*जिला सीमा बदलने के प्रस्ताव पर उठा विवाद, क्षेत्राधिकार विवाद को लेकर केकड़ी में अस्मिता की लड़ाई, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* *जिला सीमा बदलने के प्रस्ताव पर उठा विवाद, क्षेत्राधिकार विवाद को लेकर केकड़ी में अस्मिता की लड़ाई, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* *केकड़ी 26 फरवरी (पब्लिक बोलेगी न्यूज़ नेटवर्क )* *भिनाय उपखण्ड के दीवानी एवं फौजदारी प्रकरणों का क्षेत्राधिकार केकड़ी में ही यथावत रखने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन केकड़ी ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी, केकड़ी के माध्यम से भेजा गया।* *ज्ञापन में बताया गया कि केकड़ी में वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के दो न्यायालय संचालित हैं, जिनके अंतर्गत केकड़ी, सावर, सरवाड़ एवं भिनाय थाना क्षेत्रों का संपूर्ण न्यायिक क्षेत्राधिकार आता है। केकड़ी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के प्रथम न्यायालय की स्थापना वर्ष 1989-90 में कैंप न्यायालय के रूप में हुई थी, जिसे वर्ष 1997 के आसपास स्थायी न्यायालय का दर्जा दिया गया। इसके बाद प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2013-14 में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना की गई। तब से दोनों न्यायालयों में नियमित रूप से कार्य संचालित हो रहा है।* *बार एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में बिजयनगर क्षेत्र में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना का प्रस्ताव राज्य सरकार एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय स्तर पर विचाराधीन है। इस दौरान बिजयनगर के अधिवक्ताओं द्वारा भिनाय क्षेत्र का न्यायिक क्षेत्राधिकार प्रस्तावित बिजयनगर न्यायालय को सौंपे जाने की मांग की जा रही है।* *अधिवक्ताओं का कहना है कि भिनाय उपखण्ड का न्यायिक क्षेत्राधिकार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से केकड़ी में ही रहा है। *वर्तमान में भिनाय क्षेत्र के सभी दीवानी एवं फौजदारी प्रकरण केकड़ी न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा भिनाय क्षेत्र के अधिवक्ता भी नियमित रूप से केकड़ी में ही प्रैक्टिस करते हैं। भिनाय उपखण्ड क्षेत्र की दूरी केकड़ी से 10 किलोमीटर से प्रारंभ होकर अधिकतम 35-40 किलोमीटर तक है, जिससे आमजन को सुविधा रहती है।* *ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भिनाय उपखण्ड वर्तमान में अजमेर जिले में आता है, जबकि बिजयनगर क्षेत्र ब्यावर जिले के अंतर्गत है। ऐसे में एक जिले के अपीलीय क्षेत्राधिकार को दूसरे जिले में स्थानांतरित करना न्यायोचित नहीं होगा। पूर्व में एडीएम न्यायालय में भी भिनाय संबंधी मामलों की सुनवाई का अधिकार केकड़ी में ही था।* *बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि भिनाय उपखण्ड को बिजयनगर न्यायालय के क्षेत्राधिकार में जोड़े जाने का कोई निर्णय लिया जाता है, तो यह क्षेत्र के नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ अन्याय होगा। ऐसी स्थिति में बार एसोसिएशन केकड़ी आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।* *बार एसोसिएशन केकड़ी के अध्यक्ष सीताराम कुमावत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा।*
*जिला सीमा बदलने के प्रस्ताव पर उठा विवाद, क्षेत्राधिकार विवाद को लेकर केकड़ी में अस्मिता की लड़ाई, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* *जिला सीमा बदलने के प्रस्ताव पर उठा विवाद, क्षेत्राधिकार विवाद को लेकर केकड़ी में अस्मिता की लड़ाई, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* *केकड़ी 26 फरवरी (पब्लिक बोलेगी न्यूज़ नेटवर्क )* *भिनाय उपखण्ड के दीवानी एवं फौजदारी प्रकरणों का क्षेत्राधिकार केकड़ी में ही यथावत रखने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन केकड़ी ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी, केकड़ी के माध्यम से भेजा गया।* *ज्ञापन में बताया गया कि केकड़ी में वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के दो न्यायालय संचालित हैं, जिनके
