ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मैहर जिला प्रशासन ने आम जनता को 'फ्रॉड कॉल' और ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण 'जन-जागरूकता अभियान' शुरू किया है। इस व्यापक पहल के तहत 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसे मैहर विधायक द्वारा 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 8 जुलाई तक जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जागरूकता का संदेश हर गांव और हर घर तक पहुंचाना है। इस 'जागरूकता रथ' के माध्यम से प्रशासन लोगों को यह सिखाएगा कि ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए और फ्रॉड कॉल आने पर क्या कदम उठाने चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मैहर जिला प्रशासन ने आम जनता को 'फ्रॉड कॉल' और ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण 'जन-जागरूकता अभियान' शुरू किया है। इस व्यापक पहल के तहत 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसे मैहर विधायक द्वारा 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 8 जुलाई तक जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जागरूकता का संदेश हर गांव और हर घर तक पहुंचाना है। इस 'जागरूकता रथ' के माध्यम से प्रशासन लोगों को यह सिखाएगा कि ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए और फ्रॉड कॉल आने पर क्या कदम उठाने चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
- ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मैहर जिला प्रशासन ने आम जनता को 'फ्रॉड कॉल' और ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण 'जन-जागरूकता अभियान' शुरू किया है। इस व्यापक पहल के तहत 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसे मैहर विधायक द्वारा 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 8 जुलाई तक जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जागरूकता का संदेश हर गांव और हर घर तक पहुंचाना है। इस 'जागरूकता रथ' के माध्यम से प्रशासन लोगों को यह सिखाएगा कि ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए और फ्रॉड कॉल आने पर क्या कदम उठाने चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें।1
- सतना के उचेहरा क्षेत्र में स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर को अज्ञात चोरों ने शनिवार-रविवार की रात निशाना बनाया और दो भारी-भरकम पीतल के घंटे चोरी कर ले गए। गोबरांवकला के समीप पहाड़ी पर बने इस मंदिर में चोरी की जानकारी रविवार सुबह तब हुई, जब पूजा के लिए पहुंचे पुजारी और ग्रामीणों ने घटना देखी। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। यह घटना महज 9 दिन के भीतर मंदिरों में चोरी की दूसरी वारदात है। इससे पहले, रामपुर पाठा स्थित भगवान नीलकंठ आश्रम एवं मंदिर से चांदी की बांसुरी, सिक्के और अन्य कीमती सामान चोरी हुए थे। लगातार हो रही इन वारदातों के बाद, मंदिरों को निशाना बनाने वाले एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में मंदिरों को निशाना बनाने वाले बदमाश लगातार सक्रिय बने हुए हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।1
- सतना जिले के उचेहरा स्थित एक शराब दुकान पर कथित ओवररेटिंग, रेट लिस्ट प्रदर्शित न करने, अवैध शराब बिक्री और पत्रकारों से अभद्र व्यवहार के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि दुकान पर शराब की बोतलें निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं, और अनिवार्य रेट लिस्ट भी नहीं लगाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सही दाम की जानकारी नहीं मिल पा रही है। मामला तब और गंभीर हो गया जब कुछ पत्रकार रेट लिस्ट की जानकारी लेने दुकान पहुँचे। आरोप है कि ठेकेदार के भाई रजनीश तिवारी ने कथित तौर पर पत्रकारों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पत्रकारों का कहना है कि जानकारी मांगना उनका अधिकार था, लेकिन उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। उन्हें कथित तौर पर यह भी कहा गया, "जो करना है कर लो, हमारी ऊपर से नीचे तक सेटिंग है, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता," साथ ही पुलिस बुलाने की धमकी भी दी गई। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति को केवल ओवररेटिंग का मामला नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इसी शराब कंपनी से जुड़े कुछ लोग आसपास के गाँवों में अवैध रूप से शराब की सप्लाई और बिक्री कर रहे हैं, और यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो एक बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने आबकारी विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल उचेहरा शराब दुकान का निरीक्षण करने, रेट लिस्ट, एमआरपी के अनुसार बिक्री और अवैध शराब बिक्री के आरोपों की निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। फिलहाल, सभी की निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह उपभोक्ता के हितों और कानून के पालन से जुड़ा एक बेहद गंभीर प्रकरण होगा। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस संबंध में क्या कदम उठाता है।2
- सतना जिले के धारकुंडी थाना की कमान विजय सिंह कुशवाह को सौंप दी गई है। उन्होंने थाना पहुंचकर प्रभारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है।1
- *क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?*क्या उचेहरा में चल रहा खुलेआम अवैध शराब का कारोबार ?1
- मैहर में साइबर अपराधों और सोशल फ्रॉड से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। अभियान के समापन समारोह पर, मैहर के एसपी अवधेश प्रताप सिंह और मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि साइबर ठगी की किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- मैहर जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा अभियान के तहत एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह उपस्थित थे। यह जागरूकता रथ जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देगा। अभियान के माध्यम से फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी साझा करने, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, साइबर ब्लैकमेल, सोशल मीडिया ठगी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया जाएगा। साथ ही, किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे हमेशा सतर्क रहें, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। इस मौके पर मैहर सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान, टीआई अनिमेष द्विवेदी सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत यह जागरूकता रथ जिले के प्रत्येक क्षेत्र में पहुंचकर आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।4
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।1