आलमपुर में गोशाला का निर्माण अटका, मवेशियों ने सड़कों पर जमाया डेरा आलमपुर नगर में गोशाला का निर्माण अटका होने की वजह से बेसहारा मवेशियों ने मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की सड़कों पर डेरा जमा लिया है। इस वजह से एक तरफ जहां हादसे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों को आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद भी नगर में गोशाला का निर्माण कराए जाने को लेकर नगर परिषद के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलमपुर अस्पताल के पास गोशाला का निर्माण के लिए डेढ़ साल पूर्व नगर परिषद को 16 बीघा जमीन राजस्व विभाग द्वारा सुपुर्द की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुए यह कार्य अधर में लटका हुआ। बता दें कि वर्ष 2020 में तत्कालीन कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास खाली पड़ी हुई शासकीय जमीन का निरीक्षण करते हुए उसको गोशाला निर्माण के लिए निर्धारित किया था, तत्कालीन कलेक्टर के निरीक्षण के करीब एक महीने बाद राजस्व विभाग अधिकारियों ने सीमांकन करते हुए गोशाला बनाने के लिए जमीन नगर परिषद को सुपुर्द कर दी थी। लेकिन अभी तक गोशाला का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
आलमपुर में गोशाला का निर्माण अटका, मवेशियों ने सड़कों पर जमाया डेरा आलमपुर नगर में गोशाला का निर्माण अटका होने की वजह से बेसहारा मवेशियों ने मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की सड़कों पर डेरा जमा लिया है। इस वजह से एक तरफ जहां हादसे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों को आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद भी नगर में गोशाला का निर्माण कराए जाने को लेकर नगर परिषद के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलमपुर अस्पताल के पास गोशाला का निर्माण के लिए डेढ़ साल पूर्व नगर परिषद को 16 बीघा जमीन राजस्व विभाग द्वारा सुपुर्द की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुए यह कार्य अधर में लटका हुआ। बता दें कि वर्ष 2020 में तत्कालीन कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास खाली पड़ी हुई शासकीय जमीन का निरीक्षण करते हुए उसको गोशाला निर्माण के लिए निर्धारित किया था, तत्कालीन कलेक्टर के निरीक्षण के करीब एक महीने बाद राजस्व विभाग अधिकारियों ने सीमांकन करते हुए गोशाला बनाने के लिए जमीन नगर परिषद को सुपुर्द कर दी थी। लेकिन अभी तक गोशाला का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
- आलमपुर में गोशाला का निर्माण अटका, मवेशियों ने सड़कों पर जमाया डेरा आलमपुर नगर में गोशाला का निर्माण अटका होने की वजह से बेसहारा मवेशियों ने मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की सड़कों पर डेरा जमा लिया है। इस वजह से एक तरफ जहां हादसे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों को आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद भी नगर में गोशाला का निर्माण कराए जाने को लेकर नगर परिषद के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलमपुर अस्पताल के पास गोशाला का निर्माण के लिए डेढ़ साल पूर्व नगर परिषद को 16 बीघा जमीन राजस्व विभाग द्वारा सुपुर्द की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुए यह कार्य अधर में लटका हुआ। बता दें कि वर्ष 2020 में तत्कालीन कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास खाली पड़ी हुई शासकीय जमीन का निरीक्षण करते हुए उसको गोशाला निर्माण के लिए निर्धारित किया था, तत्कालीन कलेक्टर के निरीक्षण के करीब एक महीने बाद राजस्व विभाग अधिकारियों ने सीमांकन करते हुए गोशाला बनाने के लिए जमीन नगर परिषद को सुपुर्द कर दी थी। लेकिन अभी तक गोशाला का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।1
- राघव नगर खिरिया आलमपुर में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का होगा शिवार्चन साकेतवासी पं श्री राघवराम चौधरी कक्का जी की 13 वीं पुण्यतिथि तिथि पर1
- जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई, बड़ागांव थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध शराब से भरा एक आयशर ट्रक पकड़ा टीकमगढ़ जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई, बड़ागांव थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध शराब से भरा एक आयशर ट्रक पकड़ा, ट्रक से 281 पेटी अवैध शराब की गई बरामद, जब्त की गई अवैध शराब कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई जा रही है, वही पुलिस ने शराब की तस्करी कर है दो तस्करों किया गिरफ्तार। दरअसल पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र का है, जहां टीकमगढ़ सागर हाईवे मार्ग पर पुलिस द्वारा वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस ने एक आयशर ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली, तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रक में रखी 281 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, बरामद शराब की कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई जा रही है, पुलिस ने मौके से शराब की तस्करी कर है दो तस्करों किया गिरफ्तार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया की शराब को ग्वालियर से जबलपुर ले जाया जा रहा था, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और अब पुलिस शराब तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ट्रक मालिक की जानकारी जुटाने में लगी है।1
