_कान्हाचट्टी से ढेबरो होते पाण्डेयमहुआ जाने वाली सड़क की बड़की नदी पुल का दो पिलर डैमेज, खाई बनने से हादसे का खतरा_ कान्हाचट्टी(चतरा): कान्हाचट्टी से ढेबरो होते पांडेमहुआ जाने वाली सड़क पर कान्हाचट्टी बाजार से आधे किलोमीटर दूर बड़की नदी पुल की स्थिति जर्जर हो गई है। पुल का एप्रोच पथ पिछले वर्षात में भारी बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई। क्षतिग्रस्त एप्रोच पथ के सहारे ही छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन जारी है। पुल के निचले हिस्से में दो पिलर के बगल में गहरी खाई बन गई है, जिससे पिलर का अस्तित्व खतरे में है। पुल से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षात के समय आरईओ विभाग ने हल्की मरम्मत कर पैदल चलने लायक बनाया था, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। दो पिलरों के बीच बड़े गड्ढे बन गए हैं। पुल के बीच में बांस का बड़ा बखार भी फंसा है, जिससे बाकी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आगामी वर्षात में पुल पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। ग्रामीणों ने उपायुक्त से पुल की मरम्मत की मांग की है।
_कान्हाचट्टी से ढेबरो होते पाण्डेयमहुआ जाने वाली सड़क की बड़की नदी पुल का दो पिलर डैमेज, खाई बनने से हादसे का खतरा_ कान्हाचट्टी(चतरा): कान्हाचट्टी से ढेबरो होते पांडेमहुआ जाने वाली सड़क पर कान्हाचट्टी बाजार से आधे किलोमीटर दूर बड़की नदी पुल की स्थिति जर्जर हो गई है। पुल का एप्रोच पथ पिछले वर्षात में भारी बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई। क्षतिग्रस्त एप्रोच पथ के सहारे ही छोटी-बड़ी गाड़ियों का आवागमन जारी है। पुल के निचले हिस्से में दो पिलर के बगल में गहरी खाई बन गई है, जिससे पिलर का अस्तित्व खतरे में है। पुल से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षात के समय आरईओ विभाग ने हल्की मरम्मत कर पैदल चलने लायक बनाया था, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। दो पिलरों के बीच बड़े गड्ढे बन गए हैं। पुल के बीच में बांस का बड़ा बखार भी फंसा है, जिससे बाकी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आगामी वर्षात में पुल पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। ग्रामीणों ने उपायुक्त से पुल की मरम्मत की मांग की है।
- छिपादोहर,लातेहार: आज दिनांक 27 मार्च को पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव छिपा दोर थाने पहुंचे जहां आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के परिजनों के साथ एक अहम बैठक की जहां एसपी कुमार गौरव ने आत्मसमर्पण पॉलिसी के तहत आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के परिजनों को दी जाने वाली सुविधा के बारे में जानकारी तथा उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों को 5 लाख का बीमा, घर बनाने के लिए जमीन और आवास, आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा के लिए₹40000 सालाना तथा आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाती है जबकि अन्य सभी सुविधाओं के बारे में बताया| तथा सभी इनामी नक्सलियों को आत्म समर्पण कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की, इस दौरान वीडियो रेशमा रेखा मिंज, जिला डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा, बरवाडीह एसडीपीओ भारत राम, थाना प्रभारी यकीन अंसारी, ASI इंद्रजीत तिवारी, सच्चिदानंद कुमार, भोला कुमार तथा कई अन्य लोग उपस्थित थे1
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- आज दिनांक 27/04/2026 दिन सोमवार को 9:30 बजे उत्क्रमित मध्य विद्यालय पचड़ा में कांग्रेस कमिटी हजारीबाग जिला महासचिव सह पचड़ा पंचायत के माननीय मुखिया महेश प्रसाद साव द्वारा औचक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान पाया कि रसोइया लोग बैठ कर आराम फरमा रही थीं वहीं कच्चा छह के दो छात्राओं द्वारा सब्जी कटवाई जा रही थी l मुखिया महेश प्रसाद साव ने विद्यालय के प्रधान दुखहरण महतो को बुला कर साथ में रसोईया फटकार लगाते हुए भविष्य में विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों से किसी भी तरह का कार्य नहीं करवाने का हिदायद की और शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से जांच पड़ताल कर दोषी व्यक्तियों पर करवाई करने का मांग की1
