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उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने रास्ते में अपनी गाड़ी रुकवा दी और खेत में उतरकर धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में खेतों में धान लगा रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। विधायक सीधे कीचड़ भरे खेत में उतरीं और महिलाओं के साथ मिलकर धान रोपने लगीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से फसलों के बारे में बातचीत भी की। खेत में काम करते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने किसानों की समस्याओं को करीब से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस देश की असली पहचान किसान हैं, जो कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई किसान की इस कड़ी मेहनत को समझेगा नहीं, तब तक किसानों को उनके पसीने की सही कीमत नहीं मिल पाएगी।

3 hrs ago
user_Ritesh Singh
Ritesh Singh
Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने रास्ते में अपनी गाड़ी रुकवा दी और खेत में उतरकर धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में खेतों में धान लगा रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। विधायक सीधे कीचड़ भरे खेत में उतरीं और महिलाओं के साथ मिलकर धान रोपने लगीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से फसलों के बारे में बातचीत भी की। खेत में काम करते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने किसानों की समस्याओं को करीब से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस देश की असली पहचान किसान हैं, जो कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई किसान की इस कड़ी मेहनत को समझेगा नहीं, तब तक किसानों को उनके पसीने की सही कीमत नहीं मिल पाएगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने एक कार्यक्रम में जाते समय अपनी गाड़ी रोककर खेत में धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में धान की रोपाई कर रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और खुद खेत में चली गईं। खेत में घुसकर धान की रोपाई करने के साथ ही विधायक पल्लवी पटेल ने वहां मौजूद महिलाओं से फसल को लेकर बातचीत की और काम करते हुए किसानों की समस्याओं को भी जाना। इस दौरान विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि इस देश की पहचान किसान ही हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि किसान कड़ी मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन उसे उसकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक आपको किसान की मेहनत का पता नहीं होगा, तब तक उसे उसकी मेहनत का सही दाम नहीं मिलेगा।
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    उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने एक कार्यक्रम में जाते समय अपनी गाड़ी रोककर खेत में धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में धान की रोपाई कर रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और खुद खेत में चली गईं।

खेत में घुसकर धान की रोपाई करने के साथ ही विधायक पल्लवी पटेल ने वहां मौजूद महिलाओं से फसल को लेकर बातचीत की और काम करते हुए किसानों की समस्याओं को भी जाना।

इस दौरान विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि इस देश की पहचान किसान ही हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि किसान कड़ी मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन उसे उसकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक आपको किसान की मेहनत का पता नहीं होगा, तब तक उसे उसकी मेहनत का सही दाम नहीं मिलेगा।
    user_Ritesh Singh
    Ritesh Singh
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • देश की राजनीति के केंद्र में इस समय 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (एक देश, एक चुनाव) का मुद्दा छाया हुआ है, जिस पर संसद से लेकर सड़कों तक बहस छिड़ गई है। लखनऊ में एक तरफ जेपीसी की बैठक हो रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगी दल इसे देशहित में बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इसे संविधान की मूल भावना और संघीय ढांचे के खिलाफ मान रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि एक साथ चुनाव होने से राज्यों के स्थानीय मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के शोर में दब जाएंगे, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ेगा और राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होगी। इसके विपरीत, बीजेपी का दावा है कि इस व्यवस्था से चुनावी खर्च में कमी आएगी, विकास कार्यों में कोई रुकावट नहीं होगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि साल 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ ही होते थे। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आज के भारत में इस पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा सकता है और क्या विपक्ष का यह विरोध वाकई एक लोकतांत्रिक चिंता है या महज एक राजनीतिक मजबूरी।
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    देश की राजनीति के केंद्र में इस समय 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (एक देश, एक चुनाव) का मुद्दा छाया हुआ है, जिस पर संसद से लेकर सड़कों तक बहस छिड़ गई है। लखनऊ में एक तरफ जेपीसी की बैठक हो रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगी दल इसे देशहित में बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इसे संविधान की मूल भावना और संघीय ढांचे के खिलाफ मान रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि एक साथ चुनाव होने से राज्यों के स्थानीय मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के शोर में दब जाएंगे, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ेगा और राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होगी। इसके विपरीत, बीजेपी का दावा है कि इस व्यवस्था से चुनावी खर्च में कमी आएगी, विकास कार्यों में कोई रुकावट नहीं होगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि साल 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ ही होते थे। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आज के भारत में इस पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा सकता है और क्या विपक्ष का यह विरोध वाकई एक लोकतांत्रिक चिंता है या महज एक राजनीतिक मजबूरी।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज की बारा तहसील के चिल्ला गौहानी गांव में मुख्यमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और प्रशासनिक दावों की हकीकत बयां करती तस्वीरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां वृक्षारोपण अभियान सिर्फ कागजों और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गया। अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिकता पूरी करने के बाद सैकड़ों पौधों को जमीन में रोपने के बजाय खुले में एक ही जगह ढेर बनाकर छोड़ दिया गया, जिससे वे सूखने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जसरा विकास खंड की ओर से गांव में नीम, पीपल, सागौन और आंवला समेत बड़ी संख्या में पौधे भेजे गए थे। आरोप है कि अभियान के दौरान अधिकारियों ने केवल कुछ पौधे लगाकर अपनी फोटो खिंचवाई और शेष पौधों को बिना गड्ढा खोदे खुले में छोड़ दिया। कई दिनों तक धूप में पड़े रहने के कारण इन पौधों की पत्तियां मुरझा गईं और वे पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें जिले में 82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 90 लाख से अधिक पौधे लगाने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पौधारोपण के नाम पर केवल फोटो खिंचवाकर छोड़ देने से सरकारी धन और अभियान दोनों का उद्देश्य विफल हो जाएगा। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिले में हुए पौधारोपण का भौतिक सत्यापन व प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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    प्रयागराज की बारा तहसील के चिल्ला गौहानी गांव में मुख्यमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और प्रशासनिक दावों की हकीकत बयां करती तस्वीरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां वृक्षारोपण अभियान सिर्फ कागजों और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गया। अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिकता पूरी करने के बाद सैकड़ों पौधों को जमीन में रोपने के बजाय खुले में एक ही जगह ढेर बनाकर छोड़ दिया गया, जिससे वे सूखने लगे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जसरा विकास खंड की ओर से गांव में नीम, पीपल, सागौन और आंवला समेत बड़ी संख्या में पौधे भेजे गए थे। आरोप है कि अभियान के दौरान अधिकारियों ने केवल कुछ पौधे लगाकर अपनी फोटो खिंचवाई और शेष पौधों को बिना गड्ढा खोदे खुले में छोड़ दिया। कई दिनों तक धूप में पड़े रहने के कारण इन पौधों की पत्तियां मुरझा गईं और वे पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।