- *रतनगढ़ माता धाम पर भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन* दैनिक पुष्पांजलि टुडे रतनगढ़ माता धाम। रतनगढ़ माता धाम पर मां के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से हर सोमवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों की सेवा और धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए महामंडलेश्वर मंजू दीदी के आश्रम द्वारा नियमित रूप से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।इसी क्रम में इस बार मोनू जैन, ममता जैन, अजय जैन, अनुराग जैन एवं अमन जैन, अशोकनगर एवं इंदौर द्वारा महामंडलेश्वर मंजू दीदी के आश्रम पर भंडारे का आयोजन कराया गया। भंडारे में माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।भंडारे के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक आस्था देखने को मिली। आश्रम की ओर से भक्तों को प्रेमपूर्वक भोजन एवं प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने भंडारा आयोजित करने वाले जैन परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मां रतनगढ़ माता से उनके सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।महामंडलेश्वर मंजू दीदी के आश्रम द्वारा भक्तों की सेवा के लिए किए जा रहे ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश भी देते हैं। रतनगढ़ माता धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारा सेवा एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा का रूप लेती जा रही है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में माता रानी के भक्त मौजूद रहे और सभी ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ प्रसाद ग्रहण कर मां रतनगढ़ माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- माधौगढ़ तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, वीडियो वायरल माधौगढ़/जालौन। माधौगढ़ तहसील सभागार में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। इसी दौरान सभागार में बैठे कुछ अधिकारियों की कथित लापरवाही कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ अधिकारी मोबाइल फोन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारी बैठे-बैठे ऊंघते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। समाधान दिवस का उद्देश्य दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चलाने या आराम करने की तस्वीर सामने आती है तो निश्चित तौर पर उसकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों और फरियादियों के बीच यह भी चर्चा है कि पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल चलाने से जुड़ा वीडियो सामने आ चुका है। इसके बावजूद दोबारा ऐसी तस्वीर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में नजर आ रहे अधिकारियों की पहचान और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यह जांच का विषय है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रहे अधिकारी वास्तव में किस विभाग से संबंधित हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो का प्रशासन संज्ञान लेता है या नहीं और यदि वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं। फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित होने वाले समाधान दिवस में अधिकारियों की गंभीरता कितनी है, इसका जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आएगा। जिला संवाददाता — देवेंद्र सिंह, जालौन1
- वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश /15 दोपहिया वाहनों के साथ दो अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार /जालौन में वाहन चोरों पर बड़ी कार्यवाही /15 दोपहिया वाहन बरामद दो गिरफ्तार* *मास्टर चाबी से तोड़ते थे लॉक फैक्ट्री एरिया में छिपाकर ग्राहकों को 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे चोरी के वाहन /पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी ने घोषित किया 25 हजार रुपये का इनाम* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश /15 दोपहिया वाहनों के साथ दो अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार /जालौन में वाहन चोरों पर बड़ी कार्यवाही /15 दोपहिया वाहन बरामद दो गिरफ्तार* *मास्टर चाबी से तोड़ते थे लॉक फैक्ट्री एरिया में छिपाकर ग्राहकों को 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे चोरी के वाहन /पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसपी ने घोषित किया 25 हजार रुपये का इनाम* जनपद जालौन उरई कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो अंतरराज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर 14 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी समेत कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद किए बरामद वाहनों में 13 मोटरसाइकिलें जालौन समेत विभिन्न जनपदों में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से संबंधित बताई गई हैं पुलिस की इस कार्यवाही से वाहन चोरी की कई घटनाओं के खुलासे की उम्मीद है आप को बता दें कि पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीमों को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे इसी अभियान के तहत कोतवाली उरई पुलिस ने 18 अगस्त को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया वहीं पूछताछ और पुलिस की जांच में दोनों की पहचान आनंद (27) पुत्र चंद्रशेखर निवासी महुआखेड़ा थाना समथर जनपद झांसी तथा मोनू यादव 32 पुत्र रहीश निवासी राजापुर थाना रक्सा जनपद झांसी के रूप में हुई पुलिस के मुताबिक दोनों शातिर वाहन चोर हैं और अंतरराज्यीय स्तर पर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे वहीं रेकी के बाद मास्टर चाबी से उड़ाते थे बाइक पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने वाहन चोरी करने के तरीके का खुलासा किया आरोपितों के अनुसार वे झांसी के आसपास के क्षेत्रों के अलावा दतिया शिवपुरी ललितपुर हमीरपुर जालौन और अन्य जनपदों में जाकर मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे सुनसान स्थान अथवा ऐसी जगह खड़े वाहनों को निशाना बनाया जाता था जहां चोरी करते समय पकड़े जाने का खतरा कम हो मौका मिलने पर आरोपित मास्टर चाबी की मदद से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर लेते थे चोरी किए गए वाहनों को तत्काल बेचने के बजाय उरई के