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वायरल वीडियो के बाद जर्जर मकान का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिकारियों को दिए निर्देश
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वायरल वीडियो के बाद जर्जर मकान का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिकारियों को दिए निर्देश
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- वायरल वीडियो के बाद जर्जर मकान का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिकारियों को दिए निर्देश1
- पांच वर्ष बीत जाने बाद भी 13 लाख से अधिक खर्च फिर भी नहीं बना पंचायत भवन ग्राम पंचायत सिकरी लखनपुर2
- बांदा में ऑपरेशन ईगल का बड़ा एक्शन! 1 किलो 200 ग्राम गांजे के साथ आरोपी गिरफ्तार | मरका पुलिस। बांदा से बड़ी खबर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन ईगल” के तहत थाना मरका पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम साड़ा नहर पुलिया के पास हुई कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से 1 किलो 200 ग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त धीरेंद्र उर्फ बउआ उर्फ धर्मेंद्र के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेजा गया है। पुलिस ने उसके पूर्व आपराधिक इतिहास में भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज होने की जानकारी दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में की गई।1
- अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार गंभीर घायल तिंदवारीथाना क्षेत्र के ग्राम तेरही अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार गंभीर घायल तिंदवारी। थाना क्षेत्र के ग्राम तेरही के पास शुक्रवार शाम करीब आठ बजे अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार मुकेश कुमार (25) पुत्र बृजलाल निवासी ग्राम परसौड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल बांदा रेफर कर दिया।1
- तिंदवारी में गरजा PDA, 2027 में समाजवादी सरकार का ऐलान बांदा। आज दिनांक 19.09.2026, दिन शनिवार को समाजवादी पार्टी द्वारा विधानसभा तिंदवारी के ग्राम पंचायत पिपरगवां में विशाल पी.डी.ए. पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रामलाल प्रजापति रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बबेरू विधायक माननीय विशंभर सिंह यादव मौजूद रहे। पंचायत में बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव ने सपा सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया। कार्यक्रम संयोजक रामलाल प्रजापति ने ग्राम वासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 2027 में समाजवादी सरकार बनने पर तिंदवारी विधानसभा की हर ग्राम पंचायत में विकास की गंगा बहेगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में PDA पंचायत कर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना है। नव नियुक्त जिला अध्यक्ष उमेश यादव ने कार्यक्रम की सराहना की। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा, पूर्व प्रत्याशी किरण वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय करण यादव, जिला मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता प्रमोद गुप्ता राजा, जिला सचिव कुदरत उल्ला, जिला सचिव वीरेंद्र गुप्ता बाबू, शिवाकांत प्रजापति, शानू खान, बृजेश पटेल, अजीत पटेल, अजय चौहान दादा, इरफान खान, यशवंत यादव, चिरैया प्रजापति सहित बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गांव की देवतुल्य जनता उपस्थित रही।4
- UPI से जुड़े व्यापारी शुल्क के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जलशक्ति राज्यमंत्री,तिंदवारी विधायक रामकेश निषाद के इंदिरा नगर स्थित आवास पर किया प्रदर्शन। UPI से जुड़े व्यापारी शुल्क के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जलशक्ति राज्यमंत्री,तिंदवारी विधायक रामकेश निषाद के इंदिरा नगर स्थित आवास पर किया प्रदर्शन।1
