विज्ञान विभाग में डॉ. जेम्स डी. वॉटसन के वैज्ञानिक योगदान पर एक दिवसीय व्याख्यान संपन्न डोंगरगढ़। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ में प्रभारी प्राचार्य डॉ. श्रीमती ई. व्ही. रेवती के निर्देशन में विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 17 नवंबर 2025, सोमवार को “डॉ. जेम्स डी. वॉटसन की यात्रा और विज्ञान में उनका योगदान” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राकेश धृतलहरे, सहायक प्राध्यापक, प्राणिशास्त्र विभाग उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. वॉटसन के डीएनए की डबल हेलिक्स संरचना संबंधी ऐतिहासिक आविष्कार पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने डीएनए के आणविक संरचना अध्ययन, उसके विविध अनुप्रयोगों, कृषि एवं चिकित्सा विज्ञान में इसके उपयोग और आने वाले समय में संभावित वैज्ञानिक खोजों पर भी विस्तार से जानकारी दी। इसी महान खोज के लिए डॉ. वॉटसन को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रभारी प्राचार्य डॉ. ई. व्ही. रेवती ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे वैज्ञानिक व्याख्यान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। विज्ञान विभागाध्यक्ष श्री अविनाश सिंह ने बताया कि डॉ. वॉटसन के आविष्कार ने डीएनए सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया को अत्यंत सरल और त्वरित बना दिया है, जिसके चलते आज यह कार्य कुछ ही घंटों में संभव हो पाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति को विकसित करना तथा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NET–SET की तैयारी हेतु प्रेरित करना था। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. गोकुल प्रसाद, सहायक प्राध्यापक, प्राणिशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर विज्ञान विभाग के प्राध्यापक— श्रीमती देवश्री देवांगन, श्री रोशन साहू, श्री लक्ष्मीकांत साहू, सुश्री प्रिया ठाकुर, डॉ. रोशनी राठौर, कु. रामेश्वरी सहित विज्ञान विभाग के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
विज्ञान विभाग में डॉ. जेम्स डी. वॉटसन के वैज्ञानिक योगदान पर एक दिवसीय व्याख्यान संपन्न डोंगरगढ़। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ में प्रभारी प्राचार्य डॉ. श्रीमती ई. व्ही. रेवती के निर्देशन में विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 17 नवंबर 2025, सोमवार को “डॉ. जेम्स डी. वॉटसन की यात्रा और विज्ञान में उनका योगदान” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राकेश धृतलहरे, सहायक प्राध्यापक, प्राणिशास्त्र विभाग उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. वॉटसन के डीएनए की डबल हेलिक्स संरचना
संबंधी ऐतिहासिक आविष्कार पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने डीएनए के आणविक संरचना अध्ययन, उसके विविध अनुप्रयोगों, कृषि एवं चिकित्सा विज्ञान में इसके उपयोग और आने वाले समय में संभावित वैज्ञानिक खोजों पर भी विस्तार से जानकारी दी। इसी महान खोज के लिए डॉ. वॉटसन को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रभारी प्राचार्य डॉ. ई. व्ही. रेवती ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे वैज्ञानिक व्याख्यान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। विज्ञान विभागाध्यक्ष श्री अविनाश सिंह ने बताया कि डॉ. वॉटसन के आविष्कार ने डीएनए
सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया को अत्यंत सरल और त्वरित बना दिया है, जिसके चलते आज यह कार्य कुछ ही घंटों में संभव हो पाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति को विकसित करना तथा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NET–SET की तैयारी हेतु प्रेरित करना था। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. गोकुल प्रसाद, सहायक प्राध्यापक, प्राणिशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर विज्ञान विभाग के प्राध्यापक— श्रीमती देवश्री देवांगन, श्री रोशन साहू, श्री लक्ष्मीकांत साहू, सुश्री प्रिया ठाकुर, डॉ. रोशनी राठौर, कु. रामेश्वरी सहित विज्ञान विभाग के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- केसीजी जिला पुलिस ने 12 घंटे में ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा, नाबालिग की हत्या के 2 आरोपी गिरफ्तार, 1 अप्रैल बुधवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार केसीजी जिले के खैरागढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहन वर्मा ने नाबालिग बालिका को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में बालिका द्वारा साथ रखने का दबाव बनाने पर आरोपी ने अपने साथी हरीश वर्मा और एक अन्य नाबालिग के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत 28 मार्च की रात आरोपियों ने ग्राम पिपरिया से बालिका का अपहरण किया और उसे डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन ले गए। वहां से वेनगंगा एक्सप्रेस में सवार होकर बिलासपुर की ओर निकले। रास्ते में विवाद होने पर तीनों आरोपियों ने जयरामनगर स्टेशन के आगे चलती ट्रेन से बालिका को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के प्रयास में बालिका के कपड़े जला दिए और मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए। पुलिस जांच में जयरामनगर गतौरा के बीच शव मिलने की पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल जब्त की है। इस कार्रवाई में केसीजी जिला पुलिस खैरागढ़ थाना, साइबर सेल और मस्तुरी पुलिस की अहम भूमिका रही।1
