लाखों का नाला, चंद दिनों का ठिकाना? पसवारा में मानकों की हत्या! #महोबा:- जिला पंचायत द्वारा कबरई विकास खंड के ग्राम पसवारा में लाखों रुपये की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह जलनिकासी नाला निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गुणवत्ता को देखते हुए यह नाला कुछ ही दिनों में ढह सकता है। ग्रामीणों के अनुसार यह नाला गांव की जलनिकासी व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने निर्माण मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। शिकायत है कि निर्माण में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता के विपरीत स्टोनडस्ट से भराई कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने “गांधी की लाठी” यानी कागजों पर सब ठीक दिखाकर वास्तविकता छिपाई जा रही है। मौके पर न तो तकनीकी निगरानी दिख रही है और न ही मानक बोर्ड लगाया गया है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है तथा निर्माण को नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की अपील की है। #महोबाइनसाइड #ikvnews #vairalvideo Nitendra Jha IndiaKhoz Vichar Mahoba Insight Chief Minister Office Uttar Pradesh
लाखों का नाला, चंद दिनों का ठिकाना? पसवारा में मानकों की हत्या! #महोबा:- जिला पंचायत द्वारा कबरई विकास खंड के ग्राम पसवारा में लाखों रुपये की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह जलनिकासी नाला निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गुणवत्ता को देखते हुए यह नाला कुछ ही दिनों में ढह सकता है। ग्रामीणों के अनुसार यह नाला गांव की जलनिकासी व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने निर्माण मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। शिकायत है कि निर्माण में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता के विपरीत स्टोनडस्ट से भराई कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने “गांधी की लाठी” यानी कागजों पर सब ठीक दिखाकर वास्तविकता छिपाई जा रही है। मौके पर न तो तकनीकी निगरानी दिख रही है और न ही मानक बोर्ड लगाया गया है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है तथा निर्माण को नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की अपील की है। #महोबाइनसाइड #ikvnews #vairalvideo Nitendra Jha IndiaKhoz Vichar Mahoba Insight Chief Minister Office Uttar Pradesh
- #महोबा:- जिला पंचायत द्वारा कबरई विकास खंड के ग्राम पसवारा में लाखों रुपये की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह जलनिकासी नाला निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गुणवत्ता को देखते हुए यह नाला कुछ ही दिनों में ढह सकता है। ग्रामीणों के अनुसार यह नाला गांव की जलनिकासी व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने निर्माण मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। शिकायत है कि निर्माण में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता के विपरीत स्टोनडस्ट से भराई कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने “गांधी की लाठी” यानी कागजों पर सब ठीक दिखाकर वास्तविकता छिपाई जा रही है। मौके पर न तो तकनीकी निगरानी दिख रही है और न ही मानक बोर्ड लगाया गया है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है तथा निर्माण को नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की अपील की है। #महोबाइनसाइड #ikvnews #vairalvideo Nitendra Jha IndiaKhoz Vichar Mahoba Insight Chief Minister Office Uttar Pradesh1
- विद्युत संकट पर किसानों का हंगामा, एनएच-39 पर 2 घंटे जाम, प्रशासन के आश्वासन पर खुला रास्ता झांसी–मिर्जापुर–महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-39) स्थित छतेसर गांव में विद्युत समस्याओं को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन की राष्ट्रीय प्रवक्ता पंकज तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। बालाजी सहित संगठन के पदाधिकारियों ने बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली फॉल्ट की समस्या पर नाराजगी जताते हुए राजमार्ग पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि लगातार बिजली संकट से सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलें सूखने की कगार पर हैं। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने किसानों से वार्ता कर आश्वासन दिया कि विद्युत आपूर्ति सुबह 10:00 बजे तक पूर्णतः सुचारु कर दी जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर मार्ग खोल दिया। किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि समस्या का स्थायी समाधान न होने पर आंदोलन और उग्र किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।1
