विकास की नई राह: शिलही हार पंचायत के विभाजन पर जश्न, कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर संग थिरके ग्रामीण, देखें वीडियो। रिपोर्ट 12 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कुल्लू विधानसभा क्षेत्र की शिलही हार पंचायत में आज खुशी का माहौल है। सालों पुरानी मांग पूरी होने और पंचायत के सफल विभाजन के बाद, क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विभाजन से अब विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक काम भी आसान होंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय से गदगद लोगों ने विधायक को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया और उनकी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। लेकिन कार्यक्रम का सबसे खास पल वह था, जब विकास की इस खुशी में खुद विधायक सुंदर ठाकुर भी शामिल हो गए। कुल्लवी गीतों की मधुर धुन पर विधायक ने ग्रामीणों के साथ कदम से कदम मिलाकर कुल्लवी नृत्य किया। इस दौरान ग्रामीणों का जोश देखते ही बन रहा था।
विकास की नई राह: शिलही हार पंचायत के विभाजन पर जश्न, कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर संग थिरके ग्रामीण, देखें वीडियो। रिपोर्ट 12 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कुल्लू विधानसभा क्षेत्र की शिलही हार पंचायत में आज खुशी का माहौल है। सालों पुरानी मांग पूरी होने और पंचायत के सफल विभाजन के बाद, क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विभाजन से अब विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक काम भी आसान होंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय से गदगद लोगों ने विधायक को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया और उनकी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। लेकिन कार्यक्रम का सबसे खास पल वह था, जब विकास की इस खुशी में खुद विधायक सुंदर ठाकुर भी शामिल हो गए। कुल्लवी गीतों की मधुर धुन पर विधायक ने ग्रामीणों के साथ कदम से कदम मिलाकर कुल्लवी नृत्य किया। इस दौरान ग्रामीणों का जोश देखते ही बन रहा था।
- LACHHI RAMअर्की, सोलन, हिमाचल प्रदेशGood job19 hrs ago
- Post by Dev Raj Thakur1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने सेरा विश्राम गृह में लोगों की जन समस्याओं को सुनी और अधिकतर समस्याओं का मुख्यमंत्री ने मौके पर निपटारा किया । वही जो समस्याएं समय पर हल नहीं हो पाई उन् समस्याओं को जल्द हल करने के दिशा निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ पुष्पेंद्र वर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। वही इस मौके पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से झूठी अफवाहों से बचने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में गैस की कमी न होने के लिए आश्वस्त किया है। बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पंचायत चुनावों को लेकर की बयानबाजी पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पांच गुट बने हुए हैं। जिसमें जयराम ठाकुर अपने गुट की मजबूती के लिए आए दिन बयान बाजी करते हैं और अखबारों में सुर्खियां बनने का कार्य करते हैं । बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के वित्त मंत्री हरजीत सिंह चीमा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी हासिल करें । वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनवायरमेंट और एंट्री टैक्स नीलामी के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और उसे पर पंजाब सरकार द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाना गलत बात है बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी पर्यटकों का हिमाचल में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आय के मुख्य स्रोत पर्यटन और हाइड्रो है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल सरकार हर संभव प्रयास करेगी।1
- शिमला में तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने 67वें तिब्बती महिला राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर चीन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन 67वें तिब्बती नेशनल विमेंस अपराइजिंग डे ( Tibetan Women's Uprising Day) के मौके पर, तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने गुरुवार को शिमला में तिब्बती समुदाय ने चीन की दमनकारी नीतियों के विरोध में आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शेर-ए-पंजाब चौक से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली गई. रैली के बाद आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इस दौरान तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। तिब्बतियन वुमेन एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने चीन सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए तिब्बत की आजादी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता न केवल तिब्बती लोगों के लिए बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और विश्व समुदाय से तिब्बत आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई। गौरतलब है कि यह पहला प्रोटेस्ट 10 मार्च को हुआ था, जब वे नोरबुलिंगका के बाहर इकट्ठा हुईं और 12 तारीख को तिब्बती महिलाएं सड़कों पर उतरीं और कई तिब्बती महिलाओं ने तिब्बत के लिए अपनी जान दे दी। इसलिए यह एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक पल है।उसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 12 मार्च को तिब्बती समुदाय विश्वभर में जनक्रांति दिवस मनाता है। यह उस दिन को याद करने का इवेंट है जब तिब्बत के तीनों प्रोविंस की तिब्बती महिलाएं, तिब्बत के इतिहास में पहली बार, एक साथ खड़ी हुईं और 1959 में तिब्बत पर कब्ज़ा कर रही क्रूर चीनी मिलिट्री फोर्स के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।2
- Post by Dinesh Kumar1
- Kurtis Business1