- शादी में आए युवक को बाइक की टक्कर से हुआ घायल, प्राथमिक उपचार के बाद किया गया रेफर लांजी पुलिस थाना अंतर्गत लांजी नगर मुख्यालय के सालेटेकरी रोड पर तेज रफ्तार बाइक सवार की लापरवाही के चलते एक युवक घायल हो गया जिसे निजी वाहन से सिविल अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया जहां से अग्रिम उपचार हेतु उसे रेफर कर दिया गया, जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय आमगांव जबरी निवासी युवक सुभाष चुटे लांजी में 30 मार्च को आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आया था इस दौरान रात 11:00 की दरमियान एक तेज रफ्तार बाइक सवार के द्वारा साले टेकरी रोड पर उसे टक्कर मार कर घायल कर दिया गया इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के द्वारा निजी वाहन से घायल को सिविल अस्पताल लांजी लाकर भर्ती कराया गया जहां मौजूद चिकित्सा की टीम के द्वारा तत्काल उसे का उपचार प्रारंभ कर दिया गया और गंभीर हालत को देखते हुए एग्री एम उपचार हेतु रेफर कर दिया गया।1
- मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकता है..बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है. जहां एक ओर तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट, ओलावृष्टि, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है लेकिन सतर्क रहने की भी जरूरत है. प्रदेश में वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है लेकिन अगले तीन दिनों में इसमें 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा. प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा दर्ज की गई है. 31 मार्च से दो अप्रैल के बीच कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि, गरज-चमक और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि कुछ स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. प्रदेश में दर्ज तापमान और वर्षा आंकड़े प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. वर्षा के आंकड़ों में तोकापाल में दो सेमी, भनपुरी में एक सेमी और जगदलपुर और नानगुर में हल्की वर्षा दर्ज की गई. मौसम परिवर्तन का कारण मौसम में बदलाव का मुख्य कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण है, जिससे एक द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कर्नाटक होते हुए तमिलनाडु तक फैली हुई है. यह सिस्टम प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है. रायपुर के लिए खास पूर्वानुमान राजधानी रायपुर में एक अप्रैल को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. अगले दो दिनों का दृष्टिकोण आने वाले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, ओलावृष्टि, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.1
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- नमस्कार... मैं हूँ आपकी Richa Dubey और आप देख रहे हैं The Chhattisgarh। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। मुलमुला थाना क्षेत्र के खपरी गांव में देर रात घर में सो रहे बुजुर्ग दंपती संतराम साहू और उनकी पत्नी श्याम बाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से दोनों की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। मौके पर खून से सने पैरों के निशान मिले हैं और हत्यारे द्वारा इस्तेमाल किया गया होली का मुखौटा भी बरामद हुआ है। रंजिश हो, साजिश हो या लूट का मामला... अभी तक हत्या का साफ कारण पुलिस को नहीं मिला है। FSL टीम को बुलाया गया है। गांव में अभी भी तनाव और डर का माहौल है। पुलिस का कहना है — जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। The Chhattisgarh लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। आपको क्या लगता है — ये लूट थी या पुरानी दुश्मनी? कमेंट में जरूर बताएं। अपडेट्स के लिए चैनल को अभी Subscribe करें और Bell Icon दबाएं। धन्यवाद।1
- वारासिवनी। कृषि उपज मंडी वारासिवनी के उडनदस्ते दल द्वारा मंगलवार की सुबह वैध दस्तावेजों के बिना कृषि उपज मिर्ची का परिवहन कर रहे 3 ट्रकों को जप्त कर उनसे 66619 रूपये की राशि टैक्स के रूप जमा करवाई गई है। यह तीनों ट्रक महाराष्ट्र राज्य के नागपुर नगर से बालाघाट के व्यापारियों के लिए मिर्ची लेकर आए हुए थे। इन ट्रकों को कृषि उपज मंडी वारासिवनी के उडऩदस्ता दल के कर्मचारियों ने गुरुनानक धर्मशाला के सामने रोक कर उनकी तलाशी ली, तो उसमें मिर्ची के बोरे भरे हुए पाए गए। लेकिन इस मिर्ची परिवहन के वैध दस्तावेज इन ट्रकों में सवार चालकों के पास नहीं थे। जिस पर तीनों ट्रकों को कृषि उपज मंडी परिसर में खड़ा करवाया गया। जहॉ पर उनके पूरे दस्तावेजों की जॉच मंडी अमले के द्वारा की गई। ट्रक चालकों के पास मिर्ची परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर उन पर जुर्माने की कार्यवाही की गई। नागपूर से यह ट्रक मिर्ची लेकर बालाघाट के गुजरात किराना, फिजा कारपोरेशन व कासम कच्छी की दुकानों के लिए जा रहे थे। मंडी की ओर से गुजरात किराना पर 18708 रुपये, फिजा कारपोरेशन पर 21326 रुपये और कासम कच्छी पर 26585 रुपये का जुर्माना किया गया, इस प्रकार तीनों ट्रकों से 66619 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस कार्यवाही में एसडीएम व मंडी प्रशासक कार्तिकेय जायसवाल के निर्देशानुसार सचिव कृषि उपज मंडी वारासिवनी के मार्गदर्शन में मंडी उडऩदस्ता दल वारासिवनी के नगेंद्र रंगारे, विशाल राजपूत, विक्रांत देशमुख, लखन सिंह धुर्वे एवं रूपलाल ऊईके मुख्य रुप से शामिल रहे।1
