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युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण शुचिता सुनिश्चित करने हेतु 'राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी' (RSTA) का गठन किया जाएगा। #बजट_समृद्ध_राजस्थान_का
VAGAD news24
युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण शुचिता सुनिश्चित करने हेतु 'राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी' (RSTA) का गठन किया जाएगा। #बजट_समृद्ध_राजस्थान_का
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- वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दिया कुमारी आज विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट से डूंगरपुर के लोगों को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की गईं। प्रदेश के आम बजट में डूंगरपुर को मिली कई सौगातें- बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग के लिए 130 करोड़ बेणेश्वर धाम में संगम एवं आबूदर्रा में घाटों का निर्माण एवं बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग कार्य के लिए 130 करोड़ की सौगात दी गई है। बेणेश्वर धाम प्रमुख आस्था का केंद्र है। यहां हर साल मेले में लाखों लोग आते है। रिवर फ्रंट निर्माण के लिए 100 करोड़ मोरन नदी को पुनर्जीवित करने, नदी के दोनों तरफ घाट, विशाल कुंड एवं खड़गदा गांव में रिवर फ्रंट के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 100 करोड़ की सौगात मिली है। रिवर फ्रंट के लिए खड़गदा गांव के लोगों ने रामकथा और लोगो की भागीदारी के माध्यम से 2 करोड़ से ज्यादा का काम करवाया और जल संरक्षण की पहल की। इसका केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सालभर पहले उदघाटन करते हुए रिवर फ्रंट के लिए जल्द भरोसा दिया था। कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री, चंद्रेश व्यास ने बजट में रिवर फ्रंट के लिए बजट मिलने पर खुशी जताई है। सड़क निर्माण के लिए 15 करोड़ बाबरा का नाका दोवड़ा, धाम का तालाब सीमलवाडा एवं चौरासी में एक एनीकेट के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का होगा काम। 15 करोड़ की लागत से अंबाडा पटली जोहरा सड़क व मोरन नदी पर होगा पुलिया निर्माण की घोषणा की गई है। - सागवाड़ा में वरसिंहपुर में 33/11 केवी जीएसएम की भी घोषणा हुई। - स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मल्टीपर्पस इनडोर हॉल एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण की सौगात मिली है। - अमरपुरा बांध की नहर अमरपुरा से डुका कनबा तक नहरों का जीर्णोद्धार का काम होगा। जिससे किसानों को सिंचाई में फायदा मिलेगा। - अनास नदी से व्यर्थ बहकर जा रहे वर्षा जल को फीडर नहर के माध्यम से डूंगरपुर के सोम कमला आंबा तक लाने का काम होगा।1
- कहा - टेंट और पेड़ों के नीचे चल रहे स्कूल संसद के बजट सत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में लाखों कक्षाएं जर्जर हैं और कई स्कूल अब भी टेंट या पेड़ों के नीचे चल रहे हैं। रोत ने सरकार से माही-कडाणा वृहद जल परियोजना की मांग की ताकि किसानों को सिंचाई का हक मिले और क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोका जा सके। स्वास्थ्य और मानदेय के मुद्दों पर बोलते हुए सांसद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पोषाहार श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मानदेय की वकालत की। उन्होंने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि जल-जंगल-जमीन की लड़ाई अब हथियारों से नहीं, बल्कि कलम और शिक्षा के जरिए लड़ी जानी चाहिए। रोत ने स्पष्ट किया कि जब तक आदिवासी समाज शिक्षित नहीं होगा और उन्हें संवैधानिक अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।1
- आज राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है। भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा ERCP जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त, 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15% बढ़ोतरी का प्रावधान कांग्रेस सरकार ने किया था। पिछले दो बजट में इस बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की जाती थी परन्तु इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोत्तरी की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है। कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा की गई है पर NTA बीते दिनों विवादों का केन्द्र बनी थी। RPSC में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 करने वाली भाजपा सरकार अभी तक RPSC सदस्यों की रिक्तियों तक को नहीं भर सकी है। STA केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है। कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब वर्ग के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। देशभर में उदाहरण बनी 25 लाख रुपये की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (वर्तमान में MAA योजना) के बारे में जनता में यह भ्रम की स्थिति बन चुकी है कि यह बीमा अब 25 लाख की बजाय 5 लाख रुपये का हो चुका है जबकि कागजों में बीमा अभी भी 25 लाख रुपये का है। सरकार को कम से कम इस भ्रांति को दूर करने के लिए ही एक घोषणा करनी चाहिए थी। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जिन मांगों को लेकर उन्होंने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था उन पर ध्यान दिया जाएगा एवं इससे संबंधित घोषणा की जाएगी परन्तु उन्हें भी निराशा हाथ लगी। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है क्योंकि पूरे बजट में पत्रकारों के लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई है। नए जिलों पर भी भाजपा केवल राजनीति कर रही है। जुलाई 2024 में पेश किए गए संशोधित बजट में सरकार ने नए जिलों के बुनियादी ढांचे के लिए ₹1,000 करोड़ की घोषणा की थी। फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 मार्च 2025 को विधानसभा में बजट चर्चा के जवाब के दौरान पुनः ऐसी ही घोषणा की। आज पुनः 3000 करोड़ रुपए नए जिलों में मिनी सचिवालय के लिए घोषित किए हैं। 2 साल में कितने मिनी सचिवालय बने हैं, यह भी जानकारी देनी चाहिए थी। वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में 25 लाख नल कनेक्शन एवं 2025 के बजट में 20 लाख नल कनेक्शन उक्त वित्त वर्षों में देने की घोषणा की थी। आज स्वयं वित्त मंत्री महोदय ने बताया है कि दो साल में 14 लाख जल कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं जबकि वादा 45 लाख नल कनेक्शन का था। ये सरकार की खुली असफलता है जबकि यही भाजपा कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन की धीमी गति करने के आरोप लगाती थी। कांग्रेस सरकार में एक भावना थी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए काम मांगते-मांगते थक जाएंगे पर सरकार काम देते-देते नहीं थकेगी। यह कांग्रेस सरकार ने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया एवं घोषणाएं जमीन पर उतरीं। भाजपा सरकार की हालत देखने के बाद न तो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांग पा रहे हैं और न ही सरकार कुछ काम दे पा रही है।1
- माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत राजस्थान बजट पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक व चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रथीक राजेंद्र मेहता ने बजट को जनकल्याणकारी, संतुलित और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, पर्यटन व उद्योग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत नींव रखी गई है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश कार्य समिति सदस्य हंसमुख लाल सेठ ने बजट को आमजन के लिए निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्ग को कोई ठोस राहत नहीं मिली तथा महंगाई और रोजमर्रा की समस्याओं पर प्रभावी समाधान का अभाव है। सत्तापक्ष जहां बजट को विकास का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे आमजन से दूर मान रहा है। अब इसकी वास्तविक तस्वीर आने वाले समय में क्रियान्वयन से ही स्पष्ट होगी।2
- chhotisadri इन दिनों फसलों में कई प्रकार की बीमारियां आने लग गई है आज मैंने अपने खेत में लहसुन की फसल बीमारी देखने के बाद सर चकरा गया पते मुड़े हुए हैं ग्रोथ रुक गई है कैसे क्या करें कुछ समझ में नहीं आ रहा है2
- उदयपुर, उदयपुर जिले के मीरा गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने परीक्षा परिणाम में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर आज मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू) के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम में त्रुटियों को लेकर पूर्व में कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित छात्राएं आज विश्वविद्यालय पहुंचीं और अपनी समस्याएं सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष रखीं। ज्ञापन में छात्राओं ने कहा कि परीक्षा परिणाम में अंक गलत दर्ज होने, कुछ विषयों के परिणाम जारी नहीं होने तथा पुनर्मूल्यांकन से संबंधित प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती गई है। इन गड़बड़ियों के कारण छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि परीक्षा परिणाम की तत्काल जांच कर सुधार किया जाए, प्रभावित छात्राओं के अंक संशोधित किए जाएं और भविष्य में ऐसी त्रुटियां न हों, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्राओं को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी राजस्थान विधानसभा में चल रहा है विधानसभा में बजट का वाचन वित्त मंत्री दिया कुमारी बजट का वाचन कर रही है। कांग्रेस के विधायक और प्रतिपक्ष के नेता और विधायक थोड़ा हंगामा कर देते हैं। किन्तु सभापति वासुदेव देवनानी के सख्त रवैया के कारण वह ज्यादा हंगामा नहीं कर पाते हैं उन्होंने रोहित बोहरा और गोविंद सिंह डोटासरा को भी शांति से बजट सुनने की नसीहत दी। और कहा कि 3 दिन वजट पर बहस होगी। आप खुलकर बोलने खुलकर आलोचना करने के लिए कहा।1
- Post by VAGAD news241