*ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *अगर सभी सीटों का रुझान इस तरह लड़ा जाय कि कांग्रेस, सपा, बसपा, भाजपा सहित सभी पार्टियों की हालत पतली हो जायेगी,,सभी पार्टी UGC, SC ST,जाति आरक्षण के समर्थक है,इनका सामान्य जाति सवर्ण मुस्लिम विरोध करता है* *अगर आर्थिक आरक्षण UGC के विरोधी अगर 20 प्रतिशत सवर्ण, और 25 प्रतिशत मुस्लिम सवर्णो की पार्टी के शामिल हो जाय तो 45 प्रतिशत लोग इकठ्ठा हो जाय तो मुख्यमंत्री सवर्ण पार्टी के हो सकते है उप मुख्यमंत्री मुस्लिम हो सकते हैं जीत सकते है इनके साथ OBC वाले आर्थिक आरक्षण वाले आ सकते है*
*ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *अगर सभी सीटों का रुझान इस तरह लड़ा जाय कि कांग्रेस, सपा, बसपा, भाजपा सहित सभी पार्टियों की हालत पतली हो जायेगी,,सभी पार्टी UGC, SC ST,जाति आरक्षण के समर्थक है,इनका सामान्य जाति सवर्ण मुस्लिम विरोध करता है* *अगर आर्थिक आरक्षण UGC के विरोधी अगर 20 प्रतिशत सवर्ण, और 25 प्रतिशत मुस्लिम सवर्णो की पार्टी के शामिल हो जाय तो 45 प्रतिशत लोग इकठ्ठा हो जाय तो मुख्यमंत्री सवर्ण पार्टी के हो सकते है उप मुख्यमंत्री मुस्लिम हो सकते हैं जीत सकते है इनके साथ OBC वाले आर्थिक आरक्षण वाले आ सकते है*
- *प्रतापगढ़ लीलापुर थाना बोझवा ग्राम पंचायत का मामला* *खाकी का 'मौन व्रत' और डिजिटल इंडिया की 'मैन्युअल' पुलिसिंग* *प्रतापगढ़ लीलापुर थाना बोझवा ग्राम पंचायत का मामला* *खाकी का 'मौन व्रत' और डिजिटल इंडिया की 'मैन्युअल' पुलिसिंग* *धन्य है उत्तर प्रदेश का जिला प्रतापगढ़, धन्य है थाना लीलापुर और उससे भी महा-धन्य है वहाँ की तेजगढ़ पुलिस चौकी! नाम में 'तेज' शब्द ऐसे जुड़ा है जैसे कछुए की पीठ पर रॉकेट बांध दिया गया हो। आज के इसआधुनिक युग में जहाँ सरकारें 'डिजिटल विलेज' और 'त्वरित न्याय' का ढोल पीट रही हैं, वहीं प्रतापगढ़ के बोझवा गाँव में कानून की एक ऐसी अनोखी व्याख्या लिखी जा रही है, जिसे देखकर न्याय की देवी भी अपनी आँखों की पट्टी खोलकर रो पड़े।* *मामला बड़ा सीधा और साफ है। गाँव के एक नामचीन सज्जन हैं—इकरार अहमद। नाम में तो 'इकरार' है, लेकिन कानून, नियम और कायदों से इनका हमेशा 'इन्कार' ही रहता है। इनके नाम के आगे लीलापुर थाने में सात-सात मुकदमों का गौरवशाली इतिहास दर्ज है। यानी आपराधिक दुनिया के इस 'प्रतिभावान' खिलाड़ी के लिए कानून की किताबें सिर्फ रद्दी के भाव बिकने वाला कागज हैं।* *इकरार को अजहर और मजहर नाम के दो भाइयों की जमीन इतनी भाई कि उन्होंने उस पर कब्जा करने का 'नेक काम' शुरू कर दिया। पीड़ित भाई भागे-भागे माननीय न्यायालय पहुंचे। कोर्ट ने भी बिना देर किए 'स्थगन आदेश' (Stay Order) थमा दिया कि 'साहब, रुकिए! जमीन जैसी है, वैसी ही रहने दीजिए।लेकिन इकरार अहमद ठहरे कानून से ऊपर उठ चुके महापुरुष! उन्होंने कोर्ट के आदेश को शायद कोई शादी का निमंत्रण पत्र समझ लिया और उसे ठंडे बस्ते में डाल, पूरे तामझाम के साथ जबरदस्ती जमीन पर कब्जा जारी रखा।