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जनपद अमेठी के तिलोई क्षेत्र से एक अत्यंत चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ तिलोई (उत्तर प्रदेश) निवासी हसनैन नामक एक युवक पिछले पाँच दिनों से गुजरात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। जानकारी के अनुसार, हसनैन, जो गुजरात में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे, दिनांक 20/05/2026 से लापता बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम में उनकी गाड़ी तो बरामद कर ली गई है, लेकिन अभी तक हसनैन का कोई पता नहीं चल पाया है। हसनैन के गृह क्षेत्र पूरे अली, फूला (तिलोई) में उनके परिजन इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वे लगातार हसनैन की तलाश में जुटे हुए हैं।
Mr shahbaj patrakaar
जनपद अमेठी के तिलोई क्षेत्र से एक अत्यंत चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ तिलोई (उत्तर प्रदेश) निवासी हसनैन नामक एक युवक पिछले पाँच दिनों से गुजरात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। जानकारी के अनुसार, हसनैन, जो गुजरात में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे, दिनांक 20/05/2026 से लापता बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम में उनकी गाड़ी तो बरामद कर ली गई है, लेकिन अभी तक हसनैन का कोई पता नहीं चल पाया है। हसनैन के गृह क्षेत्र पूरे अली, फूला (तिलोई) में उनके परिजन इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वे लगातार हसनैन की तलाश में जुटे हुए हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसी युवती की खबर सामने आई है, जो अपने निजी पैसों से ज़रूरतमंदों और गरीबों की सहायता करती है। इस युवती का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी दरियादिली का परिचय दे रही है।1
- रायबरेली के ब्लॉक छतोंह स्थित कुंवर मऊ ग्राम पंचायत के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह विद्यालय मुख्य मार्ग से सटा हुआ है, लेकिन इसकी बाउंड्री अधूरी है और कोई गेट भी नहीं लगा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। बाउंड्री और गेट न होने के कारण स्कूल परिसर आवारा जानवरों का बसेरा बन गया है, और बच्चे आसानी से सड़क पर आ जाते हैं, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पीएम श्री विद्यालय का लक्ष्य देश के बच्चों को आधुनिक और अच्छी सुविधाएँ देना है, और सभी स्कूलों को 'ग्रीन स्कूल' बनाने पर जोर दिया गया था। इसके विपरीत, इस स्कूल को पूरी तरह से पेड़ रहित बनाकर हरियाली को खत्म कर दिया गया है। सरकारी स्कूल की इस उपेक्षा के कारण लोगों का सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने से मोहभंग हो रहा है। सरकार ने भले ही आधुनिक शिक्षा के लिए स्कूलों को पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में अपग्रेड किया हो, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता ने इन स्कूलों की हालत खराब कर दी है।1
- रायबरेली जिले के बछरावां थाना क्षेत्र स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार देर रात करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से एक प्लाई फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई, जिससे फैक्ट्री में रखा करोड़ों रुपये का प्लाई और अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फैक्ट्री मालिक राकेश जलाल ने बताया कि रात में अचानक आग लग गई जब वे सो रहे थे, और जब तक वे बाहर निकले, आग पूरी फैक्ट्री को घेर चुकी थी, जिससे लाखों-करोड़ों रुपये की उनकी मेहनत एक पल में स्वाहा हो गई। अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह ने पुष्टि की कि आग काफी विकराल थी, लेकिन टीम ने कड़ी मेहनत से सुबह तक उस पर नियंत्रण पा लिया। स्थानीय प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है, जिसका प्रारंभिक अनुमान कई करोड़ रुपये में होने की संभावना है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।3
- कानपुर के टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर एक आईटीबीपी जवान की मां का हाथ लापरवाही के चलते काट देने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद जब यह मामला सामने आया, तो स्वास्थ्य विभाग ने कृष्णा हॉस्पिटल को क्लीन चिट दे दी। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से सैकड़ों की संख्या में आईटीबीपी के जवान बेहद नाराज़ हो गए, जिसके बाद वे अपने अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर उनसे बातचीत की।1
- अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- अयोध्या के थाना इनायतनगर क्षेत्र के पलिया लोहानी गांव निवासी एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के परिजनों में इस घटना के बाद शोक की लहर है। यह घटना 22 मई 2026 की सुबह करीब 7:15 बजे हुई, जब ग्राम पलिया लोहानी निवासी राम जियावन पुत्र राजाराम मिल्कीपुर पेट्रोल टंकी के पास मिल्कीपुर-खजुरहट रोड पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान फैजाबाद की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप संख्या UP 42 CT 3734 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम जियावन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे 108 एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल अयोध्या पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई राम प्रताप की तहरीर पर थाना इनायतनगर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।3
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के पयागपुर नन्दौरा गाँव में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और अवैध रूप से पेड़ बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक दबंग ने कथित तौर पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत से तालाब की सुरक्षित जमीन पर खड़े लाखों रुपये के यूकेलिप्टस के पेड़ों को चोरी-छिपे बेच दिया। बताया गया है कि इन दबंगों ने रातों-रात पेड़ों को कटवाया और दो बड़ी गाड़ियों में लकड़ी लादकर वहाँ से फरार हो गए। सुबह होने पर जब ग्रामीणों को सरकारी जमीन से पेड़ गायब होने का पता चला, तो पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। तुरंत इस मामले की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तहसीलदार ने तत्काल क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा। लेखपाल ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और वहाँ बची हुई कटी लकड़ियों को कब्जे में लेकर स्थानीय थाने को सौंप दिया। तहसीलदार ने इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के सख्त आदेश दिए हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि जिस तालाब की जमीन से ये पेड़ काटे गए हैं, उस पर अवैध कब्जे को लेकर तहसील न्यायालय में पहले से ही बेदखली का मुकदमा चल रहा है। इसके बावजूद, दबंगों ने कोर्ट की कार्यवाही की परवाह किए बिना सरकारी संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षी सुनील शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। अपने निलंबन के बाद आरक्षी सुनील शुक्ला ने सीधे 'योगी जी' को संबोधित करते हुए कहा है कि "सत्य की हार हुई है!" इस बयान के माध्यम से उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर गहरी नाराजगी और सत्य के पराजित होने का भाव प्रकट किया है।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के बसवार खुर्द गाँव में सरकार की महत्वाकांक्षी जल संचय और 'अमृत सरोवर' जैसी योजनाएँ विफल होती दिख रही हैं। लाखों रुपये की लागत से बना एक 'आदर्श तालाब' सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। मौजूदा स्थिति यह है कि तालाब पूरी तरह से सूख चुका है, जिसके कारण प्यासे मवेशी और पक्षी पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि तालाब की सफाई में न केवल कोताही बरती गई, बल्कि उसकी बाउंड्री से अवैध रूप से मिट्टी भी निकाल ली गई, जिसे वे जल स्रोत के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ मानते हैं। हालांकि, ग्राम प्रधान स्वामीनाथ ने मिट्टी निकालने के आरोप को तकनीकी रूप से नकारते हुए इसे 'दूसरे नंबर' (गाटा संख्या) का मामला बताया है। वहीं, ग्राम सचिव मिथिलेश के पास भी इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि तालाब में पानी क्यों नहीं रुक रहा और उसकी नियमित सफाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने जांच कराकर पानी भरवाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन ग्रामीण इसे केवल सरकारी खानापूर्ति मान रहे हैं और उन पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक ओर भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, तो दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी 'जांच' और 'दूसरे नंबर' की दलीलें देकर अपनी गर्दन बचाने की कोशिश में लगे हैं। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से अपील की है कि इन 'आदर्श तालाबों' के लिए आवंटित फंड और उनकी वर्तमान स्थिति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषी सचिव और प्रधान के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।3