भगवान परशुराम की जयंती भव्यता पूर्वक मनाने को लेकर मानपुर में हुई सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक। *19 अप्रैल को मानपुर में बड़ी ही धूमधाम से भव्यता पूर्वक मनाया जाएगा भगवान् परशुराम जयंती समारोह।* (आशुतोष त्रिपाठी/ जनचिंगारी-उमरिया) मानपुर नगर मुख्यालय की ऐतिहासिक धर्मस्थली पुरानी बाजार स्थित महाकाली मंदिर प्रांगण में श्री हरि अवतार भगवान परशुराम जी का जयंती समारोह आगामी 19 अप्रैल को भव्यता पूर्वक मनाने को लेकर सर्व विप्र समाज की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई।जिसमें बल्हौंड़ से बाबा रामसुमिरन, प्रशांत द्विवेदी,विनय-बिन्नू तिवारी,छपडौर से पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी,प्रदीप कुमार तिवारी,एडवोकेट अरविन्द चतुर्वेदी, उत्तम तिवारी, बडखेरा से हरिहर चतुर्वेदी सहित मानपुर से ओमप्रकाश द्विवेदी ओपी भैय्या,पं.शारदा प्रसाद गौतम,अरुण कुमार त्रिपाठी, अमरराम शुक्ल,लक्ष्मी नारायण,लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी, शिवनारायण तिवारी,दिनेश प्रसाद गौतम, संजय त्रिपाठी,श्रीप्रकाश त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी,आदित्य पांडे,कमलेश तिवारी,पं.अंबिका प्रसाद प्यासी,एडवोकेट कुशलेन्द्र तिवारी अनिरुद्ध मिश्र ,उदय गौतम ,रामप्रकाश तिवारी, ब्रह्मभट्ट राजनारायण उर्फ पुच्चू आदि भारी तादाद में स्थानीय एवं क्षेत्रीय विप्रजन उपस्थित रहे।इस बैठक में गत वर्ष के कार्यक्रम की गहन समीक्षा उपरांत समाज की ओर से शव संरक्षण हेतु समाज की ओर से एक डीप फ्रीजर लेने की बात कही गई साथ ही आगामी परशुराम जयंती समारोह 19 अप्रैल की रुपरेखा तैयार करते हुए दोपहर पूजन अर्चन उपरांत भव्य शोभायात्रा स्थानीय स्टेडियम से नगर भ्रमण हेतु निकाले जाने का निर्णय लिया गया।शोभा यात्रा के समापन उपरांत महा आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ।बैठक में सर्वसम्मति से भगवान परशुराम जयंती समारोह आयोजन समिति का अध्यक्ष पंडित शिवनारायण तिवारी को चुना गया तथा वरिष्ठ विप्रजन को मार्गदर्शन हेतु संरक्षण मंडल सदस्य मनोनीत किया गया और कार्यक्रम को गरीमामई बनाने का निर्णय लिया गया।इस दौरान पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी, ओपी द्विवेदी,शारदा प्रसाद गौतम, प्रशांत द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण शुक्ल, लखनलाल त्रिपाठी,अरुण कुमार त्रिपाठी और बाबा रामसुमिरन आदि ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संबोधित किया।
भगवान परशुराम की जयंती भव्यता पूर्वक मनाने को लेकर मानपुर में हुई सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक। *19 अप्रैल को मानपुर में बड़ी ही धूमधाम से भव्यता पूर्वक मनाया जाएगा भगवान् परशुराम जयंती समारोह।* (आशुतोष त्रिपाठी/ जनचिंगारी-उमरिया) मानपुर नगर मुख्यालय की ऐतिहासिक धर्मस्थली पुरानी बाजार स्थित महाकाली मंदिर प्रांगण में श्री हरि अवतार भगवान परशुराम जी का जयंती समारोह आगामी 19 अप्रैल को भव्यता पूर्वक मनाने को लेकर सर्व विप्र समाज की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई।जिसमें बल्हौंड़ से बाबा रामसुमिरन, प्रशांत द्विवेदी,विनय-बिन्नू तिवारी,छपडौर से पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी,प्रदीप कुमार तिवारी,एडवोकेट अरविन्द चतुर्वेदी, उत्तम तिवारी, बडखेरा से हरिहर चतुर्वेदी सहित मानपुर से ओमप्रकाश द्विवेदी ओपी भैय्या,पं.शारदा प्रसाद गौतम,अरुण कुमार त्रिपाठी, अमरराम शुक्ल,लक्ष्मी नारायण,लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी, शिवनारायण तिवारी,दिनेश प्रसाद गौतम, संजय त्रिपाठी,श्रीप्रकाश त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी,आदित्य पांडे,कमलेश तिवारी,पं.अंबिका प्रसाद प्यासी,एडवोकेट
कुशलेन्द्र तिवारी अनिरुद्ध मिश्र ,उदय गौतम ,रामप्रकाश तिवारी, ब्रह्मभट्ट राजनारायण उर्फ पुच्चू आदि भारी तादाद में स्थानीय एवं क्षेत्रीय विप्रजन उपस्थित रहे।इस बैठक में गत वर्ष के कार्यक्रम की गहन समीक्षा उपरांत समाज की ओर से शव संरक्षण हेतु समाज की ओर से एक डीप फ्रीजर लेने की बात कही गई साथ ही आगामी परशुराम जयंती समारोह 19 अप्रैल की रुपरेखा तैयार करते हुए दोपहर पूजन अर्चन उपरांत भव्य शोभायात्रा स्थानीय स्टेडियम से नगर भ्रमण हेतु निकाले जाने का निर्णय लिया गया।शोभा यात्रा के समापन उपरांत महा आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ।बैठक में सर्वसम्मति से भगवान परशुराम जयंती समारोह आयोजन समिति का अध्यक्ष पंडित शिवनारायण तिवारी को चुना गया तथा वरिष्ठ विप्रजन को मार्गदर्शन हेतु संरक्षण मंडल सदस्य मनोनीत किया गया और कार्यक्रम को गरीमामई बनाने का निर्णय लिया गया।इस दौरान पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी, ओपी द्विवेदी,शारदा प्रसाद गौतम, प्रशांत द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण शुक्ल, लखनलाल त्रिपाठी,अरुण कुमार त्रिपाठी और बाबा रामसुमिरन आदि ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संबोधित किया।
- *अमरपुर शराब ठेकेदार के गुर्गों की घुसपैठ नाकाम: सुखदाश के युवाओं ने दिखाया साहस, प्रशासन फिर भी खामोश* उमरिया जिले के ग्राम सुखदाश में अवैध शराब के खिलाफ जनजागरण अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार को अमरपुर शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार लक्ष्मी जयसवाल के कथित गुर्गे गांव में अवैध शराब की पैकारी पहुंचाने पहुंचे, लेकिन इस बार उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गांव के जागरूक युवाओं ने न सिर्फ इस अवैध खेप का विरोध किया, बल्कि मौके पर ही उन्हें वापस लौटा दिया। युवाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी—“हम अपने गांव को नशे का अड्डा नहीं बनने देंगे, चाहे इसके लिए हमें कितनी भी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।” सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार ठेकेदार के गुर्गे इतनी बेखौफ होकर गांव-गांव अवैध शराब कैसे पहुंचा रहे हैं? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। लंबे समय से सुखदाश और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की पैकारी की शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती है।अब जबकि गांव के युवाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है, प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।1
- *मधुमक्खियों के हमले से वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत,खेत में तोड़ा दम* उमरिया //इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पनपथा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,जहां खेत पर गेहूं की कटाई करने गए एक वृद्ध किसान की मधुमक्खियों के हमले से मौत हो गई।घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार,गोविंद जायसवाल पिता चुनई जायसवाल उम्र 65 वर्ष,अपने घर से कुछ दूरी पर मौजूद सोसायटी के करीब खेत में काम करने गए थे।खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।अचानक छत्ते से निकली मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और उन्होंने गोविंद पर हमला कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,मधुमक्खियों ने वृद्ध के शरीर पर झुंड बनाकर हमला किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। हमले के दौरान गोविंद काफी देर तक मदद के लिए चिल्लाते रहे,लेकिन सुनसान जगह होने के कारण समय पर कोई सहायता नहीं पहुंच सकी।