* *अब आप सोच रहे होंगे कि जब गाँव में ऐसी 'अवैध सर्जिकल स्ट्राइक' चल रही थी, तो हमारी वीर-बहादुर तेजगढ़ चौकी की पुलिस क्या कर रही थी? हुजूर! पुलिस उस समय एक बहुत ही कठिन और रहस्यमयी साधना में लीन थी—जिसका नाम है 'मूक दर्शक साधना'। पुलिस ने 'गांधी जी के तीन बंदरों' के सिद्धांत को नए जमाने के हिसाब से अपग्रेड कर लिया है: "नॉन-कॉग्निजेबल अपराध देखो मत, दबंग की आवाज सुनो मत, और पीड़ितों से कुछ बोलो मत!"* *चौकी के पुलिसकर्मी शायद यह सोचकर तमाशा देख रहे थे कि जब न्यायालय ने खुद 'स्थगन' (Stay) आदेश दिया है, तो पुलिस को भी अपनी ड्यूटी पर 'स्टे' लगा देना चाहिए। आखिर कोर्ट के आदेश का इतना सम्मान तो बनता ही है! जब तक इकरार अहमद जमीन की बाउंड्री खड़ी कर रहे थे, तब तक पुलिसकर्मी शायद कानून-व्यवस्था की 'गहरी समीक्षा' में व्यस्त थे या फिर यह सोच रहे थे कि 'जब तक काम पूरा न हो जाए, विघ्न क्यों डालना?'* *अजहर और मजहर चिल्लाते रहे, कागज दिखाते रहे, लेकिन पुलिस के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। रेंगती भी कैसे? जब रसूख और बेफिक्री का तेल कानों में पड़ा हो, तो गरीबों की चीखें संगीत जैसी सुनाई देती हैं। सात मुकदमों के आरोपी के सामने पुलिस का यह 'सद्भाव' और 'शांतिपूर्ण रवैया' वाकई यूपी पुलिस के 'मित्र पुलिस' वाले नारे को चरितार्थ करता है—बस फर्क इतना है कि यह मित्रता पीड़ितों से नहीं, बल्कि आरोपियों से निभाई जा रही है।* *वाह तेजगढ़ चौकी की पुलिस! आपकी इस अद्भुत कार्यशैली पर प्रतापगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरा देश गर्व कर सकता है। कोर्ट आदेश देता रह जाए, पीड़ित रोते रह जाएं, लेकिन जब तक खाकी का 'मौन व्रत' नहीं टूटेगा, तब तक बोझवा गाँव में ऐसे ही 'इकरार' होते रहेंगे और न्याय का 'अस्वीकार' होता रहेगा*1
- *नवी मुंबई में आनंद पांडेय से हुई आत्मीय मुलाकात, फिल्म निर्माण की तैयारियों पर चर्चा पूरी खबर देखें1
- सड़क हादसे में तीन लोग हुए घायल बाइक से पट्टी बाजार आ रहे बेटा माता व पिता बाइक के सामने कुत्ता आने से नियंत्रित होकर गिरे तीन लोगों हुए घायल सीएचसी पट्टी में चल रहा है इलाज सोमवार की दोपहर करीब 2:00 बजे पट्टी चांदा मार्ग बीबीपुर गांव के पास बाइक सवार सत्येंद्र गौतम निवासी केवटली माता प्रेमा देवी पिता नन्हकू राम के साथ आ रहे थे जैसे ही पट्टी चांदा मार्ग बीबीपुर गांव के पास पहुंचे थे एक एक बाइक के सामने एक कुत्ता आ गया उसे बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ी जिस पर बैठे नन्हकू राम प्रेम देवी व सत्येंद्र को काफी छोटे आई यह देख लोगों की भीड़ जमा हो गई तत्काल इन्हें सीएचसी पट्टी लाया गया जहां इनका इलाज चल रहा है।1
