के परिजनों की भीड़ लग गई। अपने बच्चों को घायल देखकर परिजनों में चिंता और दहशत का माहौल बना रहा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही से हुआ। #sosalmidia #हमीरपुर #Rath #SenaRoad #SchoolBus #Accident #dmhamirpurup #hamirpurpolice #UPPolice #UPNews #RoadSafety
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    *#हमीरपुर: राठ-सेना रोड पर स्कूल बसों की आमने-सामने भिड़ंत, कई बच्चे घायल* 🚑
*हमीरपुर*। राठ क्षेत्र में स्कूल जा रही दो बसों की आमने-सामने टक्कर से हड़कंप मच गया। हादसे में बसों में सवार *कई बच्चे घायल* हो गए।
### *कैसे हुआ हादसा*
घटना *राठ से सेना रोड* की है। स्कूल के समय दोनों बसें बच्चों को लेकर जा रही थीं कि अचानक आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बसों में बैठे बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे।
### *घायलों का उपचार जारी*
सूचना मिलते ही बच्चों को तुरंत *राठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र* लाया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने सभी घायल बच्चों का उपचार किया। 
*डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की हालत अब नॉर्मल है* और खतरे से बाहर हैं।
### *परिजनों में दहशत*
हादसे की खबर मिलते ही स्कूल और अस्पताल के बाहर बच्चों के परिजनों की भीड़ लग गई। अपने बच्चों को घायल देखकर परिजनों में चिंता और दहशत का माहौल बना रहा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही से हुआ।
#sosalmidia #हमीरपुर #Rath #SenaRoad #SchoolBus #Accident #dmhamirpurup #hamirpurpolice #UPPolice #UPNews #RoadSafety
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • क्रेशर माफिया के आगे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) भी बेअसर; कहरा के रवि सिंह, कोमल महाराज और कुलकुआं के जम्मू महाराज की शिकायतों को अधिकारियों ने डाला ठंडे बस्ते में, 10 साल से जनता बेहाल क्रेशर माफिया के आगे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) भी बेअसर; कहरा के रवि सिंह, कोमल महाराज और कुलकुआं के जम्मू महाराज की शिकायतों को अधिकारियों ने डाला ठंडे बस्ते में, 10 साल से जनता बेहाल महोबा। कबरई विकास खंड के अंतर्गत चिचारा से खिरुई कमरिया मार्ग की बदहाली को लेकर जिला प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। कुलकुवा पहाड़ी से पत्थर खनन और चिचारा के पास संचालित 'कहरा क्रेशर' के ओवरलोड भारी वाहनों ने इस 5 किलोमीटर लंबी सड़क को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। पिछले 10 वर्षों से इस मार्ग की सुध न लिए जाने के कारण अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी दम तोड़ रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतें हुईं हवा-हवाईशासन और प्रशासन की उदासीनता का सबसे बड़ा सबूत यह है कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार आवाज उठाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कहरा निवासी रवि सिंह व कोमल महाराज और कुलकुआं निवासी जम्मू महाराज ने इस जानलेवा सड़क और क्रेशर संचालकों की मनमानी के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कई बार आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराईं। लेकिन भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और क्रेशर माफिया के रसूख के आगे मुख्यमंत्री पोर्टल की ये शिकायतें भी बेअसर साबित हुईं। अधिकारियों ने जमीनी सुधार करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करके शिकायतों को बंद कर दिया।जिंदगी पर भारी 15 किलोमीटर का 'उल्टा' चक्करइस मार्ग की बर्बादी का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि यदि कहरा, कुलकुवा या चिचारा गांव में किसी मरीज की तबीयत अचानक खराब हो जाए, तो सरकारी एम्बुलेंस (102/108) सीधे रास्ते से नहीं आ पाती। एम्बुलेंस को मजबूरन तकरीबन 15 किलोमीटर का उल्टा लंबा चक्कर काटकर घूमकर आना पड़ता है। मेडिकल इमरजेंसी में जहाँ एक-एक मिनट की कीमत जिंदगी और मौत के बीच का अंतर होती है, वहाँ एम्बुलेंस को इस बदहाली के कारण आधा से एक घंटा अतिरिक्त समय लग जाता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार मरीजों की हालत रास्ते में ही गंभीर हो जाती है।थाने, बाजार और मॉडल स्कूल भी प्रभावितयह सड़क सिर्फ मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि मॉडल स्कूल चिचारा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी मुसीबत बनी हुई है। कहरा और कुलकुवा गांवों के बच्चे धूल और पत्थरों के बीच जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसके अलावा खन्ना बाजार और खन्ना थाना जाने वाले आम राहगीरों और व्यापारियों को भी इस जर्जर मार्ग और ओवरलोड डंपरों के खौफ के साए में सफर करना पड़ता है।ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: चक्का जाम की चेतावनीरवि सिंह, कोमल महाराज और जम्मू महाराज सहित कहरा, कुलकुवा और चिचारा के सैकड़ों ग्रामीणों का धैर्य अब पूरी तरह टूट चुका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि यदि इस 5 किलोमीटर के मार्ग का पुनर्निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ और क्रेशर के ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लगी, तो वे खन्ना थाने के सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।
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    क्रेशर माफिया के आगे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) भी बेअसर;


 कहरा के रवि सिंह, कोमल महाराज और कुलकुआं के जम्मू महाराज की शिकायतों को अधिकारियों ने डाला ठंडे बस्ते में, 10 साल से जनता बेहाल 
क्रेशर माफिया के आगे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) भी बेअसर;
कहरा के रवि सिंह, कोमल महाराज और कुलकुआं के जम्मू महाराज की शिकायतों को अधिकारियों ने डाला ठंडे बस्ते में, 10 साल से जनता बेहाल
महोबा। कबरई विकास खंड के अंतर्गत चिचारा से खिरुई कमरिया मार्ग की बदहाली को लेकर जिला प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। कुलकुवा पहाड़ी से पत्थर खनन और चिचारा के पास संचालित 'कहरा क्रेशर' के ओवरलोड भारी वाहनों ने इस 5 किलोमीटर लंबी सड़क को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। पिछले 10 वर्षों से इस मार्ग की सुध न लिए जाने के कारण अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी दम तोड़ रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतें हुईं हवा-हवाईशासन और प्रशासन की उदासीनता का सबसे बड़ा सबूत यह है कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार आवाज उठाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कहरा निवासी रवि सिंह व कोमल महाराज और कुलकुआं निवासी जम्मू महाराज ने इस जानलेवा सड़क और क्रेशर संचालकों की मनमानी के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कई बार आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराईं। लेकिन भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और क्रेशर माफिया के रसूख के आगे मुख्यमंत्री पोर्टल की ये शिकायतें भी बेअसर साबित हुईं। अधिकारियों ने जमीनी सुधार करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करके शिकायतों को बंद कर दिया।जिंदगी पर भारी 15 किलोमीटर का 'उल्टा' चक्करइस मार्ग की बर्बादी का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि यदि कहरा, कुलकुवा या चिचारा गांव में किसी मरीज की तबीयत अचानक खराब हो जाए, तो सरकारी एम्बुलेंस (102/108) सीधे रास्ते से नहीं आ पाती। एम्बुलेंस को मजबूरन तकरीबन 15 किलोमीटर का उल्टा लंबा चक्कर काटकर घूमकर आना पड़ता है। मेडिकल इमरजेंसी में जहाँ एक-एक मिनट की कीमत जिंदगी और मौत के बीच का अंतर होती है, वहाँ एम्बुलेंस को इस बदहाली के कारण आधा से एक घंटा अतिरिक्त समय लग जाता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार मरीजों की हालत रास्ते में ही गंभीर हो जाती है।थाने, बाजार और मॉडल स्कूल भी प्रभावितयह सड़क सिर्फ मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि मॉडल स्कूल चिचारा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी मुसीबत बनी हुई है। कहरा और कुलकुवा गांवों के बच्चे धूल और पत्थरों के बीच जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसके अलावा खन्ना बाजार और खन्ना थाना जाने वाले आम राहगीरों और व्यापारियों को भी इस जर्जर मार्ग और ओवरलोड डंपरों के खौफ के साए में सफर करना पड़ता है।ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: चक्का जाम की चेतावनीरवि सिंह, कोमल महाराज और जम्मू महाराज सहित कहरा, कुलकुवा और चिचारा के सैकड़ों ग्रामीणों का धैर्य अब पूरी तरह टूट चुका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि यदि इस 5 किलोमीटर के मार्ग का पुनर्निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ और क्रेशर के ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लगी, तो वे खन्ना थाने के सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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