अतरार गांव में एससी-एसटी मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश हमीरपुर। बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार में एससी-एसटी एक्ट के मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर एक व्यक्ति और उसकी पुत्रियों पर ग्रामीणों को आए दिन गाली-गलौज करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने तथा मुकदमे दर्ज कराने के बाद धन उगाही करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव निवासी परदेश उर्फ अवधेश पुत्र रामसनेही अनुसूचित जाति से हैं और आए दिन ग्रामीणों को परेशान करते हैं। आरोप है कि विवाद होने पर ग्रामीणों को एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में भी गांव के कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बाद धन उगाही किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ लेने के उद्देश्य से भी कथित तौर पर मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, ये सभी आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के कारण गांव के लोग भयभीत हैं। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित व्यक्ति और उसकी पुत्रियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी जांच कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। शिकायती पत्र पर मुरलिया, रामकुमार, अवधेश, मुकेश तिवारी, नन्हे, दिनेश, अनिल, हरि सिंह, लालमन, शिवकुमार, रामबाबू, कालका प्रसाद, दशरथ समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
अतरार गांव में एससी-एसटी मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश हमीरपुर। बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार में एससी-एसटी एक्ट के मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर एक व्यक्ति और उसकी पुत्रियों पर ग्रामीणों को आए दिन गाली-गलौज करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने तथा मुकदमे दर्ज कराने के बाद धन उगाही करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव निवासी परदेश उर्फ अवधेश पुत्र रामसनेही अनुसूचित जाति से हैं और आए
दिन ग्रामीणों को परेशान करते हैं। आरोप है कि विवाद होने पर ग्रामीणों को एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में भी गांव के कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बाद धन उगाही किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ लेने के उद्देश्य से भी कथित तौर पर मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, ये सभी आरोप ग्रामीणों की ओर से
लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के कारण गांव के लोग भयभीत हैं। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित व्यक्ति और उसकी पुत्रियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी जांच कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। शिकायती पत्र पर मुरलिया, रामकुमार, अवधेश, मुकेश तिवारी, नन्हे, दिनेश, अनिल, हरि सिंह, लालमन, शिवकुमार, रामबाबू, कालका प्रसाद, दशरथ समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
- अतरार गांव में एससी-एसटी मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश हमीरपुर। बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार में एससी-एसटी एक्ट के मुकदमों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर एक व्यक्ति और उसकी पुत्रियों पर ग्रामीणों को आए दिन गाली-गलौज करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने तथा मुकदमे दर्ज कराने के बाद धन उगाही करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव निवासी परदेश उर्फ अवधेश पुत्र रामसनेही अनुसूचित जाति से हैं और आए दिन ग्रामीणों को परेशान करते हैं। आरोप है कि विवाद होने पर ग्रामीणों को एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में भी गांव के कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बाद धन उगाही किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ लेने के उद्देश्य से भी कथित तौर पर मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, ये सभी आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के कारण गांव के लोग भयभीत हैं। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित व्यक्ति और उसकी पुत्रियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी जांच कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। शिकायती पत्र पर मुरलिया, रामकुमार, अवधेश, मुकेश तिवारी, नन्हे, दिनेश, अनिल, हरि सिंह, लालमन, शिवकुमार, रामबाबू, कालका प्रसाद, दशरथ समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।3
- आज मैं शीतला माता मंदिर गुड़गांव गया था वहां जाकर देखा तो बहुत ही सुंदर नजारा है जय मां शीतला 🙏🏻🙏🏻 जय मां शीतला 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻1
- UGC के प्रस्तावित प्रावधानों के विरोध में स्वर्ण समाज ने निकाली पैदल यात्रा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन घाटमपुर। UGC से संबंधित प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर स्वर्ण समाज के लोगों ने शनिवार को घाटमपुर में पैदल यात्रा निकालकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। बस स्टैंड घाटमपुर से शुरू हुई पैदल यात्रा में समाज के लोग शामिल हुए। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने UGC से संबंधित प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। तहसील परिसर पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और उसे राष्ट्रपति महोदया तक भेजने का अनुरोध किया। ज्ञापन में कहा गया कि उच्च शिक्षा से जुड़े किसी भी नए प्रावधान को लागू करने से पहले उसके संभावित सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रभावों का व्यापक अध्ययन किया जाना चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर उनकी राय भी ली जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित प्रावधानों की निष्पक्ष एवं व्यापक समीक्षा कराने की मांग रखी। स्वर्ण समाज के लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के हित, समान अवसर और पारदर्शिता से जुड़े विषयों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के सामने रखना है। उन्होंने मांग की कि उच्च शिक्षा से जुड़े निर्णय लेते समय विद्यार्थियों के भविष्य और शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखा जाए। इस दौरान कृष्णा बाजपेई ने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया से पूरे मामले पर उचित स्तर पर विचार करने और विद्यार्थियों