तीन दिन बाद भी गुनगुन का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस, कोतवाली में ही धरने पर बैठे आक्रोशित परिजन; पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी बाराबंकी । जनपद के हैदरगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने के तीन दिन बाद भी सुराग न मिलने पर परिजनों ने कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने कई टीमों का गठन कर तलाश तेज कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी में बेटी की मिलने की मिली सुराग बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 मार्च 2026 बाराबंकी जिले के हैदर गढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग न मिलने से नाराज परिजन रविवार को शायं काल कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए। धरने में स्थानीय पत्रकारों और कई संभ्रांत नागरिकों ने भी परिजनों का समर्थन किया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बालिका की बरामदगी की मांग की। परिजनों की माने तो 13 मार्च की शाम 4.30 घर के अन्दर हो रही बेटी हुई थी लापता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 13 मार्च की शाम कस्बे के पूरे मितई वार्ड निवासी पत्रकार नृपेंद्र तिवारी की 12 वर्षीय पुत्री गुनगुन घर के बाहर खेलते समय अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। परिजनों ने उसी दिन इसकी शिकायत हैदरगढ़ कोतवाली में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं, जिससे परिवार में चिंता और भय का माहौल है। कोतवाली परिसर में धरने पर बैठे परिजन रविवार को बालिका का कोई सुराग न मिलने पर परिजनों का धैर्य टूट गया। गुस्साए परिजन पत्रकारों और स्थानीय लोगों के साथ कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी, कई टीमों का गठन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी समीर कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बालिका की तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन पहले ही कर दिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बालिका को बरामद कर लिया जाएगा। व्हाट्सएप कॉल पर मिली धमकी, से लगातार परिजनों की बढ़ी चिंता परिजनों के अनुसार, शनिवार को बालिका के चाचा को व्हाट्सएप कॉल के जरिए अज्ञात व्यक्ति ने धमकी दी। कॉल करने वाले ने पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस घटना के बाद परिवार किसी अनहोनी की आशंका को लेकर और ज्यादा चिंतित हो गया है। स्थानीय लोगों और नेताओं ने किया समर्थन धरने में कई स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। भाजपा नेता पंकज दीक्षित ने कहा कि लड़की को लापता हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। धरने में पंडित सिद्धार्थ अवस्थीअरूण, शुक्ला प्रधान त्रिवेदी गंज पंकज मिश्रा, समाजसेवी दीपू तिवारी, सोनू सिंह प्रधान बैजनाथ मौर्य सहित कई स्थानीय लोग और पत्रकार मौजूद रहे। रात 11बजे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस प्रशासन को कहीं बेटी का सुराग हाथ लगा है मौके पर एडीशनल एसपी समेत पुलिस सादी वर्दी में पहुंच रही है ज्ञात हुआ कि बेटी की फोटो को पुलिस ने परिजनों को दिखाया है। आप हमारे साथ बने रहिए अगली खबर अपडेट आप तक जरूर पहुचाई जायेगी।
तीन दिन बाद भी गुनगुन का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस, कोतवाली में ही धरने पर बैठे आक्रोशित परिजन; पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी बाराबंकी । जनपद के हैदरगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने के तीन दिन बाद भी सुराग न मिलने पर परिजनों ने कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने कई टीमों का गठन कर तलाश तेज कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी में बेटी की मिलने की मिली सुराग बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 मार्च 2026 बाराबंकी जिले के हैदर गढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग न मिलने से नाराज परिजन रविवार को शायं काल कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए। धरने में स्थानीय
पत्रकारों और कई संभ्रांत नागरिकों ने भी परिजनों का समर्थन किया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बालिका की बरामदगी की मांग की। परिजनों की माने तो 13 मार्च की शाम 4.30 घर के अन्दर हो रही बेटी हुई थी लापता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 13 मार्च की शाम कस्बे के पूरे मितई वार्ड निवासी पत्रकार नृपेंद्र तिवारी की 12 वर्षीय पुत्री गुनगुन घर के बाहर खेलते समय अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। परिजनों ने उसी दिन इसकी शिकायत हैदरगढ़ कोतवाली में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं, जिससे परिवार में चिंता और भय का माहौल है। कोतवाली परिसर में धरने पर बैठे परिजन रविवार को बालिका का कोई सुराग न मिलने पर परिजनों का धैर्य टूट गया। गुस्साए परिजन पत्रकारों और स्थानीय लोगों के
साथ कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी, कई टीमों का गठन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी समीर कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बालिका की तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन पहले ही कर दिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बालिका को बरामद कर लिया जाएगा। व्हाट्सएप कॉल पर मिली धमकी, से लगातार परिजनों की बढ़ी चिंता परिजनों के अनुसार, शनिवार को बालिका के चाचा को व्हाट्सएप कॉल के जरिए अज्ञात व्यक्ति ने धमकी दी। कॉल करने वाले ने पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस
घटना के बाद परिवार किसी अनहोनी की आशंका को लेकर और ज्यादा चिंतित हो गया है। स्थानीय लोगों और नेताओं ने किया समर्थन धरने में कई स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। भाजपा नेता पंकज दीक्षित ने कहा कि लड़की को लापता हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। धरने में पंडित सिद्धार्थ अवस्थीअरूण, शुक्ला प्रधान त्रिवेदी गंज पंकज मिश्रा, समाजसेवी दीपू तिवारी, सोनू सिंह प्रधान बैजनाथ मौर्य सहित कई स्थानीय लोग और पत्रकार मौजूद रहे। रात 11बजे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस प्रशासन को कहीं बेटी का सुराग हाथ लगा है मौके पर एडीशनल एसपी समेत पुलिस सादी वर्दी में पहुंच रही है ज्ञात हुआ कि बेटी की फोटो को पुलिस ने परिजनों को दिखाया है। आप हमारे साथ बने रहिए अगली खबर अपडेट आप तक जरूर पहुचाई जायेगी।
- तीन दिन बाद भी गुनगुन का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस, कोतवाली में ही धरने पर बैठे आक्रोशित परिजन; पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी बाराबंकी । जनपद के हैदरगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने के तीन दिन बाद भी सुराग न मिलने पर परिजनों ने कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने कई टीमों का गठन कर तलाश तेज कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी में बेटी की मिलने की मिली सुराग बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 मार्च 2026 बाराबंकी जिले के हैदर गढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालिका के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग न मिलने से नाराज परिजन रविवार को शायं काल कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए। धरने में स्थानीय पत्रकारों और कई संभ्रांत नागरिकों ने भी परिजनों का समर्थन किया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बालिका की बरामदगी की मांग की। परिजनों की माने तो 13 मार्च की शाम 4.30 घर के अन्दर हो रही बेटी हुई थी लापता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 13 मार्च की शाम कस्बे के पूरे मितई वार्ड निवासी पत्रकार नृपेंद्र तिवारी की 12 वर्षीय पुत्री गुनगुन घर के बाहर खेलते समय अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। परिजनों ने उसी दिन इसकी शिकायत हैदरगढ़ कोतवाली में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं, जिससे परिवार में चिंता और भय का माहौल है। कोतवाली परिसर में धरने पर बैठे परिजन रविवार को बालिका का कोई सुराग न मिलने पर परिजनों का धैर्य टूट गया। गुस्साए परिजन पत्रकारों और स्थानीय लोगों के साथ कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी, कई टीमों का गठन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी समीर कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बालिका की तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन पहले ही कर दिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बालिका को बरामद कर लिया जाएगा। व्हाट्सएप कॉल पर मिली धमकी, से लगातार परिजनों की बढ़ी चिंता परिजनों के अनुसार, शनिवार को बालिका के चाचा को व्हाट्सएप कॉल के जरिए अज्ञात व्यक्ति ने धमकी दी। कॉल करने वाले ने पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस घटना के बाद परिवार किसी अनहोनी की आशंका को लेकर और ज्यादा चिंतित हो गया है। स्थानीय लोगों और नेताओं ने किया समर्थन धरने में कई स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। भाजपा नेता पंकज दीक्षित ने कहा कि लड़की को लापता हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। धरने में पंडित सिद्धार्थ अवस्थीअरूण, शुक्ला प्रधान त्रिवेदी गंज पंकज मिश्रा, समाजसेवी दीपू तिवारी, सोनू सिंह प्रधान बैजनाथ मौर्य सहित कई स्थानीय लोग और पत्रकार मौजूद रहे। रात 11बजे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस प्रशासन को कहीं बेटी का सुराग हाथ लगा है मौके पर एडीशनल एसपी समेत पुलिस सादी वर्दी में पहुंच रही है ज्ञात हुआ कि बेटी की फोटो को पुलिस ने परिजनों को दिखाया है। आप हमारे साथ बने रहिए अगली खबर अपडेट आप तक जरूर पहुचाई जायेगी।4
- बाराबंकी चंद्रशेखर आजाद के मंच पर रिवाल्वर लगाकर पहुंचा युवक कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों ने युवक को मंच से उतारा कार्यकर्ताओं और युवक के बीच होता रहा हो-हल्ला युवक ने खुद को पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मी बताया पुलिस कर्मियों ने युवक को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी1
- जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के गौतमपुर गांव निवासी रंजीत चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और उनके परिवार के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने इस मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि युवक का यह वीडियो फेसबुक लाइव के दौरान सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस से शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो आरोपी युवक के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।1
- Post by Amar Bahadur1