अत्यधिक डंक लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना बाद में उनके घर,जो हाईस्कूल के पास स्थित है,पहुंची। खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- उमरिया जिले के पठरी ग्राम पंचायत के 20 वार्ड में पानी का संकट चरम पर है हर साल कोई ना कोई अपनी समस्या लेकर शासन प्रशासन से अपनी गुहार लगाकर थाक के मायूस हो रहे हैं कि अब हमारी सुनने वाला कोई नहीं वह अपना जीवन यापन भगवान भरोसे करते हैं क्योंकि पानी जीवन के लिए बहुत जरूरी चीज है सरकार भी कहती है हर घर नल जल योजना लाई थी लेकिन वह भी कागज पर पानी दिखा रही है क्योंकि सरकार के अनुमान दे वादा तो करते हैं कहते भी है कि 2 साल के अंदर आपके घर में पानी होगा फिर वह 5 साल से दिखाई नहीं दिए नहीं कभी अपना चेहरा दिखाए4
- Post by Angad Tiwari1
- आगजनी से निपटने रेलवे स्टेशन ब्योहारी मे नहीं है कोई पुक्ता इंतजाम ब्योहारी। भारतीय रेलवे में ट्रैक मशीन स्टाफ के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई कार्यशाला सह आराम वैन (Workshop cum Rest Van) को कैंपिंग कोच (Camping Coach) कहा जाता है। यह कोच पटरियों के रखरखाव (track maintenance) करने वाले कर्मचारियों के लिए एक चलता-फिरता घर और कार्यशाला होती है, जिसमें रहने के साथ-साथ आवश्यक औजारों (tools) की मरम्मत की सुविधा भी होती है। इसमें लंबी ड्यूटी के दौरान, विशेषकर दूर दराज के क्षेत्रों में काम करते समय, ट्रैक मशीन स्टाफ के लिए आराम, खाना पकानेऔर रहने की व्यवस्था होती है। आज दोपहर रेलवे स्टेशन ब्योहारी मे ख़डी कैमपिंग कोच के एक बोगी मे अचानक आग लग गयी और वह धू धू कर जलने लगा और अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला । आग किस कारण और कैसे लगी उसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। आन फान मे उस बोगी को अलग किया गया और नगर परिषद ब्योहारी को फोन कर फायर बिग्रेड बुलाया गया इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों के काफी मसख्त के बाद आग पर काबू पाया गया। कामर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग, बड़ा हादसा टला - जिस कोच मे आग लगी थी उसमे खाना बनाने के लिये कामर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। कोच के किचन मे 2 सिलेंडर लगे थे किन्तु वंहा आगजनी से निपटने का कोई पुक्ता इंतजाम नहीं देखा गया। गरीमत यह रही की सिलेंडर पर आग नहीं लगी और बड़ा हादसा होने से बच गया। लोगों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वंहा रखा सिलेंडर फटता तो फिर वंहा की स्थिति क्या होती, रेलवे स्टेशन प्रबंधक द्वारा स्टेशन मे आगजनी से निपटने हेतु कोई ठोस प्रबंध क्यों नहीं किया गया है? जांच से आगजनी का हो सकता है खुलासा - उक्त कोच मे आग कैसे लगी अभी इसका खुलासा नही हो पाया है। कुछ लोगों द्वारा सर्टसर्किट से आग लगना बताया जा रहा है तो वंही कुछ लोगों शंका जतायी जा रही है की वंहा खाने पीने के दौरान धूम्रपान करने के कारण आग लगी है हकीकत क्या है उसका खुलासा जांच से ही हो सकता है जिसके लिये लोगों ने रेलवे प्रबंधक से उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है।3
