लखना में श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस: जड़ भरत प्रसंग ने दी वैराग्य और आत्मज्ञान की सीख लखना। विकास खंड महेवा के कस्बा लखना स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने तीसरे दिन जड़ भरत प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने बताया कि जड़ भरत पूर्व जन्म में राजा भरत थे, जिन्होंने अपने जीवन में वैराग्य का मार्ग अपनाया, लेकिन एक हिरण के प्रति मोह के कारण उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ा। अगले जन्म में उन्होंने पूर्णतः संसार से विरक्ति धारण कर ली और जड़वत जीवन व्यतीत किया, जिससे उन्हें ‘जड़ भरत’ कहा गया। उन्होंने आगे बताया कि जड़ भरत का जीवन हमें यह सिखाता है कि मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर आत्मा और परमात्मा के सत्य को समझना चाहिए। उन्होंने राजा रहुगण और जड़ भरत संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया, जिसमें आत्मज्ञान, अहंकार त्याग और सच्चे जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल भोग-विलास में न गंवाकर ईश्वर भक्ति और आत्मचिंतन में लगाना चाहिए। उनके ओजस्वी और सरल व्याख्यान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। कथा स्थल पर “हरि नाम” संकीर्तन, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण करते नजर आए और पूरे पंडाल में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। इस अवसर पर यजमान मुन्नी देवी पत्नी ओमनारायण तिवारी सहित पवन तिवारी (गुरु), आशू त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश तिवारी, संजय कुमार तिवारी, सत्यम, शिवम, गोलू, अनुज, आकाश, शुभ, तेजस, वेदांत, शिवांश तिवारी एवं समस्त तिवारी परिवार का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा का क्रम इसी प्रकार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ जारी रहेगा, जिसमें क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
लखना में श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस: जड़ भरत प्रसंग ने दी वैराग्य और आत्मज्ञान की सीख लखना। विकास खंड महेवा के कस्बा लखना स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने तीसरे दिन जड़ भरत प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने बताया कि जड़ भरत पूर्व जन्म में राजा भरत थे, जिन्होंने अपने जीवन में वैराग्य का मार्ग अपनाया, लेकिन एक हिरण के प्रति मोह के कारण उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ा। अगले जन्म में उन्होंने पूर्णतः
संसार से विरक्ति धारण कर ली और जड़वत जीवन व्यतीत किया, जिससे उन्हें ‘जड़ भरत’ कहा गया। उन्होंने आगे बताया कि जड़ भरत का जीवन हमें यह सिखाता है कि मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर आत्मा और परमात्मा के सत्य को समझना चाहिए। उन्होंने राजा रहुगण और जड़ भरत संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया, जिसमें आत्मज्ञान, अहंकार त्याग और सच्चे जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल भोग-विलास में न गंवाकर ईश्वर भक्ति और आत्मचिंतन में लगाना चाहिए। उनके ओजस्वी और सरल व्याख्यान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित
किया। कथा स्थल पर “हरि नाम” संकीर्तन, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण करते नजर आए और पूरे पंडाल में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। इस अवसर पर यजमान मुन्नी देवी पत्नी ओमनारायण तिवारी सहित पवन तिवारी (गुरु), आशू त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश तिवारी, संजय कुमार तिवारी, सत्यम, शिवम, गोलू, अनुज, आकाश, शुभ, तेजस, वेदांत, शिवांश तिवारी एवं समस्त तिवारी परिवार का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा का क्रम इसी प्रकार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ जारी रहेगा, जिसमें क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
- इटावा। थाना लवेदी क्षेत्र में दंपत्ति से दिनदहाड़े चैन झपटकर दहशत फैलाने वाले झपटमार गैंग पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि उनके दो अन्य साथी—एक रेकी करने वाला और दूसरा चोरी का माल खरीदने वाला सुनार—भी गिरफ्तार कर लिए गए। 👉 घटना का खुलासा ऐसे हुआ: 28 मार्च 2026 को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना बकेवर व लवेदी पुलिस की संयुक्त टीम ने बदमाशों की तलाश में अभियान तेज कर दिया था। 👉 मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम: बीती रात महासिंहपुर पुल पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने घेराबंदी कर दो बदमाशों को गोली मारकर घायल कर दिया और मौके से दबोच लिया। बाकी दोनों आरोपियों को भी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। 👉 बरामदगी ने खोले कई राज: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से— बिना नंबर की अपाचे बाइक करीब 15 ग्राम पिघला हुआ सोना 5 मोबाइल फोन 2 अवैध तमंचे 6 जिंदा कारतूस व 4 खोखा कारतूस नकदी बरामद की है। 👉 पुलिस का सख्त संदेश: इटावा पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है— “अपराध करोगे तो अंजाम भुगतोगे।” इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जहां आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में हड़कंप मच गया है। जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती अब साफ नजर आने लगी है।2
