कोटा: क्रांतिकारी आकाश में हमेशा ध्रुवतारे की तरह चमकेगा भगत सिंह का नाम विकल्प की काव्य गोष्ठी में उभरे सृजन और प्रतिरोध के स्वर कोटा। नगर की साहित्यिक संस्था विकल्प जन सांस्कृतिक मंच ने क्रांतिकारी महानायकों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस को साम्राज्यवाद-विरोधी जन चेतना दिवस के रूप में मनाया। प्रेस क्लब, कोटा के सभागार में शाम 4 बजे आयोजित विकल्प काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार ओम कटारा ने की। काव्य संध्या से पूर्व आयोजित विचार सत्र में प्रमुख वक्ता राजमल शर्मा ने भगत सिंह का प्रसिद्ध उद्धरण प्रस्तुत किया “साम्राज्यवाद ही युद्ध का कारण है। हम एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जो हमेशा के लिए साम्राज्यवादी युद्धों का अंत कर दे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल क्रांतिकारी नहीं, बल्कि उच्च कोटि के विचारक और लेखक भी थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि “क्रांति बम और पिस्तौल का दर्शन नहीं है, विचारों की सान पर ही क्रांति की तलवार तेज होती है। काव्य गोष्ठी में सृजन और प्रतिरोध की अनुगूंज अध्यक्षीय उद्बोधन में ओम कटारा ने कहा कि भगत सिंह का नाम विश्व के क्रांतिकारी शहीदों में हमेशा ध्रुवतारे की तरह चमकता रहेगा। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से भाव व्यक्त किया कि चलो जहां प्यासे होठों पर कोई नदी लहराती है। गोष्ठी का प्रारंभ कवि किशन वर्मा ने हाड़ौती कविता अरे बटोही थक मत जाज्यो, बटमारां को पहरो छै से किया। मयंक सोलंकी ने नवगीत में कहा कैसे हैं आर्तनाद, कैसा विध्वंस, सुलग उठे बम। गौरी शंकर जोशी ने भूख और असमानता पर तीखी कविता पढ़ी “कहा भूख ने प्यास से खुल कर बारम्बार, तेरे मेरे बीच में रोटी की दीवार।”विशिष्ट अतिथि विजय राघव ने ग़ज़ल में साम्राज्यवाद पर प्रहार किया “लूट के डॉलर पर इतराए अमरीकी मकड़ा।”विजय सिंह पालीवाल ने भगत सिंह को समर्पित कविता में कहा “अरे ओ भगतसिंह वाले, तुम हो आज़ादी की सोच के मतवाले।”प्रसिद्ध शायर चांद शेरी ने शेरों में विद्रोह का स्वर उठाया “घर खंजरों में अपना बनाया है तो शेरी, क्यों चैन से जीने की दुआ मांग रहे हो।” इन रचनाकारों ने भी किया काव्य पाठ गोष्ठी में विकल्प के अध्यक्ष दिनेश राय द्विवेदी, अहमद सिराज फारूकी, वेद प्रकाश, सीमा तबस्सुम, सत्येन्द्र वर्मा, बी.एल. वर्मा, महेन्द्र नेह, नारायण शर्मा, कृष्ण लाल वर्मा सहित अन्य कवियों ने अपनी प्रतिनिधि कविताएं पढ़ीं। श्रद्धांजलि और जन अभियान विकल्प की टीम ने पहले नगर के प्रमुख केंद्रों राजकीय महाविद्यालय स्थित भगत सिंह प्रतिमा पर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सी.बी. गार्डन, विवेकानंद स्मारक और अंबेडकर प्रतिमा परिसर में भगत सिंह के विचारों पर आधारित पोस्टर प्रदर्शन किया गया। इस जन अभियान का संचालन राजेन्द्र जैन, महेन्द्र पांडेय, अब्दुल गफूर, नारायण शर्मा और शब्बीर अहमद ने किया।विकल्प जन सांस्कृतिक मंच ने इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों और साम्राज्यवाद-विरोधी चेतना से जोड़ने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कोटा: क्रांतिकारी आकाश में हमेशा ध्रुवतारे की तरह चमकेगा भगत सिंह का नाम विकल्प की काव्य गोष्ठी में उभरे सृजन और प्रतिरोध के स्वर कोटा। नगर की साहित्यिक संस्था विकल्प जन सांस्कृतिक मंच ने क्रांतिकारी महानायकों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस को साम्राज्यवाद-विरोधी जन चेतना दिवस के रूप में मनाया। प्रेस क्लब, कोटा के सभागार में शाम 4 बजे आयोजित विकल्प काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार ओम कटारा ने की। काव्य संध्या से पूर्व आयोजित विचार सत्र में प्रमुख वक्ता राजमल शर्मा ने भगत सिंह का प्रसिद्ध उद्धरण प्रस्तुत किया “साम्राज्यवाद ही युद्ध का कारण है। हम एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जो हमेशा के लिए साम्राज्यवादी युद्धों का अंत कर दे। उन्होंने
कहा कि भगत सिंह केवल क्रांतिकारी नहीं, बल्कि उच्च कोटि के विचारक और लेखक भी थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि “क्रांति बम और पिस्तौल का दर्शन नहीं है, विचारों की सान पर ही क्रांति की तलवार तेज होती है। काव्य गोष्ठी में सृजन और प्रतिरोध की अनुगूंज अध्यक्षीय उद्बोधन में ओम कटारा ने कहा कि भगत सिंह का नाम विश्व के क्रांतिकारी शहीदों में हमेशा ध्रुवतारे की तरह चमकता रहेगा। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से भाव व्यक्त किया कि चलो जहां प्यासे होठों पर कोई नदी लहराती है। गोष्ठी का प्रारंभ कवि किशन वर्मा ने हाड़ौती कविता अरे बटोही थक मत जाज्यो, बटमारां को पहरो छै से किया। मयंक सोलंकी ने नवगीत में कहा कैसे हैं आर्तनाद, कैसा
