रेडिसन होटल का कमरा नंबर 411 बना ‘डील रूम’? मुख्यमंत्री सुक्खू से राजेंद्र राणा के तीखे सवाल सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके दिल्ली प्रवास को लेकर कई तीखे प्रश्न खड़े किए हैं। राणा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुए बदलाव और दिल्ली के एक होटल में उनके ठहरने को लेकर कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर प्रोग्राम दिल्ली से शिमला आने का था, जिसके अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार शिमला आने की बजाय मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली के रेडिसन होटल पहुंच गए और वहां करीब 23 घंटे तक रुके रहे। राणा ने आरोप लगाया कि रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 किसी अन्य नाम से बुक किया गया था और मुख्यमंत्री वहीं ठहरे रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम से हटकर वहां रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का टूर प्रोग्राम न तो रद्द किया गया और न ही उसमें कोई संशोधन किया गया, जबकि कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री शेड्यूल से हटकर 3 मार्च को करीब चार बजे शिमला पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। राजेंद्र राणा ने यह भी पूछा कि इन 23 घंटों के दौरान कमरे नंबर 411 में किन-किन लोगों के साथ बैठकें हुईं और राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले वहां क्या गतिविधियां हुईं। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि मुख्यमंत्री इस दौरान किन लोगों से मिले और इन मुलाकातों का उद्देश्य क्या था। राणा ने कहा कि यह मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है, जिनके सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता अपेक्षित होती है। ऐसे में चारदीवारी के भीतर हुई मुलाकातें कई तरह की शंकाओं को जन्म देती हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब दिल्ली में हिमाचल भवन और हिमाचल सदन जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो फिर किन लोगों से मिलने के लिए रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 लेना पड़ा और वहां 23 घंटे तक बैठकों का दौर क्यों चला। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि इन मुलाकातों का धुआं दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय से लेकर केरल तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे प्रदेश की जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस मामले में दाल में काला होने की बात कही जा रही है, यहां तो पूरी दाल ही काली नजर आ रही है और प्रदेश की जनता इस पूरे घटनाक्रम का सच जानना चाहती है।
रेडिसन होटल का कमरा नंबर 411 बना ‘डील रूम’? मुख्यमंत्री सुक्खू से राजेंद्र राणा के तीखे सवाल सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके दिल्ली प्रवास को लेकर कई तीखे प्रश्न खड़े किए हैं। राणा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुए बदलाव और दिल्ली के एक होटल में उनके ठहरने को लेकर कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर प्रोग्राम दिल्ली से शिमला आने का था, जिसके अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार शिमला आने की बजाय मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली के रेडिसन होटल पहुंच गए और वहां करीब 23 घंटे तक रुके रहे। राणा ने आरोप लगाया कि रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 किसी अन्य नाम से बुक किया गया था और मुख्यमंत्री वहीं ठहरे रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम से हटकर वहां रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का टूर प्रोग्राम न तो रद्द किया गया और न ही उसमें कोई संशोधन किया गया, जबकि कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री शेड्यूल से हटकर 3 मार्च को करीब चार बजे शिमला पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। राजेंद्र राणा ने यह भी पूछा कि इन 23 घंटों के दौरान कमरे नंबर 411 में किन-किन लोगों के साथ बैठकें हुईं और राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले वहां क्या गतिविधियां हुईं। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि मुख्यमंत्री इस दौरान किन लोगों से मिले और इन मुलाकातों का उद्देश्य क्या था। राणा ने कहा कि यह मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है, जिनके सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता अपेक्षित होती है। ऐसे में चारदीवारी के भीतर हुई मुलाकातें कई तरह की शंकाओं को जन्म देती हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब दिल्ली में हिमाचल भवन और हिमाचल सदन जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो फिर किन लोगों से मिलने के लिए रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 लेना पड़ा और वहां 23 घंटे तक बैठकों का दौर क्यों चला। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि इन मुलाकातों का धुआं दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय से लेकर केरल तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे प्रदेश की जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस मामले में दाल में काला होने की बात कही जा रही है, यहां तो पूरी दाल ही काली नजर आ रही है और प्रदेश की जनता इस पूरे घटनाक्रम का सच जानना चाहती है।
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके दिल्ली प्रवास को लेकर कई तीखे प्रश्न खड़े किए हैं। राणा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुए बदलाव और दिल्ली के एक होटल में उनके ठहरने को लेकर कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर प्रोग्राम दिल्ली से शिमला आने का था, जिसके अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार शिमला आने की बजाय मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली के रेडिसन होटल पहुंच गए और वहां करीब 23 घंटे तक रुके रहे। राणा ने आरोप लगाया कि रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 किसी अन्य नाम से बुक किया गया था और मुख्यमंत्री वहीं ठहरे रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ कि मुख्यमंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रम से हटकर वहां रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का टूर प्रोग्राम न तो रद्द किया गया और न ही उसमें कोई संशोधन किया गया, जबकि कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 2 मार्च को शिमला पहुंचना था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री शेड्यूल से हटकर 3 मार्च को करीब चार बजे शिमला पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। राजेंद्र राणा ने यह भी पूछा कि इन 23 घंटों के दौरान कमरे नंबर 411 में किन-किन लोगों के साथ बैठकें हुईं और राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले वहां क्या गतिविधियां हुईं। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि मुख्यमंत्री इस दौरान किन लोगों से मिले और इन मुलाकातों का उद्देश्य क्या था। राणा ने कहा कि यह मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है, जिनके सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता अपेक्षित होती है। ऐसे में चारदीवारी के भीतर हुई मुलाकातें कई तरह की शंकाओं को जन्म देती हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब दिल्ली में हिमाचल भवन और हिमाचल सदन जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो फिर किन लोगों से मिलने के लिए रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 लेना पड़ा और वहां 23 घंटे तक बैठकों का दौर क्यों चला। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि इन मुलाकातों का धुआं दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय से लेकर केरल तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे प्रदेश की जनता के सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस मामले में दाल में काला होने की बात कही जा रही है, यहां तो पूरी दाल ही काली नजर आ रही है और प्रदेश की जनता इस पूरे घटनाक्रम का सच जानना चाहती है।1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने सेरा विश्राम गृह में लोगों की जन समस्याओं को सुनी और अधिकतर समस्याओं का मुख्यमंत्री ने मौके पर निपटारा किया । वही जो समस्याएं समय पर हल नहीं हो पाई उन् समस्याओं को जल्द हल करने के दिशा निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ पुष्पेंद्र वर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। वही इस मौके पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से झूठी अफवाहों से बचने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में गैस की कमी न होने के लिए आश्वस्त किया है। बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पंचायत चुनावों को लेकर की बयानबाजी पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पांच गुट बने हुए हैं। जिसमें जयराम ठाकुर अपने गुट की मजबूती के लिए आए दिन बयान बाजी करते हैं और अखबारों में सुर्खियां बनने का कार्य करते हैं । बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के वित्त मंत्री हरजीत सिंह चीमा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी हासिल करें । वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनवायरमेंट और एंट्री टैक्स नीलामी के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और उसे पर पंजाब सरकार द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाना गलत बात है बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी पर्यटकों का हिमाचल में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आय के मुख्य स्रोत पर्यटन और हाइड्रो है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल सरकार हर संभव प्रयास करेगी।1
- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के रोबोटिक सर्जरी के ऊपर दिए बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी एम्स की तर्ज पर हिमाचल में उपलब्ध करवाई गई है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते हुए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एक एमआरआई मशीन तक स्थापित नहीं कर पाए थे । उन्होंने कहा कि भाजपा व पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल के विकास को लेकर पूरी तरह से कुंठा ग्रस्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को उच्च उच्च स्तरीय करने पर बोल दिया जा रहा है ताकि आम जनता को भी इसका लाभ मिल सके।1
- Post by Dinesh Kumar1
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- बिलासपुर के राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अंतर्गत आयोजित की जा रही “वॉइस ऑफ बिलासपुर” प्रतियोगिता के लिए चयनित टॉप 15 प्रतिभागियों का फाइनल राउंड शुक्रवार को आयोजित किया गया। जिसमें बॉलीवुड, पहाड़ी एवं पंजाबी तीन राउंड करवाए गए। बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने सुरों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर अब टॉप 10 का चयन किया जाएगा। यह चयनित प्रतिभागी नलवाड़ी मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुति देंगे। जहां से विजेता और उपविजेता चुने जाएंगे।1
- रिपोर्ट 12 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कुल्लू विधानसभा क्षेत्र की शिलही हार पंचायत में आज खुशी का माहौल है। सालों पुरानी मांग पूरी होने और पंचायत के सफल विभाजन के बाद, क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विभाजन से अब विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक काम भी आसान होंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय से गदगद लोगों ने विधायक को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया और उनकी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। लेकिन कार्यक्रम का सबसे खास पल वह था, जब विकास की इस खुशी में खुद विधायक सुंदर ठाकुर भी शामिल हो गए। कुल्लवी गीतों की मधुर धुन पर विधायक ने ग्रामीणों के साथ कदम से कदम मिलाकर कुल्लवी नृत्य किया। इस दौरान ग्रामीणों का जोश देखते ही बन रहा था।1
- हमीरपुर वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में बन रहे तनावपूर्ण हालात और युद्ध जैसे माहौल को देखते हुए समाज में अनावश्यक डर और अफवाहों का माहौल नहीं बनना चाहिए। इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गैस और तेल को लेकर लोगों में पैनिक की स्थिति देखने को मिल रही है, जो कि बिल्कुल भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सभी ने हाल ही में COVID-19 Pandemic का कठिन दौर देखा है, जब पूरी दुनिया एक बड़ी आपदा से गुजर रही थी। उस समय जहां कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, वहीं कुछ लोगों ने संकट का नाजायज फायदा उठाने की भी कोशिश की थी। ऐसे समय में हमें लालच से दूर रहकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। विकास शर्मा ने कहा कि देश में एक मजबूत और जिम्मेदार सरकार कार्य कर रही है और माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए है। आम नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में बहुत से ऐसे परिवार हैं जो सुबह जल्दी उठकर अपने बच्चों के लिए भोजन बनाते हैं, दिनभर मेहनत मजदूरी या नौकरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं और देर शाम घर लौटते हैं। यदि कुछ लोग अनावश्यक रूप से गैस और तेल का भंडारण करेंगे, तो इससे ऐसे जरूरतमंद परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अंत में विकास शर्मा ने प्रदेशवासियों से विनम्र आग्रह करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी प्रकार की पैनिक स्थिति न बनाएं और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण करने से बचें। उन्होंने कहा कि हम सबका दायित्व है कि हम समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का भाव रखें ताकि हमारे देश में कोई भी व्यक्ति भूखा या परेशान न रहे।1