शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होता है मेले का आयोजन, पत्रकार के फोन पर अधीक्षक बोले—अभी व्यवस्था करवाते हैं; सीएमओ की निगरानी पर भी सवाल हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन रविवार, 11 अक्टूबर को शाहगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दैनिक भास्कर संवाददाता के निरीक्षण के दौरान न तो मेले का बैनर लगा मिला और न ही चिकित्सक मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि मेले की शुरुआत से पहले अधीक्षक के ग्रुप में मौजूदगी की फोटो भेजे जाने की व्यवस्था बताई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मेले की निगरानी फोटो के माध्यम से की जाती है, तो शाहगंज पीएचसी पर डॉक्टर की गैरमौजूदगी की जानकारी अधीक्षक डॉ. डीएन द्विवेदी को क्यों नहीं थी? क्या फोटो भेजने की औपचारिकता ही निगरानी का आधार बन गई है? दोपहर एक बजे जब संवाददाता ने अधीक्षक से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी जानकारी हुई है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। पहले किसी ने इसकी सूचना नहीं दी थी, अब व्यवस्था करवाई जाएगी। सवाल यह है कि सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मेले में दोपहर एक बजे तक चिकित्सक की अनुपस्थिति का पता क्यों नहीं चला? पीएचसी पर संविदा चिकित्सक डॉ. अजय गुप्ता मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट चंद्रमौली शुक्ला भी अनुपस्थित मिले। दवा लेने पहुंचीं रामवती, अनारकली, राजमणि पांडेय और संतोष पांडेय को नए पर्चे पर दवा नहीं मिल सकी। अब सवाल अधीक्षक के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी है। मरीजों को समय पर उपचार न मिलने की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्वास्थ्य विभाग कब जवाबदेही तय करेगा? खबर लिखे जाने तक कोई डाक्टर नहीं आया
शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होता है मेले का आयोजन, पत्रकार के फोन पर अधीक्षक बोले—अभी व्यवस्था करवाते हैं; सीएमओ की निगरानी पर भी सवाल हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन रविवार, 11 अक्टूबर को शाहगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दैनिक भास्कर संवाददाता के निरीक्षण के दौरान न तो मेले का बैनर लगा मिला और न ही चिकित्सक मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि मेले की शुरुआत से पहले अधीक्षक के ग्रुप में मौजूदगी की फोटो भेजे जाने की व्यवस्था बताई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मेले की निगरानी फोटो के माध्यम से की जाती है, तो शाहगंज पीएचसी पर डॉक्टर की गैरमौजूदगी की जानकारी अधीक्षक डॉ. डीएन द्विवेदी को क्यों नहीं थी? क्या फोटो भेजने की औपचारिकता ही निगरानी का आधार बन गई है? दोपहर एक बजे जब संवाददाता ने अधीक्षक से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी जानकारी हुई है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। पहले किसी ने इसकी सूचना नहीं दी थी, अब व्यवस्था करवाई जाएगी। सवाल यह है कि सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मेले में दोपहर एक बजे तक चिकित्सक की अनुपस्थिति का पता क्यों नहीं चला? पीएचसी पर संविदा चिकित्सक डॉ. अजय गुप्ता मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट चंद्रमौली शुक्ला भी अनुपस्थित मिले। दवा लेने पहुंचीं रामवती, अनारकली, राजमणि पांडेय और संतोष पांडेय को नए पर्चे पर दवा नहीं मिल सकी। अब सवाल अधीक्षक के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी है। मरीजों को समय पर उपचार न मिलने की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्वास्थ्य विभाग कब जवाबदेही तय करेगा? खबर लिखे जाने तक कोई डाक्टर नहीं आया
- शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? शाहगंज पीएचसी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल, फोटो से निगरानी तो फिर डॉक्टर की गैरमौजूदगी से अनजान क्यों अधीक्षक? सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होता है मेले का आयोजन, पत्रकार के फोन पर अधीक्षक बोले—अभी व्यवस्था करवाते हैं; सीएमओ की निगरानी पर भी सवाल हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन रविवार, 11 अक्टूबर को शाहगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दैनिक भास्कर संवाददाता के निरीक्षण के दौरान न तो मेले का बैनर लगा मिला और न ही चिकित्सक मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि मेले की शुरुआत से पहले अधीक्षक के ग्रुप में मौजूदगी की फोटो भेजे जाने की व्यवस्था बताई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मेले की निगरानी फोटो के माध्यम से की जाती है, तो शाहगंज पीएचसी पर डॉक्टर की गैरमौजूदगी की जानकारी अधीक्षक डॉ. डीएन द्विवेदी को क्यों नहीं थी? क्या फोटो भेजने की औपचारिकता ही निगरानी का आधार बन गई है? दोपहर एक बजे जब संवाददाता ने अधीक्षक से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी जानकारी हुई है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। पहले किसी ने इसकी सूचना नहीं दी थी, अब व्यवस्था करवाई जाएगी। सवाल यह है कि सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मेले में दोपहर एक बजे तक चिकित्सक की अनुपस्थिति का पता क्यों नहीं चला? पीएचसी पर संविदा चिकित्सक डॉ. अजय गुप्ता मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट चंद्रमौली शुक्ला भी अनुपस्थित मिले। दवा लेने पहुंचीं रामवती, अनारकली, राजमणि पांडेय और संतोष पांडेय को नए पर्चे पर दवा नहीं मिल सकी। अब सवाल अधीक्षक के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी है। मरीजों को समय पर उपचार न मिलने की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्वास्थ्य विभाग कब जवाबदेही तय करेगा? खबर लिखे जाने तक कोई डाक्टर नहीं आया1
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- दिल्ली:12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट कूच का ऐलान, SIR पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग। नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का बड़ा ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा, विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध करने निकले युवाओं के साथ पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने मारपीट की। राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। वोट चोरी बंद हो, SIR पर रोक लगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। राहुल गांधी का संदेश डरो मत। कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। इस ऐलान के बाद सोमवार को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च और सुरक्षा व्यवस्था पर सबकी निगाहें रहेंगी।1
- भव्य शुभारंभ अभिषेक इंटरप्राइजेज 12/10/2026 कल हो रहा है आप सभी सादर आमंत्रित हैं ✨ स्वागत है आपका अभिषेक एंटरप्राइजेज में! ✨ हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है भाई की नई दुकान "अभिषेक एंटरप्राइजेज" का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है! यहाँ आपको सभी बड़े ब्रांड के iPhones, सैमसंग, रियलमी, विवो और भी बहुत कुछ मिलेगा! 🎁 उद्घाटन पर विशेष उपहार! 🎁 📍 हमारा पता: चिरा मोड़ सरांय बरई- बाराबंकी 📞 हमसे संपर्क करें: 9793081419 #शुभउद्घाटन #नईदुकान #स्मार्टफोन #आईफोन #मोबाइलशॉप #बाराबंकी #सैमसंग #रियलमी #विवो #ओप्पो #डील्स #ऑफर #अभिषेकएंटरप्राइजेज #स्वागत1
- आओ हम सब सुबह सुबह पर्यावरण प्रति जागे और प्रदूषण भगाये, पर्यावरण संरक्षण करने के लिए जनता को जागरूक करे बताऐ, पर्यावरण बचाने के लिए आपके अभियान के लिए 5 आसान बातें, आप यही लोगों को बता सकते हो - *पर्यावरण संरक्षण के 5 संकल्प -* *1. पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ -* एक व्यक्ति, एक पेड़। अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह पर एक पेड़ जरूर लगाएं। पीपल, नीम, बरगद सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं। *2. पानी बचाओ -* नल को खुला मत छोड़ो। RO का पानी बर्बाद मत करो, उसे पौधों में डाल दो। *3.प्लास्टिक भगाओ -*पॉलिथीन की जगह कपड़े का थैला ले जाओ। यही सबसे बड़ा प्रदूषण है। *4. कचरा मत जलाओ -*कचरा जलाने से सबसे ज्यादा बीमारी फैलती है। कचरे को अलग-अलग करके नगर निगम की गाड़ी में डालो। *5. सुबह-सुबह जागरूकता -* अपने मोहल्ले में 10 लोगों को रोज समझाओ। यही आपका "आज सुबह टाइम्स" अभियान है। , आज सुबह टाइम्स, ।। रिपोर्टिंग, Lal chand SONI,,1
