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माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। दुर्घटना के बाद का Golden Hour बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में बिना देर किए की गई छोटी-सी मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है। सड़क पर सावधानी रखें, यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए जरूर आगे आएँ।
Amarjeet Panday
माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। दुर्घटना के बाद का Golden Hour बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में बिना देर किए की गई छोटी-सी मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है। सड़क पर सावधानी रखें, यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए जरूर आगे आएँ।
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- इनको भी आरक्षण मिलेगा क्या* *क्योंकि इसके नाम के आगे पांडे लगा है* *इनको भी आरक्षण मिलेगा क्या* *क्योंकि इसके नाम के आगे पांडे लगा है* बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …The messenger ✍️✍️✍️** सबसे दर्दनाक बात ये है कि … बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢 अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है। जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔 अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ। क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।1
- गांव की महिलाओं के हुनर को मिलेगा बाजार, तैयार होगा ‘ग्रामीण उद्यम’ का नया मॉडल* SHG वर्कशेड में समूह सखियां करेंगी उत्पाद तैयार* *धूप-बारिश से बचेंगे कच्चे माल और तैयार उत्पाद; स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की राह होगी मजबूत* लखनऊ/सुलतानपुर। गांव की महिलाओं को केवल स्वयं सहायता समूह तक सीमित रखने के बजाय उनके हुनर को स्वरोजगार और बाजार से जोड़ने की दिशा में नई पहल की जा रही है। *एसएचजी वर्कशेड को ग्रामीण स्तर पर बनाने की पहल महिलाओं के सामूहिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की तैयारी है*। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब सामान तैयार करने की जिम्मेदारी भी संभालेंगी। वर्कशेड में समूह सखियों द्वारा खाद्य एवं अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाने की व्यवस्था होगी। इससे महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकले बिना सामूहिक रूप से काम करने का बेहतर वातावरण मिलेगा और उनके उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।बारिश और धूप में खराब नहीं होंगे उत्पाद, वर्कशेड देगा सुरक्षित ठिकाना ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं के सामने सबसे बड़ी दिक्कतों में से एक मौसम की मार भी है। धूप, बारिश और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण कच्चे माल तथा तैयार उत्पादों के खराब होने की आशंका रहती है। एसएचजी वर्कशेड इस समस्या का समाधान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वीडियो में महिलाओं को समूह के रूप में उत्पाद तैयार करते हुए दिखाया गया है। उत्पादन से लेकर उत्पादों को सुरक्षित रखने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित किए जाने पर जोर है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। बैठकों से उत्पादन तक—महिलाओं के हाथ में गांव की अर्थव्यवस्था वीडियो में वीजीपीपी (Village Growth Planning Process) के तहत गांव में स्वयं सहायता समूहों के लिए एसएचजी वर्कशेड की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सामूहिक रूप से काम करने के लिए बेहतर आधार उपलब्ध कराना है। जानकारों के मुताबिक, यदि वर्कशेड की सुविधा के साथ महिलाओं को उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता, लेखा-जोखा और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिले तो स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बन सकते हैं। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ने के साथ गांव में ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। *अब समूह की महिलाएं सिर्फ बचत नहीं करेंगी, बल्कि उत्पादन करेंगी, उत्पाद बेचेंगी और अपनी आर्थिक मजबूती की कहानी खुद लिखेंगी*।1
- कोची गांव में आधी रात को कच्चा मकान गिरने से 29 वर्षीय महिला की हुई मौत, सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अमदेवा गांव के पास कोची गांव में अचानक आधी रात को एक कच्चा मकान गिरा जिसके दौरान चपेट में आने से एक 29 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई वहीं बच्चे भी चपेट में आ गए थे और घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है वहीं सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक राज प्रसाद उपाध्याय उर्फ राज बाबू सहित स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है और क्षेत्रीय विधायक ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बधाते हुए हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया1
