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Sona Rohit
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Sona Rohit1
- मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा1
- साइकिल सवार को डंफर ने मारी टक्कर, व्यक्ति की दर्दनाक मौत, वाहन और चालक पकड़ा गया क्षेत्र के बोधा का पूरा (कौआ) गांव निवासी एक व्यक्ति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार उमा शंकर कोटार्य (उम्र लगभग 45 वर्ष) कुशगढ़ के पास डंफर की टक्कर का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह ईंट भट्ठा में मुंशी का काम करते थे और नरैना से साइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कुशगढ़ के पास एक तेज रफ्तार डंफर ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया यह हादसा शाम लगभग 7 बजे के आसपास का बताया जा रहा है।1
- Post by Vertman Bharat News Prayagraj1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043592
- Post by Kumar Vikas1
- मेजा ,प्रयागराज । मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर गांव में सोमवार सुबह एक फर्नीचर दुकान में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर दंपती की पिटाई की और बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना दुकान के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार1