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लोकेशन रीवा। बीमारी से मौत या हत्या? दो बुजुर्गों को जेल भेजने पर सवाल, 74 और 71 साल के वृद्धों पर हत्या का केस, परिजनों ने आईजी से की निष्पक्ष जांच की मांग। रीवा के बैकुंठपुर में बीमारी से हुई मौत को हत्या बताकर दो बुजुर्गों को फंसाने का गंभीर आरोप लगा है! परिजनों का दावा है कि पुरानी रंजिश के चलते 74 और 71 वर्षीय वृद्धों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। अब सवाल पुलिस की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की अनदेखी पर उठ रहे हैं। डेली गांव के दबल प्रसाद की मौत के बाद मामला दर्ज हुआ। परिजनों के मुताबिक, मृतक लंबे समय से गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने और मौत के बाद दर्ज एफआईआर में मारपीट से मौत का उल्लेख किया गया। परिवार का दावा है कि मेडिकल रिकॉर्ड बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। मामले में 74 वर्षीय देवराज शुक्ला और 71 वर्षीय भाईलाल शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब परिजन आईजी गौरव राजपूत से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सवाल है कि क्या गिरफ्तारी से पहले मेडिकल तथ्यों और घटनाक्रम की पूरी जांच हुई थी? इन गंभीर आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

13 hrs ago
user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

लोकेशन रीवा। बीमारी से मौत या हत्या? दो बुजुर्गों को जेल भेजने पर सवाल, 74 और 71 साल के वृद्धों पर हत्या का केस, परिजनों ने आईजी से की निष्पक्ष जांच की मांग। रीवा के बैकुंठपुर में बीमारी से हुई मौत को हत्या बताकर दो बुजुर्गों को फंसाने का गंभीर आरोप लगा है! परिजनों का दावा है कि पुरानी रंजिश के चलते 74 और 71 वर्षीय वृद्धों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। अब सवाल पुलिस की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की अनदेखी पर उठ रहे हैं। डेली गांव के दबल प्रसाद की मौत के बाद मामला दर्ज हुआ। परिजनों के मुताबिक, मृतक लंबे समय से गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने और मौत के बाद दर्ज एफआईआर में मारपीट से मौत का उल्लेख किया गया। परिवार का दावा है कि मेडिकल रिकॉर्ड बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। मामले में 74 वर्षीय देवराज शुक्ला और 71 वर्षीय भाईलाल शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब परिजन आईजी गौरव राजपूत से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सवाल है कि क्या गिरफ्तारी से पहले मेडिकल तथ्यों और घटनाक्रम की पूरी जांच हुई थी? इन गंभीर आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

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  • लोकेशन रीवा। बीमारी से मौत या हत्या? दो बुजुर्गों को जेल भेजने पर सवाल, 74 और 71 साल के वृद्धों पर हत्या का केस, परिजनों ने आईजी से की निष्पक्ष जांच की मांग। रीवा के बैकुंठपुर में बीमारी से हुई मौत को हत्या बताकर दो बुजुर्गों को फंसाने का गंभीर आरोप लगा है! परिजनों का दावा है कि पुरानी रंजिश के चलते 74 और 71 वर्षीय वृद्धों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। अब सवाल पुलिस की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की अनदेखी पर उठ रहे हैं। डेली गांव के दबल प्रसाद की मौत के बाद मामला दर्ज हुआ। परिजनों के मुताबिक, मृतक लंबे समय से गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने और मौत के बाद दर्ज एफआईआर में मारपीट से मौत का उल्लेख किया गया। परिवार का दावा है कि मेडिकल रिकॉर्ड बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। मामले में 74 वर्षीय देवराज शुक्ला और 71 वर्षीय भाईलाल शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब परिजन आईजी गौरव राजपूत से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सवाल है कि क्या गिरफ्तारी से पहले मेडिकल तथ्यों और घटनाक्रम की पूरी जांच हुई थी? इन गंभीर आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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    लोकेशन रीवा।

बीमारी से मौत या हत्या? दो बुजुर्गों को जेल भेजने पर सवाल, 74 और 71 साल के वृद्धों पर हत्या का केस, परिजनों ने आईजी से की निष्पक्ष जांच की मांग।

रीवा के बैकुंठपुर में बीमारी से हुई मौत को हत्या बताकर दो बुजुर्गों को फंसाने का गंभीर आरोप लगा है! परिजनों का दावा है कि पुरानी रंजिश के चलते 74 और 71 वर्षीय वृद्धों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। अब सवाल पुलिस की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की अनदेखी पर उठ रहे हैं। डेली गांव के दबल प्रसाद की मौत के बाद मामला दर्ज हुआ। परिजनों के मुताबिक, मृतक लंबे समय से गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे और निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने और मौत के बाद दर्ज एफआईआर में मारपीट से मौत का उल्लेख किया गया। परिवार का दावा है कि मेडिकल रिकॉर्ड बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। मामले में 74 वर्षीय देवराज शुक्ला और 71 वर्षीय भाईलाल शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब परिजन आईजी गौरव राजपूत से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सवाल है कि क्या गिरफ्तारी से पहले मेडिकल तथ्यों और घटनाक्रम की पूरी जांच हुई थी? इन गंभीर आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • थाना शाहपुर पुलिस ने अपरहणता को दस्तयाब कर परिजनों को सोंपा ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे थाना शाहपुर पुलिस ने अपहृता को रीवा से दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्दः- श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय मऊगंज श्री मनोहर सिंह मण्डलोई के निर्देशन में एवं श्रीमान अति. पुलिस अधीक्षक महोदय मऊगंज श्री शशिकांत सरयाम एवं श्रीमान एसडीओपी महोदय मऊगंज सचि पाठक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान अवैध शराब/मादक पदार्थ पर कार्यवाही,फरार ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी एवं गुम बालक बालिकाओं की दस्तायाबी के तहत थाना प्रभारी शाहपुर उपनिरीक्षक रामदीन सिंह के नेतृत्व में अपहृता को दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्द । मामले का संक्षिप्त विवरण दिनांक 21.10.2026 को फरियादी की रिपोर्ट पर थाना शाहपुर में अप क्रमांक 407/26 धारा 140(3) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया दौरान विवेचना अपहृता को रीवा से दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। महत्वपूर्ण भूमिका- उपनिरीक्षक रामदीन सिंह थाना प्रभारी थाना शाहपुर, प्रआर 107 संतोष रावत, प्रआर 11 जेपी रावत, प्रआर 66 कमलेश यादव,भावेश द्विवेदी (साईबर सेल मऊगंज) मआर 73 पूनम मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
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    थाना शाहपुर पुलिस ने अपरहणता को दस्तयाब कर परिजनों को सोंपा 
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
थाना शाहपुर पुलिस ने अपहृता को रीवा से दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्दः-
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय मऊगंज श्री मनोहर सिंह मण्डलोई के निर्देशन में एवं श्रीमान अति. पुलिस अधीक्षक महोदय मऊगंज श्री शशिकांत सरयाम एवं श्रीमान एसडीओपी महोदय मऊगंज सचि पाठक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान अवैध शराब/मादक पदार्थ पर कार्यवाही,फरार ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी एवं गुम बालक बालिकाओं की दस्तायाबी के तहत थाना प्रभारी शाहपुर उपनिरीक्षक रामदीन सिंह के नेतृत्व में अपहृता को दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्द ।
मामले का संक्षिप्त विवरण दिनांक 21.10.2026 को फरियादी की रिपोर्ट पर थाना शाहपुर में अप क्रमांक 407/26 धारा 140(3) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया दौरान विवेचना अपहृता को रीवा से दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया।
महत्वपूर्ण भूमिका- उपनिरीक्षक रामदीन सिंह थाना प्रभारी थाना शाहपुर, प्रआर 107 संतोष रावत, प्रआर 11 जेपी रावत, प्रआर 66 कमलेश यादव,भावेश द्विवेदी (साईबर सेल मऊगंज) मआर 73 पूनम मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • *ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26* *दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश* *स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026* जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है। *CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है। *कर्मचारियों का आरोप –* कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।* कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है। *कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:* *1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –* - *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना। - *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश। - *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य। *2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –* *मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है। पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है। --- *– 29/10/26:* "मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप" *रिपोर्ट* *पवन कुमार मिश्रा* *जन जागरण सन्देश* *मानिकपुर, चित्रकूट* *ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26* *दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश* *स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026* जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है। *CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है। *कर्मचारियों का आरोप –* कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।* कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है। *कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:* *1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –* - *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना। - *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश। - *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य। *2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –* *मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है। पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है। --- *– 29/10/26:* "मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप" *रिपोर्ट* *पवन कुमार मिश्रा* *जन जागरण सन्देश* *मानिकपुर, चित्रकूट*
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    *ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26*
*दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश*

