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मधेपुरा में ‘सखी वार्ता’ से बेटियों के अधिकारों पर जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ को मिला बल” बिहार के मधेपुरा से एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना है। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और जिलाधिकारी मधेपुरा के निर्देशानुसार शंकरपुर प्रखंड स्थित जानकी CLF, जीविका में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन मधेपुरा के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूणहत्या और गिरते लिंगानुपात जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। “हमें बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। दोनों को समान रूप से शिक्षा और अवसर देना जरूरी है।” जिला मिशन समन्वयक मो. इमरान आलम ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल सभी लोग दंड के भागीदार होते हैं। “बाल विवाह कानून के तहत बाराती, बैंड-बाजा और सभी शामिल लोग सजा के हकदार होते हैं।” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने बताया कि महिलाओं की सहायता के लिए जिला स्तर पर मिशन शक्ति कार्यालय संचालित है। उन्होंने महिलाओं से टोलफ्री नंबर 181 पर संपर्क कर सहायता लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और बेटियों के विकास में अहम बताया गया। “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना जिले में बेटियों के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।” इस कार्यक्रम में सामुदायिक समन्वयक और कई जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जागरूकता की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

3 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
3 hrs ago

मधेपुरा में ‘सखी वार्ता’ से बेटियों के अधिकारों पर जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ को मिला बल” बिहार के मधेपुरा से एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना है। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और जिलाधिकारी मधेपुरा के निर्देशानुसार शंकरपुर प्रखंड स्थित जानकी CLF, जीविका में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन मधेपुरा के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूणहत्या और गिरते लिंगानुपात जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। “हमें बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। दोनों को समान रूप से शिक्षा और अवसर

