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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।
Yogesh Kumar Gupta
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।
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- नीरज डांगी ने राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनका चुनाव लगभग निर्विरोध होना तय माना जा रहा है।1
- राजधानी जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र स्थित जमुना डेयरी इलाके में एक महिला के साथ लूट की वारदात हुई है, जब वह मंदिर से अपने घर लौट रही थी। इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी अनिकेत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिकेत मूल रूप से मध्यप्रदेश का निवासी है और वह जयपुर के सुशीलपुरा स्थित गंगा विहार क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। आरोप है कि उसने मंदिर से घर लौट रही महिला को निशाना बनाकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी अनिकेत को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका पहले किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में कोई हाथ रहा है या नहीं। इस घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।1
- राजस्थान के जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी और एक वाहन चालक के बीच हुई बहस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने काफी चर्चा बटोरी है। इस वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "जब भी आप इधर से आओगे, आपका चालान काटूंगा चाहे गलती हो या नहीं हो।" इस बयान के बाद वाहन चालकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और कई लोग पुलिस के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। यदि वीडियो की सत्यता और कथित बयान सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निष्पक्ष कार्रवाई और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।1
- एक गांव में ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नाला बंद होने की वजह से गांव वालों को आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।1
- राजधानी जयपुर में सोमवार देर रात पत्रिका चौराहे के पास एक तेज रफ्तार थार की टक्कर से 25 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय राकेश की मौत हो गई। राकेश हाल ही में अपने परिवार के साथ जयपुर आया था और फूड डिलीवरी का काम करके जीवनयापन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल थार में चार युवक सवार थे, जिनमें से एक एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि थार का सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल के पास अस्पताल होने के बावजूद घायल राकेश को वहां नहीं ले जाया गया। वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वाहन में शराब की बोतलें और केन मौजूद थीं, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर थार को जब्त कर लिया है और वाहन में सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस हादसे ने राजधानी में ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं का कारण कोई विशेष वाहन नहीं, बल्कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता दोनों की आवश्यकता है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर सड़कों पर रफ्तार का यह आतंक कब थमेगा और आम लोगों की जान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।1
- जयपुर में 5 जून 2026 को वरिष्ठ पत्रकार देवी नारायण शर्मा का 61वां जन्मदिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ उन्हें मीडिया जगत के साथियों से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं मिलीं। इस अवसर पर पत्रकार देवी लाल बैरवा, पत्रकार देवी सहाय शर्मा और पत्रकार योगेश कुमार गुप्ता ने श्री शर्मा के लिए लंबी उम्र की कामना की। पत्रकार मुकेश कुमार सोनी ने भी देवी नारायण शर्मा को उनकी सालगिरह पर अपनी शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस कार्यक्रम का आयोजन मीडियाकर्मी योगेश कुमार गुप्ता द्वारा किया गया था।2
- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से अनायास मिलने पहुँचे बालक दिलखुश विश्नोई ने अपने कॉन्फिडेंस और जज़्बे से सबका मन मोह लिया। बालक जिस आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री जी के पास जाने लगा, उसे देखकर सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुराने लगे और उन्होंने दिलखुश को नहीं रोका। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उसे मंच पर आने दिया, टॉफी दिलवाई और कुछ लिखकर भी दिया। इस दौरान मंच पर मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर खुशी के भाव साफ देखे जा सकते थे। जाते समय भी बालक दिलखुश का आत्मविश्वास ऐसा था, मानो उसने कोई बड़ी जंग जीत ली हो। इस मुलाकात के बाद दिलखुश की मां ने उसे गले लगा लिया।1
- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनके हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रदेशव्यापी 'कर्मचारी जागृति यात्रा' की घोषणा की है। इस यात्रा का शुभारंभ जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना और आशीर्वाद के साथ किया गया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने यात्रा के पीछे सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, लंबित 25 सूत्री मांगों की अनदेखी और संवादहीनता को मुख्य कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसके साथ ही, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के निजीकरण की आशंकाओं को लेकर भी कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी बढ़ रही है। राठौड़ ने बताया कि 8 जून से शुरू हुई यह यात्रा प्रदेश के सभी संभागों और जिलों में पहुंचेगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों, लंबित मांगों और संगठन की आगामी रणनीति से अवगत कराना है। महासंघ की प्रमुख मांगों में RGHS के निजीकरण का विरोध, समर्पित अवकाश का नगद भुगतान, 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान, मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 प्रदान करना, संविदा व ठेका कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान, और लंबित पदोन्नतियों के लिए अनुभव में दो वर्ष की अतिरिक्त छूट देना शामिल है। यात्रा के शुभारंभ पर महासंघ के कई प्रदेश पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासंघ ने सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की इन लंबित मांगों पर उच्चस्तरीय वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाले।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में व्यापक पौधारोपण अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर हरियाली बढ़ाने वाले संदेशों की धूम रही। हालांकि, इस उत्साह के बीच पर्यावरण संरक्षण की वास्तविक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गमलों में पौधे लगाने और तस्वीरें-वीडियो साझा करने से कहीं आगे बढ़कर पर्यावरण बचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। लोगों का आरोप है कि एक तरफ जहाँ जंगलों में आग लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक प्रदूषण और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआँ लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है। इस संदर्भ में, पर्यावरण विशेषज्ञों का मत है कि पौधारोपण बेशक महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही जंगलों की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति निरंतर जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है।1