लातेहार के चंदवा में कामता पंचायत के ग्राम चटुआग के परहैया टोला और ग्राम दामोदर के परहैया टोला में नल-जल योजना और मुखिया द्वारा लगाए गए जलमीनार खराब होने से जल संकट गहरा गया है। यहां के पीवीटीजी और एसटी टोला में आदिम जनजाति परिवारों का जीवन भारी कठिनाइयों से गुजर रहा है। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से पानी की समस्या की जानकारी ली और इसे दूर करने के लिए उपायुक्त महोदय से आग्रह किया है। चटुआग के परहैया टोला के बीनोद परहैया, फुलमनी परहिन, मुनीता परहिन, पूनम परहिन, सुशंती परहिन, अनिल परहैया, सुलेन्द्र परहैया और सुमन कुमारी ने बताया कि मुखिया द्वारा लगाया गया मुख्य जलमीनार पिछले 15 दिनों से खराब है। पेयजल का मुख्य स्रोत होने के कारण दर्जन भर से अधिक आदिम जनजाति परिवार अब कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, गांव की नल-जल योजना दिनभर में सिर्फ एक-दो घंटे ही चलती है जिससे एक बाल्टी पानी भी नहीं मिल पाता। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगाया गया बोरिंग टैंक भी कई सालों से खराब पड़ा है। दामोदर के परहैया टोला में भी नल-जल योजना खराब है, जिसका मोटर और स्टार्टर बनाने के लिए मिस्त्री एक महीने पहले ले गया था जो अब तक वापस नहीं लाया है। इसके अलावा हिसरी गांव में समीर उरांव और जोखन उरांव के घरों के पास नल-जल योजनाएं कई महीनों से बंद पड़ी हैं। जोब्या में राजू उरांव के घर के समीप की नल-जल योजना का मोटर-स्टार्टर भी मिस्त्री एक महीने पहले बनाने ले गया था, जिसकी कोई खबर नहीं है। कामता पंचायत के कुजरी टोला में एनएच किनारे नहर के पास लगी नल-जल योजना भी बंद है और इसका भी मोटर-स्टार्टर मिस्त्री लेकर गया हुआ है। कामता के महुड़र में टिंकु खान और सैलू महली के घरों के पास लगी नल-जल योजना भी करीब एक सप्ताह से बंद है, जिससे महिलाओं को पानी के लिए बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि नल-जल योजना के संवेदक पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। उनके द्वारा लगाई गई नल-जल योजनाएं खराब पड़ी हैं, लेकिन उन्हें इसे ठीक कराने की कोई चिंता नहीं है। संवेदक की उपेक्षा के कारण ग्रामीण फिर से पानी की समस्या में फंस गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेयजल समस्या को जल्द दूर नहीं किया गया तो महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से घिर जाएंगी।
लातेहार के चंदवा में कामता पंचायत के ग्राम चटुआग के परहैया टोला और ग्राम दामोदर के परहैया टोला में नल-जल योजना और मुखिया द्वारा लगाए गए जलमीनार खराब होने से जल संकट गहरा गया है। यहां के पीवीटीजी और एसटी टोला में आदिम जनजाति परिवारों का जीवन भारी कठिनाइयों से गुजर रहा है। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से पानी की समस्या की जानकारी ली और इसे दूर करने के लिए उपायुक्त महोदय से आग्रह किया है। चटुआग के परहैया टोला के बीनोद परहैया, फुलमनी परहिन, मुनीता परहिन, पूनम परहिन, सुशंती परहिन, अनिल परहैया, सुलेन्द्र परहैया और सुमन कुमारी ने बताया कि मुखिया द्वारा लगाया गया मुख्य जलमीनार पिछले 15 दिनों से खराब है। पेयजल का मुख्य स्रोत होने के कारण दर्जन भर से अधिक आदिम जनजाति परिवार अब कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, गांव की नल-जल योजना दिनभर में सिर्फ एक-दो घंटे ही चलती है जिससे एक बाल्टी पानी भी नहीं मिल पाता। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगाया गया बोरिंग टैंक भी कई सालों से खराब पड़ा है। दामोदर के परहैया टोला में भी नल-जल योजना खराब है, जिसका मोटर और स्टार्टर बनाने के लिए मिस्त्री एक महीने पहले ले गया था जो अब तक वापस नहीं लाया है। इसके अलावा हिसरी गांव में समीर उरांव और जोखन उरांव के घरों के पास नल-जल योजनाएं कई महीनों से बंद पड़ी हैं। जोब्या में राजू उरांव के घर के समीप की नल-जल योजना का मोटर-स्टार्टर भी मिस्त्री एक महीने पहले बनाने ले गया था, जिसकी कोई खबर नहीं है। कामता पंचायत के कुजरी टोला में एनएच किनारे नहर के पास लगी नल-जल योजना भी बंद है और इसका भी मोटर-स्टार्टर मिस्त्री लेकर गया हुआ है। कामता के महुड़र में टिंकु खान और सैलू महली के घरों के पास लगी नल-जल योजना भी करीब एक सप्ताह से बंद है, जिससे महिलाओं को पानी के लिए बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि नल-जल योजना के संवेदक पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। उनके द्वारा लगाई गई नल-जल योजनाएं खराब पड़ी हैं, लेकिन उन्हें इसे ठीक कराने की कोई चिंता नहीं है। संवेदक की उपेक्षा के कारण ग्रामीण फिर से पानी की समस्या में फंस गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेयजल समस्या को जल्द दूर नहीं किया गया तो महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से घिर जाएंगी।