अंतर्गत केकड़ी, सावर, सरवाड़ एवं भिनाय थाना क्षेत्रों का संपूर्ण न्यायिक क्षेत्राधिकार आता है। केकड़ी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के प्रथम न्यायालय की स्थापना वर्ष 1989-90 में कैंप न्यायालय के रूप में हुई थी, जिसे वर्ष 1997 के आसपास स्थायी न्यायालय का दर्जा दिया गया। इसके बाद प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2013-14 में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना की गई। तब से दोनों न्यायालयों में नियमित रूप से कार्य संचालित हो रहा है।* *बार एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में बिजयनगर क्षेत्र में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना का प्रस्ताव राज्य सरकार एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय स्तर पर
विचाराधीन है। इस दौरान बिजयनगर के अधिवक्ताओं द्वारा भिनाय क्षेत्र का न्यायिक क्षेत्राधिकार प्रस्तावित बिजयनगर न्यायालय को सौंपे जाने की मांग की जा रही है।* *अधिवक्ताओं का कहना है कि भिनाय उपखण्ड का न्यायिक क्षेत्राधिकार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से केकड़ी में ही रहा है। *वर्तमान में भिनाय क्षेत्र के सभी दीवानी एवं फौजदारी प्रकरण केकड़ी न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा भिनाय क्षेत्र के अधिवक्ता भी नियमित रूप से केकड़ी में ही प्रैक्टिस करते हैं। भिनाय उपखण्ड क्षेत्र की दूरी केकड़ी से 10 किलोमीटर से प्रारंभ होकर अधिकतम 35-40 किलोमीटर तक है, जिससे आमजन को सुविधा रहती है।* *ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भिनाय उपखण्ड वर्तमान
में अजमेर जिले में आता है, जबकि बिजयनगर क्षेत्र ब्यावर जिले के अंतर्गत है। ऐसे में एक जिले के अपीलीय क्षेत्राधिकार को दूसरे जिले में स्थानांतरित करना न्यायोचित नहीं होगा। पूर्व में एडीएम न्यायालय में भी भिनाय संबंधी मामलों की सुनवाई का अधिकार केकड़ी में ही था।* *बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि भिनाय उपखण्ड को बिजयनगर न्यायालय के क्षेत्राधिकार में जोड़े जाने का कोई निर्णय लिया जाता है, तो यह क्षेत्र के नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ अन्याय होगा। ऐसी स्थिति में बार एसोसिएशन केकड़ी आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।* *बार एसोसिएशन केकड़ी के अध्यक्ष सीताराम कुमावत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा।*
- *जिला सीमा बदलने के प्रस्ताव पर उठा विवाद, क्षेत्राधिकार विवाद को लेकर केकड़ी में अस्मिता की लड़ाई, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी* *केकड़ी 26 फरवरी (पब्लिक बोलेगी न्यूज़ नेटवर्क )* *भिनाय उपखण्ड के दीवानी एवं फौजदारी प्रकरणों का क्षेत्राधिकार केकड़ी में ही यथावत रखने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन केकड़ी ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी, केकड़ी के माध्यम से भेजा गया।* *ज्ञापन में बताया गया कि केकड़ी में वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के दो न्यायालय संचालित हैं, जिनके अंतर्गत केकड़ी, सावर, सरवाड़ एवं भिनाय थाना क्षेत्रों का संपूर्ण न्यायिक क्षेत्राधिकार आता है। केकड़ी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के प्रथम न्यायालय की स्थापना वर्ष 1989-90 में कैंप न्यायालय के रूप में हुई थी, जिसे वर्ष 1997 के आसपास स्थायी न्यायालय का दर्जा दिया गया। इसके बाद प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2013-14 में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना की गई। तब से दोनों न्यायालयों में नियमित रूप से कार्य संचालित हो रहा है।* *बार एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में बिजयनगर क्षेत्र में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना का प्रस्ताव राज्य सरकार एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय स्तर पर विचाराधीन है। इस दौरान बिजयनगर के अधिवक्ताओं द्वारा भिनाय क्षेत्र का न्यायिक क्षेत्राधिकार प्रस्तावित बिजयनगर न्यायालय को सौंपे जाने की मांग की जा रही है।* *अधिवक्ताओं का कहना है कि भिनाय उपखण्ड का न्यायिक क्षेत्राधिकार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से केकड़ी में ही रहा है। *वर्तमान में भिनाय क्षेत्र के सभी दीवानी एवं फौजदारी प्रकरण केकड़ी न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा भिनाय क्षेत्र के अधिवक्ता भी नियमित रूप से केकड़ी में ही प्रैक्टिस करते हैं। भिनाय उपखण्ड क्षेत्र की दूरी केकड़ी से 10 किलोमीटर से प्रारंभ होकर अधिकतम 35-40 किलोमीटर तक है, जिससे आमजन को सुविधा रहती है।