छतरपुर में शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे का आरोप, रैकवार समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन छतरपुर। छतरपुर। छतरपुर जिले में शासकीय तालाबों पर मछली माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के आरोप को लेकर मछुआरा (रैकवार) समाज के लोगों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। मछुआरा समाज का आरोप है कि जिले के कई शासकीय तालाबों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज का कहना है कि मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं एवं तालाबों में मछुआरा समाज को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है, जो सामाजिक न्याय और शासन की नीतियों के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान युवा रैकवार (मछुआरा) समाज ने शासन–प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि जिले के समस्त शासकीय तालाबों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए। साथ ही तालाबों से सभी अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं और मछली माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि तालाब एवं मत्स्य पालन से संबंधित सभी समितियों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को ही तालाबों का वैधानिक अधिकार दिया जाए। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह की समय-सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मछुआरा समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
छतरपुर में शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे का आरोप, रैकवार समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन छतरपुर। छतरपुर। छतरपुर जिले में शासकीय तालाबों पर मछली माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के आरोप को लेकर मछुआरा (रैकवार) समाज के लोगों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। मछुआरा समाज का आरोप है कि जिले के कई शासकीय तालाबों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज का कहना है कि मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं एवं तालाबों में मछुआरा समाज को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है, जो सामाजिक न्याय और शासन की नीतियों के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान युवा रैकवार (मछुआरा) समाज ने शासन–प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि जिले के समस्त शासकीय तालाबों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए। साथ ही तालाबों से सभी अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं और मछली माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि तालाब एवं मत्स्य पालन से संबंधित सभी समितियों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को ही तालाबों का वैधानिक अधिकार दिया जाए। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह की समय-सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मछुआरा समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
- छतरपुर। छतरपुर जिले में शासकीय तालाबों पर मछली माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के आरोप को लेकर मछुआरा (रैकवार) समाज के लोगों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक माह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। मछुआरा समाज का आरोप है कि जिले के कई शासकीय तालाबों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज का कहना है कि मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं एवं तालाबों में मछुआरा समाज को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है, जो सामाजिक न्याय और शासन की नीतियों के विपरीत है। प्रदर्शन के दौरान युवा रैकवार (मछुआरा) समाज ने शासन–प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि जिले के समस्त शासकीय तालाबों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए। साथ ही तालाबों से सभी अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं और मछली माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि तालाब एवं मत्स्य पालन से संबंधित सभी समितियों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा पात्र एवं वास्तविक मछुआरों को ही तालाबों का वैधानिक अधिकार दिया जाए। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह की समय-सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मछुआरा समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।1
- नौगांव में निकाली गई भव्य कलश यात्रा जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन बबलूलाल साहू के परिवार के द्वारा किया जा रहा है । कलश यात्रा नगर के मुख्य बाजार से होते हुए संपन्न हुई ।2
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- "अब मैं अपना पक्ष रखूंगी..." बैंक कर्मी आस्था सिंह ने क्यों कहा 'ठाकुर हूं मैं'? वायरल वीडियो का पूरा सच #ViralVideos | #Bank | #HDFCBank1
- खाद वितरण व्यवस्था में पलेरा पुलिस की सराहनीय भूमिका। ओबीसी महासभा ने प्रशस्ति पत्र देकर थाना प्रभारी मनोज कुमार सोनी जी को किया सम्मानित गया।।1
- सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ बॉयरल बॉयरल बीडीओ टीकमगढ़ जिले के पहाड़ी तिलवारन का बताया जा रहा है जहां जमीनी विवाद में चले लाठी डंडे करीब एक दर्जन लोग हुए घायल देखिए खास रिपोर्ट1
- #महोबा:- जिला पंचायत द्वारा कबरई विकास खंड के ग्राम पसवारा में लाखों रुपये की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह जलनिकासी नाला निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गुणवत्ता को देखते हुए यह नाला कुछ ही दिनों में ढह सकता है। ग्रामीणों के अनुसार यह नाला गांव की जलनिकासी व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने निर्माण मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। शिकायत है कि निर्माण में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता के विपरीत स्टोनडस्ट से भराई कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने “गांधी की लाठी” यानी कागजों पर सब ठीक दिखाकर वास्तविकता छिपाई जा रही है। मौके पर न तो तकनीकी निगरानी दिख रही है और न ही मानक बोर्ड लगाया गया है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है तथा निर्माण को नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की अपील की है। #महोबाइनसाइड #ikvnews #vairalvideo Nitendra Jha IndiaKhoz Vichar Mahoba Insight Chief Minister Office Uttar Pradesh1
- फूड सैम्पलिंग एवं वॉटर टेस्टिंग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश छतरपुर। बागेश्वर धाम ग्राम गढ़ा में आयोजित होने वाले सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के मद्देनज़र सोमवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल एवं पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लॉ एंड ऑर्डर, वीआईपी मूवमेंट के प्रोटोकॉल, सुरक्षा व्यवस्था एवं आमजन को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं एसपी ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक चर्चा की। इस अवसर पर राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने हेलीपैड स्थल, मुख्य मंच, ग्रीन रूम सहित अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों, पंचायतों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि धाम परिसर एवं आसपास के सभी जल स्रोतों की वॉटर टेस्टिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र के सभी ढाबों, दुकानों, होटलों एवं अस्थायी खाद्य विक्रेताओं की फूड सैम्पलिंग कर जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग, एमपीईबी, वन विभाग, पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, नगरीय प्रशासन एवं पंचायत विभाग को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।1