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लखनऊ में 15 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद योगी आदित्यनाथ भी वहां पहुंचे हैं।
Anuj Kumar
लखनऊ में 15 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद योगी आदित्यनाथ भी वहां पहुंचे हैं।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, दिनांक 22 जून 2026, सोमवार को ग्राम पंचायत करसा में एक खुली बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ग्राम पंचायत करसा के प्रधान संतोष कुमार गिरि द्वारा आयोजित की गई थी। इस खुली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वेक्षण 2024 की सूची के सत्यापन का कार्य किया गया। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत करसा में कुल 356 आवास सूची प्रविष्टियों का सत्यापन किया गया, जिसे सबसे बड़ी संख्या बताया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में पंचायत सेक्रेटरी राहुल आनंद, पंचायत सहायक प्रीति गिरि और अन्य पंचायत सदस्य उपस्थित रहे, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मंजू देवी, गुड़िया सोनी और रमा देवी ने भी अपना सहयोग प्रदान किया। बैठक में ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे योजना के सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई। प्रधान संतोष कुमार गिरि ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की जन-कल्याणकारी योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।4
- कर्नाटक में आयोजित 'रि परिक्षा' में शामिल होने पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट पर मात्र दो मिनट की देरी होने के कारण अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना के चलते छात्रा गेट पर ही फूट-फूटकर रोती रही, क्योंकि मामूली देरी के कारण उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।1
- गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।1
- सीतापुर जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने के बाद रविवार को राजनीतिक माहौल गर्मा गया। शहर की सीमा पर लगे इन विवादित बैनरों की सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए धौरहरा से सांसद आनंद भदौरिया भी घटनास्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इन पोस्टरों को हटवाया, जिसके लिए कुछ ऊँचे खंभों से पोस्टर हटाने हेतु क्रेन की सहायता भी लेनी पड़ी। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों में 'लाल टोपी' और 'साइकिल' को लेकर लिखे गए नारों को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि यह हरकत जानबूझकर पार्टी और उसके नेतृत्व की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद सपा नेताओं ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उनका स्पष्ट कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भड़काऊ और विवादित राजनीति को स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, इन पोस्टरों को लेकर शहर में सियासी चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये पोस्टर किसने और किन परिस्थितियों में लगाए थे। फिलहाल, सभी पोस्टर हटा दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस घटना ने सीतापुर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।1
- नीरज मौर्य को प्रखर एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है।4
- सीतापुर के लहरपुर में नगर पालिका परिषद लहरपुर के मुख्य द्वार पर एक सभासद ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस धरने को भीम आर्मी का समर्थन मिलने के बाद आंदोलन ने एक व्यापक रूप ले लिया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर जुटने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, जिनमें सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसे जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, उनकी लगातार अनदेखी कर रही है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत और मांग पत्र देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण यह आंदोलन शुरू किया गया है। धरने का नेतृत्व कर रहे सभासद ने नगर पालिका प्रशासन पर जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब तक उनकी 20 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की बढ़ती मौजूदगी के कारण धरना स्थल पर माहौल गर्म हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। फिलहाल, प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों द्वारा वार्ता के प्रयास जारी हैं, लेकिन देर शाम तक कोई ठोस सहमति बनती नहीं दिखी, जिससे यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप ले सकता है।2
- लखनऊ में 15 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद योगी आदित्यनाथ भी वहां पहुंचे हैं।1