कौशांबी...सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी ने मीटिंग कर दिए संबंधितों को कड़े निर्देश सुरक्षित सफर, सुरक्षित कौशाम्बी: 'जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट' लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पुलिस की बड़ी बैठक ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा दुर्गा भाभी सभागार में Zero Fatality District (ZFD) योजना एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक में (Critical Corridors) सी.सी. टीम, प्रभारी निरीक्षक यातायात और समस्त टी.एस.आई. को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि क्रिटिकल कॉरिडोर पर स्थित थानों में दुर्घटना के कारकों की समीक्षा की जाए और नेशनल हाईवे पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। साथ ही, यातायात और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। आधुनिक तकनीक पर जोर देते हुए स्पीड रडार गन और बॉडी वार्न कैमरों के उपयोग हेतु बताया गया। साथ ही, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (Critical Crash Areas) से 100 मीटर पहले चेतावनी और संकेतात्मक बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कौशाम्बी को एक सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त जनपद बनाया जा सके।
कौशांबी...सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी ने मीटिंग कर दिए संबंधितों को कड़े निर्देश सुरक्षित सफर, सुरक्षित कौशाम्बी: 'जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट' लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पुलिस की बड़ी बैठक ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा दुर्गा भाभी सभागार में Zero Fatality District (ZFD) योजना एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक में (Critical Corridors) सी.सी. टीम, प्रभारी निरीक्षक यातायात और समस्त टी.एस.आई. को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि क्रिटिकल कॉरिडोर पर स्थित थानों में दुर्घटना के कारकों की समीक्षा की जाए और नेशनल हाईवे पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। साथ ही, यातायात और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। आधुनिक तकनीक पर जोर देते हुए स्पीड रडार गन और बॉडी वार्न कैमरों के उपयोग हेतु बताया गया। साथ ही, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (Critical Crash Areas) से 100 मीटर पहले चेतावनी और संकेतात्मक बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कौशाम्बी को एक सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त जनपद बनाया जा सके।
- हर जगह के बीजेपी सांसदों का ऐसा विरोध होना चाहिए । #ugcrollback #UGC_RollBack #UGC_काला_कानून_वापस_लो #GirirajSingh #Bihar1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- a___news जौनपुर - जमीनी रंजिश में दबंगों का हमला घर के बाहर खड़े वाहनों पर दबंगों ने बोला हमला जिसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के पतहना गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दबंग गुप्ता परिवार ने यादव परिवार के ऊपर कहर बनकर टूटा जमकर की घर में घुसकर तोड़फोड़ यादव परिवार गुप्ता परिवार की दबंगई से डरा और सहमा हुआ है यादव परिवार का आरोप है कि सराय ख्वाजा थाना अध्यक्ष की मिली भगत से गुप्ता परिवार लगातार हम लोगों पर दबंगई करता चला रहा है पीड़ित यादव परिवार की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है less1
- चित्रकूट/मानिकपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लंबे समय से आतंक मचा रहे उत्पाती बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। वन विभाग और मानिकपुर तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर रैपुरा वन रेंज के उड़की माफी गांव से आधा सैकड़ा से अधिक बंदरों को पकड़ लिया। मंगलवार को चलाए गए अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीण इलाकों में पिंजरे लगाकर 77 बंदरों को कैद किया। पकड़े गए बंदरों को सभी आवश्यक सावधानियों के साथ सुरक्षित तरीके से घनघोर वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं, खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर देते हैं और कई बार स्कूली बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। इस समस्या को लेकर लोग लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वन विभाग के अनुसार, अब तक डेढ़ सौ से अधिक बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। रैपुरा वन रेंज के रेंजर अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक क्षेत्र के सभी उत्पाती बंदरों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह अभियान लगातार चलता रहेगा। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहे संघर्ष को कम किया जा सके। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग की इस कार्रवाई से उन्हें बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी।1
- #कौशाम्बी शादी समारोह मे दो पक्षो मे जमकर मार पीटडीजे पर डांस को लेकर बाराती-घराती दोनों पक्ष आपस मे भिड़ेदोनों पक्षों के बीच जमकर चले लात-घूंसे विवाद मे अमन सोनकर नाम का युवक के सर मे आयी गंभीर चोट सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया पुलिस ने घायल युवक इलाज के लिए अस्पताल भेजा कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गाँव का मामला । रिंकू राज Rinku Raaz Founder : Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार )1
- कौशांबी...सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी ने मीटिंग कर दिए संबंधितों को कड़े निर्देश सुरक्षित सफर, सुरक्षित कौशाम्बी: 'जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट' लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पुलिस की बड़ी बैठक ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा दुर्गा भाभी सभागार में Zero Fatality District (ZFD) योजना एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक में (Critical Corridors) सी.सी. टीम, प्रभारी निरीक्षक यातायात और समस्त टी.एस.आई. को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि क्रिटिकल कॉरिडोर पर स्थित थानों में दुर्घटना के कारकों की समीक्षा की जाए और नेशनल हाईवे पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। साथ ही, यातायात और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। आधुनिक तकनीक पर जोर देते हुए स्पीड रडार गन और बॉडी वार्न कैमरों के उपयोग हेतु बताया गया। साथ ही, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (Critical Crash Areas) से 100 मीटर पहले चेतावनी और संकेतात्मक बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कौशाम्बी को एक सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त जनपद बनाया जा सके।1
- जनपद में आमजन की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को नई दिशा दी है। अब फरियादियों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिससे पुलिस और जनता के बीच संवाद और मजबूत हो रहा है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के विभिन्न थानों पर आए फरियादियों की शिकायतों को ऑनलाइन माध्यम से सीधे सुना जा रहा है। इस दौरान वह संबंधित क्षेत्राधिकारियों तथा प्रभारी निरीक्षकों/ थानाध्यक्षों से तत्काल संवाद स्थापित कर मामलों की जानकारी लेते हैं और हर प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा करते हैं। जनसुनवाई के दौरान एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1