Shuru
Apke Nagar Ki App…
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में स्थित बदखर परशुराम राम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक डूब गया। यह घटना करीब 7 बजे हुई, जिसमें संतोष रजक का बेटा तालाब में समा गया। सूचना दिए जाने के एक घंटे बाद भी मौके पर पुलिस या गोताखोर नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह कोई अकेली घटना नहीं है; दो दिन पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसा ही एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस बार, आक्रोशित परिजन प्रशासन की लापरवाही के विरोध में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध खनन के चलते अब तक एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। नगर निगम द्वारा तालाब का पुनर्विकास कार्य भी किया जा रहा है, हालांकि यह कथित तौर पर सामने वाले हिस्से का है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में स्थित बदखर परशुराम राम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक डूब गया। यह घटना करीब 7 बजे हुई, जिसमें संतोष रजक का बेटा तालाब में समा गया। सूचना दिए जाने के एक घंटे बाद भी मौके पर पुलिस या गोताखोर नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह कोई अकेली घटना नहीं है; दो दिन पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसा ही एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस बार, आक्रोशित परिजन प्रशासन की लापरवाही के विरोध में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध खनन के चलते अब तक एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। नगर निगम द्वारा तालाब का पुनर्विकास कार्य भी किया जा रहा है, हालांकि यह कथित तौर पर सामने वाले हिस्से का है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बदखर परशुराम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक के डूबने से परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी तालाब में दो दिन पहले भी इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर प्रदर्शन किया गया था। ताजा घटना के बाद आक्रोशित परिजन अब एक बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।1
- सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में स्थित बदखर परशुराम राम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक डूब गया। यह घटना करीब 7 बजे हुई, जिसमें संतोष रजक का बेटा तालाब में समा गया। सूचना दिए जाने के एक घंटे बाद भी मौके पर पुलिस या गोताखोर नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह कोई अकेली घटना नहीं है; दो दिन पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसा ही एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस बार, आक्रोशित परिजन प्रशासन की लापरवाही के विरोध में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध खनन के चलते अब तक एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। नगर निगम द्वारा तालाब का पुनर्विकास कार्य भी किया जा रहा है, हालांकि यह कथित तौर पर सामने वाले हिस्से का है।1
- मैहर जिले के घुनवारा गेहूं उपार्जन केंद्र से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र में निर्धारित मानक से अधिक गेहूं तौलकर लिया जा रहा है और विभिन्न कांटों पर अलग-अलग वजन दर्ज किया जा रहा है। मौके पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो और किसानों के बयानों के अनुसार, एक कांटे पर 50.750 किलो, दूसरे पर 50.950 किलो और तीसरे कांटे पर 51.310 किलो तक गेहूं तौला जा रहा है। किसानों ने कैमरे पर दावा किया कि उनसे तय सीमा से अधिक गेहूं लिया जा रहा है। उन्होंने अपनी मजबूरी व्यक्त करते हुए कहा कि, "हम मजबूरी में फसल बेचने आते हैं, अगर यहां ज्यादा तौल लिया जा रहा है तो हम क्या कर सकते हैं?" यह मामला तब और गंभीर हो गया जब वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान समिति प्रबंधन से सवाल पूछे गए। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो में दर्ज बातचीत के मुताबिक, समिति प्रबंधक नरेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में यह पूरा प्रकरण चलता रहा। बातचीत के दौरान, पहले तौल में गलती होने की बात स्वीकार की गई, लेकिन बाद में कथित तौर पर पत्रकारों को चुनौती भरे लहजे में कहा गया कि "मैहर जिले के पत्रकार मेरा क्या उखाड़ लेंगे सब सेटिंग है।" वीडियो में यह भी कथित तौर पर सामने आया कि तौल कर रहे कर्मचारियों से यह कहलवाने की कोशिश की गई कि वे किसान हैं और अपनी इच्छा से अधिक गेहूं दे रहे हैं। इस पर बड़ा सवाल उठाया गया है कि कोई किसान अपनी मेहनत की फसल में से 700 ग्राम, 900 ग्राम या 1 किलो से ज्यादा गेहूं मुफ्त में क्यों देगा? इस पूरे प्रकरण से घुनवारा उपार्जन केंद्र में तौल मशीनों की समय-समय पर जांच, अलग-अलग कांटों पर अलग-अलग वजन दिखने और किसानों से अतिरिक्त गेहूं लिए जाने जैसे बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले से अनजान हैं या कार्रवाई से बच रहे हैं। वीडियो अब प्रशासन और खाद्य खरीदी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल छोड़ रहा है, और यदि किसानों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसे केवल तौल की गड़बड़ी नहीं बल्कि किसानों की मेहनत और अधिकारों पर सीधा प्रहार माना जाएगा। जन आवाज साथी राहुल भाई द्वारा प्रशासन को जगाने की कोशिश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके दबाव में प्रशासन काम कर रहा है और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।1
- सतना शहर की सिटी कोतवाली में आधी रात उस समय हड़कंप मच गया जब दो पुलिसकर्मी मामूली विवाद के बाद आपस में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने लगे। वर्दी में तैनात इन जवानों के बीच हुई इस झड़प से थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस का इस तरह सार्वजनिक रूप से भिड़ना विभाग की छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद किसी छोटी बात को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गया। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। मामले की आगे की जांच सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है।1
- सतना जिले में चंदन के पेड़ चोरी करने वाले एक गिरोह का नागौद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस पारदी गिरोह की तीन महिलाओं समेत कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, गिरोह के सदस्यों ने नागौद, रामपुर बाघेलान, सिंहपुर, अमरपाटन और चौकी बाबूपुर जैसे विभिन्न इलाकों में चंदन के पेड़ चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। यह सफलता टीआई अशोक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली है।1
- एक तीखा और बार-बार दोहराया गया सवाल उठाया गया है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि क्या वे 'ऐसी जगह' में रह सकते हैं। इस प्रश्न को कई बार दोहराकर इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस 'जगह' का जिक्र किया जा रहा है, वहां की परिस्थितियां संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं। यह सवाल एक चुनौती के रूप में सामने आता है, जो उन जिम्मेदार लोगों से उन स्थितियों का अनुभव करने की अपेक्षा करता है, जिनका सामना अन्य लोग कर रहे होंगे।1
- मैहर के ग्राम डेल्हा में एक भव्य निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि सरपंच अभिषेक जायसवाल ने इसमें सक्रिय और अहम भूमिका निभाई, जिनके प्रयासों और पहल से ही यह स्वास्थ्य शिविर संभव हो सका। शिविर में उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने आंखों की देखभाल, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, उचित पोषण और नियमित जांच के महत्व पर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपने नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े कई सवालों के समाधान भी प्राप्त किए। लोगों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए ऐसे शिविरों का समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए। यह निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर ग्राम डेल्हा में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी और अत्यंत सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।4
- आज, सोमवार दिनांक 1 जून 2026 को, माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर में संध्याकालीन दर्शन और आरती का आयोजन किया गया।4