- पनवाड़ी अंतर्गत छतेसर गांव में बीते 4–5 दिनों से बिजली1
- महोबा ब्रेकिंग पुलिस का अजीबोगरीब कारनामा, कार का बिना हेलमेट ड्राइविंग करने का कर दिया चालान, कुलपहाड़ थाना में तैनात दरोगा ने सड़क किनारे खड़ी कार का बीते रोज किया था चालान, कार को बिना हेलमेट चलाने का चालान पाकर मालिक परेशान, कुलपहाड़ कस्बा के राठ रोड में सड़क किनारे खड़ी थी कार, कुलपहाड़ कोतवाली कस्बा क्षेत्र के झाँसी मिर्जापुर हाइवे स्थित राठ रोड का मामला।1
- Post by निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़1
- बिग ब्रेकिंग अजयगढ़ यह तो बहुत ही दुखद और विडंबना की बात है। आजादी के इतने दशकों बाद भी अगर आपके गाँव तक सड़क नहीं पहुँची है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की विफलता है खबर: आजादी के 78 साल बाद भी 'कालापानी' जैसी सजा काट रहा सिलोना का मजरा दाउवनपुरवा खण्डनपूर्वा मुख्य शीर्षक: सड़क नहीं तो वोट नहीं: आजादी के अमृत काल में भी कीचड़ और पगडंडियों के सहारे ग्रामीणों का जीवन सिलोना के बहादुरपुर बया दाऊवनपुरवामार्ग खड्डनपुरवा प्राथमिक शाला मार्ग का रिपोर्ट: देश भले ही बुलेट ट्रेन और डिजिटल इंडिया की बात कर रहा हो, लेकिन पन्ना जिले की अजयगढ़ के ग्राम पंचायत सिलोना मजरा दाउवनपुरवा खण्डनपूर्वा आज भी आदिम युग में जीने को मजबूर है। हैरानी की बात यह है कि आजादी से लेकर आज तक इस गाँव की मिट्टी ने 'डामर की सड़क' नहीं देखी। नेताओं के झूठे वादे और ग्रामीणों का दर्द: हर चुनाव में नेता यहाँ आते हैं, हाथ जोड़ते हैं और पक्की सड़क का वादा करके चले जाते हैं। लेकिन चुनाव जीतते ही गाँव की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है "बीमारों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों को स्कूल भेजना, बरसात के दिनों में हमारा गाँव दुनिया से कट जाता है। कीचड़ भरी पगडंडियों पर मरीजों को खटिया पर लादकर ले जाना हमारी नियति बन गई है भ्रष्टाचार का दोहरा वार ग्रामीणों का अल्टीमेटम: अब गाँव वालों ने ठान लिया है कि वे चुप नहीं बैठेंगे। यदि जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ और पुलिया की जाँच नहीं की गई, तो आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और तहसील कार्यालय का घेराव होगा यह है 2026 का भारत, जहाँ हमारे गाँव को आज तक सड़क नसीब नहीं हुई3
- छतरपुर। छतरपुर जिले में शासकीय तालाबों पर मछली माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के आरोप को लेकर मछुआरा (रैकवार) समाज के लोगों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। मछुआरा समाज का आरोप है कि जिले के कई शासकीय तालाबों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज का कहना है कि मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं एवं तालाबों में मछुआरा समाज को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है, जो सामाजिक न्याय और शासन की नीतियों के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान युवा रैकवार (मछुआरा) समाज ने शासन–प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि जिले के समस्त शासकीय तालाबों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए। साथ ही तालाबों से सभी अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं और मछली माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि तालाब एवं मत्स्य पालन से संबंधित सभी समितियों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को ही तालाबों का वैधानिक अधिकार दिया जाए। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह की समय-सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मछुआरा समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।1
- #महोबा जिले की यातायात पुलिस ने तो गजबे कर दिया है, कार चालक का बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर चालान काट दिया है। #महोबाइनसाइड #ikvnews #vairalvideo2