- झारखंड के लोहरदगा में रोहित जांच घर गरीबों की मुफ्त जांच कर मानव सेवा की एक मिसाल पेश कर रहा है।1
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया जा रहा था। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें डुरूवा, धनकारा और उसके आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कोर्स के दौरान युवाओं को यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, फाइल प्रबंधन, मल्टीटास्किंग, डिवाइस कंट्रोल और इंटरनेट की बुनियादी जानकारियों के साथ-साथ एम.एस. वर्ड, पावर पॉइंट व एक्सेल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कंप्यूटर ज्ञान को डिजिटल युग में आत्मनिर्भर भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा शिविर जैसे अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 32वीं वाहिनी ने भविष्य में भी ऐसे जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।1
- लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के हरातू पंचायत अंतर्गत ग्राम रमनदाग में नारायण सेवा समिति ट्रस्ट, सतबरवा द्वारा उराव समुदाय के लोगों के लिए वस्त्र वितरण और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। "सेवा ही साधना, समाज ही परिवार" के भाव के साथ आयोजित इस मानवीय कार्यक्रम में समिति के स्वयंसेवकों ने उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों के बीच साड़ी, धोती और अन्य वस्त्र वितरित किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने के साथ-साथ समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाना था। इस अवसर पर ग्रामीणों को शिक्षा को अपनाने और नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पढ़ाई ही समाज को आगे बढ़ाने का एकमात्र माध्यम है और नशा परिवार व समाज दोनों को कमजोर करता है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था इसी सिद्धांत को अपनाकर लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान भी इसी सोच का हिस्सा है। इस कार्यक्रम में समिति के सदस्यों के अलावा ग्राम के मुखिया, समाजसेवी और बड़ी संख्या में उराव समाज के लोग शामिल हुए, जिन्होंने वस्त्र प्राप्त कर समिति के इस प्रयास की सराहना की और आभार जताया।2
- विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राजधानी रांची में आयोजित राज्य स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला सह सम्मान समारोह में रातु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह सर्जन डॉ. सुजीत कुमार कश्यप को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। डॉ. कश्यप को रांची जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर सर्वाधिक शल्य प्रसव के उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान मिला है। इस शानदार उपलब्धि पर सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। सम्मान मिलने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुजीत कुमार कश्यप ने अपनी इस सफलता को टीम को समर्पित करते हुए इसे सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग का परिणाम बताया है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित एकलव्य आवासीय डे बोर्डिंग विद्यालय कार्तिक नगर परिसर में रविवार की सुबह योग प्रचारक सह योग गुरु गजराज महतो ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को योगाभ्यास कराया। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए दैनिक दिनचर्या में योग, आसन और प्राणायाम को शामिल कर निरोगी जीवन जीने का संकल्प दिलाया। योग गुरु गजराज महतो ने बताया कि योग और आयुर्वेद को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर 100 से 120 वर्ष तक शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्णतः फिट और निरोगी जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने ध्यान की विधि समझाते हुए कहा कि सुबह सूर्योदय के समय ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान मुद्रा में बैठकर हृदय चक्र पर ध्यान केंद्रित करने और श्वासों की गति की गणना करने से मन की गहराई में शांति और ईश्वरीय साधना का अनुभव होता है। सत्र के दौरान योग गुरु ने 12 दिव्य मंत्रों के साथ सूर्य नमस्कार के 12 अभ्यासों का प्रदर्शन कराया और इसे रोजाना पूर्व दिशा की ओर मुंह करके 10 से 15 बार करने की सलाह दी। इसके साथ ही शरीर के सभी अंगों को अगले 24 घंटे तक क्रियाशील रखने के लिए कंप्लीट यौगिक जॉगिंग के 13 अभ्यास कराए गए। कार्यक्रम का समापन हास्यासन और शांति पाठ के साथ हुआ।1
