अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पर्यटन विभाग के तत्वावधान में चल रहे निर्माण कार्यों का आज स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार के सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सौंदर्यीकरण के दौरान द्वार के पूर्व स्वरूप को संरक्षित रखा जाए और कार्य में तेजी लाकर इसे शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। इसी क्रम में, कोतवाली के पास गेट नंबर-4 पर आवागमन के दो मार्गों में से एक को बंद करके शेष कार्य को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने नगर कोतवाली के प्रभारी को कार्य में सहयोग हेतु रास्ते के नियमानुसार डायवर्जन के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने धारा रोड स्थित साकेत सदन के मुख्य भवन (बी-1), एंट्रेंस प्लाजा और सोविनियर शॉप (बी-2) सहित अन्य निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया। साथ ही, उप निदेशक पर्यटन को हस्तांतरण की कार्यवाही प्रक्रिया में लाने के निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह, उप निदेशक पर्यटन बी पी सिंह, यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, निर्माण इकाई-11, अयोध्या के सहायक परियोजना प्रबंधक व अवर अभियंता, और संबंधित फर्म के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पर्यटन विभाग के तत्वावधान में चल रहे निर्माण कार्यों का आज स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार के सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सौंदर्यीकरण के दौरान द्वार के पूर्व स्वरूप को संरक्षित रखा जाए और कार्य में तेजी लाकर इसे शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। इसी क्रम में, कोतवाली के पास गेट नंबर-4 पर आवागमन के दो मार्गों में से एक को बंद करके शेष कार्य को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने नगर कोतवाली के प्रभारी को कार्य में सहयोग हेतु रास्ते के नियमानुसार डायवर्जन के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने धारा रोड स्थित साकेत सदन के मुख्य भवन (बी-1), एंट्रेंस प्लाजा और सोविनियर शॉप (बी-2) सहित अन्य निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया। साथ ही, उप निदेशक पर्यटन को हस्तांतरण की कार्यवाही प्रक्रिया में लाने के निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह, उप निदेशक पर्यटन बी पी सिंह, यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, निर्माण इकाई-11, अयोध्या के सहायक परियोजना प्रबंधक व अवर अभियंता, और संबंधित फर्म के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
- केरलम की श्रीराम भक्त मंडली के 150 सदस्य बीती शाम प्रभु श्रीराम की ज्योति लेकर अयोध्या से प्रस्थान कर गए। यह ज्योति पूरे केरलम में एक महीने तक भ्रमण करेगी। यह भक्त मंडली तीन बसों से 3500 किलोमीटर की भ्रमण यात्रा करके पहली बार अयोध्या पहुंची थी, और सोमवार को उन्होंने श्रीराम मंदिर के यज्ञ मंडप में संकीर्तन किया। संस्था के राष्ट्रीय सचिव ब्रह्मचारी श्रीमनउन्नी ने बताया कि इस मंडली में उनके साथ प्रांत अध्यक्ष मधुसूदनन पिल्लई और रक्षाधिकारी स्वामी देवानंद पुरी भी शामिल थे। ब्रह्मचारी जी के अनुसार, उन्हें सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में संकीर्तन करने का सुअवसर मिला। इसके बाद, सभी सदस्य शाम तक श्रीराम ज्योति लेकर केरलम के लिए रवाना हो गए। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र संवाद केंद्र, अयोध्या धाम द्वारा जारी की गई है।3
- बाँदा के जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय परिसर में पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर मामले को देखते हुए छात्र नेताओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों द्वारा परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की भी मांग की है। छात्र नेता कार्तिक आनंद ने जानकारी दी कि शनिवार, चार जुलाई को छात्र नेता शिवा शुक्ला ने परिसर में अवैध रूप से पेड़ काटे जाते हुए देखा था। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों से बात करके कटाई रुकवाई। छात्रों का आरोप है कि महाविद्यालय की संपत्ति माने जाने वाले काटे गए पेड़ों की लकड़ियाँ मौके से गायब कर दी गई हैं। इस मामले की शिकायत करने पहुँचे छात्रों को प्राचार्य से मिलने में काफी परेशानी हुई, जहाँ उन्हें लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। छात्रों का यह भी आरोप है कि प्राचार्य अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे और कई बार फोन करने पर भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। आखिरकार प्राचार्य के पहुँचने पर छात्रों ने अपना गहरा रोष व्यक्त किया। कार्तिक आनंद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर कार्तिक आनंद, शिवा शुक्ला, नमन निगम, अमित जाटव, युवराज सिंह, अंशु ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।1
- मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावे की चोरी अब प्रमाणित हो चुकी है, जिसके तथ्य और प्रमाण अयोध्यावासियों सहित देशवासियों के सामने आ चुके हैं। इस प्रकरण में चोर पकड़े गए, जेल गए, ट्रस्टी बर्खास्त हुए और जिन लोगों पर संरक्षण देने के आरोप लगे, उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। इन सब के बावजूद, भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप के पास इस घटना को लेकर उठ रहे सवालों का कोई जवाब नहीं है। जब पूरे देश में इस घटना को लेकर उनकी किरकिरी हो चुकी है, तब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी एवं श्री टुन्नु यादव जी को लेकर फर्जी दुष्प्रचार किया जा रहा है। इसमें यह दावा किया जा रहा है कि श्री टुन्नु यादव जी की श्री अखिलेश यादव जी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस दुष्प्रचार के जवाब में एक खुली चुनौती दी गई है कि जिस तरह मंदिर में चढ़ावा चोरी साबित हुई और चोर पकड़े गए व कार्रवाई हुई, उसी तरह भारतीय जनता पार्टी, संघ और विहिप को यह प्रमाणित करना चाहिए कि माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी और श्री टुन्नु यादव जी के बीच वह बातचीत हुई थी, जिसका वे दावा कर रहे हैं। यदि वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राजनीति तथ्य और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के आधार पर।1
- अयोध्या, उत्तर प्रदेश में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने पहली बार भगवान श्रीराम के लिए तैयार किए गए बहुमूल्य आभूषणों का प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में उपयोग होने वाले इन दिव्य आभूषणों की विशेषताओं और उनके धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी साझा की। श्रद्धालुओं के लिए यह एक अत्यंत विशेष और भावनात्मक क्षण रहा।1
- उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विकास खंड मवई क्षेत्र के पूरे नया मजरे रेछ निवासी चंद्रजीत यादव को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गंभीर त्रुटि के चलते चंद्रजीत को नया राशन कार्ड बनवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग पर मनमानी व गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। चंद्रजीत यादव के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण स्वयं तहसील रुदौली स्थित खाद्य एवं रसद विभाग में अपना नाम राशन कार्ड से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, विभाग के कर्मचारियों ने नाम हटाने के लिए उन्हें 'मृतक' दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। जीवित होने के बावजूद सरकारी कागजों में मृत दिखाए जाने से चंद्रजीत को लगातार मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इस गलती को सुधारने और यूनिट डिलीट का सही कारण दर्ज करने की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें हर बार 'आज-कल' कहकर टाल दिया जाता है। इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन भी है। पीड़ित चंद्रजीत ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर उनका नाम राशन कार्ड से किस आधार पर काटा गया और इस गंभीर गलती को तत्काल सुधारा जाए। वहीं, मवई सप्लाई राम वृक्ष यादव ने इन आरोपों को वेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि यह तकनीकी दिक्कत लखनऊ से है और वेबसाइट पर नाम कटने के बाद व्यक्ति 'मृतक' ही शो करता है, इसमें उनकी ओर से कोई गलती नहीं की जाती है। अब देखना यह है कि 'जिंदा आदमी को ‘स्वर्गवास’ भेजने में माहिर' इस सिस्टम में चंद्रजीत यादव अपनी जिंदगी का सबूत ढूंढने में कब तक सफल होते हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस चूक पर क्या कार्रवाई करते हैं।1
- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के विवाद को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। इस पूरे कांड के साथ किसी का भी कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता है, ऐसा साफ तौर पर कहा गया है।1
