जलवायु परिवर्तन से फसलों पर होने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए दिल्ली से दल ने आकर ग्रामों का भ्रमण शाजापुर - संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ.ए.ओ.) के दल द्वारा आज मंगलवार दोपहर 3 बजे के करीब दिल्ली से आकर शाजापुर जिले में जलवायु परिवर्तन से फसलों पर होने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए विकासखण्ड शाजापुर के ग्राम सुनेरा एवं पनवाडी में भ्रमण किया गया। दल द्वारा कृषि वानिकी एवं उद्यानिकी के अन्तर्गत आने वाली बहुवर्षीय फसलों पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों के बारे में खेतों पर उपस्थित होकर विस्तृत अध्ययन एवं किसानों से चर्चा की गई। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने बताया कि उक्त भ्रमण दल का उद्देश्य ग्रीन क्लायमेट फण्ड (जी. सी. एफ.) के तहत चलने वाले प्रोजेक्ट के लिए मुख्य रूप से लघु एवं सीमात कृषकों द्वारा उगाई जाने वाली बहुवर्षीय फसलों पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभाव जैसे- फसल वृद्धि, उत्पादन, कीट व्याधि आदि पर अध्ययन करना है । भ्रमण दल के प्रभारी रिटायर्ड आई.ए.एस. आर. बी. सिन्हा, सीनियर एडवाइजर, खाद्य एवं कृषि संगठन के द्वारा किसानों से उनकी फसलों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। उक्त दल में डॉ. सुविधा पटेल, अर्थशास्त्री तथा सुश्री संजना दास, रिसर्च एसोसिएट द्वारा भी कृषकों को जलवायु परिवर्तन के अनुसार फसल पद्धति, नवीन तकनीकी अपनाने एवं फसलों के लाभ लागत अनुपात पर चर्चा की गई। दल द्वारा ग्राम सुनेरा के कृषक श्री धर्मेन्द्र धाकड़ के खेत पर लगी हुई संतरा के साथ गेहूं की फसल एवं ग्राम पनवाडी के कृषक श्री जुगल किशोर पाटीदार के खेत पर लगी हुई अमरूद के साथ अदरक एवं हल्दी फसल का अवलोकन एवं अध्ययन के लिए जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर उप संचालक कृषि, उप संचालक उद्यानिकी के साथ वन विभाग एवं अन्य कृषि से संबंधित विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय कृषक उपस्थित थे।
जलवायु परिवर्तन से फसलों पर होने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए दिल्ली से दल ने आकर ग्रामों का भ्रमण शाजापुर - संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ.ए.ओ.) के दल द्वारा आज मंगलवार दोपहर 3 बजे के करीब दिल्ली से आकर शाजापुर जिले में जलवायु परिवर्तन से फसलों पर होने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए विकासखण्ड शाजापुर के ग्राम सुनेरा एवं पनवाडी में भ्रमण किया गया। दल द्वारा कृषि वानिकी एवं उद्यानिकी के अन्तर्गत आने वाली बहुवर्षीय फसलों पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों के बारे में खेतों पर उपस्थित होकर विस्तृत अध्ययन एवं किसानों से चर्चा की गई। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने बताया कि उक्त भ्रमण दल का उद्देश्य ग्रीन क्लायमेट फण्ड (जी. सी. एफ.) के तहत चलने वाले प्रोजेक्ट के लिए मुख्य रूप से लघु एवं सीमात कृषकों द्वारा उगाई जाने वाली बहुवर्षीय फसलों पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभाव जैसे- फसल वृद्धि, उत्पादन, कीट व्याधि आदि पर अध्ययन करना है । भ्रमण दल के प्रभारी रिटायर्ड आई.ए.एस. आर. बी. सिन्हा, सीनियर एडवाइजर, खाद्य एवं कृषि संगठन के द्वारा किसानों से उनकी फसलों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। उक्त दल में डॉ. सुविधा पटेल, अर्थशास्त्री तथा सुश्री संजना दास, रिसर्च एसोसिएट द्वारा भी कृषकों को जलवायु परिवर्तन के अनुसार फसल पद्धति, नवीन तकनीकी अपनाने एवं फसलों के लाभ लागत अनुपात पर चर्चा की गई। दल द्वारा ग्राम सुनेरा के कृषक श्री धर्मेन्द्र धाकड़ के खेत पर लगी हुई संतरा के साथ गेहूं की फसल एवं ग्राम पनवाडी के कृषक श्री जुगल किशोर पाटीदार के खेत पर लगी हुई अमरूद के साथ अदरक एवं हल्दी फसल का अवलोकन एवं अध्ययन के लिए जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर उप संचालक कृषि, उप संचालक उद्यानिकी के साथ वन विभाग एवं अन्य कृषि से संबंधित विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय कृषक उपस्थित थे।
- Post by KailasLaxmanvalvi kailasLaxmanvalvi1
- शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय अनुपम नालमे को 20 मार्च को घर पर अचानक सीवियर ब्रेन हेमरेज हुआ था। हालत गंभीर होने पर पहले उन्हें वी-वन हॉस्पिटल और फिर 22 मार्च को इंदौर के सीएचएल केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने दो बार जांच के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद मुस्कान ग्रुप के सेवादारों की काउंसलिंग से प्रेरित होकर परिवार ने बड़ा फैसला लेते हुए अंगदान की सहमति दी। मंगलवार को इंदौर में बने 67वें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से उनका लिवर और दोनों किडनी तीन जरूरतमंद मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए। सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती 44 और 34 वर्षीय महिलाओं को लिवर और एक किडनी प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी ग्रीन कॉरिडोर के जरिए शैल्बी हॉस्पिटल पहुंचाकर 39 वर्षीय पुरुष को लगाई गई। अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुपम नालमे को शहीदों जैसा सम्मान देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जिसमें उनके परिजन और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के आगर मालवा में पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाह फैलते ही लोगों में हड़कंप मच गया। अफवाह का असर ऐसा रहा कि शहर के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग जल्द से जल्द ईंधन भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर खबरें वायरल हुईं, जिसके बाद अचानक मांग बढ़ गई। हालात ऐसे बन गए कि कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना घबराहट के जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि अफवाहें किस तरह आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक परेशानी पैदा कर सकती हैं।1
