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मध्य प्रदेश के मऊगंज की आकांक्षा चतुर्वेदी नाम की बिटिया ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन NEET परीक्षा रद्द होने के बाद उसने हार मान ली और अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। पोस्ट में सीधे तौर पर धर्मेन्द्र प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्हें आकांक्षा का यह सपना कतई मंजूर नहीं था, जिसके चलते यह हृदय विदारक घटना घटी। इस दुःखद घटना के बाद, IYC अध्यक्ष श्री उदय भानु ने आकांक्षा के परिवार से बात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद के साथ-साथ उनकी लड़ाई लड़ने का आश्वासन भी दिया। इस गंभीर सवाल को उठाया गया है कि आखिर और कितनी ऐसी "हत्याओं" के बाद धर्मेन्द्र प्रधान को उनके पद से बर्खास्त किया जाएगा।
Abhishek ranjan C E O
मध्य प्रदेश के मऊगंज की आकांक्षा चतुर्वेदी नाम की बिटिया ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन NEET परीक्षा रद्द होने के बाद उसने हार मान ली और अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। पोस्ट में सीधे तौर पर धर्मेन्द्र प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्हें आकांक्षा का यह सपना कतई मंजूर नहीं था, जिसके चलते यह हृदय विदारक घटना घटी। इस दुःखद घटना के बाद, IYC अध्यक्ष श्री उदय भानु ने आकांक्षा के परिवार से बात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद के साथ-साथ उनकी लड़ाई लड़ने का आश्वासन भी दिया। इस गंभीर सवाल को उठाया गया है कि आखिर और कितनी ऐसी "हत्याओं" के बाद धर्मेन्द्र प्रधान को उनके पद से बर्खास्त किया जाएगा।
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- झारखंड के गोड्डा जिले के ठाकुर गंगटी प्रखंड की दिग्घी पंचायत के खानिचक गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक सगे बेटे ने अपने ही माता-पिता को अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया है। बेटे के इस व्यवहार के कारण अब माता-पिता दर-दर भटकने को मजबूर हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस सवाल को उठाती है कि क्या किसी बेटे को अपने माता-पिता के साथ इस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए।1
- सिजिमाली के आदिवासियों की लड़ाई केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों और स्वाभिमान को बचाने का एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। वे कई प्रमुख मांगों के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं, जिसमें पूरे ओडिशा में तत्काल PESA अधिनियम को लागू करना शामिल है। आदिवासी समुदाय सिजिमाली पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन पर तुरंत रोक लगाने और न्यायालय की निगरानी में एक निष्पक्ष ग्राम सभा प्रक्रिया को दोबारा आयोजित करने की भी मांग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आदिवासियों पर वेदांता और अडानी समर्थित कंपनियों द्वारा किए जा रहे पुलिस दमन और अत्याचार को तत्काल बंद करने की मांग उठाई गई है। उनकी मांग है कि जेल में बंद सभी आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। इन मांगों के पीछे सिजिमाली के आदिवासी समाज का स्वाभिमान वापस लौटाने का संकल्प है। यह जानकारी IYC प्रभारी श्री मनीष शर्मा द्वारा साझा की गई है।1
- गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवेश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने राज्य में सियासी ‘गेम’ को बदल दिया है।1
- भागलपुर के सनोखर में, भीषण धूप से परेशान और बेहाल लोगों को आखिरकार राहत मिली है। इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों और समाजसेवियों ने मिलकर कमान संभाली, जिसके बाद लोगों को जरूरी मदद और सुकून मिल पाया।1
- देश में व्याप्त गरीबी और भुखमरी के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए, इस पर सवाल उठाते हुए, एक सोशल मीडिया पोस्ट में धर्म के नाम पर की जा रही भोजन की भारी बर्बादी पर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। पोस्ट में विशेष रूप से बताया गया है कि धार्मिक आयोजनों में 101 किलोग्राम आम रस और 30 क्विंटल गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि यह विशाल मात्रा में आम रस और गन्ने का रस किसी गरीब परिवार या किसी भी आम आदमी के पेट में जाता, तो उससे अपार दुआएं और आशीर्वाद मिलते। सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा कौन सा धर्म-कर्म है जो इस तरह की बर्बादी को बढ़ावा देता है, और इस प्रथा को देश की गरीबी तथा भुखमरी का जिम्मेदार बताया गया है।1
- झारखंड के हनवारा स्थित The Achievement Classes में एक भव्य सफलता समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ छात्रों की शानदार उपलब्धियों का सम्मान किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि और शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। हनवारा में आयोजित इस समारोह में छात्रों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।1
- भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर विशाल पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवाजाही प्रभावित रही। इसके साथ ही, कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूट जाने से अंधेरा छा गया और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इस तूफान का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी मक्का की फसल तेज हवा और बारिश के कारण बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन और नगर निगम की टीमें देर रात से ही राहत कार्य में जुट गई हैं। सड़कों से पेड़ और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है, जबकि बिजली विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।1
- आज मध्य प्रदेश के सीधी में मप्र युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के साथियों ने नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ एक भाजपा सांसद का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से धर्मेन्द्र प्रधान की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की, आरोप लगाया कि वे 22 लाख परिवारों को तबाह करने और कई आत्महत्याओं के जिम्मेदार हैं। उन्होंने वाटर कैनन, लाठीचार्ज और पुलिस के दमनकारी रवैये पर सवाल उठाते हुए तीखा कटाक्ष किया, पूछते हुए कि ये सब तो ठीक है, लेकिन प्रधान की बर्खास्तगी कब होगी।1