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हमीरपुर में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड में मृत हुए छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च नगर पालिका के पार्क से शुरू होकर दक्षिण संकटमोचन हनुमान मंदिर पर संपन्न हुआ। इस दौरान, परिषद की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दीपा तिवारी ने शासन और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों की मौत के लिए सीधे तौर पर शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
Sheelu Nishad
हमीरपुर में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड में मृत हुए छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च नगर पालिका के पार्क से शुरू होकर दक्षिण संकटमोचन हनुमान मंदिर पर संपन्न हुआ। इस दौरान, परिषद की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दीपा तिवारी ने शासन और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों की मौत के लिए सीधे तौर पर शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
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- हमीरपुर जिले के मौदहा नगर में देर रात अज्ञात कारणों से एक पशु बाड़े में भीषण आग लग गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 बकरियां जलकर राख हो गईं। आग के कारण भूसा, गेहूं समेत ₹1 लाख से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपए का कुल नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के प्रयासों में हल्की बारिश ने भी मदद की। फिलहाल, राजस्व विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।1
- कानपुर देहात में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) टीम की प्रभारी निरीक्षक रीना गौतम ने अपनी टीम के साथ, श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजेश श्रीवास्तव और बाल संरक्षण अधिकारी धर्मेंद्र ओझा के साथ मिलकर बालश्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह के विरुद्ध एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान जनपद के भीड़भाड़ वाले स्थानों, चौराहों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण किया गया। गुरुवार शाम करीब सात बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 26 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें 10 निरीक्षण टिप्पणियां अंकित की गईं। अभियान में 13 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराते हुए उनका रेस्क्यू किया गया, जिन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आवश्यक काउंसलिंग भी प्रदान की गई। थाना एएचटी टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों और आमजन को बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में जागरूक किया। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कार्य पर लगाना कानूनन अपराध है। इसके अतिरिक्त, शासन एवं प्रशासन द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181, 1076, 1090 और 108 के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई। कानपुर देहात पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति अथवा बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी प्राप्त होती है, तो वे तत्काल संबंधित हेल्पलाइन अथवा निकटतम पुलिस इकाई को सूचित करें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के सजेती थाना क्षेत्र स्थित किरार गाँव के पास चल रहे रेलवे ट्रैक और पुल निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधीन कार्यरत एक 16 वर्षीय किशोर श्रमिक की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान 16 वर्षीय जमाल हक, पुत्र नजमुल हक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के शमशेरगंज के वार्ड नंबर 02 का निवासी था। जमाल अपने गाँव के 4-5 साथियों के साथ इस रेलवे निर्माण कार्य में लगा हुआ था। किरार गाँव के पास पुल पर काम करते समय वह अचानक अनियंत्रित होकर ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद उसके साथ काम कर रहे कर्मचारी और ग्रामीण उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सजेती थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवक की मौत के सटीक कारणों और हादसे की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। इस घटना के बाद मृतक के साथियों और गाँव में कोहराम मच गया है।2
- कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशनागर से मिली जानकारी के अनुसार, शिया ने केतन की मौत की साजिश कई बार रची थी। इस मामले में मोहम्मद अनीश कुरैशी का भी उल्लेख है।1
- जालौन पुलिस ने कालपी और आटा क्षेत्रों में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कालपी पुलिस, आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त भागीदारी से की गई। कालपी कोतवाली क्षेत्र में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने सनी, पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा और पुष्पेन्द्र उर्फ राजा को गिरफ्तार किया। इस मामले में अभी एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 9,200 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन तथा एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, थाना आटा क्षेत्र में एक चोरी के मामले का खुलासा करते हुए मिठ्ठू उर्फ शिवकुमार और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 135 ग्राम सोना और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।1
- मूल पोस्ट के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि एक निश्चित कहानी पर 1076 लगाने की आवश्यकता होगी।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद, हमीरपुर प्रशासन ने जिले के कोचिंग सेंटरों पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में, एक संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। इस निरीक्षण अभियान में DIOS महेश गुप्ता, SDM अभिषेक कुमार, CFO रेहान और CO सदर सहित कई अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान, सुरक्षा मानकों को पूरा न करने पर 'नई पहल डिजिटल लाइब्रेरी' को सीज कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई की खबर मिलते ही जिले के कई अन्य कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने अपने संस्थान बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए। जिला मुख्यालय के कोचिंग सेंटरों की जांच अभी भी जारी है, और ऐसी संभावना है कि अन्य संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।1
- एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया, जिसके तहत उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का दौरा किया। इस दौरान, महोदया ने अभिलेखों, कार्यालयी कार्यप्रणाली और जनशिकायतों के निस्तारण संबंधी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अपराध शाखा, महिला सहायता प्रकोष्ठ, सीसीटीएनएस शाखा, शिकायत प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ सहित अन्य कार्यालयी शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। इस निरीक्षण में, एडीजी जोन ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रख-रखाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही, लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान पर विशेष बल दिया गया। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, निरीक्षण में कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अभिलेखों के रख-रखाव, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और कार्यालयी कार्यों की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया गया। महोदया ने कार्यालय में संचालित विभिन्न तकनीकी नवाचारों और जनहितकारी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त कर उनकी सराहना की और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी प्रदान किए।1
- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।1