* *ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भिनाय उपखण्ड वर्तमान में अजमेर जिले में आता है, जबकि बिजयनगर क्षेत्र ब्यावर जिले के अंतर्गत है। ऐसे में एक जिले के अपीलीय क्षेत्राधिकार को दूसरे जिले में स्थानांतरित करना न्यायोचित नहीं होगा। पूर्व में एडीएम न्यायालय में भी भिनाय संबंधी मामलों की सुनवाई का अधिकार केकड़ी में ही था।* *बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि भिनाय उपखण्ड को बिजयनगर न्यायालय के क्षेत्राधिकार में जोड़े जाने का कोई निर्णय लिया जाता है, तो यह क्षेत्र के नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ अन्याय होगा। ऐसी स्थिति में बार एसोसिएशन केकड़ी आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।* *बार एसोसिएशन केकड़ी के अध्यक्ष सीताराम कुमावत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा।*4
- Post by KHABRON KA SAFAR NEWS1
- हिन्दुस्तान जिंक माइनस रामपुरा Aagucha भीलवाड़ा1
- हिंदू प्रीमियर लीग चैम्पियंस ट्रॉफी -2 का आयोजन शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार कस्बे में पहली बार हो रहे हिंदू प्रीमियर लीग का आयोजन श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय के खेल प्रांगण में दिनांक 19 मार्च 2026 से किया जा रहा है। शाहपुरा स्पोर्ट्स क्लब से अवधेश शर्मा (राधे) ने बताया कि शाहपुरा स्पोर्ट्स क्लब के तत्वाधान में आयोजित हो रहे पहली बार हिंदू प्रीमियर लीग को लेकर लोगों में खुशी एवं उत्साह का माहौल है। हिंदू प्रीमियर लीग के तहत आवेदन प्रक्रिया जारी है, इस टूर्नामेंट में भीलवाड़ा जिले के लगभग 150 खिलाड़ी भाग लेने जा रहे हैं । प्रत्येक लीग मैच 12 ओवर का होगा, सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले 15 ओवर के होंगे। विजेता को 51 000 रुपए एवं उपविजेता को 31000 रुपए एवं ट्रॉफी के साथ सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक मैच में मैन ऑफ द मैच। टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरीज ओर भी कही आकर्षक इनाम दिये जायेंगे।इस भव्य आयोजन में कही धर्म गुरुओं ओर संतो का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा ।1
- Post by Ramniwas Jatoliya1
- विराट नगर डाइट रोड की कॉलोनी में पानी की निकासी की समस्या हो रही है पूरी कॉलोनी वासी परेशान है , कृप्या नगर परिषद टोंक इसका समाधान करे,कॉलोनी आवासीय में है उसके बाद भी कॉलोनी में कोई नालिया नहीं बनाई गई2
- देवली के जहाजपुर चुंगी नाके पर 20 मिनट तक मचा बवाल देवली। शहर के व्यस्ततम जहाजपुर चुंगी नाका क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस बवाल मच गया, जब नशे में धुत एक युवक-युवती ने बीच सड़क पर जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा किया। यह घटनाक्रम देखकर लोग सन्न रह गए। करीब 2 बजे महेश नर्सिंग होम के पास शुरू हुए इस तमाशे को देख राहगीरों के पैर ठिठक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कथित तौर पर पति-पत्नी बताए जा रहे इस जोड़े ने नशे की हालत में मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। युवक अपनी पत्नी के साथ इस कदर हैवानियत पर उतारू था कि उसने सरेआम सड़क पर उसे पीटना शुरू कर दिया। वहीं महिला के कई बार जमकर बाल खींचे। हैरानी की बात यह रही कि नशा युवक के सिर पर इस कदर सवार था कि वह महिला को जमीन पर पटक-पटक कर मार रहा था और फिर जबरन अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने का प्रयास करने लगा। इस दौरान दोनों बाइक समेत गिर भी गए। जिन्हें लोगों ने उठाया। करीब 20 से 25 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के दौरान चौराहे पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि युवक ने महिला के साथ जहाजपुर चुंगी नाके पर जमकर मारपीट की, जिससे वहां मौजूद लोग भी सहम गए। लोगों ने युवक को जमकर लताड़ लगाई और उसे वहां से खदेड़ा। काफी समझाइश और डांट-डपट के बाद मामला शांत हुआ और दोनों वहां से रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है। लोगों ने बताया कि पुलिस को बुलाने की धमकी दिए जाने के बाद यह लोग यहां से रवाना हुए।1
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