गांव के लोगों ने प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें जिले में 82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 90 लाख से अधिक पौधे लगाने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पौधारोपण के नाम पर केवल फोटो खिंचवाकर छोड़ देने से सरकारी धन और अभियान दोनों का उद्देश्य विफल हो जाएगा। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिले में हुए पौधारोपण का भौतिक सत्यापन व प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_राजेश सोनकर पत्रकार
    राजेश सोनकर पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने रास्ते में अपनी गाड़ी रुकवा दी और खेत में उतरकर धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में खेतों में धान लगा रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। विधायक सीधे कीचड़ भरे खेत में उतरीं और महिलाओं के साथ मिलकर धान रोपने लगीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से फसलों के बारे में बातचीत भी की। खेत में काम करते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने किसानों की समस्याओं को करीब से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस देश की असली पहचान किसान हैं, जो कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई किसान की इस कड़ी मेहनत को समझेगा नहीं, तब तक किसानों को उनके पसीने की सही कीमत नहीं मिल पाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने रास्ते में अपनी गाड़ी रुकवा दी और खेत में उतरकर धान की रोपाई की। सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में खेतों में धान लगा रही महिलाओं को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी। विधायक सीधे कीचड़ भरे खेत में उतरीं और महिलाओं के साथ मिलकर धान रोपने लगीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से फसलों के बारे में बातचीत भी की।

खेत में काम करते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने किसानों की समस्याओं को करीब से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस देश की असली पहचान किसान हैं, जो कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपनी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई किसान की इस कड़ी मेहनत को समझेगा नहीं, तब तक किसानों को उनके पसीने की सही कीमत नहीं मिल पाएगी।
    user_Ritesh Singh
    Ritesh Singh
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रयागराज में सड़क सुरक्षित नहीं होने की बात कही गई है।
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    प्रयागराज में सड़क सुरक्षित नहीं होने की बात कही गई है।
    user_Salman shah
    Salman shah
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • प्रयागराज के सराय ममरेज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिग्गत बहार में जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पीड़ित अजय प्रकाश उर्फ आसाराम के अनुसार, उन्होंने और विपक्षी पक्ष ने एक ही जमीन का बैनामा (रजिस्ट्री) कराया है और दोनों का अपना-अपना कब्जा है। विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी पक्ष ने पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से वहां धान बोने और मिट्टी गोड़ने का प्रयास किया। जब अजय प्रकाश की पत्नी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी विजय उर्फ कृष्णा ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। वहीं, बीच-बचाव करने आई पीड़ित की मां के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की। इस घटना के बाद पीड़ित ने सराय ममरेज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन अगले ही दिन शाम करीब 9 बजे जैसे ही आरोपी अजय और धर्मेंद्र थाने से छूटे, उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने "पुलिस हमारे लिए जीरो है" कहते हुए रात के अंधेरे में सरिए और अन्य हथियारों से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित की चाची के शोर मचाने के बाद आरोपी वहां से पीछे हटे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के बुलंद हौसलों के कारण अब उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते उन्होंने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र देकर नई एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    प्रयागराज के सराय ममरेज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिग्गत बहार में जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पीड़ित अजय प्रकाश उर्फ आसाराम के अनुसार, उन्होंने और विपक्षी पक्ष ने एक ही जमीन का बैनामा (रजिस्ट्री) कराया है और दोनों का अपना-अपना कब्जा है। विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी पक्ष ने पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से वहां धान बोने और मिट्टी गोड़ने का प्रयास किया। जब अजय प्रकाश की पत्नी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी विजय उर्फ कृष्णा ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। वहीं, बीच-बचाव करने आई पीड़ित की मां के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की।

इस घटना के बाद पीड़ित ने सराय ममरेज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन अगले ही दिन शाम करीब 9 बजे जैसे ही आरोपी अजय और धर्मेंद्र थाने से छूटे, उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने "पुलिस हमारे लिए जीरो है" कहते हुए रात के अंधेरे में सरिए और अन्य हथियारों से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित की चाची के शोर मचाने के बाद आरोपी वहां से पीछे हटे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के बुलंद हौसलों के कारण अब उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते उन्होंने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र देकर नई एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Arvind singh kumar
    Arvind singh kumar
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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