विध्वंस, सुलग उठे बम। गौरी शंकर जोशी ने भूख और असमानता पर तीखी कविता पढ़ी “कहा भूख ने प्यास से खुल कर बारम्बार, तेरे मेरे बीच में रोटी की दीवार।”विशिष्ट अतिथि विजय राघव ने ग़ज़ल में साम्राज्यवाद पर प्रहार किया “लूट के डॉलर पर इतराए अमरीकी मकड़ा।”विजय सिंह पालीवाल ने भगत सिंह को समर्पित कविता में कहा “अरे ओ भगतसिंह वाले, तुम हो आज़ादी की सोच के मतवाले।”प्रसिद्ध शायर चांद शेरी ने शेरों में विद्रोह का स्वर उठाया “घर खंजरों में अपना बनाया है तो शेरी, क्यों चैन से जीने की दुआ मांग रहे हो।” इन रचनाकारों ने भी किया काव्य पाठ गोष्ठी में विकल्प के अध्यक्ष दिनेश राय द्विवेदी, अहमद सिराज फारूकी, वेद प्रकाश, सीमा तबस्सुम, सत्येन्द्र वर्मा,
बी.एल. वर्मा, महेन्द्र नेह, नारायण शर्मा, कृष्ण लाल वर्मा सहित अन्य कवियों ने अपनी प्रतिनिधि कविताएं पढ़ीं। श्रद्धांजलि और जन अभियान विकल्प की टीम ने पहले नगर के प्रमुख केंद्रों राजकीय महाविद्यालय स्थित भगत सिंह प्रतिमा पर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सी.बी. गार्डन, विवेकानंद स्मारक और अंबेडकर प्रतिमा परिसर में भगत सिंह के विचारों पर आधारित पोस्टर प्रदर्शन किया गया। इस जन अभियान का संचालन राजेन्द्र जैन, महेन्द्र पांडेय, अब्दुल गफूर, नारायण शर्मा और शब्बीर अहमद ने किया।विकल्प जन सांस्कृतिक मंच ने इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों और साम्राज्यवाद-विरोधी चेतना से जोड़ने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
- Post by Ahmed Siraj Farooqi1
- कोटा के नांता थाना क्षेत्र के नया खेड़ा इलाके में रविवार को दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। मारपीट की इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बना लिया, जो अब सामने आया है। जानकारी के अनुसार शंकर सुमन ढाबा, नया खेड़ा के पास 4 से 5 बाइक पर सवार होकर आए कुछ लोगों ने ढाबे पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। झगड़े में दोनों पक्षों के करीब 5 से 6 लोग घायल हो गए। मारपीट में घायल विष्णु, ब्रजमोहन और निर्मल को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं बीच-बचाव करने आए लोरीक गुर्जर पर भी हमला किया गया, जिससे उसके हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोट आई।2
- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दरा स्टेशन के समीप सोमवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर रविवार को एक ट्रक दरा घाटी में खराब होने के बाद जाम के हालात बने। इसके चलते सोमवार को भी लोगो को जाम का सामना करना पड़ा। वाहनों की कतारों के चलते दरा स्टेशन के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही जिससे दोनों तरफ से रेंग रेंग कर वाहन चल रहे हैं। ऐसे में एक वाहन को दरा घाटी पार करने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग रहा है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कनवास थाना SI से मिली जानकारी के अनुसार NH -52 पर जाम नहीं है। रविवार से ही इस रोड पर वाहनों का दबाव है। सुबह से ही कोटा से झालावाड़ व झालावाड़ से कोटा आने वाली दोनों लाइन फुल चल रही है। वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। सांगोद डीएसपी भी मौके पर RAC के जवान, मोड़क थाना, कनवास थाना का जाप्ता भी मौजूद हैं। यातायात सुधार करने में लगे है। घाटी क्षेत्र होने के कारण सड़क संकरी है, दरा की नाल से एक एक करके वाहनों को निकाला जा रहा है। दरअसल दरा की नाल में संकरा सिंगल-लेन पुल है। यह स्थिति बॉटलनेक बनाती है, जहां आमने-सामने से आने वाले भारी वाहनों के कारण यातायात ठप हो जाता है। पश्चिम-मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने दरा घाटी में रेलवे अंडरपास के निर्माण के लिए 9.5 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया।1
- कोटा में ब्याज के पैसों के लेन-देन को लेकर घर में अकेला पाकर एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने वारदात के बाद नकदी और आभूषण लेकर फरार होते हुए इसे लूट का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे में मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- Post by VKH NEWS1
- Post by अप्सरा अंसारी जिलाप्रभारी कोटा उत्तर महिला कांग्रेस सेवादल Ansari2
- केशवरायपाटन,नोताडा क्षेत्र में अवैध खनन पर कोटा माइनिंग विभाग की टीम ने की कार्रवाई, दो वाहनों पर लगाया 2लाख 37 हजार का जुर्माना1
- दरा की घाटी में बीच सड़क पर वाहन खराब होने से कल एक बार फिर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।1