- Post by Dilip pilet Pilet1
- माननीय मुख्यमंत्री जी मध्य प्रदेश शासन एवं प्रशासन से विनम्र अनुरोध किया जाता है कि टीईटी परीक्षा को निरस्त करवाने की कृपा करें क्योंकि समस्त मध्य प्रदेश के शिक्षक शिक्षिकाएं एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पास नौकरी के अलावा किसी प्रकार का कोई और सहारा नहीं है मध्य प्रदेश की समस्त शिक्षक शिक्षाओं के परिवार की ओर से विनम्र अनुरोध किया जाता है कि टीईटी परीक्षा को निरस्त करवाने की कृपा करें बस यही विनम्र अनुरोध है1
- Post by Sanju Seth1
- शाजापुर - एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने सभी विभागों के समन्वय प्रयास से शतप्रतिशत 14 वर्ष की बालिकाओं का एच.पी.वी. वेक्सीन की मॉनिटरिंग एवं आवंटित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका/नगर पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नामांकित किया हैं। लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए प्रत्येक सप्ताह के बुधवार एवं शुक्रवार को स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जनपद पंचायत शाजापुर में जिला चिकित्सालय शाजापुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सुन्दरगढ़, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मक्सी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेरछा में शिविर लगाए जायेंगे। इसी तरह जनपद पंचायत शुजालपुर में सिविल हॉस्पिटल शुजालपुर मण्डी, सिविल हॉस्पिटल अकोदिया मण्डी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोलायकलां, जनपद पंचायत कालापीपल में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कालापीपल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अरनियाकलां एवं प्राथमिक स्वास्थ्य खोंकराकला तथा जनपद पंचायत मो. बड़ोदिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मो. बड़ोदिया, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुलाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मोहना एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दुपाड़ा में शिविर लगाए जायेंगे। इसी को लेकर आज मंगलवार दोपहर 2 बजे ब्लाक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर आरसी चक्रवर्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहन बड़ोदिया ब्लाक में कुल 297 बालिकाओं को टीके लगाए गए है, जिनमें मोहन बड़ोदिया सीएचसी पर 157,दुपाड़ा में 30,मोहना में 60 और गुलाना में 50 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया है ।1
- आगर मालवा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय आगर मालवा में सड़क दुर्घटना प्रबंधन, नगदी रहित उपचार योजना, राहवीर योजना एवं e-DAR (FAR/IAR/DAR) प्रविष्टियों पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने “गोल्डन ऑवर” में त्वरित उपचार के महत्व पर जोर देते हुए अधिकारियों को समयबद्ध व पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में e-DAR प्रक्रिया, कैशलेस इलाज व्यवस्था एवं घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन (राहवीर योजना) की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के साथ अस्पतालों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह पहल सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता व बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।1
- राजगढ़ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा जारी आदेश (अंतर्गत धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के पालन में मंगलवार को ग्राम नरानिया, पटवारी हल्का क्रमांक 16 में निरीक्षण के दौरान नरवाई जलाने की घटना पाई गई। साथ ही निरीक्षण में पाया गया कि ग्राम नरानिया निवासी कृषक रामचंद्र पिता देवीलाल (जाति – बलाई) की कृषि भूमि, जो ग्राम पीपलोद सीमा के सर्वे क्रमांक 2/1, रकबा 0.852 हेक्टेयर में स्थित है, पर बोई गई गेहूं की फसल के अवशेष (नरवाई) जलाए गए हैं। उक्त स्थल पर नरवाई जलाने की घटना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है, जो कि प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशानुसार नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। आदेश के उल्लंघन पर निम्नानुसार दंड प्रावधान लागू किया गया है। जिनमें 2 एकड़ से कम भूमि धारक पर 2500 रूपये प्रति घटना, 2 से 5 एकड़ भूमि धारक पर 5 हजार रूपये प्रति घटना तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि धारक पर 15 हजार रूपये प्रति घटना है। उक्त प्रकरण में संबंधित कृषक की भूमि 2 एकड़ से कम होने के कारण 2500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा निर्देशित किया गया है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर पूर्णतः रोक लगाई जाए तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी। जिला प्रशासन ने समस्त कृषकों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करें। @Jansampark Madhya Pradesh1