- सरपंच की अभद्र टिप्पणी से ग्रामीण महिलाओं में बढ़ा आक्रोश कटंगी। कटंगी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोड़मी इन दिनों नशा मुक्ति की एक मजबूत जन-जागरूकता मुहिम का केंद्र बन गई है। गांव की महिलाओं ने जिस साहस और एकजुटता के साथ अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोला है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे एक बार फिर कोड़मी की महिलाएं लामबंद होकर सड़कों पर उतर आईं। सूचना मिलने पर उन्होंने नहलेशरा मुख्य मार्ग किनारे संचालित किराना दुकानों और पान ठेलों पर दबिश दी, जहां से अवैध देसी-विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। महिलाओं ने मौके पर ही शराब बेचते लोगों को पकड़ लिया और इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया। इसी दौरान चिचगांव ग्राम के सरपंच अरविंद खरे के किसी रिश्तेदार के पास से भी शराब पकड़ी गई। महिलाओं का आरोप है कि मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच ने उपस्थित महिलाओं पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित महिलाएं तुरंत थाना कटंगी पहुंचीं और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और नशा मुक्त गांव की लड़ाई और मजबूती से लड़ेंगी। *महिलाओं का अभियान,,डर नहीं, अब सीधी कार्रवाई* कोड़मी गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी महिलाओं ने कई बार अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में महिलाओं के एक समूह ने दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच गांव के अलग-अलग घरों में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और लहान जब्त किया था। महिलाओं ने न केवल शराब को जब्त किया बल्कि पुलिस को सूचना देकर उसे नष्ट भी कराया। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया और शराब माफियाओं के हौसले पस्त हुए। *रैली, समिति और जनजागरूकता से शुरू हुई मुहिम* गांव को नशा मुक्त बनाने की इस मुहिम की शुरुआत 26 जनवरी को हुई एक बैठक से हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने मिलकर एक समिति का गठन किया। इसके बाद 19 फरवरी को जागरूकता रैली निकालकर पूरे गांव में संदेश दिया गया कि अब कोड़मी में नशे का कोई स्थान नहीं होगा महिलाओं ने साफ चेतावनी दी थी कि जो भी व्यक्ति शराब बेचते या बनाते पाया जाएगा, उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। *नशे की वजह से बिगड़ती सामाजिक स्थिति* ग्रामीण महिलाओं ने बताया गांव में बढ़ती शराबखोरी ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है जिनमें घरेलू हिंसा में वृद्धि,अपराधों में इजाफा आर्थिक तंगी, युवाओं का भविष्य बर्बाद होना यही कारण है कि गांव की महिलाएं अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *महिलाओं का संदेश: “अब नहीं रुकेगा आंदोलन”* महिलाओं का कहना है कि यह सिर्फ शराब बंदी की लड़ाई नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को बचाने का अभियान है। सरपंच द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“जब तक गांव पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” *पुलिस प्रशासन से अपेक्षा* ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस सामाजिक मुहिम में सहयोग करें, न कि बाधा बनें। कोड़मी गांव की महिलाएं आज एक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनका यह संघर्ष सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।1
- नमस्कार, आप देख रहे हैं THE CHHATTISGARH, मैं हूं लवली साहू। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां 14 साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। दो दिन से लापता बच्ची का शव बिलासपुर में रेलवे ट्रैक पर लावारिस हालत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के चिचोला गांव की रहने वाली 14 वर्षीय देविका वर्मा, जो कक्षा 8वीं की छात्रा थी, अचानक 28 मार्च की रात अपने मामा के घर पिपरिया से लापता हो गई। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 29 मार्च को खैरागढ़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी दौरान बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम किसान परसदा के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात किशोरी का शव बरामद हुआ। 31 मार्च को परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुष्टि हुई कि वह शव देविका वर्मा का ही है। इस दर्दनाक खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। देविका चार बहनों में से एक थी, उसके पिता स्थानीय हाईस्कूल में स्वीपर और मां आंगनबाड़ी में रसोइया के रूप में कार्यरत हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद वे अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बेहद सजग थे। घटना के बाद चिचोला गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है। परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यदि समय रहते खोजबीन तेज की जाती, तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और हर पहलू—चाहे वह दुर्घटना हो, आत्महत्या हो या किसी आपराधिक साजिश—सभी की गंभीरता से जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस मासूम की मौत के पीछे की सच्चाई क्या है… हादसा, साजिश या कुछ और? फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, और पूरे इलाके की निगाहें अब इस केस के खुलासे पर टिकी हैं।1