- शव जलाने के लिए लकड़ी काटते समय हादसा, लटकती डाल की चपेट में आने से अधेड़ की मौत अखण्डनगर, सुल्तानपुर। थाना क्षेत्र के मरूईकृषणदासपुर निवासी राम तीरथ उर्फ साधू (38) की सोमवार सुबह पेड़ की लटकती डाल की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि उमरी गांव में अशोक की पत्नी की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी काटने राम तीरथ अपने गांव के अशोक कुमार के रिश्दार महेंद्र कुमार के साथ गए थे। करीब 9:30 बजे पेड़ से लकड़ी काटते समय ऊपर लटक रही डाल अचानक टूटकर राम तीरथ के सिर पर जा गिरी। गंभीर चोट लगने पर महेन्द्रकुमार ,व अन्य परिजन तथा ग्राम प्रधान सियाराम मौर्य उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखण्डनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र कुमार की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें जिला अस्पताल अंबेडकर नगर रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी कमलेश, पुत्र सौरभ, गौरव व पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- शिकायत से समाधान तक—लम्भुआ में सोशल मीडिया बना जनता की आवाज, अध्यक्ष की पहल को जनता का मिल रहा समर्थन लम्भुआ। “सवाल उठे तो जवाब मिले, शिकायत हुई तो काम हुआ, नगर की जनता को जब अपना सा कोई साथ मिला, तो भरोसा और भी खास हुआ।” नगर पंचायत लम्भुआ में अध्यक्ष अवनीश सिंह अंगद की सोशल मीडिया के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुनने और उनके तत्काल समाधान की पहल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती जा रही है। नगर पंचायत विकास कार्यों को लेकर बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप में शिकायतों पर त्वरित संज्ञान और कार्रवाई से संतुष्ट लोग स्वयं इस मुहिम से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। जनता की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इसी उद्देश्य से एक और सोशल मीडिया ग्रुप बनाया गया है, जिसमें नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को जोड़कर उनकी समस्याओं को सीधे सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। अध्यक्ष की ओर से जनता से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र की समस्या को बेझिझक सोशल मीडिया ग्रुप पर रखें। उनका कहना है कि शिकायत सामने आएगी तो उसके समाधान का प्रयास भी उसी तत्परता से किया जाएगा। खास बात यह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली समस्याओं पर अध्यक्ष स्वयं नजर बनाए रखने के साथ संबंधित कर्मचारियों को भी कार्यवाही के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सवाल उठते ही जवाब और शिकायत के बाद समाधान की कोशिश ने जनता के बीच संवाद का एक नया माध्यम तैयार किया है। नगर पंचायत के कर्मचारी भी सामने आने वाली समस्याओं के निस्तारण में तत्काल प्रयास करते नजर आ रहे हैं।इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि “देर आए, लेकिन दुरुस्त आए”—अगर शिकायत की आवाज सीधे जिम्मेदार लोगों तक पहुंच रही है और उसके बाद कार्रवाई भी दिखाई दे रही है, तो इससे जनता का भरोसा मजबूत होता है। सोशल मीडिया ग्रुप में लगातार बढ़ती भागीदारी इसी बदलते संवाद की तस्वीर पेश कर रही है। अब जनता सिर्फ समस्या बताने तक सीमित नहीं, बल्कि उसके समाधान की प्रक्रिया को भी देख रही है। यही वजह है कि नगर पंचायत की इस पहल को लेकर लोगों के बीच चर्चा है कि “जहां पहले शिकायत के बाद इंतजार होता था, वहां अब शिकायत के साथ समाधान की उम्मीद भी दिखाई देने लगी है।”4