के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग UGC से संबंधित प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा, विद्यार्थियों के लिए समान शैक्षणिक अवसर, पारदर्शिता तथा प्रस्तावित प्रावधानों के प्रभाव का अध्ययन कराना है। पैदल यात्रा और ज्ञापन कार्यक्रम में कृष्णा बाजपेई, अभिषेक परमार चंद्रवीर हरिराज सिंह दिव्यांशु सिंह बासु भूपेंद्र ठाकुर राकेश सिंह शेखर ठाकुर आयुष परिहार अभय ठाकुर मनबोधन सिंह, झब्बू सिंह, संगम ठाकुर, कपिल शुक्ला, पिंटू परमार, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- घाटमपुर तहसील दिवस में सुनी गईं फरियाद, 227 शिकायतों में 16 का मौके पर निस्तारण रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर घाटमपुर (कानपुर नगर)। घाटमपुर तहसील परिसर में शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। तहसील दिवस में कुल 227 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। राजस्व विभाग की 98 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा पुलिस विभाग से 38, विकास विभाग से 31, नगर पालिका से 10, विद्युत विभाग से 10, आपूर्ति विभाग से 9, पीडी कानपुर नगर से 8, जल निगम से 6, जिला समाज कल्याण विभाग से 5, डीपीआरओ कानपुर नगर से 5, कृषि विभाग से 3, बैंक से 2 तथा जिला विद्यालय निरीक्षक से संबंधित 2 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। तहसील दिवस के दौरान कुल 16 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का नियमानुसार समाधान करते हुए उसे कार्रवाई से अवगत भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना प्राथमिकता है। तहसील दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।2
- सोमवती संखवार घाटमपुर के वार्डों में लोगों के साथ की बैठक, लोगों के बदले विचार सपा को जिताने की ली शपथ कानपुर घाटमपुर शनिवार को शाम 4 बजे शास्त्री नगर घाटमपुर में सपा की दावेदार सोमवती संखवार ने एक मीटिंग किया। जिसमें यादव संखवार समाज के लोग इकट्ठे होकर उनकी बातों को बड़े ध्यान से सुना। संखवार ने सब की भलाई और सुख दुःख में साथ खड़े होकर मदद करने का आश्वासन दिया। और बताया कि हर समाज के लोग एकत्र होकर अपना विचार बदल कर 2027 में सपा को जिताने के लिए तैयार है। उन्होंने सपा के विचारों को सबके सामने रखा। पूरा शास्त्री नगर के लोगों ने उनके साथ तन मन धन से सहयोग करने का वादा किया है। मौके पर राजेश संखवार सभासद सभासद, भूतपूर्व सभासद मंजूला, विजय कुमार सभासद, विजय कुमार संखवार,रामा आसरे संखवार , सुनीता संखवार, रीना संखवार , शैलेश संखवार , आशीष कुमार व अन्य लोग मौजूद रहे।3
- मौदहानगर की कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों से गूंज मौदहा 🔹 सुबह-शाम आरती, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर 🔹 गणेश पंडालों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ 🔹 अरतरा चौराहा, मराठीपुरा, मथुरा मंदिर रोड और रामलीला मैदान में सजे पंडाल 🔹 धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भक्तिमय हुआ माहौल 🔹 आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण 🔹 गणेशोत्सव में युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी 🔹 गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज रहा पूरा कस्बा1
- राहुल राज ग्रुप के कलाकारों ने प्रस्तुति की नयनाभिराम झांकियां सदर विधायक ने गणेश पूजन कर किया शुभारंभ हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में नगर पंचायत के ठीक बगल में श्री गणेश सेवा समिति के रंगबाज महाराज प्रतिमा के समक्ष कानपुर से आए राहुल राज ग्रुप के कलाकारों ने धार्मिक झांकियों की शानदार प्रस्तुति देकर जमकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम का सदर विधायक ने गणेश प्रतिमा की आरती उतारकर शुभारंभ किया कस्बे में चल रहे गणेश महोत्सव की चौथी रात नगर पंचायत के समीप स्थापित रंगबाज महाराज गणेश पंडाल में कानपुर के चर्चित राहुल राज ग्रुप के कलाकारों ने धार्मिक झांकियों की मनमोहक प्रस्तुति देकर जमकर तालियां बटोरी। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक डा. मनोज कुमार प्रजापति ने गणेश प्रतिमा की आरती उतार कर किया। कलाकारों ने राधा कृष्ण, शिव पार्वती, हनुमान, कृष्ण सुदामा, राम दरबार आदि की नयनाभिराम प्रस्तुति दी। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू, सोनू तिवारी, समिति के अध्यक्ष अनुभव मिश्रा, संजय ओमर, बाल गोपाल गुप्ता, अनुज शिवहरे, संदीप गुप्ता, कार्तिक गुप्ता, बाबू सोनी, अभिषेक ओमर, आर्यन चंदेल, आदित्य तिवारी, राजन गुप्ता, मोनू गुप्ता, अमन गुप्ता, अजय कोबरा आदि मौजूद रहे। इसी तरह रामलीला मैदान के गणेश पंडाल मे भी बीती रात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।2
- ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष की जेल और ₹20,000 का जुर्माना घाटमपुर।सजेती थाना पुलिस और अभियोजन शाखा को एक बड़ी सफलता मिली है।न्यायालय एडीजे कोर्ट माती, कानपुर देहात ने नाबालिग के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।सजेती थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार, थाना सजेती पर पंजीकृत मुकदमा के तहत आरोपी रामू पुत्र खेतइया (निवासी मऊनखत, थाना सजेती, के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज था। इस जघन्य मामले को प्राथमिकता पर लिया गया। थाना सजेती पुलिस और अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में बेहद मजबूत पैरवी की गई। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों को सही समय पर प्रस्तुत करने के फलस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए कड़ी सजा से दंडित किया। इस फैसले से जहां पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है, वहीं आम जनता में पुलिस व न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।इस मामले में अभियोजन अधिकारी के रूप में अजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी क्रिमिनल) ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से सरकार का पक्ष रखा। इसके साथ ही कोर्ट में सटीक पैरवी सुनिश्चित करने में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। थाना प्रभारी अनुज कुमार, पूजा देवी, महिला उपनिरीक्षक,इशरार मोहम्मद (हेड कांस्टेबल, पैरोकार कुलदीप कुमार कांस्टेबल व पैरोकार रीता कुमारी महिला कांस्टेबल कोर्ट मोहर्रिर कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट ने इस फैसले के बाद अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए दोहराया है कि वे समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।1