- टिकारी ,गया जी (बिहार) के ऐतिहासिक टिकारी राज इंटर स्कूल के मैदान में पीटीसी का जलवा, महाराजा गोपाल शरण क्रिकेट टूर्नामेंट के रोमांचक फाइनल में टिकारी टाइगर्स को हराकर बना चैंपियन टिकारी में सुधीर क्रिकेट अकादमी द्वारा आयोजित महाराजा गोपाल शरण क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पीटीसी और टिकारी टाइगर्स के बीच बेहद रोमांचक अंदाज में खेला गया। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में पीटीसी ने बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर मुकाबला जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टिकारी टाइगर्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सभी विकेट खोकर 161 रन बनाए। टीम के बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत करते हुए पीटीसी के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पीटीसी की टीम ने शानदार संयम और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। मैच के अंतिम ओवरों तक रोमांच बना रहा, लेकिन पीटीसी ने 19.2 ओवर में 8 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। फाइनल मुकाबले में मयंक पांडे ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 23 रन बनाए और गेंदबाजी में 2 महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार गेंदबाजी और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अनिरुद्ध को बेस्ट बॉलर एवं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं शानदार फील्डिंग के लिए अंकित को बेस्ट फील्डर का पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मगध इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक सुधीर कुमार, पूर्व टिकारी विधानसभा प्रत्याशी कमलेश शर्मा तथा समाजसेवी मो. जफर बारी अंसारी उर्फ छोटू मियां उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीम को ट्रॉफी देकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। फाइनल मुकाबले में अंपायर की भूमिका सुधीर कुमार एवं नवनीत कुमार ने निभाई। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में मौजूद रहे। दर्शकों के उत्साह और तालियों से पूरा मैदान गूंजता रहा।1
- महुआडांड़ क्षेत्र के जेएसएलपीएस में धान खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि जहां धान की खरीद सीधे किसानों से की जानी थी, वहीं नियमों को दरकिनार करते हुए बाजार से खरीद की गई।सूत्रों के अनुसार, जिला से करीब 700 टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वास्तविकता में केवल 50 से 55 टन धान ही खरीदा गया। इतना ही नहीं, इस सीमित खरीद को भी किसानों के बजाय बाजार से किया गया, जो सरकारी नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि खरीद की वास्तविक मात्रा कम होने के बावजूद रजिस्टर में आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज किया गया। इससे पूरे मामले में हेराफेरी और भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है।इस मामले को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसानों से सीधे खरीद नहीं की गई, तो यह उनकी मेहनत के साथ अन्याय है। साथ ही, उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल, संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाए।1
- चतरा: उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए। खेल मैदान तक पहुंच पथ की समस्या पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विद्युत बिल की अनियमितता के संबंध में JREDA के माध्यम से सोलर पैनल स्थापना की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि दीर्घकालिक समाधान हो सके। विद्यालय परिसर में कटे हुए यूकेलिप्टस पेड़ों को हटाने के लिए उपायुक्त ने DIET के पदाधिकारी को आवश्यक पत्राचार करने का निर्देश दिया। बैठक में प्राचार्य मंटू कुमार, एसडीओ सिमरिया सह जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, विशेष आमंत्रित सदस्य धर्मेंद्र पाठक, चंद्रशेखर प्रसाद समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।1
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- लातेहार। जिले के बसिया पंचायत अंतर्गत तेतरिया खाड़ गांव में संचालित सीसीएल परियोजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीएनएम कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते करीब पांच वर्षों से कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (ओबी) हटाने और कोयला निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान कोयले की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। कोयले में मिट्टी और पत्थर मिलाकर निकासी किए जाने से न केवल इसकी कीमत प्रभावित हो रही है, बल्कि करीब 700 ट्रकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने कंपनी की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर कम दर पर लंबी अवधि का टेंडर लेकर स्थानीय ट्रक मालिकों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि उन्हें कारोबार से बाहर कर कंपनी अपने निजी डंपरों का संचालन कर सके। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीसीएल पिछले 35 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके अब तक कंपनी का खुद का सड़क मार्ग नहीं है और वह ग्रामीणों के सहयोग से ही संचालित होती रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कंपनी द्वारा कोयले में आग लगाकर इसका दोष ग्रामीणों पर मढ़ने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की साजिश की जा सकती है। साथ ही एससी/एसटी कानून के नाम पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके।1