देना जरूरी है।” जिला मिशन समन्वयक मो. इमरान आलम ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल सभी लोग दंड के भागीदार होते हैं। “बाल विवाह कानून के तहत बाराती, बैंड-बाजा और सभी शामिल लोग सजा के हकदार होते हैं।” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने बताया कि महिलाओं की सहायता के लिए जिला स्तर पर मिशन शक्ति कार्यालय संचालित है। उन्होंने महिलाओं से टोलफ्री नंबर 181 पर संपर्क कर सहायता लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और बेटियों के विकास में अहम बताया गया। “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना जिले में बेटियों के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।” इस कार्यक्रम में सामुदायिक समन्वयक और कई जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जागरूकता की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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  • बिहार के मधेपुरा से एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना है। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और जिलाधिकारी मधेपुरा के निर्देशानुसार शंकरपुर प्रखंड स्थित जानकी CLF, जीविका में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन मधेपुरा के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूणहत्या और गिरते लिंगानुपात जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। “हमें बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। दोनों को समान रूप से शिक्षा और अवसर देना जरूरी है।” जिला मिशन समन्वयक मो. इमरान आलम ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल सभी लोग दंड के भागीदार होते हैं। “बाल विवाह कानून के तहत बाराती, बैंड-बाजा और सभी शामिल लोग सजा के हकदार होते हैं।” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने बताया कि महिलाओं की सहायता के लिए जिला स्तर पर मिशन शक्ति कार्यालय संचालित है। उन्होंने महिलाओं से टोलफ्री नंबर 181 पर संपर्क कर सहायता लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और बेटियों के विकास में अहम बताया गया। “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना जिले में बेटियों के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।” इस कार्यक्रम में सामुदायिक समन्वयक और कई जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जागरूकता की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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    बिहार के मधेपुरा से एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना है।
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और जिलाधिकारी मधेपुरा के निर्देशानुसार शंकरपुर प्रखंड स्थित जानकी CLF, जीविका में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन मधेपुरा के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूणहत्या और गिरते लिंगानुपात जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
“हमें बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। दोनों को समान रूप से शिक्षा और अवसर देना जरूरी है।”
जिला मिशन समन्वयक मो. इमरान आलम ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल सभी लोग दंड के भागीदार होते हैं।
“बाल विवाह कानून के तहत बाराती, बैंड-बाजा और सभी शामिल लोग सजा के हकदार होते हैं।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार ने बताया कि महिलाओं की सहायता के लिए जिला स्तर पर मिशन शक्ति कार्यालय संचालित है। उन्होंने महिलाओं से टोलफ्री नंबर 181 पर संपर्क कर सहायता लेने की अपील की।
साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और बेटियों के विकास में अहम बताया गया।
“बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना जिले में बेटियों के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।”
इस कार्यक्रम में सामुदायिक समन्वयक और कई जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जागरूकता की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Sumit Kumar
    1
    Post by Sumit Kumar
    user_Sumit Kumar
    Sumit Kumar
    पत्रकार Madhepura, Bihar•
    8 hrs ago
  • Post by Avinash Kumar
    1
    Post by Avinash Kumar
    user_Avinash Kumar
    Avinash Kumar
    Madhepura, Bihar•
    9 hrs ago
  • Post by मिथिलेश कुमार
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    Post by मिथिलेश कुमार
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    11 hrs ago
  • कन्हौली में ‘मीठे’ कारखाने का कड़वा सच: प्रदूषण और उत्पीड़न से परेशान लोग
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    कन्हौली में ‘मीठे’ कारखाने का कड़वा सच: प्रदूषण और उत्पीड़न से परेशान लोग
    user_CD News
    CD News
    Newspaper publisher सुपौल, सुपौल, बिहार•
    1 hr ago
  • सुपौल जिले में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। खासकर LPG गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोका जा सके। जहां मौके पर जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले की गैस एजेंसियों के पास लगभग 14,561 LPG सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि आज 5,062 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। बीते 7 अप्रैल 2026 को 5,258 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, वहीं अब भी 22,749 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है। प्रशासन का दावा है कि जिले में LPG की स्थिति लगातार सुधर रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 47 पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष 4 एजेंसियों पर भी जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा 26 गैस एजेंसियों और 31 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर जांच और छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां 8 अप्रैल को 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन किया गया। जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न खरीदें और गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। सभी एजेंसियों के माध्यम से होम डिलीवरी द्वारा समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
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    सुपौल जिले में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। खासकर LPG गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोका जा सके। जहां मौके पर जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले की गैस एजेंसियों के पास लगभग 14,561 LPG सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि आज 5,062 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। बीते 7 अप्रैल 2026 को 5,258 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, वहीं अब भी 22,749 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है। प्रशासन का दावा है कि जिले में LPG की स्थिति लगातार सुधर रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 47 पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष 4 एजेंसियों पर भी जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा रहा है।
प्रशासन द्वारा 26 गैस एजेंसियों और 31 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर जांच और छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां 8 अप्रैल को 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन किया गया।
जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न खरीदें और गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। सभी एजेंसियों के माध्यम से होम डिलीवरी द्वारा समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    3 hrs ago
  • नेपाल के प्रधानमंत्री ने सभी प्राइवेट स्कूलों को बंद कर सिर्फ और सिर्फ सरकारी स्कूल को चालू रखा गया है अब गरीब का बच्चा हो या फिर मंत्री का बच्चा सभी सरकारी स्कूल में अपना शिक्षा ग्रहण करेंगे क्या यही काम भारतीय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी करेंगे या नहीं
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    नेपाल के प्रधानमंत्री ने सभी प्राइवेट स्कूलों को बंद कर सिर्फ और सिर्फ सरकारी स्कूल को चालू रखा गया है अब गरीब का बच्चा हो या फिर मंत्री का बच्चा सभी सरकारी स्कूल में अपना शिक्षा ग्रहण करेंगे क्या यही काम भारतीय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी करेंगे या नहीं
    user_SUBESH RAJ (journalism)
    SUBESH RAJ (journalism)
    सुपौल, सुपौल, बिहार•
    9 hrs ago
  • मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज ABVP कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा में आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ABVP की राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति ने विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। वहीं, ABVP के पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने भी कुलपति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे विरोध करने वाले छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस बीच, परिषद के जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नीतीश सिंह यादव ने साफ कहा कि जब तक विश्वविद्यालय की साख बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को राज्य स्तर से लेकर सरकार तक उठाया जाएगा। गौरतलब है कि एक संविदा कर्मी द्वारा कुलपति और उनके निजी सहायक पर लगाए गए कथित आरोपों के बाद यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे मामले में कुलपति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बाइट ---प्रदर्शनकारी
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    मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज ABVP कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा में आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान ABVP की राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति ने विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
वहीं, ABVP के पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने भी कुलपति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे विरोध करने वाले छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
इस बीच, परिषद के जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नीतीश सिंह यादव ने साफ कहा कि जब तक विश्वविद्यालय की साख बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को राज्य स्तर से लेकर सरकार तक उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि एक संविदा कर्मी द्वारा कुलपति और उनके निजी सहायक पर लगाए गए कथित आरोपों के बाद यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में कुलपति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बाइट ---प्रदर्शनकारी
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    3 hrs ago
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