- अयोध्या। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बढ़ते आकर्षण को लेकर विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या हर एक को आकर्षित करती है, और यही विपक्ष की सबसे बड़ी पीड़ा है। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्ष एक कथित चोरी की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित करने और उनकी आस्था पर प्रहार करने का काम कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि वे अयोध्या में कथित चोरी को लेकर हिंदू आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन वक़्फ़ के नाम पर प्रदेश और देश में हजारों हेक्टेयर गरीब और कमजोर की जमीन बेची गई, तब उन्होंने एक बार भी क्यों नहीं बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन जमीनों को कुछ चुनिंदा लोगों ने कब्जा करवाकर बेचा और उनका वारा-न्यारा किया, जिस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पूरी तरह चुप रहीं। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या रामजन्मभूमि न्यास द्वारा एसआईटी गठन की बात का भी जिक्र किया, जिस पर उन्होंने कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी होगा और साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई भी हुई। इसके विपरीत, उन्होंने पूछा कि वक़्फ़ के नाम पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि जब विपक्ष के लोग हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास के लिए मिले पैसों का दुरुपयोग कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने के नाम पर करते थे, तब उनकी आस्था आहत नहीं होती थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब ये लोग अवैध बूचड़खाने चलाते थे और गौमाता को तस्करों के हाथों बिकवाते व हत्या करवाते थे, तब क्या हिंदू आस्था को चोट नहीं पहुँच रही थी। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आज अयोध्या हर एक को अपनी ओर खींचती है, और यही बात विपक्ष को सबसे ज्यादा परेशान करती है।1
- अयोध्या की पावन नगरी में, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की राम की पैड़ी, अहिल्या घाट स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ लक्ष्मी संप्रदाय के करमईया राम मंदिर में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। मंदिर के पूर्वाचार्य महंथ केशव दास के लोक वासी होने के बाद, अब मंदिर की नई व्यवस्था और देखभाल की जिम्मेदारी महंथ शौर्य दास को सौंपी गई है, जिन्हें नवनिर्वाचित कर मंदिर का नया महंथ बनाया गया है। इस दौरान, महंथ मनोज पांडे को भी कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गईं। राम की नगरी के धर्माचार्यों, महंथों, साधु-संतों ने नए महंथ शौर्य दास को पुष्प मालाएं और अंग वस्त्र भेंट कर अपना आशीर्वाद प्रदान किया।4
- अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक स्थानीय विधायक ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान किसानों ने तहसील परिसर से फ़ाइल चोरी और राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को उठाया। हालाँकि, इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यह केवल एक आश्वासन बनकर रह जाएगा या वास्तव में समस्याओं का समाधान होगा, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों की जगह अब विधायक जी किसानों की समस्याएँ सुन रहे हैं और चुनाव नज़दीक हैं। लेख में नेताओं के इस व्यवहार पर तीखा कटाक्ष किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यदि जनप्रतिनिधि पहले से ही किसानों की समस्याओं पर ध्यान देते, तो उन्हें इतनी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। इसे इस बात का प्रमाण बताया गया है कि आजकल कोई भी जनप्रतिनिधि जनता को अपने परिवार का सदस्य नहीं समझता, बल्कि केवल अपने स्वार्थ सिद्ध करने में लगा रहता है। नेता केवल वाहवाही लूटने के लिए अधिकारियों पर दिखावटी दबाव बनाते हैं, ताकि जनता उन्हें समय-समय पर वोट देती रहे, और जनता भी ऐसी दिखावटी लहरों में बह जाती है। लेख में कड़वा सच बताते हुए कहा गया है कि मतदान हमेशा दो चरणों में होता है: पहला, नेता जी जनता के चरणों में, और दूसरा, अगले पाँच साल तक जनता नेता जी के चरणों में। इसके साथ ही, यह भी एक कड़वा सच है कि यदि कोई जानकार व्यक्ति या पत्रकार नेताओं के विरुद्ध आवाज़ उठाता है या लिखता है, तो उसे या तो फ़र्ज़ी मुकदमों का शिकार बनाया जाता है या किसी अन्य तरीके से उसकी आवाज़ को दबा दिया जाता है। ऐसे में, जब जनहित में काम करने वाले जागरूक व्यक्ति या पत्रकार को जान का ख़तरा होता है, तो वही जनता उनसे इस कदर दूर हो जाती है, जैसे उन्हें जानती ही न हो, जिसके कारण अब पत्रकार भी बहुत सोच-समझकर अपनी लेखनी का प्रयोग करते हैं। अंत में, यह निष्कर्ष निकाला गया है कि जनप्रतिनिधि यदि पहले से ही जनसमस्याओं को समझते, तो किसानों को समस्याग्रस्त नहीं होना पड़ता, और यदि जनप्रतिनिधि सही हों, तो ज़िम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी भी सही रहते हैं।1