सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान के तहत प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त तीन वाहनों को जब्त किया है। जांच के दौरान, एक बिना नंबर वाला ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया, जिसे बरगवां पुलिस थाना में सुरक्षित खड़ा कराया गया। इसी तरह, वाहन क्रमांक यूपी 64 बीटी 5171 को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़े जाने पर चितरंगी थाना में जब्त किया गया। एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली (एमपी 66 जेडीबी 4475) को बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी ढोते हुए पाए जाने पर कोतवाली बैढ़न थाना में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए इन सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस सतत कार्रवाई से अवैध खनिज परिवहन में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है, और यह खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व सुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी साफ तौर पर दर्शाता है।
सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान के तहत प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त तीन वाहनों को जब्त किया है। जांच के दौरान, एक बिना नंबर वाला ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया, जिसे बरगवां पुलिस थाना में सुरक्षित खड़ा कराया गया। इसी तरह, वाहन क्रमांक यूपी 64 बीटी 5171 को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़े जाने पर चितरंगी थाना में जब्त किया गया। एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली (एमपी 66 जेडीबी 4475) को बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी ढोते हुए पाए जाने पर कोतवाली बैढ़न थाना में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए इन सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस सतत कार्रवाई से अवैध खनिज परिवहन में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है, और यह खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व सुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी साफ तौर पर दर्शाता है।
- सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान के तहत प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त तीन वाहनों को जब्त किया है। जांच के दौरान, एक बिना नंबर वाला ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया, जिसे बरगवां पुलिस थाना में सुरक्षित खड़ा कराया गया। इसी तरह, वाहन क्रमांक यूपी 64 बीटी 5171 को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़े जाने पर चितरंगी थाना में जब्त किया गया। एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली (एमपी 66 जेडीबी 4475) को बिना वैध दस्तावेजों के गिट्टी ढोते हुए पाए जाने पर कोतवाली बैढ़न थाना में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए इन सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस सतत कार्रवाई से अवैध खनिज परिवहन में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है, और यह खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व सुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी साफ तौर पर दर्शाता है।1
- एक घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर चक्काजाम कर दिया।1
- मध्यप्रदेश के रीवा जिले की मनगवां विधानसभा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नदना उर्फ डिहिया में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक आदिवासी महिला घायल हो गई। गाँव में सड़क की सुविधा न होने के कारण, महिला के परिजनों को उसे दो किलोमीटर तक खाट पर लादकर ले जाना पड़ा, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। यह स्थिति तब है जब मनगवां के विधायक द्वारा इस ग्राम पंचायत को विधायक निधि से ₹5,00,000 दिए गए थे। आरोप है कि ये धनराशि 'कमीशन बाजी' की भेंट चढ़ गई और सड़क सिर्फ कागजों पर ही बनी हुई है। हकीकत यह है कि आज भी मरीजों को इलाज के लिए चारपाई पर रखकर दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। आजादी के इतने वर्षों बाद भी मनगवां विधानसभा में ऐसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है, जो क्षेत्र में विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।2
- सत्ताधारी सरकार द्वारा बहन-बेटियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, प्रदेश में रेप, हत्या और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे मामलों में केवल बयानबाजी की जगह त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। इसी बीच, सीधी जिले के चुरहट विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मवई की एक चर्चित घटना से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पीड़ित परिवार पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाता दिख रहा है। परिजनों का आरोप है कि युवती के लापता होने के बाद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि शुरुआत से ही मामले की गंभीरता से जांच की जाती, तो शायद आज स्थिति कुछ अलग होती। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर विभिन्न दावे और आरोप लगातार लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो और परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है। ऐसे संवेदनशील प्रकरणों में अंतिम निष्कर्ष केवल विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आ पाएगा। इस पूरे मामले में लोगों की प्रमुख मांग है कि घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, यदि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई हो, और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले।1
- सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय नकली शराब नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश करते हुए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने लगभग 25 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब निर्माण सामग्री, जिसमें 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, 36 हजार कांच की शराब की शीशियां, कैरेमल, फ्लेवरिंग एसेंस और ब्रांडेड पैकिंग टेप शामिल थे, के साथ एक ट्रेलर वाहन भी बरामद किया है। इस कार्रवाई में हरियाणा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामा ढाबा परिसर में खड़े ट्रेलर की तलाशी के दौरान यह भारी मात्रा में नकली शराब बनाने का सामान जब्त किया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि यह सामग्री पंजाब से बिहार-झारखंड सीमा तक ले जाई जा रही थी, जहाँ नकली शराब तैयार कर प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर बाजार में बेची जानी थी। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फर्जी बिल्टी का उपयोग करता था, एक ही वाहन नंबर का कई गाड़ियों में इस्तेमाल करता था और पूरे नेटवर्क का संचालन व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से करता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है।4
- सोनभद्र जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ मारकुंडी घाटी के पास जिले का पहला संगठित औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह महत्वपूर्ण परियोजना 50 से 80 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। इस पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और जिले में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।1
- सिंगरौली जिले के जिला अस्पताल के ड्रामा सेंटर में एक महिला की फिर मौत हो गई है। यह घटना उसी स्थान पर हुई जहाँ पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई थीं, जिससे स्थिति की गंभीरता पर ध्यान आकर्षित होता है।1
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर रविवार रात लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की घोर तकनीकी लापरवाही के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मार्ग चौड़ीकरण के भारी-भरकम प्रोजेक्ट में निर्माण एजेंसी ने मुड़िलाडीह और ओदार गांव के पास मुख्य सड़क पर बिना किसी रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड के एक 5 फीट गहरा जानलेवा गड्ढा खुला छोड़ दिया था। आधी रात के अंधेरे में समतल सड़क के भरोसे चल रहे यात्रियों को इस खतरे का आभास नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप एक तेज रफ्तार मालवाहक पिकअप ने सवारी ऑटो और मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो पिकअप में फंसकर सड़क पर लगभग 50 मीटर तक घिसटती चली गई, जिससे महिलाओं और बच्चों सहित कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस प्रशासनिक लापरवाही से उग्र हुए स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर भारी हंगामा करते हुए चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की इस घोर अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख घोरावल कोतवाली पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभाला। पुलिस प्रशासन द्वारा उत्तेजित ग्रामीणों को संबंधित ठेकेदार और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया गया, जिसके बाद लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद विवाद शांत हुआ और यातायात दोबारा बहाल कराया जा सका। करोड़ों के बजट, कागजी 'सेफ्टी ऑडिट' और धरातल पर मौत के गड्ढे के बीच अब यह बड़ा नीतिगत और वैधानिक सवाल खड़ा हो गया है कि क्या हर बार की तरह इस बार भी महज आश्वासन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा, या फिर लोक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस तंत्र पर वास्तविक कानूनी हंटर चलेगा?1