- निशाना लगा GOLD पर… नीरू ने रचा इतिहास, तिरंगे की शान बढ़ाई!” एशियन गेम्स से भारत के लिए बड़ी खुशखबरी!29 सितंबर आज मंगलवार को हरियाणा की बेटी नीरू ढांडा ने निशानेबाजी में GOLD पर निशाना साध दिया है!महिलाओं की इंडिविजुअल ट्रैप स्पर्धा में नीरू ने 30 में से 28 निशाने सही लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।निशाना ऐसा लगा कि रिकॉर्ड भी टूटा और इतिहास भी बना!नीरू ने शानदार प्रदर्शन के साथ एशियन रिकॉर्ड कायम किया और इस स्पर्धा में GOLD जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। खास बात—नीरू ने इसी दिन ट्रैप टीम स्पर्धा में SILVER भी जीता। यानी एक दिन… दो मेडल! एक GOLD… एक SILVER… और भारत का तिरंगा बुलंद! स्पोर्ट्स संवाददाता हेमशंकर सोनवानी की खास रिपोर्ट।1
- *ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *ये गजब हो गया किसी सवर्ण सपोर्ट पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और साधारण या दबंग कोई निर्दलीय उत्तर प्रदेश मे विधानसभा की सभी सीटो पर चुनाव लड़ेगे* *अगर सभी सीटों का रुझान इस तरह लड़ा जाय कि कांग्रेस, सपा, बसपा, भाजपा सहित सभी पार्टियों की हालत पतली हो जायेगी,,सभी पार्टी UGC, SC ST,जाति आरक्षण के समर्थक है,इनका सामान्य जाति सवर्ण मुस्लिम विरोध करता है* *अगर आर्थिक आरक्षण UGC के विरोधी अगर 20 प्रतिशत सवर्ण, और 25 प्रतिशत मुस्लिम सवर्णो की पार्टी के शामिल हो जाय तो 45 प्रतिशत लोग इकठ्ठा हो जाय तो मुख्यमंत्री सवर्ण पार्टी के हो सकते है उप मुख्यमंत्री मुस्लिम हो सकते हैं जीत सकते है इनके साथ OBC वाले आर्थिक आरक्षण वाले आ सकते है*2
- ज्ञानवती देवी पुत्री स्व राममूर्ति निषाद उम्र लगभग 26 वर्ष 22 तारीख को दवा लेने के लिए दियारा गई थी परन्तु जब घर नहीं आई तब घर वालों ने खोज बीन करना शुरू किया काफी खोजबीन करने के बाद जब नहीं मिली तो कोतवाली लम्भुआ आकर तहरीर 23 तारीख को दी गई पुलिस द्वारा बताया गया की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है लेकिन आज घर के पास पास एक पेड़ में एक रस्सी के सहारे लटकता दिखाई दिया जबकि बृजेश और उनकी मां का कहना है कि हम लोगों ने काफी खोजबीन की थी लेकिन हम लोगों को इसका कोई सुराग नहीं लगा आज दिनांक 30 तारीख को सबको एक पेड़ में लटकते देखा लोगों ने घर जाकर बताया परिजन जुटे शिनाख्त करते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई देखते-देखते गांव के आसपास के लोग भारी सख्या में इकट्ठा होने लगे घटना स्थल पर पुलिस का भी जमावड़ा देखा गया और क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी भी मौजूद रहे वहीं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा क्षेत्राधिकारी से कुछ जानना चाहा तो यह कहकर चले गए कि मैंने जानकारी के लिए पुलिस मीडिया सेल पर वाइट डाल दी है वहां से प्राप्त करलें4