मध्य प्रदेश के दतिया में युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया है और सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। युवाओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं, उन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया जाता है, तो दूसरी तरफ आंदोलन कर रही छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शनकारियों ने मुख्यधारा की मीडिया की कवरेज पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि मीडिया आंदोलन के सभी पहलुओं को नहीं दिखा रही है और कुछ चैनलों में आंदोलनकारी छात्रों व युवाओं को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है। प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने तीखा सवाल करते हुए पूछा कि "क्या अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ उठाना देशद्रोह है?" उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
मध्य प्रदेश के दतिया में युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया है और सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। युवाओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं, उन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया जाता है, तो दूसरी तरफ आंदोलन कर रही छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शनकारियों ने मुख्यधारा की मीडिया की कवरेज पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि मीडिया आंदोलन के सभी पहलुओं को नहीं दिखा रही है और कुछ चैनलों में आंदोलनकारी छात्रों व युवाओं को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है। प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने तीखा सवाल करते हुए पूछा कि "क्या अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ उठाना देशद्रोह है?" उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
- दतिया से सामने आ रही खबर के अनुसार, दिल्ली में चल रहे युवाओं और छात्रों के आंदोलन को अब संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। संत महाराज जी ने आंदोलनरत युवाओं के पक्ष में बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि वे युवाओं के साथ खड़े हैं और उनकी जायज़ मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। संत महाराज जी ने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा, "हम किसी भी राजनीतिक पार्टी के नहीं हैं। हम जनता के हैं और जनता हमारी है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि युवाओं और आम जनता की आवाज़ के साथ खड़े होना है। उन्होंने आगे कहा कि यदि युवाओं की आवाज़ नहीं सुनी गई, तो वे अपनी संत मंडली के साथ खुद आंदोलन में शामिल होंगे और बच्चों व युवाओं के अधिकारों के लिए आंदोलन करेंगे। उन्होंने दोटूक कहा कि "बच्चों की आवाज़ को दबने नहीं देंगे।" संत महाराज जी ने सरकार से अपील की है कि युवाओं की बात सुनी जाए, उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।1
- दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी से ₹3.30 लाख नकद जप्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनजीत सिंह चावला के मार्गदर्शन में गायत्री गार्डन के पास उप निरीक्षक अर्चना पाल द्वारा वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी की डिग्गी की तलाशी लेने पर उसमें से ₹3.30 लाख नकद बरामद हुए। दतिया निवासी स्कूटी चालक मौके पर इस रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद मामले में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई। चुनाव के दृष्टिगत जिला पुलिस बल द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के साथ मिलकर जिलेभर के समस्त थाना क्षेत्रों, अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थापित चेक पोस्टों पर सघन चेकिंग चलाई जा रही है। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन तलाशी के साथ संदिग्ध व्यक्तियों के पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही अवैध हथियार, अवैध शराब, नकदी और अन्य प्रतिबंधित सामग्री के परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरोध में यह प्रदर्शन किया।1
- ग्वालियर के डबरा में पिछोर थाने के बाद अब डबरा सिटी थाना क्षेत्र से जुए के फड़ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वायरल वीडियो डबरा सिटी थाना क्षेत्र के बस स्टैंड का बताया जा रहा है, जो मजिस्ट्रेट बंगले और वीआईपी निवास से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। वीडियो में जुआरी हाथों में नोटों की गड्डी थामे बेखौफ होकर हार-जीत का दांव लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं, जैसे ही जुआरियों को अपना वीडियो बनने की भनक लगी, वे तुरंत मौके से भाग खड़े हुए।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में उप-चुनाव के दौरान गांव वालों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। सड़क की समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' का स्पष्ट रुख अपनाया है और साफ़ कह दिया है कि सड़क न बनने पर वे मतदान नहीं करेंगे।1
- दतिया उपचुनाव में जुबानी जंग तेज हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरू दांगी ने अवधेश नायक पर निशाना साधते हुए उन्हें जोकर बताया है। चुनावी माहौल के बीच नेताओं के बीच बयानबाजी की तल्खी खुलकर सामने आ रही है।1
- लखनऊ की 6 साल की बेटी मोहलक्षिका ने कार्टव्हील में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। छोटी सी उम्र में विश्व रिकॉर्ड कायम कर मोहलक्षिका ने पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त किया है और सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। युवाओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं, उन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया जाता है, तो दूसरी तरफ आंदोलन कर रही छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शनकारियों ने मुख्यधारा की मीडिया की कवरेज पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि मीडिया आंदोलन के सभी पहलुओं को नहीं दिखा रही है और कुछ चैनलों में आंदोलनकारी छात्रों व युवाओं को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है। प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने तीखा सवाल करते हुए पूछा कि "क्या अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ उठाना देशद्रोह है?" उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।1