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मऊगंज में अवैध खनन का काला साम्राज्य: कैमरे के सामने बेनकाब, कानून को खुली चुनौती। एनजीटी के आदेश बेअसर, खनन माफिया बेलगाम: मऊगंज के पहाड़ों से यूपी-बिहार तक चल रहा पत्थर का काला खेल। दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानें: जंगल उजड़ रहे, पहाड़ हो रहे खोखले, सरकार को करोड़ों का चूना। दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.8965074130

7 hrs ago
user_Lavkesh singh
Lavkesh singh
Media Consultant मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

मऊगंज में अवैध खनन का काला साम्राज्य: कैमरे के सामने बेनकाब, कानून को खुली चुनौती। एनजीटी के आदेश बेअसर, खनन माफिया बेलगाम: मऊगंज के पहाड़ों से यूपी-बिहार तक चल रहा पत्थर का काला खेल। दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानें: जंगल उजड़ रहे, पहाड़ हो रहे खोखले, सरकार को करोड़ों का चूना। दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.8965074130

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  • मऊगंज में अवैध खनन का काला साम्राज्य: कैमरे के सामने बेनकाब, कानून को खुली चुनौती। एनजीटी के आदेश बेअसर, खनन माफिया बेलगाम: मऊगंज के पहाड़ों से यूपी-बिहार तक चल रहा पत्थर का काला खेल। दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानें: जंगल उजड़ रहे, पहाड़ हो रहे खोखले, सरकार को करोड़ों का चूना। दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.8965074130
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    मऊगंज में अवैध खनन का काला साम्राज्य: कैमरे के सामने बेनकाब, कानून को खुली चुनौती।
एनजीटी के आदेश बेअसर, खनन माफिया बेलगाम: मऊगंज के पहाड़ों से यूपी-बिहार तक चल रहा पत्थर का काला खेल। दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानें: जंगल उजड़ रहे, पहाड़ हो रहे खोखले, सरकार को करोड़ों का चूना।
दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ 
मो.8965074130
    user_Lavkesh singh
    Lavkesh singh
    Media Consultant मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Vinay singh parihar
    3
    Post by Vinay singh parihar
    user_Vinay singh parihar
    Vinay singh parihar
    Bus and coach company सिहावल, सीधी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रीवा। जिले के मनगवां थाने में की गई एनडीपीएस एक्ट एवं औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई के दौरान प्राप्त शिकायत पर पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में आचरण संदिग्ध और प्रथम दृष्टया भ्रष्ट पाए जाने पर कार्यवाहक निरीक्षक सहित दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों—गौरव राजपूत (पुलिस महानिरीक्षक), हेमंत चौहान (डीआईजी), शैलेन्द्र सिंह चौहान (पुलिस अधीक्षक) एवं संदीप मिश्रा (प्रभारी एसपी)—के निर्देशन में की गई जांच के बाद सामने आई है। क्या है मामला? जानकारी के अनुसार, थाना मनगवां में एनडीपीएस एक्ट और 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में कार्रवाई की प्रक्रिया, जब्ती एवं अन्य बिंदुओं को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव एवं आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया संदिग्ध एवं भ्रष्ट पाया गया। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। “30 के खेला” से पहले भी कार्रवाई पुलिस विभाग में यह कोई पहला मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी कथित “30 के खेला” जैसे मामलों में कई पुलिस कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। विभागीय स्तर पर समय-समय पर ऐसे मामलों में जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाती रही है। सख्त संदेश इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट संकेत है कि अवैध वसूली, भ्रष्ट आचरण या संदिग्ध कार्यप्रणाली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे क्या? निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय दंड के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई संभव है। रीवा जिले में इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है और इसे प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। आमजन में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि भ्रष्टाचार या संदिग्ध कार्यप्रणाली के खिलाफ अब उच्च स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।
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    रीवा। जिले के मनगवां थाने में की गई एनडीपीएस एक्ट एवं औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई के दौरान प्राप्त शिकायत पर पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में आचरण संदिग्ध और प्रथम दृष्टया भ्रष्ट पाए जाने पर कार्यवाहक निरीक्षक सहित दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों—गौरव राजपूत (पुलिस महानिरीक्षक), हेमंत चौहान (डीआईजी), शैलेन्द्र सिंह चौहान (पुलिस अधीक्षक) एवं संदीप मिश्रा (प्रभारी एसपी)—के निर्देशन में की गई जांच के बाद सामने आई है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, थाना मनगवां में एनडीपीएस एक्ट और 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में कार्रवाई की प्रक्रिया, जब्ती एवं अन्य बिंदुओं को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव एवं आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया संदिग्ध एवं भ्रष्ट पाया गया। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
“30 के खेला” से पहले भी कार्रवाई
पुलिस विभाग में यह कोई पहला मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी कथित “30 के खेला” जैसे मामलों में कई पुलिस कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। विभागीय स्तर पर समय-समय पर ऐसे मामलों में जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाती रही है।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट संकेत है कि अवैध वसूली, भ्रष्ट आचरण या संदिग्ध कार्यप्रणाली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या?
निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय दंड के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई संभव है।
रीवा जिले में इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है और इसे प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। आमजन में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि भ्रष्टाचार या संदिग्ध कार्यप्रणाली के खिलाफ अब उच्च स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • रेलवे स्टेशन की पार्किंग बनी युद्ध का मैदान रीवा के चौराहा थाना क्षेत्र स्थित रेलवे स्टेशन की पार्किंग में अवैध वसूली और मारपीट के आरोपों को लेकर बुधवार सुबह हंगामा हो गया। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार के कर्मचारी पिक एंड ड्रॉप के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं और पैसे न देने पर वाहन चालकों से मारपीट की जा रही है। पूर्व विधायक ने कहा कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन में पिक एंड ड्रॉप के लिए 20 मिनट की समय सीमा है, जबकि रीवा में केवल 5 मिनट का समय दिया जा रहा है। उन्होंने अलग-अलग स्टेशनों पर अलग मानक तय किए जाने पर सवाल उठाए। धरने के दौरान कुछ कर्मचारी बिना वर्दी और आई कार्ड के दिखाई दिए। इस पर भी आपत्ति जताई गई। वहीं ठेकेदार पक्ष का कहना है कि वसूली रेलवे कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार की जा रही है और सभी कर्मचारी यूनिफॉर्म व आई कार्ड में हैं। मौके पर पकड़े गए एक कर्मचारी ने कैमरे पर खुद को छुट्टी पर होने की बात कही। बाइट01- सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक मऊगंज 02- सत्येंद्र कुमार मिश्रा पार्किंग ठेकेदार 03- आयुष, पार्किंग ठेकेदार का कर्मचारी 04- ऑटो चालक
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    रेलवे स्टेशन की पार्किंग बनी युद्ध का मैदान
रीवा के चौराहा थाना क्षेत्र स्थित रेलवे स्टेशन की पार्किंग में अवैध वसूली और मारपीट के आरोपों को लेकर बुधवार सुबह हंगामा हो गया। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार के कर्मचारी पिक एंड ड्रॉप के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं और पैसे न देने पर वाहन चालकों से मारपीट की जा रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन में पिक एंड ड्रॉप के लिए 20 मिनट की समय सीमा है, जबकि रीवा में केवल 5 मिनट का समय दिया जा रहा है। उन्होंने अलग-अलग स्टेशनों पर अलग मानक तय किए जाने पर सवाल उठाए।
धरने के दौरान कुछ कर्मचारी बिना वर्दी और आई कार्ड के दिखाई दिए। इस पर भी आपत्ति जताई गई। वहीं ठेकेदार पक्ष का कहना है कि वसूली रेलवे कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार की जा रही है और सभी कर्मचारी यूनिफॉर्म व आई कार्ड में हैं। मौके पर पकड़े गए एक कर्मचारी ने कैमरे पर खुद को छुट्टी पर होने की बात कही।
बाइट01- सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक मऊगंज
02- सत्येंद्र कुमार मिश्रा पार्किंग ठेकेदार
03- आयुष, पार्किंग ठेकेदार का कर्मचारी
04- ऑटो चालक
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • प्रयागराज जनपद के कौंधियारा थाना परिसर में रमजान और होली पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने की, जबकि थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के पत्रकार, ग्राम प्रधान, गणमान्य नागरिक एवं अन्य संभ्रांत लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखना था। अधिकारियों ने कहा कि रमजान और होली आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन त्योहारों को मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ संदेशों से दूर रहें। एसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेष रूप से शराब पीकर हुड़दंग करने, अशांति फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था की गई।
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    प्रयागराज जनपद के कौंधियारा थाना परिसर में रमजान और होली पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने की, जबकि थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के पत्रकार, ग्राम प्रधान, गणमान्य नागरिक एवं अन्य संभ्रांत लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखना था। अधिकारियों ने कहा कि रमजान और होली आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन त्योहारों को मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ संदेशों से दूर रहें।
एसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेष रूप से शराब पीकर हुड़दंग करने, अशांति फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था की गई।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हनुमान जी की प्रतिमा को खंडित करने का प्रयास, सोहागी पुलिस द्वारा आगे की कार्यवाही जारी
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    हनुमान जी की प्रतिमा को खंडित करने का प्रयास, सोहागी पुलिस द्वारा आगे की कार्यवाही जारी
    user_Ishu kesharwani
    Ishu kesharwani
    त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत  फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Bahari, Sidhi•
    5 hrs ago
  • मऊगंज/हनुमना। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में अवैध खनन का काला कारोबार अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। मीडिया की पड़ताल में हनुमना क्षेत्र के लोढ़ी सहित दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानों का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जहां पहाड़ों को चीरकर पत्थर की चीप, पटिया और ढोका का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं कि किस तरह जंगलों और पहाड़ों को छलनी कर दिया गया है। जहां नजर डालो, वहां गहरी खाइयां, टूटे पहाड़ और उजड़े वन क्षेत्र दिखाई देते हैं। भारी मशीनों से पत्थर निकाले जा रहे हैं और ट्रकों में भरकर उत्तरप्रदेश और बिहार तक सप्लाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा खेल अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है। एनजीटी के आदेश बेअसर, माफिया बेलगाम पर्यावरणीय नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग का अमला दबाव में बताया जा रहा है, जबकि खनिज विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो अवैध खनन में लगी मशीनें अचानक बंद कर दी गईं। कुछ ही देर में मशीनें हटाने की कोशिश की गई और मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। लेकिन इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित खनन माफियाओं द्वारा मीडिया टीम के साथ झूमाझटकी की गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सुरक्षा के मद्देनजर टीम को वहां से निकलना पड़ा। यह घटना दर्शाती है कि अवैध खनन का संगठित और प्रभावशाली नेटवर्क सक्रिय है, जो कानून को खुली चुनौती दे रहा है। करोड़ों के राजस्व का नुकसान, प्रशासन पर सवाल हनुमना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित इन सैकड़ों खदानों से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, कार्रवाई कागजों तक सीमित नजर आती है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इन अवैध खदानों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही है या फिर दबाव? सांसद का सख्त संदेश जनार्दन मिश्रा (रीवा सांसद) ने अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को उनकी सही जगह भेजा जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि खनन माफिया नहीं रुके तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। सांसद ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिवक्ता ने की उच्चस्तरीय शिकायत वरिष्ठ अधिवक्ता बी.के. माला ने इस पूरे मामले की शिकायत मऊगंज कलेक्टर से लेकर रीवा संभाग के आयुक्त तक की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पत्थर का उत्खनन हो रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व क्षति और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। बी.के. माला का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने अवैध खदानों की तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों में भय, पर्यावरण पर संकट ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी महिलाओं ने भी भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात कही है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विस्फोट और मशीनों की आवाज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं जलस्रोतों पर भी असर पड़ रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मऊगंज के पहाड़ और जंगल पूरी तरह खोखले हो सकते हैं। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है। क्या अवैध उत्खनन के इस काले साम्राज्य पर लगाम लगेगी या फिर मऊगंज के पहाड़ यूं ही उजड़ते रहेंगे?
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    मऊगंज/हनुमना। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में अवैध खनन का काला कारोबार अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। मीडिया की पड़ताल में हनुमना क्षेत्र के लोढ़ी सहित दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानों का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जहां पहाड़ों को चीरकर पत्थर की चीप, पटिया और ढोका का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।
तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं कि किस तरह जंगलों और पहाड़ों को छलनी कर दिया गया है। जहां नजर डालो, वहां गहरी खाइयां, टूटे पहाड़ और उजड़े वन क्षेत्र दिखाई देते हैं। भारी मशीनों से पत्थर निकाले जा रहे हैं और ट्रकों में भरकर उत्तरप्रदेश और बिहार तक सप्लाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा खेल अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है।
एनजीटी के आदेश बेअसर, माफिया बेलगाम
पर्यावरणीय नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग का अमला दबाव में बताया जा रहा है, जबकि खनिज विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो अवैध खनन में लगी मशीनें अचानक बंद कर दी गईं। कुछ ही देर में मशीनें हटाने की कोशिश की गई और मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। लेकिन इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित खनन माफियाओं द्वारा मीडिया टीम के साथ झूमाझटकी की गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सुरक्षा के मद्देनजर टीम को वहां से निकलना पड़ा।
यह घटना दर्शाती है कि अवैध खनन का संगठित और प्रभावशाली नेटवर्क सक्रिय है, जो कानून को खुली चुनौती दे रहा है।
करोड़ों के राजस्व का नुकसान, प्रशासन पर सवाल
हनुमना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित इन सैकड़ों खदानों से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, कार्रवाई कागजों तक सीमित नजर आती है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर इन अवैध खदानों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही है या फिर दबाव?
सांसद का सख्त संदेश
जनार्दन मिश्रा (रीवा सांसद) ने अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को उनकी सही जगह भेजा जाएगा।
उन्होंने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि खनन माफिया नहीं रुके तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। सांसद ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिवक्ता ने की उच्चस्तरीय शिकायत
वरिष्ठ अधिवक्ता बी.के. माला ने इस पूरे मामले की शिकायत मऊगंज कलेक्टर से लेकर रीवा संभाग के आयुक्त तक की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पत्थर का उत्खनन हो रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व क्षति और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।
बी.के. माला का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने अवैध खदानों की तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में भय, पर्यावरण पर संकट
ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी महिलाओं ने भी भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात कही है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विस्फोट और मशीनों की आवाज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं जलस्रोतों पर भी असर पड़ रहा है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मऊगंज के पहाड़ और जंगल पूरी तरह खोखले हो सकते हैं।
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है। क्या अवैध उत्खनन के इस काले साम्राज्य पर लगाम लगेगी या फिर मऊगंज के पहाड़ यूं ही उजड़ते रहेंगे?
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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