- ब्यौहारी स्टेशन पर धूं-धूं कर जली ट्रेन की बोगी, मची अफरा-तफरी — दमकल-पुलिस ने संभाला मोर्चा शहडोल जिले के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास साइडिंग में खड़ी रेलवे ट्रैक मशीन की बोगी में लगी आग ने कुछ ही देर में लोगों को दहशत में डाल दिया, हालांकि राहत टीम की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली वर्कशॉप कम रेस्ट फॉर ट्रैक मशीन खड़ी थी। इसी दौरान इनमें से एक कोच, जिसका नंबर ईसीओ 994129 बताया जा रहा है, उसमें अचानक अज्ञात कारणों से रविवार दोपहर आग भड़क उठी। घटना के समय बोगी के अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उसे फैलने से रोक लिया। यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो पास खड़ी अन्य बोगियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। मौके पर थाना प्रभारी जिया उल हक भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं ब्यौहारी आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के समय ट्रैक स्टाफ कार्य के लिए बाहर गया हुआ था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। रेलवे अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि ब्यौहारी रेलवे स्टेशन जबलपुर मंडल के अंतर्गत आता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।3
- ब्यौहारी, रविवार: दोपहर के वक्त ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब साइडिंग में खड़ी ट्रैक मशीन की एक बोगी में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों और लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझा दी गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि असली कारणों की जांच जारी है। घटना करीब दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है। 👉 फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।2
- *19 अप्रैल को मानपुर में बड़ी ही धूमधाम से भव्यता पूर्वक मनाया जाएगा भगवान् परशुराम जयंती समारोह।* (आशुतोष त्रिपाठी/ जनचिंगारी-उमरिया) मानपुर नगर मुख्यालय की ऐतिहासिक धर्मस्थली पुरानी बाजार स्थित महाकाली मंदिर प्रांगण में श्री हरि अवतार भगवान परशुराम जी का जयंती समारोह आगामी 19 अप्रैल को भव्यता पूर्वक मनाने को लेकर सर्व विप्र समाज की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई।जिसमें बल्हौंड़ से बाबा रामसुमिरन, प्रशांत द्विवेदी,विनय-बिन्नू तिवारी,छपडौर से पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी,प्रदीप कुमार तिवारी,एडवोकेट अरविन्द चतुर्वेदी, उत्तम तिवारी, बडखेरा से हरिहर चतुर्वेदी सहित मानपुर से ओमप्रकाश द्विवेदी ओपी भैय्या,पं.शारदा प्रसाद गौतम,अरुण कुमार त्रिपाठी, अमरराम शुक्ल,लक्ष्मी नारायण,लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी, शिवनारायण तिवारी,दिनेश प्रसाद गौतम, संजय त्रिपाठी,श्रीप्रकाश त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी,आदित्य पांडे,कमलेश तिवारी,पं.अंबिका प्रसाद प्यासी,एडवोकेट कुशलेन्द्र तिवारी अनिरुद्ध मिश्र ,उदय गौतम ,रामप्रकाश तिवारी, ब्रह्मभट्ट राजनारायण उर्फ पुच्चू आदि भारी तादाद में स्थानीय एवं क्षेत्रीय विप्रजन उपस्थित रहे।इस बैठक में गत वर्ष के कार्यक्रम की गहन समीक्षा उपरांत समाज की ओर से शव संरक्षण हेतु समाज की ओर से एक डीप फ्रीजर लेने की बात कही गई साथ ही आगामी परशुराम जयंती समारोह 19 अप्रैल की रुपरेखा तैयार करते हुए दोपहर पूजन अर्चन उपरांत भव्य शोभायात्रा स्थानीय स्टेडियम से नगर भ्रमण हेतु निकाले जाने का निर्णय लिया गया।शोभा यात्रा के समापन उपरांत महा आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ।बैठक में सर्वसम्मति से भगवान परशुराम जयंती समारोह आयोजन समिति का अध्यक्ष पंडित शिवनारायण तिवारी को चुना गया तथा वरिष्ठ विप्रजन को मार्गदर्शन हेतु संरक्षण मंडल सदस्य मनोनीत किया गया और कार्यक्रम को गरीमामई बनाने का निर्णय लिया गया।इस दौरान पंडित रामकिशोर चतुर्वेदी, ओपी द्विवेदी,शारदा प्रसाद गौतम, प्रशांत द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण शुक्ल, लखनलाल त्रिपाठी,अरुण कुमार त्रिपाठी और बाबा रामसुमिरन आदि ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संबोधित किया।2