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बीना में किसान आंदोलन तेज, चक्का जाम से यातायात चरमराया बीना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है।
RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
बीना में किसान आंदोलन तेज, चक्का जाम से यातायात चरमराया बीना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है।
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- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत अंबेडकर जयंती को लेकर BSP की अहम बैठक, दशरथ कुमार अहिरवार ने की अध्यक्षता कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा, जिम्मेदारियां सौंपी गईं अंबेडकर जयंती के आयोजन को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में विधानसभा स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार ने की। बहुजन समाज पार्टी द्वारा अंबेडकर जयंती के आयोजन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार ने की। बैठक में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम को भव्य रूप से मनाने पर चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की गई। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।1
- बीना :-टीईटी पात्रता परीक्षा के विरोध में कटरा मंदिर परिसर में एकत्रित होकर शिक्षकों ने जुलूस निकालते हुए विधायक कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने टीईटी पात्रता परीक्षा की विरोध में विधायक निर्मला सप्रे ज्ञापन सोपा। कटरा मंदिर प्रांगण से अम्बेडकर चौराहा से होते हुए सर्वोदय चौक निकाली रैली। रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए इसी तारतम्य में 11 अप्रैल को मप्र के सभी ब्लाकों में एवं 18 अप्रैल की राजधानी भोपाल में लाखों की संख्या में शिक्षक भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे। शिक्षक देवेंद्र भोजक ने बताया कि शासन द्वारा हमारी पच्चीस वर्षों की सेवा पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए जो विसंगतिपूर्ण आदेश जारी किया गया है, उसके कारण शिक्षक संवर्ग में असंतोष है। शांति ताम्रकार ने बताया कि सरकार को विरोध पर हो पुनर्विचार करना चाहिए । शिक्षक महेश राय ने कहा शिक्षकों की TET परीक्षा के संबंध में मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश तुरंत ही निरस्त करने एवं अध्यापकों के पक्ष में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की कृपा करें। संजय तिवारी ने कहा अध्यापक शिक्षक संवर्ग की पेंशन, ग्रेजुएटी और अवकाशों के नगदीकरण में भी उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने की कृपा करें। इस नौकरी करने में भी विचार रखें इस मुख पर प्रवेश ठाकुर, राकेश ठाकुर, मंजू यादव, संजय तिवारी, मनोज गोयल आदि ने भी अपने विचार रखें।1
- बीना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चौहान किसानों ने किया चक्का जाम सर्वोदय चौराहे पर 4 दिन से नहीं हो रही है डाक1
- TET की अनिवार्यता समाप्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग मुंगावली। अपनी लंबित मांगों को लेकर शनिवार को 'अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले शिक्षकों ने नगर में विशाल रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। रैली के पश्चात शिक्षक तहसील कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार कैलाश चंद मालवीय को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की मुख्य मांग शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने की है। रैली में उमड़ा शिक्षकों का सैलाब दोपहर को बड़ी संख्या में शिक्षक स्थानीय स्थल पर एकत्रित हुए जहां से रैली प्रारंभ हुई। रैली में शिक्षक हाथों में तख्तियां लिए अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह रैली तहसील कार्यालय पहुंची। इस दौरान शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए शासन से उनके हितों की रक्षा करने की अपील की। ज्ञापन की मुख्य मांगें एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में संयुक्त मोर्चा ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया है ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा गैर-टीईटी (Non-TET) शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। मोर्चा का तर्क है कि एनसीटीई (NCTE) की 2010 की अधिसूचना और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार 2001 से पूर्व और 2011-2014 के बीच नियुक्त विभिन्न संवर्गों को इससे छूट प्राप्त है। अतः विभाग द्वारा जारी दबावपूर्ण आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। शिक्षकों की एक अन्य प्रमुख मांग है कि उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए। इससे शिक्षकों को पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, पदोन्नति और क्रमोन्नति जैसे वैधानिक लाभ प्राप्त हो सकेंगे। मोर्चा का कहना है कि प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत प्रदान की जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। श्याम बिहारी शर्मा, संजय जैन,संतोष शर्मा, प्रेमनारायण तिवारी, प्रदीप कनखरे, सौरभ जैन, मनोज मोगिया, झलकन सिंह गुर्जर, निर्भय सिंह भाटी, तिलक सिंह दांगी, जितेन्द्र सिंह दांगी, संतोष पाठक, गजेन्द्र सिंह दांगी, चंद्रभान सिंह, अखिलेश मार्कन, मनोज यादव, शिवराज यादव, अनीस खान सहित भारी संख्या में शिक्षक शिक्षिकायें उपस्थित रहे।4
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- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना मंडी में नीलामी ठप, किसानों का फूटा गुस्सा हम्माल-व्यापारी विवाद के चलते सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम, SDM की समझाइश के बाद खुला जाम बीना, शनिवार। बीना कृषि उपज मंडी में डाक नीलामी ठप होने से नाराज किसानों ने शनिवार को शहर के प्रमुख सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम कर दिया। हम्मालों और व्यापारियों के बीच मजदूरी दरों को लेकर चल रहे विवाद के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, हम्मालों ने मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर देंगे। इसके चलते शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे से व्यापारियों ने डाक नीलामी बंद कर दी थी। हालांकि मंडी प्रशासन की समझाइश के बाद हम्माल शाम 5 बजे से काम पर लौटे और नीलामी दोबारा शुरू हुई, लेकिन सभी किसानों की उपज की नीलामी पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को शेष नीलामी होना थी, लेकिन हम्मालों ने पुनः काम करने से इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित किसानों ने सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम कर दिया और मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण चारों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इस दौरान किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव से फोन पर चर्चा की। इसके बाद एसडीएम तत्काल मंडी पहुंचे और व्यापारियों, हम्मालों, किसानों तथा मंडी प्रशासन के बीच बातचीत कराई। बातचीत के बाद शेष ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नीलामी कराने पर सहमति बनी, जिसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। किसानों का आरोप—मंडी में हो रहा शोषण किसानों का आरोप है कि मंडी में लगातार उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि शादी के सीजन में उन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है, ऐसे समय में नीलामी बाधित होना उनके लिए बड़ी समस्या है। किसानों ने मंडी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप भी लगाया। मजदूरी बढ़ोतरी पर नहीं बनी सहमति बैठक के दौरान व्यापारियों ने मजदूरी दरों में 12 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा, जबकि हम्माल 14 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग पर अड़े रहे। मंडी सचिव ने 13 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया, जिस पर आंशिक सहमति बनी, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसके अलावा हम्मालों ने 60 क्विंटल से अधिक उपज वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली पर टन के हिसाब से मजदूरी देने की मांग भी रखी। इस पर मंडी प्रशासन ने एक माह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया है।1