- सरकारी दावों की चमक के नीचे 14 साल से राशन कार्ड को तरसता दिव्यांग 100 प्रतिशत दिव्यांग ब्रज भूखन की फरियाद फाइलों में कैद, ऑनलाइन आवेदन भी नहीं खोल सका व्यवस्था का ताला बांदा। सरकारी योजनाओं की दुनिया में गरीबों के लिए सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। कागजों पर हर जरूरतमंद तक राशन पहुंच रहा है, हर पात्र व्यक्ति योजना से जुड़ रहा है और व्यवस्था लगातार संवेदनशील होने का दावा कर रही है। मगर इन दावों के बीच महुआ ब्लॉक के ग्राम श्योढ़ा निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग ब्रज भूखन पुत्र रामगोपाल की जिंदगी सरकारी दफ्तरों की चौखट पर एक ऐसे सवाल की तरह खड़ी है, जिसका जवाब शायद किसी फाइल के आखिरी पन्ने पर छिपा हुआ है।वर्ष 2014 से राशन कार्ड की तलाश में भटक रहे ब्रज भूखन को 14 साल बाद भी मंजिल नहीं मिली। कभी आवेदन, कभी उम्मीद और कभी अधिकारियों के कार्यालय की चौखट—इन्हीं के बीच उनकी जिंदगी का एक लंबा हिस्सा गुजर गया। राशन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया गया, जिसका क्रमांक 217020205732 है, लेकिन आवेदन की ऑनलाइन दुनिया से निकलकर राशन कार्ड की वास्तविक दुनिया तक पहुंचने का इंतजार अब भी जारी है। सरकार डिजिटल हुई, लेकिन ब्रज भूखन की परेशानी ‘पेंडिंग’ ही रही व्यवस्था ने कागजों को ऑनलाइन कर दिया, आवेदन को नंबर दे दिया और प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ आवेदन संख्या मिल जाने से किसी जरूरतमंद की समस्या का समाधान मान लिया जाए?ब्रज भूखन की कहानी मानो उस सरकारी प्रक्रिया का व्यंग्यात्मक आईना है, जिसमें आवेदन दौड़ता है, नंबर चलता है, फाइल आगे बढ़ती है और जरूरतमंद वहीं खड़ा रह जाता है।वह 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं। उनके लिए सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना और बार-बार अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखना सामान्य व्यक्ति की तुलना में कहीं अधिक कठिन है। फिर भी यदि एक दिव्यांग व्यक्ति को राशन कार्ड जैसे बुनियादी दस्तावेज के लिए वर्षों तक भटकना पड़े, तो यह सवाल व्यवस्था से पूछा जाना चाहिए कि सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद तक पहुंच रही हैं या जरूरतमंद को ही योजनाओं तक पहुंचने के लिए दौड़ाया जा रहा है? फाइलें चलती रहीं, जिंदगी ठहर गई ब्रज भूखन के मुताबिक उन्होंने राशन कार्ड के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाई। हर बार उम्मीद की कोई छोटी-सी किरण दिखाई दी, लेकिन वह किरण राशन कार्ड की रोशनी में तब्दील नहीं हो सकी।सरकारी दफ्तरों में फाइलों की अपनी रफ्तार होती है—कभी मेज से कुर्सी तक, कभी एक पटल से दूसरे पटल तक और कभी ऐसी जगह जहां उसकी अगली मंजिल का पता ही नहीं चलता। लेकिन जिस व्यक्ति के घर में राशन का सवाल हो, उसके लिए इंतजार की हर तारीख एक नई परीक्षा होती है। घोषणाओं की गूंज और हकीकत की खामोशी गरीबों और दिव्यांगों के लिए योजनाओं की घोषणाएं लोकतंत्र में उम्मीद जगाती हैं। मगर योजनाओं की असली परीक्षा तब होती है, जब कोई ब्रज भूखन सरकारी कार्यालय के सामने खड़ा होकर कहता है—“मुझे मेरा राशन कार्ड चाहिए।”यहीं से भाषण और हकीकत के बीच की दूरी दिखाई देती है।यदि ब्रज भूखन नियमानुसार पात्र हैं, तो उनका राशन कार्ड अब तक क्यों नहीं बना? ऑनलाइन आवेदन संख्या 217020205732 की वर्तमान स्थिति क्या है? आवेदन में कोई कमी थी तो उसे कब और कैसे बताया गया? यदि आवेदन पूर्ण था तो उसके निस्तारण में इतनी लंबी अवधि क्यों लगी? इन सवालों के जवाब किसी राजनीतिक नारे में नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड और जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई में मिलने चाहिए। अब सवाल राशन कार्ड का नहीं, जवाबदेही का है ब्रज भूखन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके मामले की जांच कराकर ऑनलाइन आवेदन की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि वे नियमानुसार पात्र हैं तो राशन कार्ड जारी कराने की कार्रवाई की जाए।14 साल किसी फाइल के लिए शायद एक लंबा समय न हो, लेकिन एक जरूरतमंद इंसान की जिंदगी में यह पूरी एक पीढ़ी जितना समय है।सरकारी व्यवस्था के लिए यह महज एक आवेदन संख्या हो सकती है—217020205732। लेकिन ब्रज भूखन के लिए यह संख्या उनके अधिकार, उम्मीद और वर्षों से जारी इंतजार की पहचान है। अब देखना यह है कि यह नंबर भी सरकारी कागजों की भीड़ में एक और संख्या बनकर रह जाता है या जिम्मेदार तंत्र इसकी पीड़ा पढ़कर 14 साल पुराने इंतजार का अंत करता है।1
- पवैया गांव में दबंग ने पूर्व कोटेदार के सिर में धारदार हथियार से किया हमला गंभीर हालत में सीएचसी बबेरू से मेडिकल कॉलेज रेफर1