- 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी और बहुत ही धमाकेदार तरीके से बनेगी: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी और बहुत ही धमाकेदार तरीके से बनेगी: मुख्यमंत्री श्री myogiadityanath1
- अमेठी में घर के बाहर खेल रहा बच्चा अचानक लापता ,तालाब में डूबने की आशंका, गोताखोरों के बाद SDRF ने संभाला मोर्चा अमेठी के समदिया मोहल्ले में सोमवार सुबह घर के सामने खेल रहा दो साल का अनस अचानक लापता हो गया। कुछ देर बाद परिजनों ने देखा तो बच्चा वहां नहीं था। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने गलियों, आसपास के घरों और संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश शुरू की। तालाब में डूबने की आशंका को देखते हुए पहले स्थानीय गोताखोरों ने छानबीन की। काफी प्रयास के बाद भी सुराग नहीं मिला तो पुलिस की मदद से SDRF की टीम बुलाई गई। टीम गोताखोरों के साथ तालाब में रेस्क्यू अभियान चला रही है। अनस मूल रूप से मिर्जापुर के विंध्याचल का रहने वाला है। वह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां के साथ अमेठी स्थित ननिहाल आया था। सोमवार सुबह वह घर के बाहर खेल रहा था। परिवार के लोग आसपास ही थे, लेकिन कुछ देर बाद जब उन्होंने बच्चे को देखा तो वह वहां मौजूद नहीं था। बच्चे के गायब होने का पता चलते ही परिजनों ने आसपास के घरों और गलियों में तलाश शुरू कर दी। मोहल्ले में भी लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अनस का कोई पता नहीं चला। परिवार ने संभावित अनहोनी की आशंका में मोहल्ले के पास मौजूद तालाब और कुएं में भी बच्चे की तलाश शुरू करवाई। स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने सुबह से तालाब में छानबीन शुरू कर दी। काफी देर तक पानी में तलाश के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और SDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। SDRF के जवान गोताखोरों के साथ तालाब में रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। बच्चे की तलाश के साथ पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चा घर के सामने से किस दिशा में गया। आसपास के रास्तों और संभावित स्थानों पर भी तलाश की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक अनस के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई थी। मासूम के अचानक लापता होने से उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता मुजीब और परिवार के अन्य सदस्य भी बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं। मुजीब के तीन बच्चे हैं। अनस सबसे छोटा है, जबकि उससे बड़े बेटे अल्तमस और अहद हैं। परिवार लगातार बच्चे के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए है। प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मासूम की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। CCTV फुटेज की जांच के साथ आसपास के संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। तालाब में SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान जारी है। पुलिस बच्चे के लापता होने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।4
- नेपाल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए कृष्णा एकेडमी शाहगढ़ के बच्चों ने जुटाई सहयोग राशि नेपाल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए कृष्णा एकेडमी शाहगढ़ के बच्चों ने जुटाई सहयोग राशि अमेठी। नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए कृष्णा एकेडमी शाहगढ़ के छात्र-छात्राओं ने मानवता की मिसाल पेश की। बच्चों ने अपने जेब खर्च से बचाई गई धनराशि को एकत्रित कर सहयोग राशि जुटाई। वहीं विद्यालय के प्रबंधक एवं शिक्षकों ने भी अपनी ओर से अंशदान देकर इस पुनीत कार्य में सहयोग किया। विद्यालय परिवार द्वारा एकत्रित सहयोग राशि को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराने के लिए भेजा गया, ताकि आपदा से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। विद्यालय के प्रबंधक दिलीप सिंह ने कहा, “मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग अत्यंत दयनीय परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में हम सभी का कर्तव्य बनता है कि आगे आकर पीड़ितों की यथासंभव सहायता करें।” विद्यालय की प्रधानाचार्या किरन सिंह ने कहा कि जब से समाचार-पत्रों के माध्यम से नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बारे में जानकारी मिली और वहां के भयावह हालात के बारे