*स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026*

जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है।

*CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है।

*कर्मचारियों का आरोप –*
कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।*

कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है।

*कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:*

*1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –*
- *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना।
- *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश।
- *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य।

*2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –*
*मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है।

पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है।

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*– 29/10/26:*
"मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप"

*रिपोर्ट*
*पवन कुमार मिश्रा*
*जन जागरण सन्देश*
*मानिकपुर, चित्रकूट*
*ब्रेकिंग न्यूज़ – मानिकपुर – 29/10/26*
*दीपावली के पावन त्योहार पर CHC मानिकपुर के 51 संविदा कर्मियों को मिला वेतन कटौती का ‘क्रूर तोहफा’ – बिना नोटिस वेतन काटने पर फूटा आक्रोश*
*स्थान: मानिकपुर, चित्रकूट – दिनांक: 29 अक्टूबर 2026*
जहाँ एक ओर सरकार दीपावली के पावन पर्व पर सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों को समय से वेतन और बोनस देकर उनका त्योहार रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानिकपुर के प्रशासन द्वारा एक बेहद असंवेदनशील और तानाशाही रवैया* सामने आया है।
*CHC मानिकपुर में कार्यरत 51 संविदा कर्मचारियों का वेतन बिना किसी ठोस कारण और बिना कोई पूर्व नोटिस (Show Cause Notice) दिए जबरन काट दिया गया है।* अल्प मानदेय पर दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इन गरीब कर्मचारियों के घरों में दीपावली के त्योहार पर अंधेरा छाने की नौबत आ गई है।
*कर्मचारियों का आरोप –*
कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (MOIC) द्वारा दुर्भावना और द्वेष भावना से ग्रसित होकर, बिना किसी प्रशासनिक जांच या स्पष्टीकरण का मौका दिए, एकतरफा कार्रवाई करते हुए *उपस्थिति रजिस्टर में हेरफेर किया गया और वेतन कटौती का यह ‘क्रूर तोहफा’ थमा दिया गया।*
कर्मचारियों ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, श्रम नियमों और सरकारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन बताया है।
*कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:*
*1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत –*
- *धारा 335(3) [शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर / Falsification of Records]:* लोक सेवक द्वारा दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उपस्थिति रजिस्टर में जानबूझकर गलत प्रविष्टि करना।
- *धारा 61 [आपराधिक साजिश / Criminal Conspiracy]:* अल्पवेतन भोगी संविदा कर्मियों को प्रताड़ित करने और उनका आर्थिक शोषण करने के लिए सामूहिक रूप से रची गई साजिश।
- *धारा 352 [मानसिक उत्पीड़न एवं जानबूझकर अपमान]:* त्योहार के समय कर्मचारियों को गंभीर मानसिक और आर्थिक आघात पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य।
*2. श्रम कानून एवं सेवा नियमावली का उल्लंघन –*
*मजदूरी संदाय अधिनियम (Payment of Wages Act) एवं श्रम नियम:* किसी भी कर्मचारी (चाहे संविदा पर हो या स्थायी) का वेतन बिना किसी जांच, बिना ठोस आधार और बिना लिखित कारण बताए काटना पूरी तरह से अवैध और दंडात्मक अपराध है।
पीड़ित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी, सीएमओ चित्रकूट और शासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और काटा गया वेतन तुरंत वापस दिलाने की मांग की है।
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*– 29/10/26:*
"मानिकपुर CHC में दीवाली पर 51 संविदा कर्मियों का वेतन काटा, बिना नोटिस कार्रवाई पर आक्रोश, कर्मचारियों ने लगाए हेरफेर और उत्पीड़न के आरोप"
*रिपोर्ट*
*पवन कुमार मिश्रा*
*जन जागरण सन्देश*
*मानिकपुर, चित्रकूट*
    user_पवन कुमार मिश्रा पत्रकार मानिकपुर
    पवन कुमार मिश्रा पत्रकार मानिकपुर
    मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जवा में आयोजित किया गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड जवा का पथ संचालन
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    जवा में आयोजित किया गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड जवा का पथ संचालन
    user_पत्रकार विनोद पांडेय
    पत्रकार विनोद पांडेय
    TV News Anchor जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बहादुर नन्हा बंदर बचाता है मरते हुए तोते की जान | एक भावुक रेस्क्यू की कहानी ### 🐒🦜 Viral Hashtags #BraveBabyMonkey #BabyMonkey #ParrotRescue #EmotionalStory #AnimalRescue #MonkeySavesParrot #CuteAnimals #HeartTouchingStory #AnimalLovers #RescueStory #ViralVideo #TrendingReels #YouTubeShorts #Shorts #ViralShorts #Wildlife #SaveAnimals #AnimalKindness #AmazingAnimals #MustWatch
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    बहादुर नन्हा बंदर बचाता है मरते हुए तोते की जान | एक भावुक रेस्क्यू की कहानी

### 🐒🦜 Viral Hashtags
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    user_Patrakar Ramchandra Yadav
    Patrakar Ramchandra Yadav
    News Anchor जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Rewa यूजीसी कानून के विरोध में अब रीवा में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। Rewa यूजीसी कानून के विरोध में अब रीवा में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
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    Rewa यूजीसी कानून के विरोध में अब रीवा में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
Rewa यूजीसी कानून के विरोध में अब रीवा में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 min ago
  • सतना में कोई रिश्ता नहीं करना चाहता" — बदहाली पर भड़के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सतना नगर निगम परिषद की बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर की दुर्दशा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि निगम ने शहर की ऐसी हालत कर दी है कि अब लोग सतना में रिश्ता तक नहीं करना चाहते। चारों तरफ गंदगी की बदबू फैल चुकी है भाजपा महापौर के झूठ का गुब्बारा नगर निगम में जाकर फोड़ा*
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    सतना में कोई रिश्ता नहीं करना चाहता" — बदहाली पर भड़के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा
सतना नगर निगम परिषद की बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर की दुर्दशा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि निगम ने शहर की ऐसी हालत कर दी है कि अब लोग सतना में रिश्ता तक नहीं करना चाहते। चारों तरफ गंदगी की बदबू फैल चुकी है भाजपा महापौर के झूठ का गुब्बारा नगर निगम में जाकर फोड़ा*
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लोकेशन रीवा। बेटी-नवजात की मौत, न्याय नहीं मिला तो इच्छामृत्यु की मांग, 15 दिन आमरण अनशन के बाद शुरू हुई थी मजिस्ट्रियल जांच, एक माह की समय-सीमा पूरी, अब कलेक्टर से जवाब मांग रहे पिता। रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बेटी कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे को खो चुके पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने अब इच्छामृत्यु की मांग उठाई है। 15 दिन के आमरण अनशन के बाद मजिस्ट्रियल जांच शुरू हुई, लेकिन निर्धारित एक माह की समय-सीमा पूरी होने पर भी परिवार को न्याय और कार्रवाई का इंतजार है। बेटी और नवजात को खोने का दर्द झेल रहे रामशिरोमणि मिश्रा अब जांच के नतीजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे हैं। सवाल है कि जब जांच के लिए समय-सीमा तय की गई थी, तो अब तक निष्कर्ष और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है? आखिर एक पीड़ित पिता को न्याय की गुहार लगाते-लगाते इच्छामृत्यु की मांग तक क्यों पहुंचना पड़ा? अब जिला प्रशासन को जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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    लोकेशन रीवा।

बेटी-नवजात की मौत, न्याय नहीं मिला तो इच्छामृत्यु की मांग, 15 दिन आमरण अनशन के बाद शुरू हुई थी मजिस्ट्रियल जांच, एक माह की समय-सीमा पूरी, अब कलेक्टर से जवाब मांग रहे पिता।

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बेटी कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे को खो चुके पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने अब इच्छामृत्यु की मांग उठाई है। 15 दिन के आमरण अनशन के बाद मजिस्ट्रियल जांच शुरू हुई, लेकिन निर्धारित एक माह की समय-सीमा पूरी होने पर भी परिवार को न्याय और कार्रवाई का इंतजार है। बेटी और नवजात को खोने का दर्द झेल रहे रामशिरोमणि मिश्रा अब जांच के नतीजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे हैं। सवाल है कि जब जांच के लिए समय-सीमा तय की गई थी, तो अब तक निष्कर्ष और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है? आखिर एक पीड़ित पिता को न्याय की गुहार लगाते-लगाते इच्छामृत्यु की मांग तक क्यों पहुंचना पड़ा? अब जिला प्रशासन को जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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