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके दिल्ली प्रवास को लेकर कई तीखे प्रश्न खड़े किए हैं। राणा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुए बदलाव और दिल्ली के एक होटल में उनके ठहरने को लेकर कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर प्रोग्राम दिल्ली से शिमला आने का था, जिसके अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार शिमला आने की बजाय मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली के रेडिसन होटल पहुंच गए और वहां करीब 23 घंटे तक रुके रहे। राणा ने आरोप लगाया कि रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 किसी अन्य नाम से बुक किया गया था और मुख्यमंत्री वहीं ठहरे रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम से हटकर वहां रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का टूर प्रोग्राम न तो रद्द किया गया और न ही उसमें कोई संशोधन किया गया, जबकि कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री शेड्यूल से हटकर 3 मार्च को करीब चार बजे शिमला पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। राजेंद्र राणा ने यह भी पूछा कि इन 23 घंटों के दौरान कमरे नंबर 411 में किन-किन लोगों के साथ बैठकें हुईं और राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले वहां क्या गतिविधियां हुईं। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि मुख्यमंत्री इस दौरान किन लोगों से मिले और इन मुलाकातों का उद्देश्य क्या था। राणा ने कहा कि यह मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है, जिनके सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता अपेक्षित होती है। ऐसे में चारदीवारी के भीतर हुई मुलाकातें कई तरह की शंकाओं को जन्म देती हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब दिल्ली में हिमाचल भवन और हिमाचल सदन जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो फिर किन लोगों से मिलने के लिए रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 लेना पड़ा और वहां 23 घंटे तक बैठकों का दौर क्यों चला। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि इन मुलाकातों का धुआं दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय से लेकर केरल तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे प्रदेश की जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस मामले में दाल में काला होने की बात कही जा रही है, यहां तो पूरी दाल ही काली नजर आ रही है और प्रदेश की जनता इस पूरे घटनाक्रम का सच जानना चाहती है।1
- राजधानी शिमला में बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसों की कथित मनमानी पार्किंग के खिलाफ एचआरटीसी ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों और कंडक्टरों ने वीरवार को ओल्ड बस स्टैंड शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और इसके विरोध में बस स्टैंड में चक्का जाम भी किया। यूनियन का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसें शहर में सड़क किनारे और एचआरटीसी की निर्धारित पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे निगम की बसों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर करीब एक सप्ताह पहले एचआरटीसी प्रबंधन, डीसी शिमला और एसपी को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिमला में क्रॉसिंग से लेकर लालपानी तक सुबह 4 बजे से देर रात तक बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें एचआरटीसी की पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं। कहा कि यह बसें जगह-जगह सवारिया उठाती है उन्होंने कहा कि लंबी दूरी से आने वाली एचआरटीसी बसों को जगह तक नहीं मिलती, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और निगम प्रबंधन के सामने उठाया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद एचआरटीसी के लिए पार्किंग की जगह निर्धारित की गई थी, लेकिन उसके बावजूद उन स्थानों पर बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें खड़ी रहती हैं। यहां पर प्राइवेट या टैक्सी खड़ी हो तो बात माने लेकिन इन वोल्वो बसों को यहां पार्क करना और उसे पर कार्यवाही न करना कई सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में यूनियन को आज धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करना पड़ा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में फिर से बड़ा आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। बाइट मानसिंह ठाकुर, अध्यक्ष, एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन।1
- राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत नेगी पर भाजपा का हमला, भाजपा नेता सूरत नेगी बोले मानसिक संतुलन खो चुके हैं मंत्री। एंकर,,,हिमाचल प्रदेश में जनजातीय मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने राज्यपाल को लेकर टिप्पणी की थी। भाजपा नेता सूरत नेगी ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। और जगत नेगी पर हमला बोलते हुए जगत नेगी का मानसिक संतुलन खोने की बात कही है। वीओ किन्नौर से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सूरत नेगी ने शिमला में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी मानसिक संतुलन खो चुके हैं और ट्राइबल मंत्री के रूप में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बेतुकी बयानबाजी से मंत्री ने जनजातीय समाज के हितों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ जैसे संवेदनशील मुद्दे का समाधान करने में मंत्री विफल रहे हैं और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को निशाना बना रहे हैं। सूरत नेगी ने कहा कि नौतोड़ का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि पिछले 20–25 वर्षों से चर्चा में है। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने जनता को गुमराह किया। उस समय फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट, 1980 को आंशिक रूप से निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन 2006 में लगाई गई “लैंडलेस” की शर्त को नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार ने इस पूरे मामले का अध्ययन किया और उस शर्त को हटाने का रास्ता निकाला, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ का लाभ मिल सके। हालांकि उस समय मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण तत्काल फैसला संभव नहीं हो पाया। सूरत नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय ट्राइबल सब प्लान के तहत लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट तीनों जनजातीय विधानसभा क्षेत्रों के लिए रखा गया था, जिसे वर्तमान कांग्रेस सरकार ने घटाकर करीब 150 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक लाभ के लिए मंत्री राज्यपाल पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। बाइट सूरत नेगी, भाजपा नेता व पूर्व प्रत्याशी, किन्नौर।2
- Post by Dinesh Kumar1