में पढ़ा, तभी से विद्यालय परिवार के मन में पीड़ितों की सहायता करने की इच्छा थी। इसी भावना के साथ बच्चों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने मिलकर सहयोग राशि एकत्रित की। उन्होंने कहा, “हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस कठिन परिस्थिति से उबरने का साहस और शक्ति प्रदान करें तथा उन्हें जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर मिले।” विद्यालय की छात्रा गौरी शुक्ला ने कहा, “जब से हम लोगों ने नेपाल में बाढ़ के दौरान घरों और लोगों के बहने के वीडियो देखे, तभी से हम सभी ने विचार किया कि अपने जेब खर्च में से कुछ राशि बचाकर पीड़ित लोगों की सहायता करेंगे। इसी भावना से हम बच्चों ने अपनी बचाई हुई धनराशि एकत्रित की।” इस अवसर पर किशन, ललिता, सोनल, छात्र दिव्यांश पाण्डेय, दिव्यांश शुक्ला, आरुषि, अदिति, आन्या, काव्य शुक्ला सहित विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।2
- संजय सिंह का दिल्ली की 4 इंजन सरकार पर हमला बोले- इंसान की जिंदगी सस्ती हुई, सुरक्षा नहीं दे पा रही सरकार; दिखावे की कार्रवाई होती है सुल्तानपुर में संजय सिंह ने सोमवार को अपने आवास पर '4 इंजन' की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंसान की जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है कि सरकार उसकी सुरक्षा नहीं कर पा रही है। संजय सिंह ने कहा कि जब कोई बड़ी घटना होती है, तो दिखावे के लिए कार्रवाई की जाती है। इसके बाद अगली घटना का इंतजार होता है। उन्होंने दिल्ली में रेलवे की भगदड़, मालवीय नगर में आग लगने की घटना और बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने सरकार पर लोगों को परेशान करने और तोड़ने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों के लिए हॉस्टल का इंतजाम नहीं है। उन्हें 18-20 हजार रुपये में पीजी में रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक, उनके भाई और एमसीडी अधिकारियों को बिल्डिंग के बेसमेंट में बारिश के दौरान चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी थी। ऐसे में 6-7 लोगों की जान जाने का जिम्मेदार कौन होगा? संजय सिंह ने सवाल उठाया कि इंसान की जिंदगी इतनी सस्ती क्यों हो गई है कि '4 इंजन' की सरकार भी उसकी सुरक्षा नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य, एमसीडी और एलजी, सब पर इन्हीं का राज है। फिर भी सुरक्षा नहीं मिल पा रही। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ दिनों के लिए कार्रवाई होगी और फिर सबको दोषमुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि अभी सबसे जरूरी है कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जाए और उनका जीवन बचाया जाए। इसके बाद एक स्थायी समाधान खोजा जाना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि कम से कम डीयू के पास अपना हॉस्टल होना चाहिए, ताकि छात्रों को परेशान न होना पड़े। उन्होंने मुआवजे की घोषणा पर भी सवाल उठाया।1
- माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी भोपाल से मंडीदीप कार्यक्रम में सहभागिता के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की। दुर्घटना के बाद का Golden Hour बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में बिना देर किए की गई छोटी-सी मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है। सड़क पर सावधानी रखें, यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए जरूर आगे आएँ।1
- थानेदार के हनीट्रेप-ब्लैकमेलिंग, सुसाइड का मामला वाल्टरगंज के थानेदार सूर्यप्रकाश सिंह (57) से प्रियंका चौधरी के जिस्मानी ताल्लुकात बनाये वाल्टरगंज के थानेदार सूर्यप्रकाश सिंह (57) से प्रियंका चौधरी के जिस्मानी ताल्लुकात बनाये. DIG संजीव त्यागी ने बताया- "प्रियंका ने यह वीडियो बना लिया था. थानेदार को ब्लैकमेल करके एक करोड़ रूपये वसूलने का प्लान था. इस गैंग में प्रियंका के पिता और एक वकील शामिल है. वकील कानूनी संरक्षण देता है और शिकार फंस जाने पर सौदेबाजी करता था." थानेदार पर पैसे देने का दबाब था. उन्हें पैसा लेकर बुलाया जा रहा था. दबाब बनाने के लिए प्रियंका के सुसाइड का वीडियो थानेदार को भेजा था. दबाब में आये थानेदार ने सुसाइड कर लिया. प्रियंका की सुसाइड अटेम्प्ट वाली वीडियो और कुछ ऑडियो बरामद है. अश्लील वीडियो नही मिली है!! पुलिस के अनुसार इस गैंग के और भी अपराध है!! >मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक बिजनेसमैन को फंसाकर एक करोड़ रूपये वसूलने का प्रयास किया. उसे प्रियंका ने अपनी नस काटकर डराया था!! > जिस मकान में किराये पर रहते है, उस मकान मालिक को भी हनीट्रैप में फंसाकर वसूली की!! > एक ड्राइवर से भी इसी तरह फंसाकर वसूली की गयी!! हनीट्रेप, एक्सटॉर्शन से कमाई गयी सम्पत्ति जब्त की जायेगी!!1