फैक्ट्री एरिया में छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद ग्राहक तलाशकर चोरी के वाहनों का सौदा किया जाता था इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें 20 से 25 हजार रुपये में होता था चोरी की बाइक का सौदा पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को वह करीब 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे ग्राहक से सौदा तय होने के बाद पहले 10 से 15 हजार रुपये एडवांस लिया जाता था वाहन ग्राहक को देने के बाद शेष रकम कागजात सौंपते समय ली जाती थी पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी के इन वाहनों को खरीदने वाले लोग कौन कौन हैं और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं 15 वाहन बरामद होने से खुलीं कई घटनाएं पुलिस के मुताबिक आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद हुए इनमें 14 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल है बरामद वाहनों में 13 मोटरसाइकिलों का संबंध जालौन सहित अलग-अलग जनपदों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से सामने आया है पुलिस बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर अन्य घटनाओं से भी उनका संबंध तलाश रही है वहीं इस बरामदगी के बाद वाहन चोरी की कई घटनाओं के खुलासे का रास्ता साफ हुआ पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक इतिहास और उनके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज मामले में कोतवाली उरई में मुकदमा अपराध संख्या 481/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 303(2) 317(2) और 317(4) बीएनएस के तहत कार्यवाही की पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 15 दोपहिया वाहन बरामद करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की एसपी ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और वाहन चोरी समेत अन्य अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका आरोपितों को गिरफ्तार करने और चोरी के वाहनों की बरामदगी करने वाली टीम में कोतवाल उरई प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह डिप्टी गंज चौकी प्रभारी संदीप सिंह एसओजी सिपाही अंकुश शांखबार और हरिओम सिंह शामिल रहे बता दें पुलिस टीम की सक्रियता के चलते अंतरराज्यीय वाहन चोरी के नेटवर्क का खुलासा हो सका और बड़ी संख्या में चोरी के वाहन बरामद किए गए4
- दबोह वितरण केंद्र के कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस पर मिला राज्य स्तरीय सम्मान.. दबोह:- स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा दबोह वितरण केंद्र (संचालन एवं संधारण संभाग लहार, वृत्त भिंड) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। भोपाल क्षेत्र और ग्वालियर के ग्रामीण वितरण केंद्रों में तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों (ए.टी. एण्ड सी.) में रिकॉर्ड स्तर की कमी लाने पर दबोह केंद्र को यह विशेष पहचान मिली है। गत वर्ष की तुलना में ए.टी. एंड सी. हानियों में 27.85 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जो संपूर्ण भोपाल क्षेत्र में सर्वाधिक है। *उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार* इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में कंपनी द्वारा दबोह वितरण केंद्र को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, केंद्र के सभी कार्मिकों को व्यक्तिगत पुरस्कार के रूप में ₹1000-₹1000 की प्रोत्साहन राशि दी गई। विशेष रूप से, लहार संभाग के दबोह केंद्र में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता सुनील त्रिपाठी तथा बाह्यस्रोत (आउटसोर्स) कर्मचारी लाइनमैन भूपेंद्र सिंह,लाइन अटेंडेंट रामवीर सिंह,बीरेंद्र शर्मा,ज्ञानसिंह,सोनू,लखन कुशबाह, हसीन खा, बासुदेव कोठरी, राघवेंद्र, शरद लहारिया, अभिषेक, सनी राजावत,अवधेश गौर, अंशुल सोनी,कोमल राठौर, रविशंकर,सुंदर कुशबाह, सुरेश सिकरवार, उमेश माहौर,मनिंद्र कुशबाह, शंभु दयाल पाल,श्याम कनेरिया,सुशील को ए.टी. एंड सी. हानियां घटाने में दिए गए विशेष योगदान के लिए कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई.।1
- एक बार फिर गरमाया मृतक प्रदीप वर्मा का मामला दो दिन का आश्वासन, फिर भी गिरफ्तारी नहीं… प्रदीप के परिवार के आत्महत्या प्रयास किया खबर से मचा हड़कंप, कटघरे में पुलिस की कार्यशैली जालौन। प्रदीप वर्मा की मौत के मामले में एक बार फिर जालौन पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से मृतक का परिवार बेहद आहत और आक्रोशित है। इसी बीच परिवार द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। प्रदीप की मौत से पहले सामने आए वीडियो में उसने कथित उत्पीड़न की बात कहते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जालौन पहुंचने पर परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। उस दौरान पुलिस ने परिवार को दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन गुजर गए और गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चे रोते-बिलखते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिवार पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगाता नजर आ रहा है। ‘अगर गिरफ्तारी नहीं करनी थी तो आश्वासन क्यों?’ अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी करनी ही नहीं थी तो परिजनों को दो दिन का आश्वासन क्यों दिया गया? क्या यह आश्वासन सिर्फ सड़क पर लगा जाम खुलवाने तक सीमित था? एक तरफ सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। क्या आरोपी खुलेआम घूमते रहेंगे और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहेगा? जालौन में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कथित आरोपियों तक कब पहुंचती है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल प्रदीप के परिवार का दर्द, रात में वायरल हुआ वीडियो और गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1