- बाराबंकी राम सनेही घाट प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज़ा मामला बाराबंकी के रामसनेही घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज़ के साथ सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और दवा माफियाओं के साथ मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य बीमारी, भारी-भरकम बिल मरीज़, जिन्हें सिर्फ सर्दी और जुकाम की शिकायत थी, इलाज के लिए सीएचसी रामसनेही घाट पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें अस्पताल में मौजूद मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर की दुकानों से 470 रुपये की दवाएं लिख दीं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक मामूली सर्दी-जुकाम के लिए सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं? या फिर यह जानबूझकर गरीब मरीजों की जेब ढीली करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है? बुजुर्ग की बेबसी और डॉक्टरों की मनमानी वीडियो में बुजुर्ग मरीज़ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिखाया कि कैसे सर्दी-जुकाम और नाक बहने जैसी आम बीमारियों के लिए भी उन्हें निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठाती है, बल्कि उन सफेदपोशों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है जिन्हें जनता की सेवा के लिए तैनात किया गया है। क्या है असली खेल? यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों के आसपास फल-फूल रहे निजी मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों के बीच का ‘कमीशन का खेल’ किसी से छिपा नहीं है। 470 रुपये एक गरीब और बुजुर्ग व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम होती है, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों के लिए यह शायद उनके दैनिक मुनाफे का एक छोटा हिस्सा भर है। अधिकारियों की चुप्पी अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या रामसनेही घाट सीएचसी के ये डॉक्टर अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे, या इसी तरह गरीब मरीजों का शोषण जारी रहेगा? ऐसी और खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।1
- महोना में पासी समाज का भव्य होली मिलन समारोह | हजारों लोग हुए शामिल | विधायक योगेश शुक्ला रहे मुख्य1
- बाराबंकी।अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन द्वारा उप-निरीक्षक परीक्षा 2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से कराये जाने हेतु परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। रविवार को अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार द्वारा उप-निरीक्षक परीक्षा 2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराये जाने के दृष्टिगत थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत पीएम श्री राजकीय बालिका इण्टर कालेज व पीएम श्री राजकीय इण्टर कालेज परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार क्षेत्राधिकारी यातायात आलोक पाठक तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।1
- बाराबंकी। पुलिस/प्रशासन द्वारा धोखाधड़ी व जालसाजी करने वाले गिरोह के सरगना की अचल सम्पत्ति कीमत लगभग 01 करोड़ 17 लाख 30 हजार (1,17,30,000/- रु0) को धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय द्वारा जनपद में संगठित होकर अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में गैंगस्टर एक्ट के तहत इनके द्वारा अपराध से स्वयं एवं परिजनों के नाम पर अर्जित चल/अचल सम्पत्तियों को जिलाधिकारी बाराबंकी के आदेश के अनुक्रम में जब्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना फतेहपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 543/2025 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम पुत्र स्व0 लल्लन हुसैन निवासी ग्राम सिहाली थाना फतेहपुर जनपद बाराबंकी तथा गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्य अभियुक्त मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद असलम निवासी ग्राम सिहाली थाना फतेहपुर जनपद बाराबंकी के साथ मिलकर आर्थिक, भौतिक एवं दुनियावी लाभ हेतु जनता के लोगों के साथ छल कपट, कूटरचना, धोखाधड़ी व जालसाजी कर सम्पत्ति हड़पने जैसे जघन्य अपराध कारित किए जाने में लिप्त हैं। इस गिरोह द्वारा कारित किए गए आपराधिक कृत्यों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम द्वारा थाना फतेहपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सिहाली में स्वयं के नाम पर भिन्न-भिन्न गाटा संख्याओं में क्रय की गई अचल सम्पत्ति कीमत लगभग 01 करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपये को थाना मोहम्मदपुर खाला पुलिस द्वारा चिन्हित कर श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी को आख्या प्रेषित की गई थी। इसी क्रम में अन्तर्गत धारा 14(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी द्वारा कुर्की का आदेश निर्गत किया गया, जिसे दिनांक- 14.03.2026 को थाना मोहम्मदपुर खाला पुलिस व प्रशासन द्वारा अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम की अचल सम्पत्ति कीमत लगभग 01 करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपये/- की सम्पत्ति को कुर्क किया गया। इसी के साथ ही बाराबंकी पुलिस द्वारा लगातार गिरोह बनाकर धोखाधड़ी व जालसाजी करके सम्पत्ति हड़पने जैसे आपराधिक कृत्य कारित करने वाले अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उनके द्वारा अपराध से धनोपार्जन कर अर्जित की गयी चल/अचल सम्पत्ति को चिन्हित कर राज्य के पक्ष में कुर्क कराए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलित है।1