- कांग्रेस को झटका! पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने थामा AIMIM का दामन, 2027 से पहले यूपी की सियासत में नई हलचल ओवैसी के नेतृत्व में AIMIM में शामिल हुए डॉ. करन त्रिपाठी, सियासी मैदान में नई पारी को लेकर चर्चाएं तेज। अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिलने लगे हैं। अयोध्या के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी और पूर्व महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने कांग्रेस का साथ छोड़कर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के रूप में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले डॉ. त्रिपाठी के इस कदम को प्रदेश की राजनीति में अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयोजित विशाल जनसभा में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में डॉ. करन त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले से अयोध्या समेत प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस से AIMIM तक, सियासी पारी में नया मोड़. डॉ. करन त्रिपाठी की पहचान शिक्षाविद, समाजसेवी और कांग्रेस के मुखर प्रवक्ता के रूप में रही है। ऐसे में उनका AIMIM में शामिल होना केवल दल परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम और विधानसभा चुनाव में संभावित भूमिका को लेकर अभी तस्वीर साफ होना बाकी है। ओवैसी के साथ 'लंकादहन' की तैयारी! डॉ. करन त्रिपाठी के AIMIM में शामिल होने के घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में नए सियासी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, ओवैसी के साथ गदा उठाने और 'लंकादहन' के प्रतीकात्मक अंदाज ने इस घटनाक्रम को और भी चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या डॉ. करन त्रिपाठी AIMIM के लिए अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में नया राजनीतिक आधार तैयार करेंगे? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में डॉ. करन त्रिपाठी का AIMIM में जाना कांग्रेस के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित होगा और ओवैसी की पार्टी को इससे कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल, डॉ. करन त्रिपाठी के इस फैसले ने अयोध्या की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।4
- अयोध्या। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब अयोध्या। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब अयोध्या में उमड़ रहा है। सुबह से ही भक्त मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं। इसी आस्था के साथ भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और मां से सुख-शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं। रामनगरी के प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने को देखते हुए मंदिरों के आसपास भीड़ प्रबंधन, आवागमन को सुचारु बनाए रखने और सुरक्षा इंतजामों की महत्ता बढ़ गई है।1
- बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई समस्या, गोमती मित्रों के लिए स्वच्छता बनी तपस्या सुल्तानपुर। सीताकुंड धाम में रविवार को गोमती मित्र मंडल का साप्ताहिक स्वच्छता श्रमदान बढ़ते जलस्तर और नदी के तेज बहाव के बीच संपन्न हुआ। प्रातः 6 बजे से ही गोमती मित्रों ने धाम पहुंचकर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया। नालों का पानी सीधे गोमती नदी में गिरने के कारण तेज बहाव की वजह से नालों की गंदगी तट पर जमा हो रही है, जिससे सफाई कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बावजूद गोमती मित्रों ने स्वच्छता अभियान जारी रखते हुए श्रमदान किया। नवरात्रि के चलते धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ रही है, ऐसे में गोमती मित्रों के सामने स्वच्छता बनाए रखने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की भी जिम्मेदारी है। साथ ही जिलाध्यक्ष अजीत शर्मा के नेतृत्व में कुछ गोमती मित्रों ने बंधुआकलां स्थित श्री विंध्यवासिनी माता मंदिर में श्रमदान कर श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सुबह 6 बजे शुरू हुआ श्रमदान प्रातः 10 बजे तक चला, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह, प्रबंधक राजेंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, दिनकर सिंह, राजेश पाठक, राकेश सिंह दद्दू, मुन्ना सोनी, रामू सोनी, आलोक तिवारी, अजीत शर्मा, अभय मिश्रा, आशू उपाध्याय, अशोक, अरुण अग्रहरि, दीपू सहित अन्य गोमती मित्र उपस्थित रहे।1