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रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आचार्य नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से संपन्न रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आचार्य नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से संपन्न
पवन कुमार पत्रकार
रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आचार्य नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से संपन्न रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आचार्य नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से संपन्न
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- रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा का आचार्य नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से संपन्न1
- RDG को लेकर डिप्टी सीएम पर जयराम ठाकुर का पलटवार, बोले - अपनी भड़ास निकाल रहे उप मुख्यमंत्री शिमला नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पर पलटवार किया है. डिप्टी सीएम ने भाजपा को RDG के मुद्दे पर घेरा था. अब जयराम ठाकुर ने मुकेश अग्निहोत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम केवल अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. RDG को लेकर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री जो उन पर केंद्र से मदद रुकवाने के आरोप लगा रहे हैं उसके सबूत पेश करें. अन्यथा ये विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है. VO -- नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि RDG के मुद्दे पर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है. केवल राजनीतिक लाभ के लिए सरकार संकल्प लेकर आई है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार RDG को लेकर राजनीतिक लड़ाई ही लड़ना चाहती है तो विपक्ष भी इसके लिए भी तैयार है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम अपनी भड़ास निकालने के लिए सदन में भाजपा को दोषी ठहरा रहे हैं. दिल्ली से मदद रुकवाने के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. उनके पास तथ्य है तो सामने रखें अन्यथा ये प्रिविलेज का मामला भी बनता है. जहां तक चुनाव के लिए तैयार रहने की बात है तो हिमाचल में सरकार को साढ़े तीन साल का कार्यकाल हो गया है. ऐसे में अब चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री अभी चुनाव लड़ने के लिए विधानसभा क्षेत्र ढूंढ रहे हैं. मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की तैयारी में है. लेकिन, वहां उनकी पत्नी भी चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई हैं. डिप्टी सीएम कह चुके हैं कि उनका अब चुनाव लड़ने का मन नहीं है जब चुनाव होंगे तो कई कांग्रेस विधायक चुनाव से भागते नजर आएंगे ऐसे सरकार ने कांग्रेस विधायकों के हाल कर दिए हैं. बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष3
- जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।1
- शिमला: RDG पर घमासान विधायक बनते रहते है, पर एक बार अगर हिमाचल का हक़ छीन गया तो ..विपक्ष को सीएम सुक्खू की नसीहत विधान सभा बजट सत्र1
- Post by Himanshu Chopra1
- Post by Dinesh Kumar1
- हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है1
- जो लोग पहले “स्टेट हुड मारो ठूड” कहते थे, आज RDG का कर रहे विरोध - अग्निहोत्री शिमला RDG पर बजट सत्र के दूसरे दिन भी तीखी बहस देखने को मिली. सदन के बाहर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा को घेरते हुए उनका स्पष्ट रुख पूछा है. डिप्टी CM ने भारत के संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ राज्यों को अधिकार दिए. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि RDG केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि हिमाचल और हिमाचलियत का प्रश्न है. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले “स्टेट हुड मारो ठूड” जैसे नारे लगाते थे, वही आज RDG का विरोध कर रहे हैं. VO -- मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि कंसोलिडेटेड फंड से धन का बंटवारा किस प्रकार होगा. उन्होंने कहा कि देश के नेताओं ने उसी समय इन प्रश्नों का समाधान कर दिया था. उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माण के समय यह स्पष्ट था कि इस पर्वतीय राज्य को केंद्र सहायता करेगा. रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से जोड़ा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से राज्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और सवाल उठाया कि यदि राज्यों को सशक्त नहीं करना था तो उनका गठन ही क्यों किया गया. उनका कहना था कि जीएसटी व्यवस्था से बड़े राज्यों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ हुआ, जबकि हिमाचल जैसे छोटे और विशेष श्रेणी के राज्य को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। पहले जीएसटी कंपनसेशन बंद किया गया और अब RDG को भी समाप्त करने की बात हो रही है, जो हिमाचल के लिए गंभीर विषय है. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 में से 12 राज्यों में RDG पर निर्भरता केवल 1 प्रतिशत के आसपास है, ऐसे राज्यों को इसकी विशेष आवश्यकता नहीं है, लेकिन हिमाचल के लिए यह अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नागालैंड की RDG पर निर्भरता 17 प्रतिशत और हिमाचल की 13 प्रतिशत है, जबकि कर्नाटक की निर्भरता मात्र 1 प्रतिशत है। पूर्व जयराम सरकार को 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी कंपनसेशन और 54 हजार करोड़ रुपये RDG के माध्यम से प्राप्त हुए थे। RDG बंद होने के संदर्भ में जयराम ठाकुर के चुनाव के लिए तैयार रहने वाले बयान का भी उल्लेख किया गया. मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश था कि RDG हिमाचल की आवश्यकता है और इसे बंद करना प्रदेश के साथ फरेब के समान होगा. बाइट -- मुकेश अग्निहोत्री उप-मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश2