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सफाईकर्मियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 12 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे 13 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
A9Bharat News
सफाईकर्मियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 12 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे 13 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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- सफाईकर्मियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 12 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे 13 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।1
- पश्चिम चंपारण जिले में शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DPO) कार्यालय परिसर में शिक्षक नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। यह बैठक जिला शिक्षा पदाधिकारी के सभागार में आयोजित की गई थी, जिसमें डीपीओ स्थापना कुमार अनुभव, डीपीओ माध्यमिक गार्गी कुमारी और डीपीओ पीएम पोषण योजना कुमकुम पाठक मौजूद रहे। बैठक के दौरान, शिक्षक नेताओं ने जिले के शिक्षकों से जुड़ी कई अहम समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इन समस्याओं में नियोजित और विशिष्ट शिक्षकों की प्रोन्नति, विशिष्ट शिक्षकों का बकाया महंगाई भत्ता अंतरवेतन, प्रधान शिक्षकों का वेतन संरक्षण, आवास भत्ता, एमएसीपी लाभ, सेवा पुस्तिका संधारण, वरीय शिक्षकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाना, नियमित शिक्षकों को मध्य विद्यालय में प्रोन्नति देना और जर्जर विद्यालय भवनों का जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। शिक्षक नेताओं राहुल राज, बिपिन कुमार यादव, मनोज श्रीवास्तव, मुकेश गुप्ता, अमित श्रीवास्तव समेत अन्य प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से इन लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की पुरजोर मांग की। इसके जवाब में, डीपीओ स्थापना कुमार अनुभव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला शिक्षा कार्यालय स्तर से आवश्यक पहल की जाएगी और लंबित मामलों के निष्पादन की दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में रवि चौधरी, दुर्योधन बैठा, राजन यादव, संजय कुमार, जितेंद्र दुबे, सुरेश बैठा, सुरेश राम, रामप्रकाश पासवान, राजन कुमार, चंदन कुमार, हृषिकेश शुक्ला, छोटेलाल राम, अब्दुल्लाह अंसारी, हरेंद्र किशोर पांडेय, प्रकाश कुमार, अजय कुमार, साहेब यादव, ददन पासवान, खुरशेद आलम सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।1
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- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया अंतर्गत कुमारबाग थाना क्षेत्र के रानीपुर रमपुरवा गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ा। अंचलाधिकारी के नेतृत्व में जैसे ही टीम जमीन खाली कराने पहुंची, ग्रामीण अचानक उग्र हो गए। उन्होंने प्रशासनिक टीम को घेरकर तीखी नोकझोंक शुरू कर दी और मौके पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ जमकर गाली-गलौज करते हुए हिंसक झड़प की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण और प्रशासनिक टीम के लोग आपस में उलझते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि हमारा चैनल अपडेट न्यूज़ बिहार नहीं करता है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रशासन इस मामले को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गया है, और चनपटिया सीओ द्वारा कुमारबाग थाना में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।1
- गोण्डा जिले के कटरा बाजार थाना गेट के ठीक सामने जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। असरना गांव के ये दोनों पक्ष अपने जमीनी विवाद को सुलझाने थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि थाने के बाहर ही उनमें लात-घूंसे चलने लगे। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, यह जमीनी विवाद काफी समय से चला आ रहा था, और अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- यह पोस्ट ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को परिभाषित करती है और कक्षा 10 के छात्रों के लिए इसके 5 आसान उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह शैक्षिक सामग्री ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की अवधारणा को स्पष्ट करने पर केंद्रित है।1
- चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बेतिया के मझौलिया थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए डीआईजी राय ने घोषणा की कि उन्होंने मझौलिया थाना को 'गोद' लिया है, जिसके परिणामस्वरूप यहां कई स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और थाना को एक 'स्मार्ट थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा। डीआईजी ने विशेष रूप से लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामान्य मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने और आपराधिक मामलों में न्यायालय को त्वरित चार्जशीट सौंपने की बात कही। इसके अतिरिक्त, डीआईजी हरकिशोर राय ने महिलाओं की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुनने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पत्रकारों से हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने अपने आगमन की जानकारी मिलने पर सवाल किया, फिर मुस्कुराते हुए कहा कि अब थाने को आदर्श बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान नव पदस्थापित एसडीपीओ सदर अजीत कुमार और एसएचओ अमर कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- बलिया के कुंवर सिंह इंटरमीडिएट कॉलेज में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और पंडित पारस नाथ उपाध्याय स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में ‘नाद प्रवाह’ ग्रीष्मकालीन उपशास्त्रीय गायन कार्यशाला का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 25 मई 2026 से 08 जून 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रतिभागियों को ग़ज़ल, भजन, ठुमरी, कजरी और कव्वाली जैसी विभिन्न उपशास्त्रीय गायन विधाओं का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अमरेन्द्र पोतस्यायन, डॉ. विमल कुमार, डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे और डॉ. शशि प्रेम देव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने इस अवसर पर भारतीय संगीत परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की महत्ता पर विशेष जोर दिया। इस दौरान डॉ. शैलेश मिश्रा, डॉ. विवेकानंद देव पाण्डेय, साहित्यकार फतेह चंद बेचैन और मदन मोहन उपाध्याय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीया बाती पत्रिका के प्रबंध संपादक सुनील कुमार यादव ने किया। संगीत प्रशिक्षण की जिम्मेदारी मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अरविंद कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में सहयोगी प्रशिक्षक आनन्द जी वर्मा, अदिति मिश्रा और सुशील तिवारी निभा रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यशाला को लेकर क्षेत्र के संगीत प्रेमियों, अभिभावकों और प्रशिक्षुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अंत में जया उपाध्याय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यशाला के समापन पर सभी प्रशिक्षुओं को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ और संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।1
- यह शैक्षिक सामग्री विशेष रूप से कक्षा 10 के छात्रों के लिए ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की अवधारणा को स्पष्ट करने पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया किसे कहते हैं, और इसे समझने के लिए पाँच आसान उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। यह सामग्री शिक्षा को बढ़ावा देने और इसे अधिक व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल और ट्रेंडिंग प्रारूपों का उपयोग करती है।1