छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर साहू समाज ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। समाज के प्रतिनिधियों ने धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। इसी क्रम में, प्रदेश के विभिन्न जिलों में साहू समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के सदस्य एकत्रित हुए, जिन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में धर्मांतरण के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के विषय पर एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक किया जा सके। उन्होंने सरकार से इस संबंध में एक ठोस नीति बनाकर कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की भी अपील की है। प्रशासन ने साहू समाज से ज्ञापन प्राप्त कर उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस पूरे मामले को लेकर वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर साहू समाज ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। समाज के प्रतिनिधियों ने धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। इसी क्रम में, प्रदेश के विभिन्न जिलों में साहू समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के सदस्य एकत्रित हुए, जिन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में धर्मांतरण के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के विषय पर एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक किया जा सके। उन्होंने सरकार से इस संबंध में एक ठोस नीति बनाकर कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की भी अपील की है। प्रशासन ने साहू समाज से ज्ञापन प्राप्त कर उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस पूरे मामले को लेकर वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
- नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है।1
- नगरनार पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे गांजे के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिससे सवा दो लाख रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया गया। धनपुंजी फॉरेस्ट नाका पर बुलंदशहर निवासी शाकिब नाम के आरोपी को 4.469 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा गया। आरोपी यह गांजा एक पिठ्ठू बैग में रखकर बस का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में निरीक्षक संतोष सिंह की टीम शामिल थी।2
- नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बावजूद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर सामने आई है, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिले में पहली से पांचवीं तक के बैगा आदिवासी छात्र टूटी हुई फर्श, गिरते प्लास्टर और छत वाले सिर्फ एक जर्जर क्लासरूम में फटी हुई दरी पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत आमाडोब स्थित छोटकी रेवार प्राथमिक शाला की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। यहां पहली से पांचवीं तक की सभी कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में पढ़ना पड़ता है, और इसी कमरे में शिक्षकों का कार्यालय भी संचालित होता है। यह स्कूल विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए है, जिन्हें बेहतर शिक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता है। पहले यहां एक भवन था, जिसे तोड़कर बहुउद्देशीय भवन बना दिया गया है, और बच्चों को पूरे स्कूल के लिए बस एक कमरा सौंप दिया गया है, जबकि बहुउद्देशीय भवन को भी स्कूल के रूप में संचालित किया जा सकता था। वहीं, केंवची के प्राथमिक और मिडिल स्कूल की स्थिति भी दयनीय है, जहां भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छज्जों से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में सीपेज है, और बरसात में यह भवन किसी बड़े हादसे को न्योता देता नजर आता है। हैरान करने वाली बात यह है कि भवन बनने के बाद से आज तक यहां बिजली की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। कमरों में पंखे तो लगे हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण वे सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। इन जर्जर और सुविधाओं से विहीन स्कूलों में मासूम बच्चों की जान हर पल खतरे में रहती है, और यह स्थिति जिले की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, खासकर उन आदिवासी छात्रों के लिए जिन्हें सबसे अधिक समर्थन की जरूरत है।1
- दुर्ग पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजकर बैंक खाते से ₹4,02,728 की ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है। दिनांक 25.02.2026 को प्रार्थी संजय झा, निवासी सेक्टर-05, भिलाई, ने थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई थी। इस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, उनके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और अन्य संदेश स्वतः ही दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे, जिसके कारण उनके बैंक खाते से ₹4,02,728 की अनधिकृत निकासी हो गई। इस शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान, साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गुजरात राज्य में मिला, जिसके बाद थाना भिलाई नगर पुलिस की एक टीम तुरंत गुजरात रवाना हुई। पुलिस टीम ने सिलवासा, दादरा एवं नगर हवेली निवासी अच्छे लाल यादव (उम्र 37 वर्ष) और जोखन प्रसाद यादव (उम्र 49 वर्ष) नामक दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर दुर्ग लाया गया और माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस कार्रवाई के तहत घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य संबंधित दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में थाना भिलाई नगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल एप्लिकेशन को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। साथ ही, अपने मोबाइल, बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने का आग्रह किया गया है।2
- छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटरों की आड़ में आधार आधारित बैंकिंग सेवाओं के जरिए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि आधार के माध्यम से पैसे निकालते समय उनसे कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए, जिसके कारण उनके लेनदेन में गड़बड़ी हुई। इन पीड़ितों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, आधार के जरिए पैसे निकालने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की रसीद अवश्य लें, SMS अलर्ट पर ध्यान दें, और किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत बैंक और पुलिस में शिकायत करें।1
- आज जगदलपुर में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) का पदभार नवपदस्थ बद्रीनारायण मीणा ने ग्रहण किया। पूर्व आईजी सुंदरराज पी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी, और इस अवसर पर रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक (SP) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पदभार संभालने के बाद, आईजी बद्रीनारायण मीणा ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना होगा। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित बस्तर में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।2
- इस वर्ष छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में मानसून की बारिश धीमी गति से शुरू हुई, जिसके कारण मानसून दो सप्ताह की देरी से पहुँचा। हालाँकि, देर से ही सही, सुकमा जिले में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। मानसून के आगमन से अब किसानों को थोड़ी राहत महसूस हो रही है।3
- छत्तीसगढ़ के सुकमा में NEET पेपर लीक कांड को लेकर बस्तरिया राज युवा मोर्चा और छात्र मोर्चा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला फूंका। इस दौरान उन्होंने अपना मोर्चा संभाला और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को 20 से अधिक छात्र-छात्राओं की मौत का सीधा ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने इस मामले में मंत्री से तत्काल उनके पद से इस्तीफे की मांग की।1