- गुमला जिले के सिसई में मेन रोड भगत मोड़ के समीप 'जायसवाल रेस्टोरेंट एंड फास्ट फूड' का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया गया है। क्षेत्र के खाने के शौकीनों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इस रेस्टोरेंट में ग्राहकों के लिए पतरी भात, मटन चावल, चिकन चावल और मछली चावल की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, फास्ट फूड के सभी व्यंजन भी ग्राहकों को ऑर्डर पर तैयार मिलेंगे। रेस्टोरेंट के संचालक अजय जायसवाल ने बताया कि ग्राहकों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और रेस्टोरेंट के भीतर स्वच्छता पर भी खास ध्यान रखा जाएगा। इस उद्घाटन अवसर पर अभिषेक जायसवाल, मयंक जायसवाल, अभिषेक सिंह, लीलावती कुमारी, माही जायसवाल और मालावती कुमारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड स्थित कोटारी खूंटी झरना में शनिवार को रांची जिला ग्राम सभा मंच की बैठक का आयोजन किया गया। धर्मेश भगत की अध्यक्षता और बाबूराम मांझी के संचालन में हुई इस बैठक में क्षेत्रीय गांवों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न सामुदायिक व संगठनात्मक मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। बैठक का मुख्य एजेंडा वनाधिकार कानून के तहत लंबित सामुदायिक तथा व्यक्तिगत दावों का शीघ्र निष्पादन कराकर पट्टा जारी करवाना था। इस मामले में तेजी लाने के लिए उपस्थित सदस्य उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने पर सहमत हुए। बैठक में उपस्थित ट्राईबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) एवं राज्य स्तरीय वनाधिकार निगरानी समिति के सदस्य नारायण उरांव ने अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे टीएसी और राज्य स्तरीय समिति में इस मसले को उठाकर जल्द समाधान के लिए लगातार प्रयास करेंगे। नारायण उरांव ने मंच को आश्वस्त करते हुए कहा, "जहाँ भी मेरी आवश्यकता होगी मुझे याद कीजिए — मैं ग्राम सभा मंच के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ा रहूँगा।" बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाले अक्टूबर-नवंबर में मोराबादी मैदान में राज्य स्तरीय ग्राम सभा मंच सम्मेलन व आम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में राज्य के 16 से 17 जिलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की व्यवस्था पर चर्चा हुई, जहां प्रत्येक गांव पारंपरिक वेश-भूषा, पारंपरिक हथियारों और अपने-अपने बैनर के साथ अपनी सांस्कृतिक एकता का प्रदर्शन करेगा। बैठक में सूयमणि भगत, सोहनलाल दादा, राजेश दा, सुरेश मुण्डा, लक्ष्मण उरांव, पन्नेनाथ, गोपी मुण्डा, बबलू मुण्डा और रामधरम मुण्डा जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। ग्राम सभा मंच ने लंबित वनाधिकार मांगों के निपटारे के लिए आगामी दिनों में कानूनी कार्रवाई और जिला स्तर पर जागरूकता अभियानों को तेज करने का फैसला किया है।1
- गुमला के सिसई प्रखंड अंतर्गत बघनी इस्लामपुर गांव में माननीय विधायक जिग्गा सुसारण होरो की पहल पर 100 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इस नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव ने विधिवत रूप से फीता काटकर किया। बघनी इस्लामपुर गांव में पिछले एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली नहीं थी, जिससे इस बरसात के मौसम में ग्रामीणों को अंधेरे में रहने के लिए विवश होना पड़ रहा था। बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या की जानकारी चमन अंसारी ने माननीय विधायक महोदय को दी थी, जिसके बाद विधायक ने तुरंत कदम उठाते हुए गांव में नया ट्रांसफार्मर लगवाने का काम किया। ट्रांसफार्मर लग जाने और गांव में दोबारा बिजली बहाल होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने इसका पूरा श्रेय माननीय विधायक जिग्गा सुसारण होरो को देते हुए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। इस उद्घाटन अवसर पर प्रखंड उपाध्यक्ष जुल्फान अंसारी, युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष विकास महली, बासु उरांव, चमन अंसारी, जनाब निजावत, मौलाना अदनान साहब, हाफिज रिजाउल, मुस्तफा अंसारी, खलील अंसारी, खालिद साहब, शमशाद अंसारी, शमशेर अंसारी और सदर कलीम साहब सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।2
- झारखंड के लोहरदगा में पुल नहीं होने का खामियाजा सामने आया है, जहां एक वाहन नदी में ही फंस गया। इलाके में पुल की कमी के कारण वाहन को इस तरह नदी के पानी में फंसना पड़ा है।1