- Post by Urvashi singh4
- Post by Rohit Kumar1
- औरैया में जालौन चौराहा से सेंट फ्रांसिस एकेडमी जाने वाले मार्ग पर हाल ही में बनी सीसी सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के दोनों ओर पटरी निर्माण न होने से गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क करीब एक से डेढ़ फुट ऊंची बना दी गई है, जिसके चलते वाहन क्रॉसिंग के दौरान चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल वाहनों और राहगीरों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार यहां जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। भीषण गर्मी के बीच अभिभावकों के लिए बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार द्वारा अब तक पटरी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया है। नाराज नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को सुधारा जा सके।1
- Post by Kanhaiya lal1
- इटावा: दंपत्ति के साथ लूट करने वाले गिरोह के चार शातिर बदमाश विश्वास उर्फ विशु, राघवेंद्र शुक्ला, सूरज राजावत, शंकर सोनी सुनार पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश विश्वास उर्फ विशु और राघवेंद्र शुक्ला घायल, गिरफ्तार बदमाशों के पास से बिना नंबर की अपाचे मोटरसाइकिल, पंद्रह ग्राम पिघला हुआ सोना, पांच मोबाइल फोन, दो तमंचे छ जिंदा और चार खोखा कारतूस बरामद, थाना बकेवर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने संयुक्त रूप से की कार्यवाही।4
- 🎥 *ब्रेकिंग न्यूज़ | इटावा* 👉🏻इटावा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। झपटमारी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मामला थाना लवेदी क्षेत्र का है, जहां 28 मार्च को बाइक सवार बदमाशों ने एक दंपत्ति से सोने की चेन छीन ली थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। 👉🏻बीती रात चेकिंग के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए, जबकि उनके दो अन्य साथियों को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य अभियुक्त विश्वास उर्फ विशु और राघवेंद्र शुक्ला शामिल हैं। इनके साथ रेकी करने वाला सूरज राजावत और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार शंकर सोनी भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की अपाचे बाइक, 15 ग्राम पिघला हुआ सोना, 5 मोबाइल फोन, 2 अवैध तमंचे, कारतूस और नकदी बरामद की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- लखना। विकास खंड महेवा के कस्बा लखना स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने तीसरे दिन जड़ भरत प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान पंडित रामकृष्ण बाजपेई ने बताया कि जड़ भरत पूर्व जन्म में राजा भरत थे, जिन्होंने अपने जीवन में वैराग्य का मार्ग अपनाया, लेकिन एक हिरण के प्रति मोह के कारण उन्हें पुनर्जन्म लेना पड़ा। अगले जन्म में उन्होंने पूर्णतः संसार से विरक्ति धारण कर ली और जड़वत जीवन व्यतीत किया, जिससे उन्हें ‘जड़ भरत’ कहा गया। उन्होंने आगे बताया कि जड़ भरत का जीवन हमें यह सिखाता है कि मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर आत्मा और परमात्मा के सत्य को समझना चाहिए। उन्होंने राजा रहुगण और जड़ भरत संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया, जिसमें आत्मज्ञान, अहंकार त्याग और सच्चे जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल भोग-विलास में न गंवाकर ईश्वर भक्ति और आत्मचिंतन में लगाना चाहिए। उनके ओजस्वी और सरल व्याख्यान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। कथा स्थल पर “हरि नाम” संकीर्तन, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण करते नजर आए और पूरे पंडाल में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। इस अवसर पर यजमान मुन्नी देवी पत्नी ओमनारायण तिवारी सहित पवन तिवारी (गुरु), आशू त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश तिवारी, संजय कुमार तिवारी, सत्यम, शिवम, गोलू, अनुज, आकाश, शुभ, तेजस, वेदांत, शिवांश तिवारी एवं समस्त तिवारी परिवार का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा का क्रम इसी प्रकार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ जारी रहेगा, जिसमें क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।3